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अलीगढ़ में 100 ग्राम के चूहे से निकाला 25 ग्राम का ट्यूमर

अलीगढ़ में एक डॉक्टर ने चूहे को नई जिंदगी दी। डॉक्टर विराम ने चूहे की आंख की सर्जरी कर 25 ग्राम का ट्यूमर निकाला है। इसके बाद चूहा बेहतर महसूस कर रहा है।
दरअसल, अलीगढ़ के रहने वाले अमित के घर में सफेद चूहे की आंख के पास पहले एक मस्सा जैसा कुछ उभरा हुआ दिखा। कुछ दिन बाद वह मस्सा इतना बड़ा हो गया कि चूहे की आंख पूरी तरह ढक गई। इससे सफेद चूहे को चलने फिरने में यहां तक कि खाने में भी दिक्कत होने लगी।
इस समस्या पर जब पशुप्रेमी का ध्यान गया तो उन्होंने अलीगढ़ कर सीनियर  एनिमल सर्जन डॉ. विराम वार्ष्णेय को दिखाया। डॉ. विराम ने बताया कि इसे जल्द से जल्द सर्जरी करके निकालने की आवश्यकता है तभी इसकी आंख बच सकती हैं अन्यथा यह जानलेवा भी हो सकता है।
डॉ. विराम ने ऑपरेशन के समय पाया कि चूहा 100 ग्राम का है। वह काफी छोटा था तो उसे बेहोश करने की दवा देने में भी खतरा था। इस पर डॉक्टर ने चूहे को नीचे पेट वाली जगह से इंट्रासपेरीटोनियल इंजेक्शन लगाया। इससे चूहा बेहोश हो गया। इसके बाद डॉक्टर ने बड़ी ही बारीकी से उस मस्से को आंख से इस तरह अलग किया, आंख भी बच गई और जान भी। जो मस्सा यानी ट्यूमर निकाला, उसका वजन करीब  25 ग्राम था। इसका मतलब चूहे के कुल वजन का एक चौथाई ट्यूमर था। सर्जरी के 3 घंटे बाद चूहा होश में आने लगा और अगले दिन वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया और खाने पीने लगा।
कुछ दिनों तक इस चूहे की दवाई चली और पंद्रह दिन बाद वह फिट हो गया।

बिहार चुनाव से तय होगी देश की राजनीति !

देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक बिहार में विधानसभा चुनाव का पहला चरण शुरू हो गया है। यह विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सत्ता में उनकी सहयोगी भाजपा ही नहीं आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव और एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव में उतरी एलजीपी के अलावा कांग्रेस के लिए भी बड़ी परीक्षा है। आज मतदान वाली 71 सीटों पर 1066 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। रोजगार इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है, जिसका एक बड़ा कारण लॉक डाउन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरी चले जाना है।

इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत नतीजों में बहुत महत्वपूर्ण रोल अदा करेगा। अभी तक की ख़बरों के मुताबिक सुबह 10 बजे तक 71 सीटों के लिए हो रहे मतदान का प्रतिशत करीब 7.35 फीसदी था। लखीसराय में सबसे ज्यादा 8 फीसदी वोट पड़े हैं। धीरे-धीरे लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने  पहुंच रहे हैं। आज बिहार के 16 जिलों में मतदान चल रहा है। इन हलकों के लिए दो राष्ट्रीय नेता पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पुर अध्यक्ष राहुल गांधी प्रचार कर चुके हैं जबकि तीन मुख्य क्षेत्रीय नेताओं सीएम नीतीश कुमार, आरजेडी के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव और एलजेपी के चिराग पासवान शामिल हैं।

इन 71 सीटों पर आरजेडी-कांग्रेस को 2015 के चुनाव में 37 सीटें मिली थीं जिनमें से  आरजेडी को 27, कांग्रेस को 9 और बाकी अन्य सहयोगियों को मिली थीं। इस तरह देखा जाए आज की 71 सीटों पर आरजेडी महागठबंधन का दबदबा रहा है। इस बार यह महागठबंधन यहां ज्यादा सीटों की उम्मीद कर रहा है। वैसे उस चुनाव में जदयू  महागठबंधन से मिलकर चुनाव लड़ा था।

उधर वर्तमान जदयू-भाजपा गठबंधन को यहां 32 सीटें मिली थीं। इनमें भाजपा को 13, जदयू को 18 और ‘हम’ को एक सीट मिली थी। इस बार जदयू काफी दबाव में है। भाजपा के लिए भी इस चुनाव में बड़ी चुनौतियाँ हैं जबकि तेजस्वी यादव अपनी चुनाव सभाओं में उमड़ी जबरदस्त भीड़ को देखते हुए बड़ी सफलता की उम्मीद कर रहे हैं।

पहले चरण में आठ मंत्रियों के भाग्य का फैसला होना है। इनमें कृषि मंत्री प्रेम कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, विज्ञान और  प्रावैधिकी मंत्री जयकुमार सिंह, भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री राम नारायण मंडल, श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा, खनन मंत्री बृजकिशोर बिंद, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला शामिल हैं। पहले चरण के चुनाव को लेकर राज्य के 2 करोड़ 14 लाख 84 हजार 787 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

अभी तक मतदान सही चल रहा  कोविड-19 के नियमों का पालन होता भी दिख रहा है। सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। मतदान के बीच औरंगाबाद जिले के ढिबरा इलाके से सुरक्षाबलों ने दो आईईडी बरामद किये हैं।

आज 1066 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। इन उम्मीदवारों में आठ मंत्रियों  सहित 952 पुरुष और 114 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान के बीच नवादा में भाजपा के पोलिंग एजेंट की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सासाराम में काराकाट विधानसभा सीट के उदयपुर गांव में मतदान करने आये एक अधेड़ की मौत मतदान केंद्र पर हो गई।

भाजपा के विधायक प्रेम कुमार मतदान के लिए मास्क में तो आये लेकिन उनके मास्क पर भाजपा का चुनाव चिन्ह ‘कमल’ बना हुआ था जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है। इस चुनाव के नतीजों की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर रहने की संभावना है। भाजपा के लिए यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव का सारा दारोमदरार रोजगार के इर्द-गिर्द आ सिमटा है। इसका एक बड़ा कारण लॉक डाउन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरी चले जाना है।

गो कोरोना गो का नारा लगाने वाले मोदी सरकार में मंत्री अठावले संक्रमित

मोदी सरकार में एकमात्र सहयोगी पार्टी के केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पहले कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत के समय उनका गो कोराना गो का नारा लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। चर्चा तो यहां तक की जा रही है कि यह उनका ही दिया हुआ नारा था।

इससे पहले मंगलवार को ही वे एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। तभी पिछले दिनों चर्चा में आई अभिनेत्री पायल घोष ने रामदास अठावले की पार्टी रिपल​​ब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) की सदस्यता दिलाई थी। अठावले ने पार्टी में पायल घोष का स्वागत करते हुए उनको पार्टी की महिला विंग का उपाध्यक्ष बनाया है।

इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों के लेकर चर्चा में आ चुके हैं। संसद में भी नई सरकार बनने पर उनके दिए भाषण ने सबको लोटपोट करने के लिए मजबूर कर दिया था। इसके अलावा इसी साल जून में अठावले ने चाइनीज फूड को भी विरोध किया था। उन्होंने कहा था, ‘रेस्तरां या स्ट्रीट पर बिकने वाले चाइनीज खाने को पूरी तरह से प्रतिबंधि कर देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि लोग चाइनीज सामान के साथ-साथ चाइनीज फूड का भी बहिष्कार करें।

महाराष्ट्र में इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम अजित पवार भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इनके अलावा सहकारिता मंत्री बाला साहेब पाटिल, मंत्री अशोक चव्हाण, असलम शेख, उदय सावंत, जितेंद्र अह्वाड, धनंजय मुंडे, संजय बंसोड़ और अब्दुल सत्तार भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। महाराष्ट्र में पिछले एक दिन 3645 नए मरीज सामने आए। राज्य में कुल मरीजों की संख्या 16.48 लाख से ज्यादा हो चुकी है। देश में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों के साथ ही महाराष्ट्र में सर्वाधिक जान गंवाने वाले भी हैं। अब तक यहां पर 43,344 लोग कोरोना की वजह से जान गंवा चुके हैं।

हरियाणा के बल्लभगढ़ में अपहरण का विरोध कर रही लड़की की हत्या

उत्तर प्रदेश के बाद अब हरियाणा के बल्लभगढ़ से एक लड़की के अपहरण की कोशिश और विरोध करने पर गोली मारकर उसकी हत्या कर देने की घटना के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उसके साथ इस घटना के सीसीटीवी में कैद हो जाने के बाद यह मामला सामने आया। परिवार वालों के मुताबिक दो साल पहले भी उन्होंने इन लड़कों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी लेकिन तब पुलिस ने सम्झौता करवा दिया था। पुलिस ने इस मामले में एक लड़के को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक हरियाणा के फरीदाबाद में यह घटना सोमवार की है। पेपर देकर कॉलेज से बाहर निकली लड़की के अपहरण की दो लड़कों ने कोशिश की और जब उसने इसका विरोध किया तो उसको गोली मार दी गयी। लड़की की मौत हो गयी है। आरोपी घटना के बाद कार में सवार होकर फरार हो गए। इस मामले में एक आरोपी तौफीक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जिस लड़की के साथ यह घटना हुई वह बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी और बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में परीक्षा देने आई थी। जैसे ही वह कॉलेज से बाहर निकली एक युवक उसे जबरदस्ती कार में बैठाने लगा। लड़की के विरोध के बाद आरोपी ने उसे गोली मार दी और वह साथी के साथ कार में मौके से फरार हो गया। लड़की अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गयी। सारी घटना सीसीए टीवी में कैद हो गयी है।

पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी तौफीको को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।  लड़की के भाई के मुताबिक परिवार ने 2018 में भी पुलिस को आरोपी के परेशान करने की शिकायत दी थी। आरोपी तौफीक राजस्थान के मेवात का रहने वाला है।  पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

पाकिस्तान के पेशावर में ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत, 75 घायल

पाकिस्तान के पेशावर में मंगलवार सुबह एक धमाके में 7 लोगों की मौत हो गई। इस ब्लास्ट में 75 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें से कुछ के हालत गंभीर हैं। यह धमाका एक मदरसे में हुआ और इसमें ज्यादातर बच्चों की मौत हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह धमाका पेशावर की दीर कॉलोनी के इलाके में हुआ है। घायलों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है। घायलों में बड़ी संख्या में बच्चे भी हैं जिनकी हालत गंभीर बताई गयी है। विस्फोट कैसे हुआ इसका अभी पता नहीं चला है। बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य वहां चल रहा है। धमाका उस वक्त हुआ, जब मदरसे में पढ़ाई चल रही थी।

यह धमाका एक मदरसे के पास धमाका हुआ। मदरसा, दीर कॉलोनी में स्थित है।  मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीम का कहना है कि इस धमाके में 7 लोगों की मौत हुई है और 75 से ज्यादा बच्चे घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पहले कुछ लोगों ने बताया था कि धमाका शायद एलपीजी सिलेंडर से हुआ हालांकि अभी इसे लेकर पुलिस ने कुछ नहीं कहा है। छानबीन चल रही है। घायलों को एलआर अस्पताल में भर्ती किया गया है।

हालत गंभीर होने के कारण सभी घायलों को इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है। साथ ही अस्पताल की ओर से इमरजेंसी की घोषणा की गई है। मेडिकल स्टाफ को अस्पताल  बुला लिया गया है। आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

दिल्ली में कोरोना फिर पीक की ओर

राजधानी दिल्ली में कोरोना का कहर फिर से पीक की ओर बढ़ रहा है । विशेषज्ञों की माने तो त्योहारी सीजन में कोरोना कहर की लहर काफी घातक हो सकती है। वहीं दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का कहना है कि आने वाले दिनों में कोरोना के मामले बढ़ सकते है।

बताते चले कि केन्द्रीय एक्पर्ट कमेटी व नीति आयोग के सदस्य डाँ वी के पाँल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि त्योहारी सीजन में कोरोना के मामले बढ़ सकते है। जाने-माने हार्ट रोग विशेषज्ञ डाँ अनिल ढ़ल का कहना है कि कोरोना और प्रदूषण के कारण लोगों को इन दिनों सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो हार्ट रोगियों को हो सकती है। क्योंकि घबराहट और सीने में दर्द होना हार्ट रोग के लक्षण है।

गंगा राम अस्पताल के जाने –माने डाँ प्रवीण भाटिया का कहना है कि कोरोना , प्रदूषण और मौसमी बीमारियों का प्रकोप सबका एक साथ होना । इस समय लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर सकता है। ऐसे में बचाव के तौर पर मास्क लगाकर निकले , प्रदूषण वाले क्षेत्र में ना जायें और अगर बुखार हो , सांस लेने में दिक्कत हो तो नजरअंदाज ना करें।डाँ प्रवीण भाटिया का कहना है कि कोरोना और बढ़ता प्रदूषण , घातक है । लोग सावधानी बरतें,ताकि कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ना हो सकें।

डाँक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल

राजधानी दिल्ली में कोरोना और प्रदूषण सहित मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैला हुआ है। वहीं दिल्ली नगर निगम के डाँक्टरों की हड़ताल से लोगों का हाल बेहाल है। स्वास्थ्य सेवायें नहीं मिल पा रही है। मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों में जाकर पैसा देकर इलाज करा रहे है। बतातें चले कि दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले अस्पतालों में काम करने वाले डाँक्टरों को 4 महीने से वेतन ना मिलने पर डाँक्टरों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चेतावनी दी है।

बाड़ा हिन्दू राव अस्पताल और कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि दिल्ली में आप पार्टी की सरकार है और दिल्ली नगर निगम भाजपा के पास है। ऐसे में दोनों राजनीतिक दल डाँक्टरों के नाम पर सियासत कर रहे है। डाँक्टर अंकित का कहना है कि दिल्ली में कोरोना और वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। भाजपा और आप पार्टी के नेता इस समस्या से वाकिफ है फिर भी दोनों दल डाँक्टरों की वेतन देने की पहल नहीं कर रहे है। जिससे डाँक्टरों के साथ-साथ मरीजों को परेशानी हो रही है। डाँ जुगल का कहना है कि इस समय दिल्ली सही मायने में बीमार है और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन भी मान रहे है कि आने वाले दिनों में 12 से 14 हजार तक मरीज प्रतिदिन आ सकते है। फिर भी ये हाल है।

भाजपा के नेता व उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश का कहना है कि दिल्ली सरकार पर तीनों जोनों का 13 हजार करोड़ का वकाया है जिससे दिल्ली नगर निगम में पैसा का संकट है जिसके कारण वेतन देने में दिक्कत हो रही है। मरीजों के परिजन सोहन लाल, महेश जोशी ने तहलका संवाददाता को बताया कि आप और भाजपा की सियासत में मरीजों को स्वास्थ्य का इलाज कराने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

फेसबुक फैला रहा है कट्टरता, इस पर लगाए रोक : इमरान खान

पाकिस्तान में सियासी संकट के बीच इमरान खान ने नया दांव चला है। प्रधानमंत्री इमरान ने फेसबुक के सीईओ को एक लंबा पत्र लिखकर सोशल मीडिया साइट में इस्लाम के प्रति नफरत फैलाने वाले संदेशों पर पाबंदी लगाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे इस्लामोफोबिया बढ़ रहा है।

इन दिनों एक ओर जहां पर पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना के बीच तकरार बढ़ गया है। इसे लेकर पिछले दिनों पुलिस और सेना आमने-सामने आ चुके हैं। वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ, इससे पीएम इमरान के प्रशासन पर सवाल उठाए गए। पहले से ही कहा जाता रहा है कि इमरान खान तो सेना और आईएसआई की कठपुतली हैं।

तमाम मुश्किलों से घिरे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब इस्लामोफोबिया का सहारा लिया है। फेसबुक ने बीते 12 अक्टूबर को यूरोप में यहूदी नरसंहार से जुड़े झूठ फैलाने वाली पोस्ट हटाने का फैसला लिया था। 1940 में हुए इस नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है। तब जर्मन सेना ने करीब 60 लाख यहूदी नागरिकों को मार दिया था। इस बारे में इंटरनेट पर कई गलत बातें मौजूद हैं। इनकी वजह से कई लोग तो यह भी मानने लगे हैं कि यह नरसंहार हुआ ही नहीं। लोगों को भ्रमित करने के लिए इसकी अफवाहें उड़ाई गईं।

इमरान ने जुकरबर्ग को लिखी चिट्‌ठी को ट्विटर पर शेयर किया है। इसमें उन्होंने जुकरबर्ग को संबोधित करते हुए लिखा कि सोशल मीडिया में खासकर फेसबुक के जरिए बढ़ रहा इस्लामोफोबिया दुनियाभर में कट्टरता और हिंसा को बढ़ावा दे रहा है। मैं चाहता हूं कि आप फेसबुक पर इस्लामोफोबिया और इस्लाम के खिलाफ नफरत पर उसी तरह प्रतिबंध लगाएं, जैसे होलोकॉस्ट पर हाल ही में लगाया है।

होलोकॉस्ट के खंडन या उस पर सवाल उठाने वाली पोस्ट पर रोक लगाकर जुकरबर्ग के काम की उन्होंने सराहना भी की है। यह जर्मनी और पूरे यूरोप में नाजी प्रोग्राम का नतीजा था। दुनिया मुसलमानों के खिलाफ भी इसी तरह के अभियान की गवाह बन रही है। दुर्भाग्य से कुछ देशों में मुसलमानों को उनके नागरिक अधिकारों, पहनावे से लेकर पूजा तक उनके लोकतांत्रिक विकल्पों से वंचित किया जा रहा है।
पाक पीएम इमरान का यह पत्र फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की टिप्पणी के बाद आया है। पेरिस में एक शिक्षक की सिर काटकर हत्या किए जाने के बाद मैक्रों ने इस्लामी अलगाववाद से लड़ाई का ऐलान किया था। इस पर इमरान ने कहा कि उन्होंने उकसावे के लिए जानबूझकर मुसलमानों को चुना है।

श्रीनगर लाल चौक पर तिरंगा फहराते चार भाजपा कार्यकर्ता पकड़े, जम्मू में पीडीपी दफ्तर पर तिरंगा फहराया

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के झंडे वाले ब्यान के विरोध में  भाजपा कार्यकर्ताओं ने जहां जम्मू में पीडीपी के दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी की और तिरंगा फहराया वहीं श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कोशिश की। पुलिस ने उसके चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।

भाजपा ने सोमवार को जम्मू कश्मीर में तिरंगा रैली निकाली और महबूबा मुफ्ती के बयान का विरोध किया। जम्मू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना की अगुवाई में कई स्थानों पर तिरंगा रैली निकाली गई। उधर कुपवाड़ा के भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर  में लाल चौक तिरंगा फहराने की कोशिश की। लाल चौक पर क्लॉक टावर में पुलिस  ने उन्हें पकड़ लिया और चार भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

भाजपा ने आज जम्मू क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में तिरंगा रैली निकाली। जम्मू में उन्होंने पीडीपी कार्यालय पर तिरंगा फहराया और भारत माता की जय के नारे लगाए।  रविवार को भी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में पीडीपी के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की थी।

ख़बरों के मुताबिक श्रीनगर में टैगोर हॉल से लेकर शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशनल सेंटर तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा रैली निकाली। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती के खिलाफ प्रदर्शन किया।

बता दें भाजपा पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती के हाल में दिए एक बयान का विरोध कर रही है। मुफ्ती ने कहा था – ‘मैं तब तक तिरंगा नहीं उठाऊंगी जब तक धरा 370 को बहाल नहीं किया जाता। जब हमारा ये झंडा वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे। हमारा झंडा हमारे आईन का हिस्सा है, हमारा झंडा तो ये (हल वाला झंडा) है और उस झंडे (तिरंगे) से हमारा रिश्ता इस झंडे ने ही बनाया है।’

यह भी बता दें कि कश्मीर में पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत छः मुख्यधारा की पार्टियों ने साझा रूप से अनुच्छेद 370 को वापस लाने की मांग की है। इन दलों ने एक साझा गठबंधन बनाते हुए गुपकार समझौता किया है और एनसी नेता फारूक अब्दुल्ला को अपना नेता बनाया है।

लंबे खूनखराबे के बाद आर्मीनिया और अजरबैजान में युद्ध विराम

आखिर लम्बे समय से चल खूनखराबे और युद्ध के बाद आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध विराम पर सहमति बन गयी है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 29 दिन के बाद सीजफायर पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने इस युद्ध विराम का एलान किया है। उधर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस युद्ध विराम का स्वागत किया है।

एक साझे ब्यान में अमेरिका, आर्मीनिया और अजरबैजान ने घोषणा की कि पहले से जारी मानवीय संघर्ष विराम समझौता सुबह 8 बजे प्रभावी होगा। दोनों देशों के बीच नागोर्नो काराबाख को लेकर पिछले साल 27 सितंबर से जंग शुरू होने के बाद दोनों देशों में बड़े पैमाने पर खून-खराबा हुआ है। बता दें मध्यस्थता के लिए रूस और अमेरिका ने अपनी तरफ से लगातार प्रयास किए।

दोनों में युद्ध विराम पर सहमति के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया जिसमें लिखा – ‘आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव को बधाई। दोनों सीजफायर के पालन के लिए मान गए हैं जो आधी रात से प्रभाव में आ गया है। कई जीवन बच जाएंगे। मुझे मेरी टीम माइक पोंपियो, स्टीव बेगन और नैशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल पर इस डील के लिए गर्व है।’

इस साल सितंबर में दोनों के बीच संघर्ष बहुत तेज हो गया था। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोगों की जान गयी है। एक जानकारी के मुताबिक इस संघर्ष में नागोर्नो-काराबाख के 729 सैनिकों और 36 नागरिकों को जान से हाथ धोना पड़ा जबकि  अजरबेजान का कहना है कि उसके 61 नागरिकों की जान गयी है। हालांकि, अपने सैनिकों के नुक्सान को लेकर उसने कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।