
- जन्मदिन 17 सिंबर सुबह 9.30 बजे वाराणसी और वडनगर से एक साथ रवाना होगी बाइक सेवा यात्रा
- 10 राज्यों के 193 जिलों और 1159 गांवों से गुजरेगी, दोनों दिशाओं में 40 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी
- करीब 1,000 युवा हिस्सा लेंगे, 7 अक्टूबर को यात्रा का समापन
- गुजरात में 13 सितंबर से ही चार जोन से उपयात्राएं शुरू
सुजीत ठाकुर, तहलका ब्यूरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन 17 सितंबर को वाराणसी और वडनगर से बाइक रैली सुबह 9.30 बजे एक साथ रवाना होगी। यह यात्रा 10 राज्यों से 193 जिलों और 1159 गांवों से गुजरेगी। दोनों दिशाओं में यात्रा 40 हजार किलोमीटर से अधिक की होगी।
वाराणसी से यात्रा को हरी झंडी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिखाएंगे। उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
वडनगर से 17 सितंबर को यात्रा के प्रस्थान कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अनुप्रिया पटेल, प्रदेश संगठन महामंत्री रत्नाकरजी, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांगभाई जोशी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।
देशभर में वडनगर और वाराणसी से निकलने वाली इस बाइक यात्रा में लगभग 1,000 युवा भाग लेंगे। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक की यात्रा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की युवा शक्ति को सेवा, समाज और राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने वाला एक व्यापक अभियान है।
जन्मभूमि और कर्मभूमि से दो दिशाओं में यात्रा: सांसद वीडी शर्मा ने बताया पूरा गणित
बाइक यात्रा के प्रभारी सांसद वीडी शर्मा का कहना है कि वडनगर और वाराणसी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि, दोनों स्थानों से एक साथ दो दिशाओं में यह यात्रा प्रस्थान करेगी और 7 अक्टूबर को यात्रा का समापन होगा। वडनगर से 10 अलग-अलग समूहों में यात्रा निकलेगी और प्रत्येक समूह में 25 सेवा यात्री होंगे, इस प्रकार कुल 250 सेवा यात्री इसमें शामिल होंगे। इसी प्रकार काशी से भी 10 समूहों में 250 सेवा यात्री यात्रा का शुभारंभ करेंगे। देशभर में दोनों दिशाओं से निकलने वाली इस यात्रा में लगभग 1,000 युवा भाग लेंगे। काशी से निकलने वाली यात्रा से पूर्व काशी के आसपास की विभिन्न नदियों एवं जलस्रोतों का पवित्र जल एकत्र कर काशी विश्वनाथ महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा और इसके बाद जलकलश के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा के दौरान प्रत्येक दिन प्रस्थान स्थल पर 25 वृक्षों के पालन-पोषण का संकल्प लिया जाएगा। स्वच्छता अभियान, नशामुक्त भारत अभियान, टीबी मुक्त भारत अभियान, प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान और जल संरक्षण सहित विभिन्न सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया जाएगा। यात्रा जिस गांव और क्षेत्र में पहुंचेगी, वहां उसके आगमन से दो दिन पूर्व ही भाजपा युवा मोर्चा, स्थानीय युवाओं और सामाजिक संस्थाओं द्वारा विभिन्न सेवा गतिविधियां शुरू की जाएंगी और सेवाभाव के साथ यात्रा का स्वागत किया जाएगा।
पूर्व नक्सली इलाकों से भी गुजरेगी यात्रा, ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ से होंगे संवाद
यात्रा पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से भी होकर गुजरेगी। इन क्षेत्रों में हुए सकारात्मक परिवर्तन के संबंध में स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से समाज में आए परिवर्तन को समझने के लिए लाभार्थियों से संवाद, युवा साथियों के साथ युवा संवाद तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद किया जाएगा। ‘लखपति दीदी’, ‘ड्रोन दीदी’ सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से नारीशक्ति को मिले नए अवसरों और सशक्तिकरण के संबंध में भी महिलाओं के साथ संवाद किया जाएगा।
गुजरात में 13 सितंबर से शुरू हो चुकीं चार उपयात्राएं: सोमनाथ से उन्नई माताजी तक
बाइक सेवा यात्रा के प्रदेश इंचार्ज एवं प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रशांत कोराट ने बताया कि गुजरात में यात्रा के वडनगर से प्रस्थान करने से पहले 13 सितंबर से चार अलग-अलग जोन से वडनगर तक की उपयात्राएं भी शुरू हो चुकी हैं। राज्य के चारों जोन में उपयात्रा के संदर्भ में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सौराष्ट्र जोन की उपयात्रा सोमनाथ महादेव के पवित्र धाम से, उत्तर जोन की श्यामलाजी से, मध्य जोन की पावागढ़ स्थित महाकाली माता मंदिर से तथा दक्षिण जोन की उंनई माताजी मंदिर, नवसारी से शुरू हुई है। ये चारों उपयात्राएं 16 सितंबर की रात तक वडनगर पहुंचेंगी।
जलकलश रथ: हाटकेश्वर महादेव से काशी विश्वनाथ तक पहुंचेगा पवित्र जल
उपयात्रा के मार्ग में आने वाले विभिन्न गांवों में निर्धारित 25 सेवा कार्यों में से अलग-अलग सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कहीं वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान, कहीं विद्यार्थियों से संपर्क कर नोटबुक वितरण, तो कहीं सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संपर्क एवं संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गुजरात की चारों उपयात्राओं के दौरान मार्ग में आने वाली नदियों, तालाबों और खेतों के कुओं से जल एकत्र कर जलकलश रथ में अर्पित किया जा रहा है। यह पवित्र जल वडनगर में एकत्र होने के बाद शर्मिष्ठा तालाब का जल भी इसमें शामिल किया जाएगा और हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद इस जलकलश को वाराणसी ले जाया जाएगा, जहां काशी विश्वनाथ महादेवजी का जलाभिषेक किया जाएगा।



