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मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर पीएमओ से माँगा गया जवाब

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को 2014 से 2017 के बीच केंद्रीय मंत्रियों के विरुद्ध मिली भ्रष्टाचार की शिकायतों और उन पर की गयी कार्रवाई का खुलासा करने का निर्देश दिया है।

भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मुख्य सूचना आयुक्त राधाकृष्ण माथुर ने भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की अर्जी पर फैसला करते हुए पीएमओ को नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान विदेश से लाये गये कालेधन के अनुपात एवं मूल्य के बारे में सूचना देने तथा इस संबंध में की गयी कोशिशों के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

सीआईसी के आदेश में पीएमओ को विदेश से लाये गये कालेधन से भारतीय नागरिकों के बैंक खातों में सरकार द्वारा जमा की गयी रकम के बारे में सूचना का खुलासा करने को कहा गया है।

रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय ने कालेधन के संबंध में चतुर्वेदी के प्रश्नों को ‘सूचना’ की परिभाषा के दायरे से बाहर बताया था। लेकिन सूचना आयुक्त ने यह दलील ठुकरा दी।

माथुर ने कहा, ‘‘प्रतिवादी (पीएमओ) ने आरटीआई आवेदन के प्रश्न क्रमांक चार (विदेश से लाया गया कालाधन) तथा प्रश्न क्रमांक पांच (विदेश से लाये गये कालेधन से भारतीय नागरिकों के बैंक खातों में डाली गयी धनराशि) पर अपने जवाब में यह बात गलत कही है कि आवेदक द्वारा किये गये अनुरोध आरटीआई कानून की धारा 2 (एफ) के तहत ‘सूचना’ की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते। ’’

अपने आरटीआई आवेदन में चतुर्वेदी ने भाजपा सरकार की ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’, ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट’ जैसी विभिन्न योजनाओं के बारे में भी सूचनाएं मांगी थी।

पीएमओ से संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर चतुर्वेदी ने आरटीआई मामलों पर सर्वोच्च अपीलीय निकाय केंद्रीय सूचना आयोग में अपील दायर की।

सुनवाई के दौरान चतुर्वेदी ने आयोग से कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ प्रधानमंत्री को सौंपी गयी शिकायतों की सत्यापित प्रतियों के संबंध में विशेष सूचना मांगी है जो उन्हें उपलब्ध करायी जानी चाहिए।

माथुर ने कहा, ‘‘आयोग का कहना है कि प्रतिवादी (पीएमओ) ने आरटीआई आवेदन के प्रश्न क्रमांक 1 बी (मंत्रियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार की शिकायतें) तथा प्रश्न क्रमांक 4,5,12 और 13 (एम्स में भ्रष्टाचार के संबंध में) पर अपीलकर्ता को सही और विशिष्ट जवाब/सूचना नहीं दी। ’’

आयोग ने पीएमओ को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और उसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की कथित भूमिका को लेकर चतुर्वेदी द्वारा लिखे गये पत्र पर की गयी कार्रवाई का खुलासा करने का भी निर्देश दिया।

चतुर्वेदी ने इससे पहले हरियाणा की पिछली कांग्रेस सरकार में कथित भ्रष्टाचार और वनरोपण घोटाला का मुद्दा उठाया था। इस घोटाले में राज्यभर में कथित रुप से फर्जी पौधारोपण किया गया था।

सीबीआई के दो बड़े अधिकारी आमने-सामने

केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) में दो वरिष्ठ अधिकारी गंभीर आरोपों के साथ एक-दूसरे के सामने डट गए हैं। सीबीआई ने अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ १५ अक्टूबर को रिश्वत लेने का मामला दर्ज़ किया है। अस्थाना ने पलटवार करते हुए सरकार को चिट्ठी लिखकर सीबीआई के मुखिया पर ही रिश्वत लेने का आरोप लगा दिया है। सीबीआई में राकेश अस्थाना निदेशक आलोक वर्मा के बाद दूसरे नंबर के अधिकारी हैं।

सुबह सीबीआई की तरफ से जानकारी मिली थी कि स्पैशल डायरैक्टर राकेश अस्थाना पर मांस के व्यापारी से दो करोड़ रुपए रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है। लेकिन अब अस्थाना ने अपने खिलाफ दायर एफआईआर दर्ज करने को गलत बताते हुए आरोप लगाया है कि  रिश्वत तो एजेंसी के मुखिया आलोक वर्मा ने ली है। इसके लिए अस्थाना ने बाकायदा सरकार को एक पत्र लिखा है।

सीबीआई ने राकेश अस्थाना को मांस व्यापारी के मामले में नामजद करते हुए 2 करोड़ की राशि के दलाल मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। ख़ास बात यह है कि इसमें रॉ के अधिकारी और पंजाब पुलिस आईपीएस कैडर के अधिकारी सामंत गोयल का नाम भी सामने आ रहा है हालांकि उन्हें aarop में नामित नहीं किया गया है।

गिरफ्तार किए आरोपी मनोज कुमार ने अपने बयान में कई राज खोले हैं और आरोप लगाया है कि अस्थाना और मांस व्यापारी हवाला के कारोबारी हैं। यह आरोप सामने आने के कुछ ही घंटे के भीतर अस्थाना ने  ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई चीफ ने मोइन कुरैशी के मामले में सतीश सना के खिलाफ चल रही जांच को असफल करने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत ली है। लेकिन जब सतीश सना को देश को छोडऩे से मना कर दिया तो उसे जांच के दायरे में लाया गया तो उनके खिलाफ साजिश रची गई।

गौरतलब है कि एजेंसी ने अस्थाना के निदेशक के खिलाफ आरोपों से इंकार कर दिया था और जोर देकर कहा था कि विशेष निदेशक पर खुद आधे दर्जन मामलों की जांच चल रही थी और वे उनकी भूमिका की जांच कर रहे अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रहे थे।

दीपिका-रणवीर विवाह १४ नवम्बर को

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे हसीन जोड़ियों में से एक दीपिका-रणवीर के चाहने वालों के लिए अच्छी खबर है। लम्बे इन्तजार के बाद आखिर दोनों के विवाह की तारीख तय हो गयी है जो १४-१५ नबम्बर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने शादी की जानकारी अपने फैंस को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रविवार को दी। लंबे अरसे से दोनों की शादी की खबरें आ रही थीं। अब आखिरकार दीपिका और रणवीर ने अपनी शादी की तारीख जगजाहिर कर दी है।

दोनों ने अपनी साझा पोस्ट में लिखा है – १४ और १५ नवंबर को हमारी शादी तय हुई है। इतने सालों में आपने हमें जो प्यार और स्नेह दिया है, उसके लिए हम आपके आभारी हैं और हमारे शुरू होने वाले प्रेम, दोस्ती और विश्वास के इस खूबसूरत सफर के लिए हम आपके आर्शीवाद की कामना करते हैं।  – बहुत सारा प्यार दीपिका और रणवीर ।” जाहिर है अब रणवीर और दीपिका १४ और १५ नवंबर को शादी के बंधन में बंध जाएंगे।

अभी शादी की जगह को लेकर भ्रम बना हुआ है। वैसे चर्चा यह रही है कि दोनों ने इटली में एक खूबसूरत जगह का चयन किया है। जानकारी के मुताबिक शादी इटली में हिंदू रीति-रिवाज से होगी और यह समारोह चार दिन का होगा। विवाह में परिवारजन और बेहद करीबी ही शामिल होंगे। विवाह के बाद दोनों भारत आकर मुंबई और बेंगलुरु में रिसेप्शन का कार्यक्रम करेंगे।

अफगानिस्तान में ११ लोगों की धमाके में मौत

अफगानिस्तान में हिंसा का दौर जारी है। दो दिन पहले कुछ बड़े अधिकारियों की हत्या के बाद रविवार को देश के पूर्वी नंगरहार सूबे में सड़क किनारे बम विस्फोट में कम से कम ११ नागरिकों की जान चली गयी। अफगानिस्तान में संसदीय चुनाव चल रहे हैं और रविवार को इसका दूसरा दिन था।

सूबे के गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोग्यानी के मुताबिक रविवार को हुए धमाके में मारे गए लोगों में छह बच्चे शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान में संसदीय चुनावों के दूसरे दिन यह धमाका हुआ। शनिवार को हुए हमलों और तकनीकी खामियों के कारण चुनाव की अवधि बढ़ा दी गई थी। अभी किसी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

तालिबान और इस्लामिक स्टेट से जुड़ा एक संगठन नंगरहार में सक्रिय है। वाहन सड़क किनारे सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर किए गए बम धमाके में पिछले हफ़्तों में सैंकड़ों नागरिकों के जान गयी है। हिंसा और तकनीकी खामियों से घिरे संसदीय चुनाव के दूसरे दिन रविवार को सैकड़ों मतदान केंद्र खुले हालाँकि धमाके की घटना भी हो गयी।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को मतदान में काफी देरी हुई, लेकिन कई मतदान केंद्र देर रात तक मतदान के लिए खुले रखे गए। करीब ३० लाख लोगों ने आतंकवादी हमलों की धमकी को दरकिनार करते हुए वोट डाला।

अमृतसर में ट्रेन यातायात बहाल

अमृतसर हादसे की सूचना देने को लेकर गेटमैन और ट्रेन चालक के बयानों में विरोधाभास के बीच चालाक का रविवार को लिखित ब्यान आया है जिसमें उसने दावा किया है कि ट्रैक पर उसने भीड़ देख ली थी जिसे देखकर उसने ब्रेक लगाए थे लेकिन जैसे ही ट्रेन धीमी हुई लोगों ने उसपर पथराव शुरू कर दिया लिहाजा सवारियों की जान खतरे में न डालते हुए वह ट्रेन को आगे ले गया। इस बीच लोगों के विरोध प्रदर्शन के बीच अमृतसर लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गयी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमृतसर रेल हादसे में ट्रेन ड्राइवर अरविंद कुमार ने अपने लिखित बयान में कहा है कि ट्रेन के इमर्जेंसी ब्रेक उसने लगाए गए थे इसके बावजूद गाड़ी की चपेट में कुछ लोग आ गए। ”जब ट्रेन पूरी तरह से रुकने की स्थिति में पहुंच गई थी, तभी ट्रेन पर कुछ लोगों ने पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर मैंने फिर से ट्रेन चला दी”। उधर चालाक और गेटमैन के हादसे की सूचना देने को लेकर भी विरोधावास सामने आया है।  चालाक ने कहा था की उसने अधिकारीयों को सूचना दे दी थी लेकिन गेटमैन ने बयान दिया था की उसने अधिकारीयों को घटना की सूचना दी।

इस बीच ट्रेन हादसे के बाद से पटरियों पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को रविवार को हटा दिया गया।  पथराव कर रहे लोगों ने वहां ट्रैफिक रोका था। इस पथराव में कई पुलिस वाले घायल भी हुए हैं। बाद में ट्रेनों का परिचालन करीब ४० घंटे बंद रहने के बाद दोपहर बहाल कर दिया गया । रेलवे के एक प्रवक्ता के मुताबिक रेलवे को स्थानीय अधिकारियों से दोपहर १२.३० बजे ट्रेन सेवाएं बहाल करने की मंजूरी मिली। “पहले मालगाड़ी को दोपहर २.१६ पर मनावला से अमृतसर रवाना किया गया। मेल और एक्सप्रेस ट्रेन भी बहाल की जा रही हैं। गौरतलब है कि इस हादसे में ६१ लोगों की मौत हो गयी थी।

मुठभेड़ स्थल पर धमाके में ६ नागरिकों की मौत

जम्मू कश्मीर में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ के दौरान वहां एक बड़े धमाके में ६ नागरिकों की मौत हो गयी है। घाटी में 3 सैनिक भी शहीद हो गए हैं। हालाँकि मुठभेड़ में 5 आतंकवादी भी मारे गए हैं। इलाके में तनाव है। घटना के बाद इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है।

मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटे के कुलगाम जिले लारनू क्षेत्र में आतंकियों और सेना के बीच बीच मुठभेड़ के बाद वहां एक धमाका हो गया, जिसमें ६ नागरिकों की जान चली गई। कई लोग घायल भी हो गए हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से मुठभेड़ स्थल पर  पर न जाने की अपील की थी लेकिन कई लोग वहां जमा हो गए। अचानक वहां जोरदार धमाका हो गया जिसमें ६ लोगों की मौत हो गयी।

इस घटना से पहले सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सेना ने ५ आतंकियों को मार गिराया।  इस मुठभेड़ में सेना के दो जवान भी घायल हो गए हैं। मारे गए तीन आतंकियों में से २ पाकिस्तानी और अन्य को स्थानीय बताया गया है।  मुठभेड़ रविवार तड़के कुलगाम के लारनू में हुई।

सुरक्षा कर्मियों को एक घर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। सेना ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी और मुठभेड़ शुरू हो गई जिसमें ३ आतंकी मारे गए।

कुलगाम जिले में इंटरनेट सेवा भी आशिंक रूप से बंद कर दिया गया है। बाद में मुठभेड़स्थल पर हुए एक धमाके में ५ नागरिकों की मौत हो गई जबकि इतने ही गंभीर रूप से घायल बताये गए हैं। पुलिस के मना करने के बावजूद मुठभेड़स्थल पर लोग जमा हो गए और इस बीच दौरान विस्फोट हुआ जिसमें  6 नागरिकों की मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने तत्काल घायल लोगों को धमाके की जगह से निकाला जिसके बाद प्रशासन की मदद से इन्हें कुलगाम के स्थानीय अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इनमें से कुछ लोगों को हालत गंभीर होने पर श्रीनगर के अस्पताल में रेफर किया गया है। मुठभेड़ में मारे गए आतंकी जेईएम के बताये गए हैं।

अमेरिका में एच-1बी वीजा रखने वाले 75% लोग भारतीय हैं

अमेरिका में एच-1बी वीजा रखने वाले हर चार में से तीन व्यक्ति भारतीय नागरिक हैं। यह जानकारी अमेरिका की एक आधिकारिक रिपोर्ट में दी गयी है।

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की ‘एच-1बी पेटिशन्स बाई जेंडर एंड कंट्री ऑफ बर्थ फिस्कल ईयर 2018’ रिपोर्ट के हवाले से भाषा ने बताया कि अक्टूबर 5 तक अमेरिका में एच-1 बी वीजा रखने वालों की संख्या 4,19,637 थी। इनमें से 3,09,986 भारतीय मूल के नागरिक हैं।

रिपोर्ट के अनुसार एच-1 बी वीजा प्राप्त करने वाले भारतीयों में स्त्री-पुरूष असमानता बहुत अधिक है।

विशेष सुविधा वाला यह वीजा रखने वाले 3,09,986 भारतीयों में केवल 63,220 यानी 20 प्रतिशत महिलाएं हैं।

वहीं 2,45,517 यानी 79.2 प्रतिशत पुरूष हैं। एच-1बी वीजा रखने वाले 1,249 लोगों को लापता या अन्य की श्रेणी में रखा गया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, कुल एच-1बी वीजा का करीब 73.9 फीसदी भारतीयों के पास है।

रिपोर्ट के मुताबिक़ दुसरे नंबर पर चाइना है। चीन के लोगों के पास करीब 11.2 प्रतिशत एच-1बी वीजा हैं।

निकाय चुनाव में कांग्रेस का पलड़ा थोड़ा भारी

जम्मू कश्मीर के निकाय चुनाव में भाजपा ने कश्मीर घाटी में खाता खोलकर अपना परचम लहराया है हालांकि कुल मिलाकर कांग्रेस का पलड़ा इन चुनावों में भारी रहा है। कई जगह निर्दलीय भी बड़ी संख्या में जीते हैं। लद्दाख में तो भाजपा का सफाया हो गया जहाँ जनता ने कांग्रेस को दुबारा स्थानीय सत्ता की चाबी सौंप दी है। वहां भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में लोगों ने उसका साथ दिया था। नतीजों से जाहिर होता है कि तीनों खित्तों में कांग्रेस के स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले बहुत बेहतर हुई है।

घाटी में पीडीपी और नैशनल कांफ्रेंस के चुनाव वहिष्कार के बीच यह चुनाव हुए थे और घाटी में बहुत कम वोट पड़े थे। कश्मीर घाटी में भाजपा ने ९७ वार्डों में जीत हासिल की है जिसे बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है।

स्थानीय निकाय चुनावो में लद्दाख में कुल २६ वार्डों में से कांग्रेस ने लेह नगरपालिका समिति में सभी १३ सीटों पर जीत दर्ज हासिल की है। यही नहीं कांग्रेस ने साथ लगते करगिल जिले में भी पांच वार्डों में जीत दर्ज की है। लद्दाख लोकसभा सीट से भाजपा के थुपस्टन छेवांग सांसद हैं। संसदीय सीट के तहत चार विधानसभा क्षेत्रों में से तीन पर कांग्रेस जबकि एक पर निर्दलीय विधायक हैं।

हालाँकि जम्मू के अलावा कश्मीर के कुछ इलाको में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। ”तहलका” से फोन पर बातचीत में भाजपा की कश्मीर से नेता दरख्शां अंद्राबी ने कश्मीर के कुछ हिस्सों में भाजपा की जीत पर खुशी जताते हुए इसे बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा की कश्मीर में भाजपा को लेकर जो धारणा फैलाई जाती है वो आज गलत साबित हो गयी है। ” हमारे पीएम मोदी की नीतियों की  भी यह जीत है”।

जम्मू नगर निगम में भाजपा की जीत हुई है और उसका मेयर बनाना तय है। जम्‍मू नगर निगम के चुनावों में भाजपा को ४३ सीट मिली हैं जबकि कांग्रेस को १४ और निर्दलीयों को १८ वार्ड मिले हैं। जम्मू में कुल ७५ वार्ड हैं। अधिकांश सीटों पर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा में रहा है जबकि कहीं-कहीं निर्दलीय भी टक्कर देने में सफल रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गढ़ अनंतनाग में कांग्रेस ने २५ में २० सीटें जीत ली हैं। कांग्रेस ने कश्मीर के डूरु निकाय में बड़ी जीत दर्ज की और उसने वहां १७ में से १४ सीटों पर कब्ज़ा कर लिया है। वैंसे भाजपा यहाँ दो सीटें जीतने में सफल रही। कोकरनाग में ८ में से ६ और यारीपोरा में ६ में से ३ सीट कांग्रेस ने जीती हैं।

बनिहाल में सभी सीटों पर कांग्रेस ने झंडा फहराया है जबकि भद्रवाह भी कांग्रेस के पाले में गया। यह इलाका प[ूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद का गढ़ माना जाता है। गंदरबल में निर्दलीयों का दबदबा रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर के प्रभाव वाले डूरु के अलावा बांडीपोरा, हाजिन और बारामुला में भी कांग्रेस हावी रही है। कम मतदान वाले श्रीनगर में बाग़-इ-महताब वार्ड में भाजपा के बशीर अहमद ने जीत कर चौंका दिया जबकि उन्हें कुल पड़े ९ में से ८ वोट मिले।  वार्ड १६ में कांग्रेस की नाजिया ने जीत दर्ज की और उन्हें कुल पड़े ५६ वोटों में से ४८ वोट मिले।

जम्मू संभाग के कठुआ और हीरानगर में भाजपा ने कामयाबी पाई है कठुआ में रेप की घटना के बाद भाजपा की काफी फ़ज़ीहत हुई थी। कठुआ में ६ निकायों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। कुल ८० वार्ड में भाजपा को ३४, कांग्रेस को १९ जबकि निर्दलीयों को २७ सीटें मिलीं हैं। मुस्लिम बहुत किश्तवाड़ में कांग्रेस को २ और भाजपा को १ जगह जीत मिली हालाँकि वहां निर्दलीय १० सीटें जीतने में सफल रहे।

उधमपुर के इलाके में भीम सिंह की पार्टी पैंथर्स पार्टी को इन चुनावों में पुनर्जीवन मिला है। उसने कुछ सीटों पर जीत हासिल की है। प्रदेश भर के ७९ म्युनिसिपल कार्पोरेशन के लिए पड़े वोटों की गिनती आज हुई है।

गुवाहाटी हादसे में ७ की मौत

असम राज्य रिवहन निगम (एएसआरटीसी) की बस शनिवार को गुवाहाटी से मुकलमुआ के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गयी जिसमें सात लोगों की मौत की सूचना है। इस हादसे में १९ लोग घायल हुए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बस के तालाब में जा गिरी जिससे इसमें सवार लोगों में से ७ की मौत हो गई जबकि १९ लोग घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। गुवाहाटी के पास मुकालमुआ में बस अचानक अनियंत्रित हो गयी और तालाब में जा गिरी। हादसे की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। इसके बाद रेस्क्यू कर घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

मिली जानकारी के अनुसार बस चालाक ने बस पर अपना नियंत्रण खो दिया जिससे बस हादसे का शिकार हुई। बस अनियंत्रित होकर हाइवे के किनारे बने एक तालाब में जा गिरी । घटनास्थल पर राहत  और बचाव कार्य किया गया। प्रशासन की ओर से इस हादसे को लेकर कोई बयान नहीं आया है हालांकि इस बात की पुष्टि हुए है कि ७ लोगों की मौत हो गयी है।

अमृतसर हादसे की मजिस्ट्रेट जांच : अमरिंदर

अमृतसर रेल हादसे के मजिस्ट्रेट जांच होगी और चार हफ्ते में इसकी रिपोर्ट तालाब की गयी है।   मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, जो हादसे के कारण अपना इस्राईल का दौरा रद्द करने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से वापस लौटे, ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने हादसे के बाद मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर लगे आरोपों पर सिद्धू का बचाव किया और कहा कि वे और उनकी पत्नी रात से ही अस्पताल में मौजूद रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी हादसे पर गहरा दुःख प्रकट किया है।

करीब १७ घंटे बाद घटनास्थल पर आये सीम पर पत्रकारों ने सवालों की बौछार कर दी।  मुख्यमंत्री ने  कहा की वे इस्राईल जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर थे जब उन्हें हादसे की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत प्रशाशन को राहत कार्यों में तेजी और घायलों ही हर संभव मदद के निर्देश दिए। उन्होंने कहा  सीएम आफिस सारी रात पल-पल की रिपोर्ट लेता रहा और ज़रूरी दिशा निर्देश भी जारी किये गए।

अमरिंदर ने इस हादसे पर उठ रहे सवालों पर कहा है कि दोषरोपण करने की जगह समय राहत काम करने का है और वही सरकार कर भी रही है। ”यदि सीएम (मैं) रात को ही यहाँ आता तो प्रशासन के लोग राहत कार्यों की जगह इसे लेकर बेवजह उलझ जाते। लिहाज़ा उन्होंने राहत कार्यों पर फोकस रखा”।

उनके मुताबिक हादसे में ५९ लोगों के मौत हुयी है जबकि ९ लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।  ”जो लोग घायल हैं उनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है”। मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य मंत्री भी इस मौके पर  अमरिंदर के साथ उपस्थित थे।

इस घटना के बाद लोगों में काफी गुस्सा है। विपक्षी अकाली दल के नेताओं ने भी घटना के बाद सरकार को घेरने में कोइ कसार नहीं छोड़ी है और खासकर मंत्री सिद्धू और उनकी पत्नी को निशाने पर रखा है।  वैसे नवजोत कौर पहले हे सफाई दे चुकी हैं हैं कि हादसा होने से पहले ही वे घटनास्थल से जा चुकी थीं और सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँच गईं। उनके मंत्री पति सिद्धू भी रात ही अस्पताल पहुँच गए थे।

हादसे में अभी तक 61 लोगों के मरने की खबर है। बताया जाता है कि अस्पताल में दाखिल अधिकांश घायलों की स्थिति गंभीर है। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा बढने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई लोग अभी भी लापता बताए जाते हैं। उनके परिजनों ने अपने संबंधियों की खोज शुरू कर दी है।