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चंडीगढ़-शिमला राजमार्ग पर जाम

चंडीगढ़-शिमला हाईवे दुर्घटना के कारण सुबह तीन बजे से जाम लगा हुआ हैै। दोनों तरफ यातायात रूका हुआ है। इस जाम में सैंकडों यात्री और दैनिक यात्री फसे हुए हैं। यह कहना उचित है कि इस सड़क पर चार लेन बनाने का जो काम चल रहा है उसने  इन पहाड़ियों को कमज़ोर कर दिया है,  इनसे मिट्टी और पत्थर गिर रहे हैं। लगातार रूक-रूक कर होने वाली बारिश के कारण प्रशासन को रास्ता साफ करने में  मुश्किल हो रही है।

कश्मीर के गुरेज़ में मुठभेड़ : ४ जवान शहीद

विलम्ब से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में सोमवार की रात घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान ४ जवान शहीद हो गए हैं। इस मुठभेड़ में हालांकि सुरक्षा बालों ने चार आतंकवादियों को भी ठिकाने लगा दिया। सूचना के मुताबिक गोलीबारी के बाद कुछ और आतंकवादी सीमा के दूसरी तरफ वापस भाग गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार देर रात गुरेज इलाके में सेना ने घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन कासो चलाया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में सेना के चार जवान शहीद हो गये जबकि सुरक्षाबलों ने चार आतंकवादियों को भी ढेर कर दिया। सेना में सूत्रों के अनुसार सेना की 36 आरआर और 9 गरनेडियर ने मिलकर नियंत्रण रेखा ( एलओसी) के नाने सेक्टर और बकतूर में सर्च अभियान शुरू किया।

इस दौरान आतंकियों की घुसपैंठ को रोकने के लिए की गई गोलीबारी में चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। उनके शव एलओसी पर पड़े हैं। हालांकि इस मुठभेड़ में सेना के चार जवान भी शहीद हो गये हैं। बांडीपोरा के पुलिस प्रमुख शेचा जुलफिकार के मुताबिक उनकी रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्र में आतंकी छिपे हुए थे। उनके मुताबिक गोलीबारी हुई है और मौके पर पुलिस की टीम को भेजा गया है। उधर उपायुक्त चौधरी शाहिद ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम की उल्लंघन की घटना है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी का इन्तजार है।

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों ने ली शपथ

वरिष्ठता के मसले पर विवाद के बीच मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों को शपथ दिलाई गयी। सबसे पहले जस्टिस इंदिरा बनर्जी और उनके बाद जस्टिस विनीत सरन को शपथ दिलाई गई जबकि अब तक उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ को तीसरे नंबर सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ दिलाई गई। जस्टिस जोसेफ के चीफ जस्टिस बनने की संभावना अब कम हो गई है क्योंकि उनकी नियुक्ति जनवरी में की जानी थी लेकिन देर से की गई।

गौरतलब है कि पिछले काफी समय से इस बात पर गंभीर मतभेद चल रहे थे कि जजों को किस क्रम में शपथ दिलाई जाए। जस्टिस जोसेफ को सबसे पहले शपथ दिलाने और वरिष्ठता के मसले पर सोमवार को कुछ वरिष्ठ जजों ने मुख्या न्यायाधीश दीपक मिश्रा से भेंट की थी।

इन जजों का कहना था कि केंद्र ने प्रमोशन में जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता कम की। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश ने इन जजों को भरोसा दिलाया था कि वरिष्ठता में दूसरे नंबर के जज जस्टिस रंजन गोगोई से इस मुद्दे पर बात करेंगे हालांकि जस्टिस जोसेफ को तीसरे नंबर पर ही शपथ दिलाई गयी जिससे वे वरिष्ठता में अन्य दोनों से कनिष्ठ हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों का मानना है कि इससे जस्टिस जोसेफ के भविष्य में मुख्य न्यायाधीश बनने में बाधा आ सकती है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के सर्कुलर में कहा गया था कि जस्टिस जोसेफ को तीन जजों में सबसे आखिर में शपथ दिलाई जाएगी। अभी तक कहा गया है कि ये फैसला सरकार का है और इसे जजों की नियुक्ति को नोटिफाई करने के बाद लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज इसे जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में दखल मान रहे हैं।

जहाँ तक वरिष्ठता की बात है परंपरा के मुताबिक यह इस आधार पर तय होती है कि जज की नियुक्ति कब हुई है। अगर कोई दो जज एक ही दिन नियुक्त हुए हैं तो उनकी नियुक्ति का क्रम उनकी वरिष्ठता तय करेगा। दो जज अगर एक ही दिन नियुक्त हुए तो अधिक दिन हाई कोर्ट का जज वरिष्ठ माना जाएगा।

जस्टिस बनर्जी और जस्टिस सरन जस्टिस जोसफ की तुलना में ज्यादा दिन तक हाई कोर्ट के जज रहे हैं हालांकि जस्टिस जोसेफ के नाम की सिफारिश कॉलेजियम ने 10 जनवरी, 2018 को की थी। अन्य दो जजों की सिफारिश कॉलेजियम ने 16 जुलाई को की थी। इस लिहाज से देखा जाये तो जोसेफ वरिष्ठ हो जाते हैं।

विदेशी नागिरकों को नहीं मिलेगा जीएसटी रिफंड

भारत आने वाले विदेशी नागिरकों को यहां से वस्तुओं की खरीद और उसे अपने साथ ले जाने पर उन्हें शायद ही जीएसटी रिफंड प्रदान करे।

वित्त मंत्रालय ने ये भी कहा है कि सरकार ने एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) कानून के संबंधित प्रावधानों को लागू नहीं किया है।

ये जानकारी सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में दी गई है ।

आवेदन में विदेशी नागरिक के भारत में खरीदे गये सामान पर जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया के बारे में ब्योरा मांगा गया था।

कुछ पश्चिमी देश विदेशी नागरिकों द्वारा खरीदे गये सामान पर कुछ करों की वापसी करते हैं।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने पीटीआई- भाषा को बताया है कि, ‘‘आईजीएसटी की धारा 15 को अभी लागू नहीं किया गया है। इसीलिए विभाग के पास इस बारे में कोई सूचना नहीं है।’’

संबंधित धारा के अनुसार एक विदेशी नागरिक के भारत में खरीदे गये सामान और उसे अपने साथ ले जाने पर भुगतान किये गये एकीकृत कर को ‘रिफंड’ किया जाएगा। इसे निर्धारित उपायों एवं शर्तों के तहत ‘रिफंड’ किया जाएगा।

इंटरनेट की तेज़ गति करती है नींद को प्रभावित

क्या आप जानते हैं कि इंटरनेट की तेज़ गति आपकी नींद को प्रभावित करती है? एक शोध के मुताबिक़ जो लोग डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन (डीएसएल) का प्रयोग करते हैं वह डीएसएल इंटरनेट नहीं इस्तेमाल करने वालों की तुलना में 25 मिनट कम नींद ले पाते हैं।

इटली के बोकोनी यूनिवर्सिटी और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के शोधकर्ताओं ने बताया कि तेज गति के इंटरनेट के प्रयोग से उन लोगों में नींद की अवधि और नींद पूरी होने की संतुष्टि घटती है जो सुबह में काम या पारिवारिक कारणों के लिए समय नहीं निकाल पाते।

बोकोनी यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक फ्रांसेस्को बिल्लारी ने कहा, “डीएसएल इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोग बिना डीएसएल के इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के मुकाबले 25 मिनट कम सोते हैं।”

बता दें कि डीएसएल एक ऐसी तकनीक है जो साधारण तांबे की टेलीफोन तारों की बजाए ज्यादा बैंडविथ के इंटरनेट को घरों और छोटे कारोबारों तक पहुंचाता है।

बिल्लारी ने कहा, “ऐसे लोग सात से नौ घंटे की नींद नहीं ले पाते और वह अपनी नींद से संतुष्ट भी नहीं हो पाते।”

वैज्ञानिक सात से नौ घंटे की नींद लेने को जरूरी बताते हैं। यह शोध ‘जर्नल ऑफ इकोनॉमिक बिहेवियर एंड ऑर्गनाइजेशन’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

करूणानिधि की हालत बेहद नाजुक और अस्थिर

काफी दिन से चेन्नेई के कावेरी अस्पताल में भर्ती द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि की हालत बेहद नाजुक और अस्थिर बताई गयी है। वह पिछले 11 दिन से इस अस्पताल में भर्ती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य भर में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है जिससे संकेत मिलते हैं हैं कि बुजुर्ग नेता करुणानिधि की हालत अच्छी नहीं है। अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन में भी करुणानिधि की सेहत को लेकर कहा गया है कि पिछले कुछ घंटों में इसमें तेजी से गिराबट आई है। बड़ी संख्या में करुणानिधि के समर्थक कावेरी अस्पताल और उनके आवास के बाहर जमा हो गए हैं और वे अपने प्रिय नेता के लिए दुआ कर रहे हैं। करुणानिधि के परिवार के तमाम सदस्य जिनमें स्टालिन भी शामिल हैं, इस समय अस्पताल में मौजूद हैं।
इस से पहले सोमवार शाम कावेरी अस्पताल की ओर से जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया था कि

कारयणानिधी की तबीयत बहुत नाजुक है और अगले 24 घंटे उनके लिए बहुत अहम हैं। करुणानिधि 29 जुलाई से चेन्नई के कावेरी अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। इस दौरान देश के कई बड़े नेता जिनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा शामिल हैं, उन्हें देखने अस्पताल जा चुके हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आज रात चेन्नई पहुँच रही हैं।
कावेरी अस्पताल के बयान में कहा गया है कि करुणानिधि की उम्र के हिसाब से उनके शरीर के सभी अंग काम नहीं कर रहे हैं। डॉक्टर उन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और एक्टिव मेडिकल सपोर्ट दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि तीन जून को करुणानिधि ने अपना 94वां जन्मदिन मनाया था। करीब ५० साल पहले 26 जुलाई को उन्होंने डीएमके की कमान अपने हाथ में ली थी। लंबे समय तक करुणानिधि के नाम हर चुनाव में अपनी सीट न हारने का रेकार्ड भी रहा है।

वे पांच बार सीएम और 12 बार विधानसभा सदस्य रहे हैं। अभी तक वह जिस भी सीट पर चुनाव लड़े हैं, उन्होंने हमेशा जीत दर्ज की। करुणानिधि ने 1969 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था और इसके बाद 2003 में आखिरी बार मुख्यमंत्री चुने गए थे।

अनुच्छेद ३५ए पर सुनवाई अब २७ अगस्त को

जम्मू और कश्मीर में धारा 35ए को लेकर चल रहे समर्थक और विरोधी प्रदर्शनों के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुडी सुनवाई २७ अगस्त तक के लिए टल गयी। गोरतलब है कि सूबे को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा ३५ए को रद्द करने संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट में है जिसपर आज सुनवाई होनी थी।

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पीठ के तीन न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ के उपस्थित न होने के कारण धारा ३५ ए पर सुनवाई स्थगित की गयी है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि तीन सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है कि क्या अनुच्छेद 35ए के मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेजा जाए। हम केवल यह देखेंगे कि क्या अनुच्छेद 35ए संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ जाता है?

आजकल इस अनुच्छेद को ख़त्म करने के खिलाफ कश्मीर में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं जबकि जम्मू संभाग में लोगों की राय इसे ख़त्म कर देने के पक्ष में है और वे इसे ख़त्म करने के हक़ में प्रदर्शन कर रहे हैं। कश्मीर की मुख्या धारा की बड़ी पार्टियां नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी

(पीडीपी) के अलावा राष्ट्रीय दल माकपा और कांग्रेस की प्रांतीय इकाईयां, अन्य राजनितिक दलों के अलावा अलगाववादी संगठन भी अनुच्छेद 35-ए को बनाये रखने पर जोर दे रहे हैं।

धारा ३५ ए में प्रावधान है कि सूबे से बाहर के लोग जम्मू कश्मीर में अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते। घाटी के अलगाववादी संगठनों के बंद के आह्वान के कारण सोमवार को भी वहां जान जीवन ठप्प रहा। बंद के कारण घाटी भर में आम दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सड़कों पर वाहन भी काम ही दिख रहे हैं।

बंद को देखते हुए घाटी में ट्रेन सेवा आज तक के लिए निलंबित कर दी गयी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा किसी भी आशंका से बचाने के लिए किया गया है। उधर सूबे के एक प्रशासनिक अधिकारी शाह फैसल ने रविवार को अमेरिका में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 35 ए को रद्द करने से बाकी देश से जम्मू कश्मीर का नाता खत्म हो जाएगा। शाह के ब्यान को कुछ तबकों ने विवादित बताया है जबकि कुछ ने इसका समर्थन किया है। गौरतलब है कि २०१० बैच के अधिकारी शाह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर रहे हैं। फैसल ने कहा कि ”इसके बाद (धारा ३५ए) को ख़त्म कर देने से चर्चा के लिए कुछ भी नहीं बचेगा। ”जम्मू कश्मीर के संबंध में विशेष संवैधानिक प्रावधान से देश की संप्रभुता और अखंडता को कोई खतरा नहीं है। राज्य के लिए कुछ विशेष प्रावधान हैं जिनसे यह देश की अखंडता को कोई खतरा नहीं है।”

अब देवरिया के शेल्टर होम में मासूमों से बहशियाना काण्ड

अभी बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में मासूमों के साथ बहशियाना काण्ड की स्याही सूखी भी नहीं है कि उत्तर प्रदेश के देवरिया से वैसे ही शर्मनाक मामले की जानकारी मिली है। देवरिया के एक बालिका गृह – मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण और सामाजिक सेवा संस्थान – में भी लड़कियों के शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है। यह मामला तब सामने आया जब रविवार शाम संरक्षण गृह से भागी एक लड़की ने पुलिस को इस भयावह जुल्म की जानकारी दी।

इसके तुरंत बाद पुलिस में हड़कंप मच गया और आनन-फानन पुलिस ने रात को ही संरक्षण गृह पर छापा मार कर वहां रह रही ४२ में से २४ लड़कियों को मुक्त करा लिया। हालांकि इस शेल्टर होम से अभी भी १८ लड़कियां गायब बताई गईं हैं। पुलिस ने इस मामले में होम की संचालिका और उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गायब लड़कियों की तलाश में जुट गयी है।

इस मामले में उत्तर प्रदेश की महिला और बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि पिछले साल सीबीआई के इंस्पेक्शन के बाद यह पाया गया था कि देवरिया का शेल्टर होम अवैध तरीके से चल रहा है। लड़कियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने और इसे बंद करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। शेल्टर होम में कई अवैध गतिविधियां चल रही थीं। पहली अगस्त को एफआईआर दर्ज करवाई गई है। शेल्टर होम में पंजीकृत बच्चियों का सही रेकार्ड भी नहीं है। ”मामले की जांच चल रही है।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला थाने पहुंच कर लड़की ने अपनी आपबीती सुनाई जिसके बाद महिला थाना के एसओ ने तत्काल एसपी को इसकी सूचना दी। एसपी रोहन पी कनय हरकत में आए और पुलिस फोर्स भेजकर मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण और सामाजिक सेवा संस्थान पर छापेमारी करवाई। इस बालिका संरक्षण गृह एनजीओ की सूची में 42 लड़कियों के नाम दर्ज हैं। अनियमितताओं के कारण इस एनजीओ के मान्यता जून, २०१७ में ख़त्म कर दी गई थी।

सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को अनियमितताओं में चिह्नित कर रखा है। संचालिका हाईकोर्ट से स्थगनादेश लेकर इसे चला रही है।

उधर एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि बिहार के बेतिया जिले की 10 साल की बच्ची रविवार देर शाम किसी तरह संरक्षण गृह से निकलकर महिला थाने पहुंची। उसने जानकारी दी वहां शाम चार बजे के बाद रोजाना कई लोग काले और सफेद रंग की कारों से आते थे और ”मैडम” के साथ लड़कियों को लेकर जाते थे। वे देर रात रोते हुए लौटती थीं और उस समय उनकी स्थिति अच्छी नहीं होती थी। आरोप के मुताबिक संरक्षण गृह में भी गलत काम होता है। लड़की ने बताया कि उन लोगों से झाड़ू पोछा भी करवाया जाता था।

संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन और बेटे को पकड़ लिया गया है। पूछताछ में उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए हैं। उनके खिलाफ मानव तस्करी, देह व्यापार और बाल श्रम से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि एसपी देवरिया को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली काट सकती है जन सुनवाई में हिस्सा न लेने वाले अधिकारियों की सीएल

अब दिल्ली सरकार के उन अधिकारियों का आधे दिन का आकस्मिक अवकाश (सीएल) काटा जायेगा जो कामकाजी दिनों में जन सुनवाई बैठकों में हिस्सा नहीं लेते और अपनी अनुपस्थिति का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

पिछले साल मई में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे कामकाजी दिनों में अपने कार्यालयों में सुबह 10 से 11 बजे तक मुलाकात का समय लिये बिना लोगों से मिलें।

भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग ने विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे जन सुनवाई के समय में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

विभाग ने विभागाध्यक्षों को हाल में लिखे पत्र में कहा, ‘‘आपात स्थिति, फील्ड विजिट ड्यूटी की स्थिति में सुबह 10 से 11 बजे के बीच जन शिकायतों को सुनने के लिये एक लिंक अधिकारी उपस्थित रहना चाहिये।’’

पत्र में यह भी कहा गया है कि जन सुनवाई के समय में अनुपस्थिति के बारे में अधिकारियों का स्पष्टीकरण विशेष वैध कारणों से समर्थित होना चाहिये।

पत्र में कहा गया है, ‘‘अगर दोषपूर्ण अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो विभागाध्यक्ष आधे दिन का आकस्मिक अवकाश काट सकते हैं और उसकी जानकारी प्रशासनिक सुधार विभाग को दी जानी चाहिये ताकि सक्षम प्राधिकार उसे देख सकें।’’

पिछले साल केजरीवाल ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे कामकाजी दिनों में अपने कार्यालयों में बिना मुलाकात का समय लिये, लोगों से मिलें। इसके दायरे से फील्ड कर्मचारियों को बाहर रखा गया था।

स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी साजिश बेनकाब

स्वतंत्रता दिवस में बड़ी आतंकी साजिश पुलिस ने बेनकाब कर दी है। उसने सोमवार को जम्मू के गाँधी नगर में एक आतंकी को हथियारों और गोला बारूद के साथ पकड़ा है। यह आतंकी दिल्ली जाने की तैयारी में था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक गांधी नगर पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के अधिकारी पकडे गए आतंकी से पूछताछ कर रहे हैं। इस आतंकी की पहचान अरफान हुसैन वानी पुत्र गुलाम हुसैन वानी है और वो कश्मीर के अवंतीपोरा में डंगर गाँव का निवासी बताया गया है। उससे पूछताछ के दौरान पता चला है कि वो दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फिदायीन हमले की साजिश को अंजाम देने के इरादे से भारत आया था। उसने कबूल किया है कि वो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़ा है। वो जम्मू के गांधी नगर क्षेत्र में पुलिस के हाथ लगा। उसके पास बैग से चीन निर्मित आठ यूबीजीएल ग्रेनेड बरामद हुए हैं।

पता चला है कि यह आतंकी रविवार को पुलवामा से जम्मू पहुंचा और वहां से गांधीनगर आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक अरफान दिल्ली जाने वाली बस में सवार होने की तैयारी कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को उसकी भनक लग गई और वह पकड़ा गया। पकडे आतंकी से पूछताछ की जा रही है। अभी यह पता नहीं चला है कि क्या उसके और साथी भी जम्मू या किसी और जगह आये हैं।

अरफान से पूछताछ में यह साफ़ हो गया है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू या दिल्ली में सीरियल ब्लॉस्ट करने की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पकिस्तान से यहाँ भेजा गया था। उसने कबूल कबूल किया है कि उसे पाकिस्तान और कश्मीर में बैठे आतंकी नेताओं ने निर्देश दिए।

समझा जाता है कि अरफान हो सकता है कि पहले ही दिली या जामु में मौजूद अपने साथियों को गोला बारूद देने के लिए यहाँ आया हो।

खुफिया एजेंसियों ने पहले ही दिल्ली में 72वेें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आतंकी फिदायीन हमले के संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया हुआ है। इस अलर्ट के बाद दिल्ली एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए तमाम सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं। दिल्ली के लाल किले के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मेट्रो की सुरक्षा में लगी सीआइएसएफ को अत्याधिक सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किये गए हैं।