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पूरे देश में होगी जाति जनगणना, कैबिनेट बैठक में लिया फैसला

बिहार विधानसभा चुनावों के पहले सरकार ने राजनीतिक महत्व का एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में आम जनगणना में जातियों की गणना कराने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।

रेल, सूचना प्रसारण, इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।” वैष्णव ने कहा, “कांग्रेस की सरकारों ने आज तक जाति जनगणना का विरोध किया है। आजादी के बाद की सभी जनगणनाओं में जातियों की गणना नहीं की गयी। वर्ष 2010 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया था कि जाति जनगणना पर केबिनेट में विचार किया जाएगा। तत्पश्चात एक मंत्रिमण्डल समूह का भी गठन किया गया था जिसमें अधिकांश राजनीतिक दलों ने जाति आधारित जनगणना की संस्तुति की थी। इसके बावजूद कांग्रेस की सरकार ने जाति जनगणना के बजाए, एक सर्वे कराना ही उचित समझा जिसे एसईसीसी के नाम से जाना जाता है।

इस सब के बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने जाति जनगणना के विषय को केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया।” सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद 246 की केंद्रीय सूची की क्रम संख्या 69 पर अंकित है और यह केंद्र का विषय है। हालांकि, कई राज्यों ने सर्वे के माध्यम से जातियों की जनगणना की है। जहां कुछ राज्यो में यह कार्य सूचारू रूप से संपन्न हुआ है वहीं कुछ अन्य राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से और गैरपारदर्शी ढंग से सर्वे किया है। इस प्रकार के सर्वें से समाज में भ्रांति फैली है। इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए और यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारा सामाजिक ताना बाना राजनीति के दबाव मे न आये, जातियों की गणना एक सर्वें के स्थान पर मूल जनगणना में ही सम्मिलित होनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मजबूत होगा और देश की भी प्रगति निर्बाध होती रहेगी। वैष्णव ने कहा, “आज दिनांक 30 अप्रैल 2025 के दिन प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक विषयों की कैबिनेट समिति ने यह निर्णय लिया है कि जातियों की गणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित किया जाए। यह इस बात को दर्शाता है कि वर्तमान सरकार देश और समाज के सर्वांगीण हितों और मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने यह भी कहा कि इसके पहले भी जब समाज के गरीब वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था तो समाज के किसी घटक में कोई तनाव उत्पन्न नहीं हुआ था। उल्लेखनीय है कि सरकार के इस फैसले का बिहार विधानसभा के सितंबर अक्टूबर में होने वाले चुनाव की दृष्टि से देखा जा रहा है जहां विपक्षी इंडी गठबंधन द्वारा उठायी गयी जातीय जनगणना कराने की मांग जोर पकड़ रही है। केन्द्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के इस फैसले को बिहार की राजनीति में उलटफेर करने वाला निर्णय माना जा रहा है।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिले राहुल

कानपुर: पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी के परिजनों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज मुलाक़ात कर उन्हें सांत्वना दी। शुभम उन लोगों में से एक थे जो 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए थे।

उत्तर प्रदेश कानपुर के 31 वर्षीय व्यवसायी शुभम द्विवेदी का महज दो महीने पहले 12 फरवरी को विवाह हुआ था। कश्मीर के पहलगाम में पत्नी के सामने ही आतंकवादियों ने शुभम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शुभम अपनी पत्नी और नौ अन्य परिजनों के साथ एक सप्ताह की छुट्टी पर 16 अप्रैल को कश्मीर गए थे।

शुभम द्विवेदी

इस दुःखद घड़ी में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है। आतंकियों के ख़िलाफ़ सख्त और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।

इसी उद्देश्य से संयुक्त विपक्ष ने सरकार को पूरा समर्थन दिया है और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी के परिजनों से आज मुलाक़ात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दुःखद घड़ी में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है। आतंकियों के ख़िलाफ़ सख्त और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से संयुक्त विपक्ष ने सरकार को पूरा समर्थन दिया है और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

अपना अमेठी दौरा पूरा करने के बाद राहुल गांधी ने शुभम के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात की। गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी थे। राय 23 अप्रैल को शुभम के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे।

कश्मीर के अनंतनाग जिले के लोकप्रिय पर्यटन शहर पहलगाम के पास बैसरन में 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में 26 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

सीबीआई की जांच का स्टेशन डेवलपमेंट के काम पर नहीं पड़ेगा असर

बिलासपुर- 32 लाख रुपए की रिश्वत कांड मामले में रेलवे के चीफ इंजीनियर के साथ रेलवे ठेकेदार झांझरिया निर्माण कंपनी भी फंसी है, जिनके खिलाफ सीबीआई की जांच चल रही है। झांझरिया निर्माण कंपनी लिमिटेड का बिलासपुर रेलवे स्टेशन में 392 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन डेवलपमेंट का काम चल रहा है, जिसपर इस जांच से किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा।

मालूम हो कि पांच दिन पहले बिलासपुर रेलवे जोन मुख्यालय के कंस्ट्रक्शन में सीबीआई की एक बड़ी कार्रवाई की गई थी। इसमें रोड सेफ्टी ओपन लाइन के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद काे झांझरिया निर्माण कंपनी से 32 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया था। सीबीआई की टीम ने चीफ इंजीनियर और ठेकेदार के आफिस में दस्तावेज को खंगाला। इस दौरान रेलवे के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद, भाई कुणाल आनंद, झांझरिया निर्माण कंपनी लिमिटेड के एमडी सुशील झांझरिया और कर्मचारी मनोज पाठक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर चली गई। इस कार्रवाई के बाद रेलवे के जोन व डिवीजन कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं रेल अफसर भी अब पूरी तरह से सतर्क होकर अपना काम निपटारा करने में लगे हैं। सीबीआई की कार्रवाई में शामिल झांझरिया निर्माण कंपनी लिमिटेड का बिलासपुर जोनल रेलवे स्टेशन में 392 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकसित करने का काम एक साल पहले ही शुरु किया गया था। इसका ठेका मिलने के बाद कंपनी ने अपने कर्मचारियों को पूरे स्टेशन में काम के लिए लगा दिया, जिसमें मजदूरों के साथ जेसीबी भी स्टेशन एरिया के बाहर तोड़फोड़ करने में लग गई थी। गेट नम्बर चार से लेकर गेट नम्बर तीन और जनआहार के बाहर एरिया तक काम कम्पलीट नहीं हो सका था, कि झांझरिया की कंपनी सीबीआई के हत्थे चढ़ गई। सीबीआई की जांच और कार्रवाई के बाद स्टेशन का काम कंपनी ने पूरी तरह से बंद कर है, जिसके कारण काम समय पर कम्पलीट होने के कोई भी आसार नहीं नजर आ रहे हैं। वहीं अधिकारियों ने इस जांच के बावजूद काम चलते रहने की बात कही है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बिलासपुर जोनल रेलवे स्टेशन में पिछले एक साल से अब तक केवल गेट नम्बर चार के सामने बने रैंप, उसके ऊपर लगे शेड को तोड़ने के बाद रनिंग लॉबी और गेट नम्बर तीन के सामने की दो पहिया और चार पहिया पार्किंग को पूरी तरह से तोड़ने का काम किया गया है। इस काम की वजह से जनआहार से लेकर रनिंग लॉबी और गेट नम्बर चार तक चारों ओर से शेड की तरह दीवार बना दिया गया है, ताकि कोई भी यात्री उस स्थान पर आना-जाना न कर सकें।

कनाडा चुनाव में जस्टिन ट्रूडो की पार्टी फिर जीती, कॉर्नी फिर बनेंगे प्रधानमंत्री

कनाडा में हुए आम चुनावों के नतीजों में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी ने फिर से सत्ता में वापसी कर ली है। लिबरल पार्टी को 166 सीटों पर जीत मिलती नजर आ रही है। हालांकि बहुमत के लिए 170 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और सरकार बनाने की स्थिति में है। इस बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी जस्टिन ट्रूडो के स्थान पर मार्क कार्नी संभालेंगे, जिन्हें पार्टी ने आंतरिक रूप से अपना नया नेता घोषित किया है। वहीं मुख्य विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी को लगभग 145 सीटें मिली हैं, जिससे वे सत्ता से फिर बाहर रह गई है।

जगमीत सिंह और एनडीपी को बड़ा झटका खालिस्तान समर्थक नेता जगमीत सिंह को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। उनकी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) को केवल 7 सीटें जीतने में सफल रही। जगमीत सिंह खुद भी अपनी सीट गंवा बैठे और तीसरे स्थान पर खिसक गए। हार के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।

भावुक होते हुए जगमीत ने अपने समर्थकों से कहा, “मैंने मूवमेंट को कमजोर नहीं पड़ने दिया, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया। मैं निराश हूं, लेकिन हार नहीं मानूंगा।” 2021 के चुनावों में एनडीपी को 25 सीटें मिली थीं और जगमीत की पार्टी ने सरकार में किंगमेकर की भूमिका निभाई थी। लेकिन इस बार जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया।

जम्मू-कश्मीर में बड़ा फैसला, 48 पर्यटक स्थलों को किया गया बंद

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रदेश भर में सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन जारी है। आतंकवादियों के खिलाफ चल रहे व्यापक तलाशी अभियानों के बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी के 48 पर्यटक स्थलों को अस्थायी रूप से बंद करने का बड़ा फैसला लिया है।

सरकारी आदेश के मुताबिक, इन स्थलों को सुरक्षा समीक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों के चलते बंद किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घाटी के 87 पर्यटन स्थलों में से 48 पर फिलहाल पर्यटकों की आवाजाही पर रोक रहेगी। यह कदम संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

‘पहलगाम हमले पर बुलाया जाए संसद का विशेष सत्र’- राहुल गांधी

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में दहशत का माहौल है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आतंकी हमले पर चर्चा करने का अनुरोध किया। साथ ही पत्र में संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया गया है। पिछले हफ्ते हुए आतंकी हमले के बाद से विपक्ष के कई सांसदों ने सरकार से ऐसी मांग की है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आगे कहा गया, ‘इस समय में एकता और एकजुटता जरूरी है, इस महत्वपूर्ण समय में भारत को यह दिखाना होगा कि हम आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एकजुट हैं।’

खरगे के मुताबिक, संसद का विशेष सत्र बुलाकर सभी 22 अप्रैल को निर्दोष नागरिकों पर पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले से निपटने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प और इच्छाशक्ति का एक शक्तिशाली प्रदर्शन करेंगे। हमें उम्मीद है कि सत्र तदनुसार बुलाया जाएगा। कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने मंगलवार सुबह पत्र जारी किया।

राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा, ‘प्रिय प्रधानमंत्री जी, पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने हर भारतीय को झकझोर कर रख दिया है। इस नाजुक समय में भारत को यह दिखाना होगा कि हम आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एकजुट रहेंगे। विपक्ष का मानना ​​है कि संसद के दोनों सदनों का एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए, जहां जनता के प्रतिनिधि अपनी एकता और दृढ़ संकल्प दिखा सकें। हम अनुरोध करते हैं कि ऐसा विशेष सत्र जल्द से जल्द बुलाया जाए।’

21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार आधुनिक बनाई जा रही देश की शिक्षा प्रणाली: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित ‘युग्म कॉन्क्लेव’ में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी पर निर्भर होता है, इसलिए ये जरूरी है कि हम अपने युवाओं के भविष्य के लिए और उनको भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करें।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज यहां सरकार, एकेडमी, साइंस और रिसर्च से जुड़े भिन्न-भिन्न क्षेत्र के लोग इतनी बड़ी संख्या में उपस्थि​त हैं। इस एकजुटता को ही युग्म कहते हैं। एक ऐसा युग्म जिसमें विकसित भारत के फ्यूचर टेक से जुड़े स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं, एक साथ जुटे हैं। मुझे विश्वास है, हम जो भारत की इनोवेशन कैपेसिटी और डीप टेक में भारत की भूमिका को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, उसे इस आयोजन से बल मिलेगा।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है, इसलिए उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करना बहुत जरूरी है। इसमें शिक्षा की अहम भूमिका है। इसलिए हम 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बना रहे हैं। नई शिक्षा नीति इस बदलाव को आगे बढ़ा रही है। देश में नई शिक्षा नीति लाई गई है। इसे शिक्षा के वैश्विक मानक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नई शिक्षा नीति आने के बाद हम भारतीय एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव भी देख रहे हैं। कक्षा 1 से 7 तक के लिए नई पाठ्यपुस्तकें तैयार हो चुकी हैं। पीएम ई-विद्या और दीक्षा प्लेटफॉर्म जैसी पहल पूरे देश में एकीकृत शिक्षा प्रणाली का निर्माण कर रही हैं। इस परिवर्तन का समर्थन करने के लिए एआई द्वारा संचालित एक मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी पर निर्भर होता है, इसलिए ये जरूरी है कि हम अपने युवाओं के भविष्य के लिए और उनको भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करें। इसमें बड़ी भूमिका देश के एजुकेशन सिस्टम की भी होती है, इसलिए हम देश के एजुकेशन सिस्टम को 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक बना रहे हैं। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए, भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है। हमने इस दिशा में लगातार काम किया है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि दीक्षा मंच के तहत वन नेशन, वन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है। ये इंफ्रास्ट्रक्चर एआई आधारित है। इसका उपयोग कई देशों में पाठ्यपुस्तकें तैयार करने में किया जा रहा है। वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन ने युवाओं को ये भरोसा दिया है कि सरकार उनकी जरूरतों को समझती है। आज इस योजना की वजह से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों तक विश्व स्तरीय शोध पत्रिकाओं तक पहुंचना आसान हो गया है। भारत के विश्वविद्यालय परिसर आज नए गतिशील केंद्र बन रहे हैं। ऐसे केंद्र, जहां युवा शक्ति सफलता के नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारतीय युवाओं को किसी भी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े, प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप की स्थापना की गई है। हमने विकसित भारत के लक्ष्य के लिए अगले 25 वर्षों की समयसीमा तय की है। हमारे पास समय सीमित है, लक्ष्य बड़े हैं।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए निवेश किए 290 करोड़- केंद्रीय मंत्री

देश की छह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अब तक स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए 290 करोड़ रुपए का निवेश किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को यह बयान दिया।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने 550 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फंड से 303 उभरते हुए स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।

पुरी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत की स्टार्टअप यात्रा सिर्फ संख्याओं के बारे में नहीं है। यह सपनों, दृढ़ संकल्प और इनोवेशन द्वारा आकार दिए गए नए भविष्य के बारे में है।”

हरदीप पुरी ने आगे कहा कि देश में 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप और 120 यूनिकॉर्न हैं।

पुरी ने पोस्ट में आगे कहा, “पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत आने वाली छह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने 550 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फंड में से 290 करोड़ रुपए का निवेश 303 कंपनियों में किया है।”

सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 में फंड ऑफ फंड्स स्कीम के माध्यम से डीपटेक और एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए स्टार्टअप्स को 10,000 करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया था।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एक नियामक के रूप में नहीं बल्कि एक सुविधाकर्ता के रूप में स्टार्टअप का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इनोवेशन में भारत की बढ़ती ताकत पर प्रकाश डालते हुए, गोयल ने डीप टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स में देश की क्षमता पर विश्वास जताया।

गोयल ने कहा, ” मुझे विश्वास है कि भारत इनोवेशन की दुनिया में बड़े पैमाने पर आगे बढ़ेगा। हम वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।”    

पाकिस्तान ने किया मिसाइल टेस्ट करने का एलान, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। अब भारत की प्रतिक्रिया के 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने की घोषणा कर दी है। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल के बीच कराची तट के पास अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण की अधिसूचना जारी की है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण महज तकनीकी नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी है, खासकर ऐसे समय में जब भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते पहले से ही बेहद तनावपूर्ण हैं।

पहलगाम आतंकी हमले पर प्रधानमंत्री मोदी की दहाड़, आतंकियों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को भारत की आत्मा पर हमला बताया और देश की 140 करोड़ आबादी की इच्छाशक्ति के संबल से दहाड़ते हुए आज कहा कि अब आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है और आतंकियों एवं साजिशकर्ताओं को ऐसी सजा मिलेगी जो उनकी कल्पना से भी बड़ी होगी।

श्री मोदी ने गुरुवार को यहां झंझारपुर के लोहना पंचायत में पंचायती राज स्थापना दिवस पर आयोजित सभा में 13,480 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा, “यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है। देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि जिन्होंने यह हमला किया है उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। अब आतंकियों की बची खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।”

पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने मासूम देशवासियों को जिस बेरहमी से मारा है। इस दुख की घड़ी में पूरा देश साथ खड़ा है। इस आतंकी हमले में किसी ने बेटा, किसी ने भाई, किसी ने जीवनसाथी खोया है, कोई बांग्ला, कोई कन्नड़ा, कोई मराठी, कोई उड़िया, कोई गुजराती, कोई बिहार का लाल था। कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमारा दुख, आक्रोश एक जैसा है। ये हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है। देश के दुश्मनों ने भारत की आस्था पर हमला करने का दुस्साहस किया। हमला करने वाले आतंकियों और साजिश रचने वालों को कल्पना से बड़ी सजा मिलेगा। सजा मिलकर रहेगी। आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।