Sunetra Pawar का बड़ा दांव: बेटों को सौंपी पार्टी की कमान

राकांपा की कमान में नई पीढ़ी: सुनेत्रा ने पार्टी की नई 22 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की घोषणा की, नई टीम में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल जैसे पुराने दिग्गजों को भी शामिल रखा गया है ताकि अनुभव और युवा जोश का संतुलन बना रहे…

Maharashtra Politics : राकांपा का नया स्वरूप: पार्थ बने महासचिव, जय को मिली अनुशासन की जिम्मेदारी| Image: Facebook
Maharashtra Politics : राकांपा का नया स्वरूप: पार्थ बने महासचिव, जय को मिली अनुशासन की जिम्मेदारी| Image: Facebook

तहलका डेस्क

मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने अपनी सांगठनिक संरचना में एक बड़ा बदलाव करते हुए नई पीढ़ी को नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है। राकांपा अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का विस्तार करते हुए अपने दोनों बेटों, पार्थ पवार और जय पवार को महत्वपूर्ण सांगठनिक दायित्व सौंपे हैं।

निर्वाचन आयोग को भेजी गई आधिकारिक सूची के अनुसार, हाल ही में राज्यसभा पहुंचे पार्थ पवार को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि उनके छोटे भाई जय पवार को राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ अनुशासन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

यह कदम राकांपा के भीतर शक्ति संतुलन और भविष्य की नेतृत्व योजना को दर्शाता है। पार्थ पवार अब राष्ट्रीय स्तर पर सांगठनिक समन्वय का मुख्य कार्यभार संभालेंगे। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में पुणे के बारामती में एक दुखद विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद, सुनेत्रा पवार ने न केवल सरकार में बल्कि पार्टी प्रमुख के रूप में भी कमान संभाली थी।

22 सदस्यीय इस नई कार्यकारी समिति में अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों का सामंजस्य बिठाने की कोशिश की गई है। समिति में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल जैसे दिग्गज नेताओं को बरकरार रखा गया है, जो पार्टी के मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे। इसके साथ ही दिलीप पाटिल और शिवाजीराव गर्जे (कोषाध्यक्ष) जैसे भरोसेमंद नामों को भी शामिल किया गया है।

युवा शक्ति को प्रतिनिधित्व देने के क्रम में धीरज शर्मा को युवा इकाई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधते हुए चेतन तुपे, सना मलिक और सरोज अहिरे जैसे विधायकों को भी समिति में स्थान दिया है। जय पवार को मिली दोहरी जिम्मेदारी (सचिव और अनुशासन प्रमुख) यह संकेत देती है कि पार्टी के भीतर आंतरिक अनुशासन और वित्तीय प्रबंधन पर नेतृत्व की सीधी पकड़ रहेगी।

कुल मिलाकर, सुनेत्रा पवार द्वारा गठित यह नई टीम राकांपा के पुनर्गठन और आने वाली चुनावी चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत फैसला माना जा रहा है।