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राहुल गांधी की गिरफ्तारी

सीबीआई और राफेल विमान खरीद के मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। बाद में राहुल को पुलिस ने ‘गिरफ्तार’ कर लिया। उनके साथ कुछ और बड़े नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि राहुल ने खुद गिरफ्तारी दी है हालाँकि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके कहा है कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
राहुल आज पूरी रंग में दिख रहे थे। वे वेरिकेट पर चढ़ते दिखे। उनके साथ डी राजा सहित विपक्ष के कुछ नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। राहुल लोधी रोड पुलिस थाने ले जाये गए हैं। इस दौरान राहुल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला किया। उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि मोदी ने लोकतांत्रिक संस्ताओं को तबाह करके रख दिया है। ”राफेल पर मोदी डरे हुए हैं। वे कुछ बोल नहीं रहे। सीबीआई निदेशक को बाहर करके और उनका दफ्तर सील करके राफेल से जुड़े कागज़ छिपाने की कोशिश मोदी ने की है। इससे साबित होता है उन्होंने चोरी की है”।
राहुल ने आरोप लगाया कि अनिल अम्बानी को ३०,००० करोड़ का लाभ दिया गया है। राहुल पूरी तरह अकर्मक दिखे और उन्होंने एक वाहन पर लटक कर वहां लोगों को सम्बोधित किया। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगा रही थी। राहुल ने खुद प्रदर्शन का नेतृत्व किया और मोदी सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। विपक्ष के दलों माकपा, भाकपा, टीएमसी, सपा आदि ने भी राहुल के प्रदर्शन का समर्थन किया है।
कांग्रेस ने सीबीआई में अफसरों को सरकार की तरफ से छुट्टी पर भेजने और राफेल को आपस में जोड़ दिया है और मोदी सरकार पर जबरदस्त आकर्मण कर रही है। राहुल के तेवर तीखे दिख रहे हैं। वे प्रदर्शन करते हुए सीबीआई मुख्यालय जाने वाले थे लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी कर ली। राहुल को एक पुलिस बस में बैठाया गया है।
कांग्रेस ने सीबीआई-राफेल मसले पर शुक्रवार को पूरी देश में प्रदर्शन किया।  सीधे पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और उनके सरकार को चोर बताया गया। दिल्ली में पार्टी के कार्यकर्ताओं की बड़ी तादाद जुटी है। इस समय राहुल पुलिस बस में लोधी रोड पुलिस स्टेशन पहुँच चुके हैं।
करीब २.४५ पर राहुल को रिहा कर दिया गया। बहार आकर राहुल ने आरोप दोहराया की ”चौकीदार चोर है”।

पूर्व जज की निगरानी में होगी सीवीसी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और प्रशांत भूषण की तरफ से दाखिल याचिका में आदेश दिए कि सीवीसी आलोक वर्मा के मामले में जांच १० दिन के भीतर पूरी करे। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके पटनायक की निगरानी में होगी और इस मामले पर अगली सुनवाई १२ नवम्बर को होगी।
कामकाज वापस लिए जाने के खिलाफ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। मुख्या न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली तीन जजों वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए कि दो हफ्तों में सीवीसी आलोक वर्मा पर जांच पूरी करे। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक की निगरानी में होगी। कोर्ट ने इस जांच की रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में कोर्ट में प्रस्तुस करने का भी आदेश दिया है।
कोर्ट ने आलोक वर्मा पर कोई फैसला नहीं दिया लेकिन नागेश्वर राव को लेकर कहा है कि जांच पूरी होने वो कोई भी नीतिगत फैसला (पॉलिसी डिसीजन)  नहीं ले पाएंगे। राव रूटिन के काम ही कर  सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने सीवीसी, केंद्र और राकेश अस्थाना को भी नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि अपनी याचिका में आलोक वर्मा ने सीबीआई को सरकार की दखलअंदाजी से मुक्त करने की गुहार लगाई थी लेकिन उन्हें इससे राहत नहीं मिली है। अगली सुनवाई तक वे भी अपने दफ्तर में नहीं जा सकेंगे।
कांग्रेस का प्रदर्शन
इस बीच कांग्रेस ने देश भर सीबीआई और राफेल मामले में अपना प्रदर्शन आज सुबह से शुरू कर दिया है। दिल्ली में खुद अध्यक्ष राहुल गांधी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता सीबीआई मुख्यालय को घेर कर बैठे हैं।  देश भर से विपक्षी दलों का भी राहुल गांधी को इस मसले पर समर्थन मिला है। अभी तक की ख़बरों के मुताबिक कई बड़े दलों के नेता राहुल को समर्थन देने के लिए दिली पहुँच गए हैं।

मुजफ्फरपुर कांड की सीबीआई विवरण को न्यायालय ने बताया ‘भयानक’

मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में लड़कियों से कथित यौन हिंसा और बलात्कार के आरोपों की जांच कर रहे केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की रिपोर्ट में दिये गये विवरण को उच्चतम न्यायालय ने ‘भयानक’ और ‘डरावना’ बताया है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा, ‘‘यह सब क्या हो रहा है? यह तो बहुत ही भयानक है।’’
भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ शीर्ष अदालत ने सीबीआई द्वारा आश्रय गृह के मालिक बृजेश ठाकुर के खिलाफ की गयी टिप्पणियों का भी संज्ञान लिया और उसे नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उसे राज्य के बाहर किसी जेल में स्थानांतरित कर दिया जाये।
रिपोर्ट्स के अनुसार सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बृजेश ठाकुर एक प्रभावशाली व्यक्ति है और जेल में उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बृजेश ठाकुर इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
शीर्ष अदालत ने राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चन्द्रशेखर वर्मा का पता लगाने में हुये विलंब पर बिहार सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो से सफाई मांगी है।
पीठ ने बिहार पुलिस को आदेश दिया कि पूर्व मंत्री और उनके पति के यहां से बड़ी संख्या में हथियार बरामद होने के मामले की वह जांच करे।
इस आश्रय गृह कांड की वजह से मंजू वर्मा को बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
पीठ ने कहा कि इस मामले की जांच कर रहे सीबीआई के दल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाये। इस मामले में न्यायालय अब 30 अक्टूबर को आगे विचार करेगा।

जम्मू कश्मीर में २४ घंटे में ८ आतंकी ढेर

जम्मू कश्मीर में पिछले २४ घंटे में सुरक्षा बालों ने ८ आतंकियों को ढेर कर दिया है। इनमें से २ आतंकी  आज मारे गए हैं। इस दौरान २ जवान भी शहीद हुए हैं जिनमें एक आज शहीद हुआ।
गुरुवार को घाटी में सेना के जवानों ने छह आतंकियों को मार गिराया था। ऑपरेशन ”ऑल आउट” के तहत लगातार दहशतगर्दों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इसी सिलसिले में गुरुवार को अनंतनाग में घेराबंदी करके चार आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया जबकि बारामूला में भी दो आतंकवादी ढेर किये गए।
उधर शुक्रवार को दक्षिण कश्मीर के त्राल और बारामुला के बाद सुरक्षा बलों ने उत्तरी कश्मीर में भी अभियान तेज कर दिया। सोपोर में आतंकियों के खिलाफ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को दो आतंकवादियों को मार गिराने में सफलता मिली है। सोपोर के पजलपोरा गांव में छिपे आतंकियों ने अचानक सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया।
इन २४ घंटों में दो जवान भी शहीद हुए हैं। सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ के इस साझे अभियान में सुरक्षा बल आतंकियों पर बहुत भारी पड़े हैं।
इलाके को खाली करा लिया गया है और आम लोगों को सलाह दी गयी है कि वे किसी भी सूरत में मुठभेड़ स्थल की तरफ न आएं। इसके लिए सुरक्षा बलों ने बाकायदा बैनर लगाए हैं ताकि किसी आम नागरिक का नुक्सान न हो जैसा कि तीन दिन पहले विस्फोट हो जाने से हुआ था।

राफेल के सबूत मिटाने की कोशिश : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई मामले में मोदी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए आरोप लगाया है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा को ”जबरदस्ती” छुट्टी पर भेजकर और उनके दफ्तर को सील करके राफेल के सबूत मिटाने की कोशिश की गयी है। गांधी ने कहा मोदी सरकार ने वर्मा को अपना भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए हटाया। उधर भाजपा ने राहुल के आरोपों को ”बचकाना” बताया है।
देर शाम दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला। गांधी ने कहा कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को अनिश्चितकालीन छुट्टी पर जाने के लिए बाध्य करना ‘‘अवैध’’ है। ”ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि सरकार इस बात से डर गयी थी कि वह राफेल विमान सौदे की जांच कर सकते हैं”।
राहुल ने कहा कि ”वर्मा को हटाना संविधान, देश के प्रधान न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष का अपमान है”। कहा कि सीबीआई निदेशक की नियुक्ति और पद से हटाने का फैसला एक कमेटी करती है। इसमें प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें हटाने का फैसला रात के दो बजे किया जो जाहिर करता है कि मोदी सरकार राफेल के मसले पर कितनी घबराई हुई है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ”प्रधानमंत्री डरे हुए हैं और उन्हें अंदेशा है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले सार्वजनिक हो जाएंगे”। राहुल ने कहा कि आलोक वर्मा को केवल हटाया नहीं गया, बल्कि उनके कमरे को सील कर दिया गया। उनके पास जो दस्तावेज थे, वे वापस ले लिये गए। ”यह सबूतों को छिपाने की कोशिश है”। राहुल ने इस मसले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाये। ”मैं  आपके सामने आता हूं और आप अपनी मर्जी से सवाल पूछते हैं, लेकिन आप प्रधानमंत्री से राफेल के बारे में सवाल पूछ कर देखो, तो वह उठकर भाग जाएंगे”। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी का अंतरिम प्रभार ऐसे व्यक्ति को दिया गया है जिनके खिलाफ ही मामले हैं ताकि प्रधानमंत्री उन्हें नियंत्रित कर सकें।
राहुल के ब्यान के बाद बौखलाई भाजपा ने प्रकाश जावेड़कर को मैदान में उतारा जिन्होंने आरोप लगाया कि ”राहुल बचकानी बातें कर रहे हैं”। वैसे इस सारे मसले पर भाजपा अब रक्षात्मक दिखने लगी है। उसके दांव उलटे पड़ते दिखाई दे रहे हैं। शाम को ही सीबीआई की तरफ से सफाई आई कि ”आलोक वर्मा अभी भी सीबीआई के निदेशक हैं और राकेश अस्थाना विशेष निदेशक क्योंकि उन्हें पद से नहीं हटाया गया है और वे छुट्टी पर भेजे गए हैं”। शुक्रवार को आलोक की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की सम्भावना है लिहाजा सरकार ने ऐसा ब्यान दिलाकर अपनी स्थिति ”ठीक” करने की कोशिश की है।

आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम को राहत

आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्दीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी पर लगी रोक कोर्ट ने २९ नवम्बर तक बढ़ा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान गुरूवार को यह आदेश कोर्ट ने दिए। गौरतलब है कि चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगी रोक पहली नवंबर को खत्म होने वाली थी लेकिन अब चिदंबरम को राहत मिल गयी है। दिल्ली हाईकोर्ट में आईएनएक्स मीडिया मामले में पहले भी चिदंबरम को गिरफ्तारी के मामले में पांच बार राहत मिल चुकी है।

पहले कोर्ट में  चिदंबरम की तरफ से अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई गई थी। कोर्ट चिदंबरम को सुरक्षा देते हुए और उनकी गिरफ्तारी पर रोक को हर सुनवाई पर आगे बढ़ाता रहा है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चिदंबरम की जमानत अर्जी का कोर्ट में पिछली कुछ सुनवाई के दौरान विरोध करता रहा है।

पहले हुई सुनवाई में एयरसेल-मैक्सिस धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चिदंबरम से  पूछताछ की थी। चिदंबरम के बेटे कार्ति से ईडी ने दो बार पूछताछ की गई थी। सीबीआई ने जुलाई में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। गौर रहे ३५०० करोड़ रुपए के एयरसेल-मैक्सिस करार और ३०५ करोड़ रुपए के आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की भूमिका जांच एजेंसियों की छानबीन के दायरे में है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिराबट

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं। इसका असर भारत में भी दिख सकता है। पिछले कुछ हफ्ते से देश में तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का तेल निकाल दिया है। तीन-चार दिन से कीमतें कुछ काम हुई हैं लेकिन अंतराष्ट्रीय बाज़ार की कीमतों के मुकाबले भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी बहुत ऊंची हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब की ओर से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से दाम नीचे गिरने लगे हैं। बीस दिन पहले तीन अक्टूबर को कच्चा तेल अपने इस साल के सबसे ऊपरी स्तर यानी ८६.७४ डॉलर प्रति बैरल पर था हालांकि अब इसमें सीधे १३ प्रतिशत की गिराबट दर्ज की गयी है। लिहाजा कच्चे तेल की कीमतें गिरकर ७६ डॉलर प्रति बैरल पहुँच गई हैँ।

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार की इन गिरती कीमतों को देखते हुए देश के एक्सपर्ट अनुमान लगा रहे हैं कि पेट्रोल की कीमतों में कमी आनी चाहिए। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ राखी है और इसका असर देश भर में दूसरी चीजों पर भी पड़ा है और उनकी कीमतें ऊंची हुई है। वैसे पिछले कुछ दिन से पैसों के अंतर से घटती कीमतों ने लोगों को हल्की राहत जरुर दी है।

जानकारों के मुताबिक अंतराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की घटती कीमतों के लिहाज से तो देश में भी पेट्रोल करीं ६ से ८ रूपये सस्ता हो जाना चाहिए। तेल की कीमतों में लगातार उछाल से वैसे भी देश में लोग बहुत खफा हैं और उनकी मुसीबतें बढ़ीं हैं। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बहुत नीचे तक जाने के बाद अचानक थोड़ा सुधरा है। ऐसे में सरकार के लिए तेल की कीमतों में कटौती करना आसान होना चाहिए।

राफेल डील में एफआईआर के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरूण शौरी तथा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे में कथित आपराधिक कदाचार के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

याचिका में दर्शाए गए अपराधों की केन्द्रीय जांच ब्यूरो से समयबद्ध तरीके से जांच कराने और जांच की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर शीर्ष अदालत को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध् किया गया है।

दोनों पूर्व केन्द्रीय मंत्री और प्रशांत भूषण ने अक्टूबर 4 को जांच ब्यूरो के निदेशक आलोक वर्मा से मुलाकात के बाद जांच ब्यूरो में अपनी शिकायत दायर की थी।

याचिका में यह भी कहा गया है कि सीबीआई ने चार अक्टूबर को दी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है। याचिका में दावा किया गया है कि सीबीआई पर दबाव चरम पर है जिसके कारण वह निष्पक्ष तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है।

आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच चल रहे गतिरोध के मद्देनजर ही मंगलवार को इन दोनों अधिकारियों को अवकाश पर जाने का निर्देश दिया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ याचिका में राफेल मामले में FIR दर्ज कर अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. साथ ही कहा गया है कि केंद्र को निर्देश दिया जाए कि जांच से जुड़े अफसरों का तबादला न किया जाए या डराया न जाए.

राफेल सौदे पर पहले दाखिल की गईं दो याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सील कवर में सौदे से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दाखिल करने को कहा है. इस नयी याचिका की सुनवाई अक्टूबर 31 को होगी।

आलोक को हटाना शर्मनाक : खड़गे

सीबीआई विवाद पर कांग्रेस ने भाजपा पर एक और हमला बोला है। लोक सभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआई के निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाए जाने को ‘शर्मनाक घटना’ बताया है। गुरूवार को मीडिया से बातचीत में खड़गे ने कहा की यदि कोइ विवाद था तो सरकार को इसे संबंधित कमेटी में लाना चाहिए था।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि निदेशक को इस तरीके से हटाने का अधिकार किसी को नहीं। खड़गे ने कहा कि ”पीएम और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता के तौर पर मैं उस सलेक्शन कमिटी का हिस्सा हूं,  जो सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति करती है। इस तरह से निदेशक को हटाना बिल्कुल गलत है”। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवीसी को भी दबाव में लाया गया होगा। वो पहली बार टीवी पर आकर सफ़ाई दे रहे हैं कि उनको अधिकार है पर सीवीसी को अधिकार नहीं। ”पीएम को शुरु से देखना चाहिए था”। खड़के ने कहा कि वे सीबीआई, सीवीसी और कुछ और अन्य समितियों का हिस्सा हैं लेकिन  उन्हें स्थाई सदस्य के तौर पर लोकपाल समिति में शामिल नहीं किया गया है। खड़गे ने कहा – ”चार  साल छह महीने में इतने घोटाले किए गए हैं कि इनको (भाजपा) को रात में नींद नहीं आती। वे रात में ही ऐसी कार्रवाई करते हैं”।

कांग्रस नेता ने कहा कि ”राफेल पर मेमोरेंडम लेकर हम जांच की मांग के लिए जाने वाले थे। यह बात पीएम को पसंद नहीं होगी। मैने तीन पेज की चिट्ठी पीएम को इस बारे में लिखी है”। खड़गे ने कहा कि सरकार घिर रही है क्योंकि उसकी नियत साफ़ नहीं है।

वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख रेड्डी पर हमला

वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी पर हमला किया गया है जिसमें वे घायल हो गए हैं।  यह हमला विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर चाकू से किया गया और इसमें रेड्डी के हाथ पर चोट आई है।  हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक विसाग एयरपोर्ट पर एक युवक, जिसने खुद को उनका फैन बताया और सेल्फी लेने की कोशिश की, ने छोटे नुकीले हथियार से उनपर हमला कर दिया। इस हमले से रेड्डी हक्का-बक्का रह गए और उनके साथ चल रहे लोगों और सुरक्षा कर्मचारियों ने तुरंत उस युवक को पकड़ लिया। हथियार से रेड्डी की बांह के निचले हिस्से में घाव हुआ है। उन्हें फौरन वहां से ले जाया गया और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनक पिता सूबे के मुख्यमंत्री रहे हैं। विशाखापत्तन एयरपोर्ट उनपर हमला करने वाला युवक कौन है, यह अभी साफ़ नहीं हुआ है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही रेड्डी एयरपोर्ट लाउंज से निकले, युवक ने उनपर हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि जगन मोहन को सुरक्षित जगह ले जाया गया है और युवक ने ऐसा क्यों किया, या फिर उसका किसी राजनीतिक दल से संबंध है या नहीं, इसकी जांच भी की जा रही है। उससे पूछताछ के बाद ही सच पता चल पायेगा।