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सीएम नीतीश कुमार की राजनीति स्वार्थ की राजनीति हैं- गृह मंत्री अमित शाह

बिहार के पूर्णिया में गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार की राजनीति स्वार्थ की राजनीति हैं। नीतीश ने जॉर्ज फर्नांडिस और भाजपा समेत कईयों को धोखा दिया हैं।

उन्होंने आगे कहा कि एक दिन नीतीश लालू का साथ छोड़कर कांग्रेस के पास चले जाएंगे। पहले जॉर्ज के कंधे पर बैठकर उन्होंने समता पार्टी बनार्इ और जॉर्ज की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने हटा दिया। उन्हेंोने शरद यादव को धोखा दिया, भाजपा को पहली बार धोखा दिया, फिर जीतनराम, फिर रामविलास पासवान और फिर पीएम बनने की लालसा में भाजपा को धोखा देकर लालू के साथ चले गए।

अमित शाह ने आगे कहा कि, उनके बिहार आने से लालू नीतीश की जोड़ी के पेट में दर्द हो रहा हैं। कह रहे हैं कि झगड़ा लगाने आए हैं। मैं झगड़ा लगाने नहीं आया। नीतीश तो लालू के साथ मिल गए किंतु हम तो विकास और सेवा की राजनीति के पक्षधर हैं।

आपको बता दें, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। आज वब किशनगंज में पार्टी विधायकों, सांसदों के साथ बैठक करने और उसके बाद पार्टी की बिहार इकाई की कोर कमेटी की बैठक में भी वह शामिल होंगे। बिहार में सरकार से बाहर होने के बाद भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता का ये पहला बिहार दौरा हैं।

सेंसेक्स 772 अंक लुढ़ककर 58334, जबकि निफ्टी 230 अंक लुढ़ककर 17400 पर

बड़े नुकसान के साथ भारत में शुक्रवार को सेंसेक्स 772 अंक लुढ़ककर 58334 के स्तर के करीब पहुंच गया है जबकि निफ्टी भी 230 अंक लुढ़ककर 17400 के स्तर पर है। बैंक निफ्टी में भी बड़ी गिराबट दिखी है और वह 1000.35 अंक नीचे जाने के बाद 39594 के स्तर पर है।

बाजार में गिरावट का कारण विदेशी बाजारों में आई बिकवाली है। मुख्य एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजार नुकसान पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे। फेडरल रिजर्व की सख्ती के बाद निवेशकों को आशंका है कि अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आ सकती है इसलिए बिकवाली जारी है।

सेंसेक्स आज सुबह पिछले बंद स्तर 59120 के मुकाबले 100 अंक से ज्यादा के नुकसान के साथ 59,005.18 पर खुला था। कारोबार के दौरान इंडेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 58,406.43 के स्तर तक आ गया। फिलहाल सेंसेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी में भी गिरावट है।

देखें तो बाजार में शुक्रवार को आईटी फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टर इंडेक्स में गिरावट है। बैंकिंग, मीडिया सेक्टर इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट है जबकि ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में एक प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान देखने को मिल रहा है।

निफ्टी में शामिल तीन चौथाई स्टॉक नुकसान में कारोबार कर रहे हैं। पावर ग्रिड 4 प्रतिशत टूटा है, एमएंडएम, इंडसइंड बैंक 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरे हैं वहीं मर्जर की खबरों के बाद टाटा स्टील में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी है।

एनआईए की कार्रवाई के विरोध में पीएफआई के राज्य में बंद पर केरल हाईकोर्ट ने लगायी फटकार

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेताओं के खिलाफ राज्य में छापेमारी और 100 से अधिक शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बंद के आह्वान पर संज्ञान लेते हुए केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य में बिना अनुमति के कोई भी बंद या हड़ताल का आह्वान नहीं कर सकता।

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे अपने आदेश के खिलाफ उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगा। और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अस्वीकार्य है। साथ ही हाईकोर्ट ने 7 जनवरी 2019 के आदेश में कहा था कि कोई भी 7 दिनों पहले दी गई सूचना के बिना राज्य में बंद का आह्वान नहीं कर सकता।

आपको बता दें, पीएफआई देशभर में अपने कार्यकर्ताओं पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और ईडी के छापे और गिरफ्तारियों के विरोध में केरल में बंद बुलाया है साथ ही इस दौरान कई जगहों पर हिंसा की भी खबरें सामने आर्इ हैं।

एसएफआई कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कोच्चि में राज्य परिवहन की बस पर कुछ लोगों ने हमला कर तोड़फोड़ की हैं।

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

सर्वोच्च न्यायालय जम्मू कश्मीर में धारा 370 को निरस्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। यह सुनवाई अक्टूबर में हो सकती है। केंद्र के धारा 370 हटाने और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के खिलाफ काफी याचिकाएं सर्वोच्च अदालत में लंबित हैं। इस मामले को पांच जजों की संविधान पीठ को भेजा गया था, लेकिन कोविड के चलते मार्च 2020 के बाद इनपर वर्चुअल सुनवाई हुई थी।

अब इस मामले से जुड़े एक वकील ने शुक्रवार प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित की पीठ के समक्ष धारा 370 मामले की जल्द सुनवाई की मांग की। वकील ने इसे महत्वपूर्ण मामला बताया जिसपर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वो जरूर मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे और दशहरे की छुट्टियों के बाद इसपर सुनवाई करेंगे।

अगस्त 2019 में जब केंद्र सरकार ने एक क़ानून के जरिये जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर उसका विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म कर वहां दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए थे, तो उसके खिलाफ दायर याचिकाओं पर करीब चार महीने बाद दिसंबर 2019 में पांच न्यायाधीशों के पीठ के समक्ष अनुच्छेद 370 के मामलों की सुनवाई शुरू हुई थी।

इस मामले में प्रारंभिक मुद्दा उठा कि क्या 7 न्यायाधीशों की पीठ को मामले को भेजा जाना चाहिए क्योंकि पांच जजों के दो पीठों की राय में मतभेद था। इसके बाद 2 मार्च, 2020 के एक फैसले में, संविधान पीठ ने माना कि अनुच्छेद 370 के तहत जारी राष्ट्रपति के आदेशों को चुनौती देने के मामले को एक बड़ी पीठ को संदर्भित करने की कोई जरूरत नहीं है।

हालांकि, इन याचिकाओं पर 2 मार्च, 2020 के बाद से सुनवाई नहीं हो पाई और कोरोना के चलते अदालत में वर्चुअल सुनवाई शुरू हुई। अब कोर्ट इससे जुड़ी याचिकाओं को ठन्डे बस्ते से बाहर निकालने को राजी हो गया है। पांच जजों की संविधान पीठ के समक्ष याचिकाएं लंबित हैं। याचिकाओं में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 (ए) को निरस्त करने को चुनौती दी गई है, जिसने 5 अगस्त, 2019 को राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर दिया गया था।

डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार दूसरे दिन फिसलकर 81.23 पर पहुंचा

लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 81 के पार चला गया है। शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को रुपया 44 पैसे की गिरावट के साथ पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 81 के स्तर से पार चला गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया आज 81.08 पर खुला और फिर फिसलकर 81.23 पर आ गया।

गुरुवार को रुपया 83 पैसे टूटकर 80.79 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बीच निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड के दरों में बढ़ोतरी करने और यूक्रेन में भू राजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से निवेशक जोखिम उठाने से बच रहे हैं। विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती, घरेलू शेयर बाजार में गिरावट भी रुपये को प्रभावित कर रहे हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 81.08 पर खुला, फिर और फिसलकर 81.23 पर आ गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 44 पैसे की गिरावट दर्शाता है। फेडरल रिजर्व ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दर 0.75 फीसदी बढ़ाई है, वहीं बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी पिछले कल अपनी प्रधान ब्याज दर बढ़ाकर 2.25 फीसदी कर दी। स्विस नेशनल बैंक ने भी ब्याज दर 0.75 फीसदी बढ़ाई है।

उधर छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 फीसदी चढ़कर 111.41 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.57 फीसदी गिरकर 89.94 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 2,509.55 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ही यह असर है कि आरएसएस को इमाम याद आए : कांग्रेस

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लगातार इमामों से मुलाकात करने पर कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि यह पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ही असर है कि आरएसएस प्रमुख मुस्लिम समुदाय और इमाम याद आ गए। कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि भागवत को हाथ में तिरंगा लेकर राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होना चाहिए।

वल्लभ ने मीडिया के लोगों से कहा कि हम भागवत जी आग्रह करेंगे कि आप पर भारत जोड़ो यात्रा के माहौल से इतना प्रभाव पड़ा है तो एक घंटे के लिए इस यात्रा में शामिल हो जाइए। राहुल गांधी जी के नेतृत्व में चलिए और हाथ में तिरंगा लेकर चलिए। आपने 52 साल तक तिरंगा नहीं थामा, लिहाजा अब पकड़िए और भारत को जोड़िए।’

याद रहे आरएसएस प्रमुख ने मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बढ़ाने के लिए गुरुवार को एक मस्जिद और मदरसे का दौरा किया और ऑल इडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख के साथ चर्चा की। इमाम संगठन के प्रमुख ने दोनों की मुलाकात के बाद भागवत को ‘राष्ट्रपिता’ कहा। आरएसएस के ‘सरसंघचालक’ मध्य दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित एक मस्जिद में गए और उसके बाद उन्होंने उत्तरी दिल्ली के आजादपुर में मदरसा तजावीदुल कुरान का दौरा भी किया।

पीएफआई के खिलाफ एनआईए की कार्रवाई पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जो भी संस्था या संगठन भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है, भारत को तोड़ने की कोशिश करे उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सवाल यह है कि आठ साल से पीएफआई को प्रतिबंधित करने के लिए पहल क्यों नहीं की गयी ?

विपक्षी एकजुटता की कोशिशें तेज, नीतीश कल लालू यादव के साथ सोनिया से मिलेंगे

भाजपा से बाहर आते ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन को लेकर काफी सक्रिय हो गए हैं। दस दिन के भीतर वे कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात करने जा रहे हैं। पहले वे राहुल गांधी से मिले थे जबकि अब वे आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के साथ रविवार शाम पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने जा रहे हैं। नीतीश जोर दे रहे हैं कि विपक्ष का गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व में बने और सभी विपक्षी दल साथ आएं।

जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार ने सोनिया गांधी से मुलाकात के लिए उन्हें फोन किया था। अब कल उनकी मुलाकात होने जा रही है जिसमें विपक्ष को एकजुट करने के लिए रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव भी उनके साथ रहेंगे। भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी से भी कुछ समय के लिए दिल्ली आने का आग्रह किया गया था लेकिन वे यात्रा के बीच में दिल्ली आने के हक़ में नहीं थे, लिहाजा बैठक में शामिल नहीं होंगे।

दक्षिण में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो पदयात्रा अब तक जहां जहां गयी है, वहां उसे काफी समर्थन मिला है। कांग्रेस ही नहीं विपक्ष में भी इससे उत्साह बना है। वैसे सोनिया गांधी के साथ नीतीश कुमार 2015 के बाद अब मिल रहे हैं लिहाजा इस बैठक का काफी महत्व है।

स्वास्थ्य लाभ कर रहे लालू यादव भी सोनिया से काफी समय बाद मिलेंगे। राहुल गांधी जरूर उनका हाल जानने के लिए कुछ समय पहले अस्पताल में उनसे मिले थे। नीतीश और लालू यादव सोनिया से मुलाकात में उनकी माता के निधन पर संवेदना भी व्यक्त करेंगे, जिनका हाल में इटली में निधन हो गया था।

मालूम पड़ा है कि नीतीश कुमार 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्ष के गठबंधन को अंतिम रूप देना चाहते हैं ताकि बीच में पड़ने वाले विधानसभा चुनावों में साथ जाकर इसका प्रभाव आंका जा सके। वृहद विपक्षी गठबंधन बनाने के यह कवायद तब हो रही जब कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा निकाल रही है और उसके अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

अभी यह मालुम नहीं है कि नीतीश क्या बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी से इस सिलसिले में मिलेंगे। ममता हाल तक विपक्ष की एकता की बातें करती रही हैं। लेकिन पिछले दो महीने से उन्होंने इस दिशा में कुछ सक्रियता नहीं दिखाई है। हाल में उन्होंने आरएसएस और पीएम की तारीफ़ की थी जिसके बाद उन्हें लेकर राजनीतिक हलकों में कयास भी लगते रहे हैं।

नीतेश ने कुछ हफ्ते पहले भी दिल्ली की यात्रा की थी और तमाम बड़े विपक्षी नेताओं राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरद पवार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मुलायम यादव, सीपीएम के सीताराम येचुरी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आदि से मिले थे। अब सोनिया गांधी से उनकी मुलाकात पर विपक्ष सहित भाजपा की भी नजर है।

गहलोत के सीएम बने रहने के दावे के बीच राहुल का एक व्यक्ति एक पद को समर्थन

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जिन्हें कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव का एक उम्मीदवार माना जा रहा है, के यह दावा करने कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए भले नामांकन करें, राज्य के मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, के दो दिन बाद पार्टी नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पार्टी के ‘एक व्यक्ति एक पद’ सिद्धांत का समर्थन किया है।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर निकले राहुल गांधी ने गुरुवार को केरल में मीडिया के लोगों से बातचीत में कहा – ‘हमने उदयपुर में एक कमिटमेंट की है। मुझे उम्मीद है कि इसे बनाए रखा जाएगा। कांग्रेस का अध्यक्ष पद वैचारिक पद है। भारत का दृष्टिकोण सामने लाता है। अध्यक्ष पद पर मेरी स्थिति स्पष्ट है।’

राहुल गांधी के इस बयान के बाद अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की स्थिति में उनके राजस्थान के सीएम बने रहने पर सवालिया निशान लग गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि शायद गहलोत को दोहरी भूमिका का अवसर न मिले।

बता दें गहलोत को गांधी परिवार का बेहद नजदीकी माना जाता है। यह आम राय है कि गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहने चाहते हैं। या फिर वे अपने करीबी विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। लेकिन ज्यादा चर्चा यह है कि गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बने तो पार्टी सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के हक़ में है।

राहुल, जिन्हें अब तक कई राज्यों की कांग्रेस कमेटियां अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव केंद्रीय आलाकमान को भेज चुकी हैं, ने भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा कि इसका लक्ष्य नफरत और हिंसा कम करना है। उन्होंने कहा देश में गरीबी-अमीरी की खाई बहुत बढ़ गयी है। उनके मुताबिक हिंसा और सांप्रदायिकता पर पार्टी की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हिजाब मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा

सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने गुरुवार को कर्नाटक हिजाब मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है। सर्वोच्च अदालत तय करेगी कि कर्नाटक के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर रोक का आदेश सही है या नहीं।

इस मामले में दायर याचिका पर दस दिन चली सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने हिजाब विवाद पर सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा। पीठ ने कहा कि अब भी जिनको लिखित दलीलें देनी हों, वे दे सकते हैं। चूंकि न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता रिटायर हो रहे हैं, इसलिए उम्मीद है कि हिजाब बैन पर फैसला उससे पहले आ जाए।

याद रहे कर्नाटक सरकार ने पिछले कल ही उच्चतम न्यायालय को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने हिजाब प्रतिबंध विवाद में किसी भी धार्मिक पहलू को नहीं छुआ है और यह प्रतिबंध केवल कक्षा तक सीमित है। राज्य सरकार ने कहा कि यहां तक कि कक्षा के बाहर स्कूल परिसरों में भी हिजाब पर प्रतिबंध नहीं है।

राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने जोर देकर कहा कि राज्य ने केवल यह कहा है कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों के लिए वर्दी निर्धारित कर सकते हैं, जिसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सुनवाई के दौरान कर्नाटक के महाधिवक्ता प्रभुलिंग के नवदगी ने पीठ को बताया कि फ्रांस जैसे देशों ने हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया है और वहां की महिलाएं इससे कम इस्लामी नहीं हो गई हैं।

‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर केंद्र को घेरेंगे पंजाब में आप विधायक, आज करेंगे शांति मार्च

पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विशेष सत्र बुलाने की फैसला रद्द करने के बाद आज पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) के सभी 92 विधायक आज विधानसभा से राजभवन तक मार्च करेंगे। आप विधायकों का राजभवन की ओर शांति मार्च सुबह 11 बजे शुरू होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार आज ‘ऑपरेशन लोटस’ के विरोध में शांति मार्च करेगी। यह मार्च विधानसभा से लेकर राजभवन तक मार्च करेंगे। मान सरकार ने गुरुवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विश्वास प्रस्ताव हासिल करे की तैयारी की थी किंतु राज्यपाल ने पहले इस सत्र के लिए मंजूरी दे दी, फिर बाद में बुधवार को उसे वापस ले लिया।

राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा कि, “राज्यपाल द्वारा विधानसभा ना चलने देना देश के लोकतंत्र पर ब़ड़े सवाल पैदा करता है अब लोकतंत्र को करोड़ों लोगों द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि चलाएंगे या केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया हुआ एक व्यक्ति.. एक तरफ भीमराव जी का संविधान और दूसरी तरफ ऑपरेशन लोटस…जनता सब देख रही हैं…”

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, “राज्यपाल कैबिनेट द्वारा बुलाए सत्र को कैसे मना कर सकते हैं? फिर तो जनतंत्र खत्म है। दो दिन पहले राज्यपाल ने सत्र की इजाज़त दी। जब ऑपरेशन लोटस फेल होता लगा और संख्या पूरी नहीं हुई तो ऊपर से फोन आया कि इजाजत वापिस ले लो, आज देश में एक तरफ संविधान है और दूसरी तरफ ऑपरेशन लोटस।“

आपको बता दें, पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में आप के पास भारी बहुमत हैं। विधानसभा में आप के 92, कांग्रेस के 18, शिअद के तीन, भाजपा के दो, बसपा का एक सदस्य और निर्दलीय का एक सदस्य हैं।

आप पार्टी ने हाल ही में दावा किया था कि भाजपा ने उसकी राज्य में छह महीने पुरानी सरकार को गिराने के लिए ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया जिसमें उन्होंने 10 विधायकों से संपर्क कर उन्हें 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।