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श्रीनगर लाल चौक पर तिरंगा फहराते चार भाजपा कार्यकर्ता पकड़े, जम्मू में पीडीपी दफ्तर पर तिरंगा फहराया

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के झंडे वाले ब्यान के विरोध में  भाजपा कार्यकर्ताओं ने जहां जम्मू में पीडीपी के दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी की और तिरंगा फहराया वहीं श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कोशिश की। पुलिस ने उसके चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।

भाजपा ने सोमवार को जम्मू कश्मीर में तिरंगा रैली निकाली और महबूबा मुफ्ती के बयान का विरोध किया। जम्मू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना की अगुवाई में कई स्थानों पर तिरंगा रैली निकाली गई। उधर कुपवाड़ा के भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर  में लाल चौक तिरंगा फहराने की कोशिश की। लाल चौक पर क्लॉक टावर में पुलिस  ने उन्हें पकड़ लिया और चार भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

भाजपा ने आज जम्मू क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में तिरंगा रैली निकाली। जम्मू में उन्होंने पीडीपी कार्यालय पर तिरंगा फहराया और भारत माता की जय के नारे लगाए।  रविवार को भी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में पीडीपी के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की थी।

ख़बरों के मुताबिक श्रीनगर में टैगोर हॉल से लेकर शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशनल सेंटर तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा रैली निकाली। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती के खिलाफ प्रदर्शन किया।

बता दें भाजपा पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती के हाल में दिए एक बयान का विरोध कर रही है। मुफ्ती ने कहा था – ‘मैं तब तक तिरंगा नहीं उठाऊंगी जब तक धरा 370 को बहाल नहीं किया जाता। जब हमारा ये झंडा वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे। हमारा झंडा हमारे आईन का हिस्सा है, हमारा झंडा तो ये (हल वाला झंडा) है और उस झंडे (तिरंगे) से हमारा रिश्ता इस झंडे ने ही बनाया है।’

यह भी बता दें कि कश्मीर में पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत छः मुख्यधारा की पार्टियों ने साझा रूप से अनुच्छेद 370 को वापस लाने की मांग की है। इन दलों ने एक साझा गठबंधन बनाते हुए गुपकार समझौता किया है और एनसी नेता फारूक अब्दुल्ला को अपना नेता बनाया है।

लंबे खूनखराबे के बाद आर्मीनिया और अजरबैजान में युद्ध विराम

आखिर लम्बे समय से चल खूनखराबे और युद्ध के बाद आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध विराम पर सहमति बन गयी है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 29 दिन के बाद सीजफायर पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने इस युद्ध विराम का एलान किया है। उधर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस युद्ध विराम का स्वागत किया है।

एक साझे ब्यान में अमेरिका, आर्मीनिया और अजरबैजान ने घोषणा की कि पहले से जारी मानवीय संघर्ष विराम समझौता सुबह 8 बजे प्रभावी होगा। दोनों देशों के बीच नागोर्नो काराबाख को लेकर पिछले साल 27 सितंबर से जंग शुरू होने के बाद दोनों देशों में बड़े पैमाने पर खून-खराबा हुआ है। बता दें मध्यस्थता के लिए रूस और अमेरिका ने अपनी तरफ से लगातार प्रयास किए।

दोनों में युद्ध विराम पर सहमति के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया जिसमें लिखा – ‘आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव को बधाई। दोनों सीजफायर के पालन के लिए मान गए हैं जो आधी रात से प्रभाव में आ गया है। कई जीवन बच जाएंगे। मुझे मेरी टीम माइक पोंपियो, स्टीव बेगन और नैशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल पर इस डील के लिए गर्व है।’

इस साल सितंबर में दोनों के बीच संघर्ष बहुत तेज हो गया था। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोगों की जान गयी है। एक जानकारी के मुताबिक इस संघर्ष में नागोर्नो-काराबाख के 729 सैनिकों और 36 नागरिकों को जान से हाथ धोना पड़ा जबकि  अजरबेजान का कहना है कि उसके 61 नागरिकों की जान गयी है। हालांकि, अपने सैनिकों के नुक्सान को लेकर उसने कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

बढ़ते कोरोना और प्रदूषण से दिल्ली बेहाल

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से लोगों का हाल बेहाल है । बच्चे, युवा और बुजुर्ग अब अपने घरों से निकलने में डर रहे है। लोगों का कहना है कि पहले से ही 6 महीनों से कोरोना के कहर के कारण घर से निकलना दूभर रहा है अब वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

इस बारे में दिल्ली के लोगों ने तहलका संवाददाता को बताया कि कोरोना और वायु प्रदूषण की रोकथाम पर कम काम हो रहा है बल्कि सियासत ज्यादा हो रही है जिसकी वजह से काफी दिक्कत हो रही है। बतातें चले कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ने कारण पराली है । जबकि केन्द्र सरकार के मंत्री प्रकाश जावडेकर का कहना है कि दिल्ली में परिवहनों से निकलने वाला धुआं और अन्य कारण है जिसके कारण दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है। वहीं भाजपा नेता व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता का कहना है कि दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे है उस पर दिल्ली सरकार कुछ ना बोल रही और ना कुछ कर रही है। दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता मोती लाल का कहना है कि दिल्ली और केन्द्र सरकार लोगों के स्वास्थ्य के साथ मजाक कर रही है। इस समय दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ने से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। उस पर सरकार को कुछ करना चाहिये लेकिन नहीं कर रही है। बस आरोप बाजी कर अपनी सियासत कर लोगों को गुमराह कर रही है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस का एक और विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल

मध्य प्रदेश में तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल सिंह लोधी ने भी पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को रविवार सुबह सौंपा। इस्तीफा तत्काल मंजूर कर लिया गया। इसके महज एक घंटे के बाद ही राहुल सिंह भाजपा में शामिल हो गए।  इस साल मार्च से लेकर 26 विधायक कांग्रेस छोड़ चुके हैं।

इस बीच, चर्चा है कि एक और कांग्रेस विधायक पार्टी को छोड़ सकते हैं। प्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव होना है, जिनमें से 25 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने से खाली हुई हैं। वहीं, तीन सीटें विधायकों के निधन के बाद रिक्त हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में राहुल भाजपा में शामिल हुए। राहुल लोधी दमोह सीट से पहली बार विधायक बने थे, जिन्होंने भाजपा के जयंत मलैया को हराया था। राहुल बड़ामलहरा से भाजपा उम्मीदवार प्रद्युम्न सिंह लोधी के चचेरे भाई हैं। प्रद्युम्न भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। तब राहुल ने ऐलान किया था कि कांग्रेस ने ही उन्हें राजनीतिक रूप से सक्षम बनाया है, इसलिए वह हमेशा कांग्रेस के साथ रहेंगे। परिस्थितियां कैसी भी आ जाएं, वह कांग्रेस का हाथ नहीं छोड़ेंगे।

सैन्य कैंटीनों में नहीं बिकेगा विदेशी सामान, आयातित शराब पर भी लगेगी रोक

जल्द ही सेना की कैंटीन में आपको विदेशी सामान नहीं मिलेगा। सैन्य कैंटीनों में चीन समेत अन्य देशों से आयात होने वाले उत्पाद नहीं बिकेंगे।  आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा मंत्रालय ने कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट (सीएसडी) और यूनिट द्वारा संचालित होने वाली कैंटीनों में आयातित होने वाली चीजों पर रोक लगाने का फैसला किया है।

विदेश से मंगवाकर देश में पैकेजिंग और मार्केट की गई वस्तुओं पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। सीएसडी करीब पांच हजार विभिन्न उत्पादों की बिक्री करता है, जिसमें से करीब 400 आयात किए जाते हैं। इनमें ज्यादातर चीजें चीन से ही आती हैं। जो चीजें विदेश से मंगाई जाती हैं, उनमें टाॅयलेट ब्रश, डायपर पैंट, राइस कूकर, इलेक्ट्रिक केतली, सैंडविच टोस्टर, वैक्यूम क्लीनर, धूप के चश्मे, महिलाओं के हैंडबैग, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर आदि शामिल हैं। इन उत्पादों के बदले भारतीय उत्पाद ले लेंगे।

इन कैंटीन पर सबसे ज्यादा बिकने वाली विदेशी शराब पर भी पाबंदी लगने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, आया​तित शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। लॉकडाउन के बाद से वैसे ही पिछले कई महीनों से सीएसडी ब्रांडेड विदेशी शराब की बिक्री नहीं हो रही है। सीएसडी की देशभर में सियाचिन ग्लेशियर से लेकर अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक करीब 3500 कैंटीन हैं।

होशियारपुर में दलित बच्ची से रेप और हत्या की घटना पर सीएम अमरिंदर ने डीजीपी से रिपोर्ट मांगी, भाजपा ने घटना पर कांग्रेस को घेरा

पंजाब के होशियारपुर के टांडा में 21 अक्टूबर को छः साल की दलित बच्ची से रेप और उसकी जघन्य हत्या के मामले में अब राजनीति शुरू हो गयी है और भाजपा ने कांग्रेस को इस मसले पर घेरा है। उधर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के पुलिस प्रमुख को जांच में तेजी लाने के आदेश देते हुए जल्दी से जल्दी आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश करने को कहा है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी क्षेत्र के एसएसपी से 26 अक्टूबर तक रिपोर्ट मांगी है।

बता दें 21 अक्तूबर को जिले के गांव जलालपुर में प्रवासी मजदूर की छः साल की बेटी की कथित तौर पर रेप के बाद हत्या करके उसकी अधजली लाश हवेली में छिपाकर रख दी गई थी। पीड़िता के पिता के आरोप के मुताबिक आरोपी गुरप्रीत लड़की को अपने घर ले गया था, जहां उसने मासूम से दुष्कर्म किया। आरोप है कि इसके बाद गुरप्रीत और उसके दादा सुरजीत सिंह ने उसकी हत्या कर दी। उसकी लाश को आरोपियों ने अधजली हालत में बोरी से छिपा दिया था।

पुलिस का कहना है कि लड़की का आधजला शव उनके घर से मिला था। आरोपी गुरप्रीत सिंह और उसके दादा सुरजीत सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को पुलिस दोनों को टांडा उड़मुड़ के अस्पताल में मेडिकल के लिए लेकर पहुंची थी।

घटना से गुस्साए लोगों ने अस्पताल का घेराव किया था और मांग की थी कि आरोपियों को उनके हवाले कर दिया जाए, ताकि वे खुद इन्हें सजा दे सकें।

इस बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जांच में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। सीएम अमरिंदर सिंह ने डीजीपी को मामले की छानबीन करने और अदालत में जल्दी चालान पेश करने के आदेश दिए हैं। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी एसएसपी से 26 अक्टूबर तक इस घटना की रिपोर्ट मांगी है।

उधर इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो गयी है। इस मामले पर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला किया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस यह देखकर रेप पीड़ितों के लिए आवाज उठाती है कि जहां घटना हुई है वहां किसकी सरकार है। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि हाथरस जाने वाले 35 नेता अब कहां हैं ?

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा – ‘होशियारपुर में छः साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ और उसकी लाश को जलाने का भी प्रयास किया गया। कांग्रेस पार्टी की इस विषय पर चुप्पी दुखद है, रेप को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। राहुल गांधी का होशियारपुर की घटना पर कोई ट्वीट नहीं आया। भाजपा सुनिश्चित करेगी कि परिवार के साथ न्याय हो।’

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा – ‘जो हाथरस और बाकी जगह जाते थे उनसे मैं पूछता हूं राहुल और प्रियंका गांधी टांडा क्यों नहीं जाते। राजस्थान में 10 जगह बलात्कार की घटना हुई वहां क्यों नहीं जाते।’

हाथरस सामूहिक दुष्कर्म-मौत मामले की जांच वाली एसआईटी के सदस्य डीआईजी चंद्र प्रकाश की पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

हाथरस सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम के सदस्य डीआईजी चंद्र प्रकाश की पत्नी ने शनिवार दोपहर आत्महत्या कर ली। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है।

जानकारी के मुताबिक राजधानी लखनऊ में डीआईजी चंद्र प्रकाश की पत्नी ने करीब 11 बजे यह कदम उठाया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में डीआईजी की 36 वर्षीय पत्नी पुष्पा प्रकाश ने फांसी लगा ली।

पता चला है कि इसके बाद कुछ लोगों की मदद से उन्हें लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने पुष्पा को मृत घोषित कर दिया। पुष्पा प्रकाश ने फांसी क्यों लगाई इसकी वजह अभी तक साफ नहीं है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

डीआईजी चंद्र प्रकाश उन्नाव में तैनात हैं। साथ ही वह हाथरस जिले के चंदपा कोतवाली इलाके की युवती की सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी में सदस्य भी हैं।

आरजेडी के घोषणा पत्र में 10 लाख नौकरी, किसान कर्ज माफी और निजीकरण बंद करने जैसे वादे

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सरकार की उम्मीद कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने शनिवार को अपना चुनाव घोषणा पत्र जारी कर दिया। महागठबंधन का साझा घोषणा पत्र पहले ही जारी हो चुका है जबकि सहयोगी कांग्रेस ने भी अलग से अपना घोषणा पत्र जारी किया है। आरजेडी ने भी आज अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए युवाओं को 10 लाख नौकरी के अपने वादे को प्रमुखता से ऊपर  ऊपर रखा है।

आरजेडी ने इसके साथ ही किसानों की कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता समेत कई बड़े वादे किए हैं। पटना में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, मनोज झा समेत वरिष्ठ नेताओं ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि महागठबंधन सत्ता में आने पर 10 लाख नौकरी, संविदा प्रथा खत्म करना, सभी को समान काम-समान वेतन दिया जाएगा। सरकारी विभागों में निजीकरण बंद होगा और नियोजित शिक्षकों को समान वेतनमान दिया जाएगा।

इसके अलावा आरजेडी ने कहा कि कार्यपालक सहायक लाइब्रेरियन उर्दू शिक्षकों की बहाली की जाएगी, बिहारी युवाओं को सरकारी परीक्षा फॉर्म भरने का फीस नहीं देनी होगी और और उनके आने जाने का किराया सरकार अदा करेगी। आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, आशा कर्मी, ग्रामीण चिकित्सक की मांगें पूरी की जाएंगी। किसानों को आमदनी बढ़ाना और उनके कार्य मुक्त करना, किसानों के फसल खरीदने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस। नई उदार उद्योग नीति लाया जाएगा, व्यवसायिक आयोग का गठन किया जाएगा। व्यवसायियों की सुरक्षा और भय मुक्त व्यापार हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापारिक सुरक्षा दस्ता का गठन किया जाएगा।

तेजस्वी ने कहा कि पहली बार शिक्षा पर 22 फीसदी बजट जारी होगा। नेतरहाट के तर्ज पर सभी प्रखंड में एक विद्यालय की स्थापना की जाएगी। हर जिले में 3 से 5 आवासीय विद्यालय। सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में मातृभाषा के साथ अंग्रेजी और कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य की जाएगी। पिछड़े और दलित छात्रों को इंटरमीडिएट में 80 फीसदी से अधिक अंक लाने पर लैपटॉप दिया जाएगा। सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण सरकारी इंजीनियरिंग मेडिकल फार्मेसी पॉलिटिकल पारा, मेडिकल कॉलेज के स्थापना उसका विस्तार किया जाएगा।सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था, स्कूली छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन नि:शुल्क दी जाएगी।

अमेजन का संसदीय समिति के सामने पेश होने से इनकार, की जा सकती है कार्रवाई

दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने डाटा की सुरक्षा और निजता मामले में संसदीय समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया है। इस बीच अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी 28 अक्टूबर को पेश होने के लिए तलब किया गया है। अब इस मामले में केंद्र सरकार कंपनी पर कार्रवाई कर सकती है, क्योंकि समिति के ज्यादातर सदस्यों ने ऐसी ही राय दी है। भाजपा सांसदों ने समिति के सामने पेश होने से अमेजन के इनकार को संसद के विशेषाधिकारों का उल्लंघन करार दिया है।

डाटा संरक्षण पर संसदीय समिति की प्रमुख मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अमेजन ने समिति के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि समिति एकमत से अमेजन पर कार्रवाई किए जाने के पक्ष में है। मीनाक्षी लेखी ने कहा, यदि कंपनी पेशी पर नहीं आती है तो उसके खिलाफ संसदीय विशेषाधिकार हनन का मामला बन जाएगा, जिसके बाद उस पर कार्रवाई हो सकती है। सिफारिश भारत में अमेजन के ऑनलाइन बिजनेस पर रोक लगाने के संबंध में होगी।

बता दें कि पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन विधेयक-2019 पर संसद की संयुक्त समिति की बैठक 28 और 29 अक्टूबर को निर्धारित है। इसमें अमेजन, फेसबुक और ट्विटर को संयुक्त समिति के सामने 28 अक्टूबर को बयान दर्ज करने के लिए तलब किया गया है। इसके अलावा पेटीएम और गूगल को भी समिति ने 29 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है।

फेसबुक प्रतिनिधि समिति के सामने हुए पेश
फेसबुक की पॉलिसी हेड अंखी दास व अन्य प्रतिनिधि डाटा सुरक्षा के मुद्दे पर शुक्रवार को समिति के सामने पेश हए। सूत्रों के मुताबिक, समिति के सदस्यों ने फेसबुक इंडिया के प्रतिनिधियों से कई अहम सवाल दागे। समिति ने सवाल किया कि विज्ञापनदाताओं के फायदे के लिए किसी भी यूजर का निजी डाटा का इस्तेमाल न करने दिया जाए।

क्रिकेटर कपिल देव को दिल का दौरा, एंजियोप्लास्टी के बाद अब दिग्गज खिलाड़ी बेहतर

दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव को गुरुवार देर रात दिल का हल्का दौरा पड़ने के बाद उनकी दिल्ली के एक अस्पताल में एंजियोप्लास्टी की गयी है। अस्पताल की प्रेस स्टेटमेंट के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गयी है और कपिल खतरे से बाहर हैं। वे फिलहाल आईसीयू में हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक देर रात कपिल देव को सीने में दर्द महसूस हुआ जिसके बाद उन्हें करीब एक बजे ओखला स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उनकी स्थिति के आधार पर उनकी आपातकालीन एंजियोप्लास्टी की है और अब वे पहले से बेहतर और खतरे से बाहर हैं।

अस्पताल ने भी इसे लेकर एक ब्यान जारी किया है। इसमें बताया गया है कि कपिल फिलहाल आईसीयू में हैं और डाक्टर अतुल माथुर और उनकी टीम की निगरानी में हैं। अस्पताल के मुताबिक कपिल की हालत स्थिर है और उन्हें कुछ दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

कपिल की गिनती दुनिया के दिग्गज ऑलराउंडरों में की जाती है। उनकी ही कप्तानी में भारत ने पहला विश्व कप जीता था और 1983 में फाइनल में वेस्ट इंडीज को हराया था। जहाँ तक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की बात है, कपिल ने 131 टेस्ट और 225 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट में उनके 5248 रन और 434 विकेट हैं। वनडे इंटरनैशनल करियर में उन्होंने 3783 रन बनाने के साथ 253 विकेट भी झटके। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ फरीदाबाद में साल 1994 में खेला था। फिलहाल वे कमेंट्री में व्यस्त दीखते हैं और आईपीएल पर भी एक निजी चैनल पर विशेषज्ञ के रूप में हिस्सा ले रहे हैं।