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तोमर को संसदीय मामलों का जिम्मा

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर दिवंगत अनंत कुमार का संसदीय कार्यमंत्री का जिम्मा संभालेंगे। अनंत कुमार का सोमवार को लम्भी बीमारी के बाद बंगलुरी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था और आज उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

नरेंद्र सिंह तोमर मध्य प्रदेश से आते हैं जहाँ कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। वैसे दिवंगत अनंत कुमार का मध्य प्रदेश से ख़ास लगाव था।

इस बीच अनंत कुमार का मंगलवार राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह नगर बेंगलुरु में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अनंत कुमार को श्रद्धांजलि देने उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू भी दिल्‍ली से बेंगलुरु गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी सहित बीजेपी के दिग्‍गज नेताओं और अन्‍य दलों के नेताओं ने भी उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वरिष्‍ठ भाजपा नेता लालकृष्‍ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, गृह मंत्री राजनाथ, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और दिनेश गुंडु राव ने वरिष्‍ठ नेता को श्रद्धांजलि दी। कई नेताओं और सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी अनंत कुमार को पुष्‍पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बेंगलुरु के लोगों ने भी नम आंखों से अनंत को अंतिम विदाई दी।

अनंत कुमार का राजकीय सम्‍मान के साथ चामराजपेट श्मशान घाट में भाई नंद कुमार ने ब्राह्मण रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्‍कार किया। इससे पहले उनकी पार्थिव देह बेंगलुरु में उनके आवास पर राखी गयी थी। उनके पार्थिव शरीर को बाद में सेना के सुसज्जित वाहन से मल्‍लेश्‍वरम स्थित बीजेपी के प्रदेश मुख्‍यालय लाया गया। इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने ”अनंत कुमार अमर रहें” और ”भारत माता की जय” के नारे लगाए।

कैलिफोर्निया आग में ४२ की मौत, इमरजेंसी घोषित

अमेरिका में कैलिफोर्निया के जंगल में भीषण आग (कैम्प फायर) से अब तक ४२ लोगों की मौत हो गयी है। दो लाख लोग बेघर हो गए हैं और हालात देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैलिफ़ोर्निया के इलाके में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है और वहां रहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। आग पर काबू पाने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं। अभी तक कई लोग लापता हैं और उनकी संख्या १०० से ज्यादा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस इलाके में आग लगी है वहां आम लोगों के अलावा हॉलीवुड के बड़े सितारों के भी घर हैं। आग मशहूर मलीबू रिजॉर्ट तक पहुंच गयी है जहाँ  कई हॉलीवुड स्टार्स के घर हैं। यहां लियोनार्डो डिकैप्रियो, जैक निकलसन, जेनिफर एनिस्टन, हेली बेरी और ब्रैड पिट जैसे बड़े स्टार्स के घर भी हैं। रियलटी टीवी स्टार किम कर्दाशियां कोस्टल मलीबू में रहती हैं। किम ने बताया कि उन्हें भी घर छोड़ने का आदेश दिया गया है।

आग वाले क्षेत्र में घरों को या तो खाली करा लिया गया है या फिर उनमें जानी नुक्सान हुआ या उनमें भीतर का सारा सामान जल कर ख़ाक हो गया है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मंगलवार को भी कैलिफोर्निया के दोनों छोरों पर आग की भीषण लपटें उठ रही थीं। सैकड़ों लोगों को घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों को पलायन करना पड़ा है। कुछ लोगों के शव वाहनों के बीच भी मिले हैं।

उधर ”वाशिंगटन पोस्ट” अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि  वूज्ली इलाके में आग के चलते करीब दो लाख लोगों को पलायन करना पड़ा है। दमकलकर्मियों ने राज्यभर में तीन लाख लोगों और लॉस एंजेलिस काउंटी में १.७० लाख लोगों के घरों से पलायन का अनुमान जाहिर किया है।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इलाके में तेज हवाओं के कारण आग १.७० लाख एकड़ में फ़ैल चुकी है।

आग पर काबू पाने के लिए ४००० कर्मी तैनात किये गए हैं और हेलिकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है।

कैलिफोर्निया के जंगलों में यह आग गुरुवार को भड़की थी। इसे कैलिफोर्निया में ”कैंप फायर” के नाम से जाना जाता है। कैलिफोर्निया की इमरजेंसी सर्विस के निदेशक मार्क गिलारडुची के मुताबिक आग लगने से जो नुकसान हुआ, उसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल और दिल दहला देने वाला है।

कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। अफसरों का कहना है कि जंगल की आग से सैकड़ों घर, रेस्त्रां और कारें जलकर खाक हो गए। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए गए, जिसमें दिखाया गया कि लोग कैसे धुएं से भरी टनल से भाग रहे हैं।

मेंढर में पाक गोलीबारी में जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर में सोमवार शाम पाकिस्तान की तरफ से एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन कर गोलीबारी की गयी जिसमें भारतीय सेना के एक जवान शहीद हो गए। एक जवान इस हमले में घायल हुआ है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
‘तहलका’ की जानकारी के मुताबिक शाम करीब सवा पांच बजे पाकिस्तान की तरफ से मेंढर इलाके में गोलीबारी की गयी। इस गोलीबारी में स्नाइपर शाट से सेना का एक जवान शहीद हो गया जबकि एक घायल हुआ है। घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अकेले नवम्बर महीने में पाकिस्तान का चौथा स्नाइपर हमला है। इन हमलों में अब तक भारत के  पांच जवान शहीद हो चुके हैं।
पाकिस्तान की तरफ से अब तक पलांवाला सेक्टर, सुंदरबनी, साम्बा में सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। भारत की तरफ से भी इन हमलों का मुहंतोड़ जबाव दिया गया है। शनिवार को स्नाइपर शॉट से एक जवान शहीद जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। सुंदरबनी के माला इलाके में भी पाकिस्तानी गोलाबारी में दो जवान घायल हो गए थे।
शहीद की पहचान आठ जैकलाई के वरुण कटल के रूप में हुई है। वह सांबा जिले के राजपुरा तहसील के मावा गांव का रहने वाला था। घायल १८ जैक राइफल के नायक सुलेंद्र थापा का इलाज अखनूर के सैन्य अस्पताल में चल रहा है।

नोटबंदी की आलोचना : मोदी का सोनिया-राहुल पर वार

पिछले लम्बे समय से हो रही नोटबंदी की आलोचना का आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना कर जवाब दिया। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चुनाव सभा में मोदी ने नोटबंदी के नफे-नुक्सान को लेकर तो कुछ नहीं कहा अपितु बिना नाम लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी (मान-बेटे) को निशाने पर लिया। कहा कि जो लोग ”जमानत” पर हैं वे मोदी से नोटबंदी का हिसाब मांग रहे हैं”। इसके बाद शाम को मोदी ने अपने संसदीय हलके उत्तर प्रदेश के बाराणसी में २०१९ लोक सभा  चुनाव से ऐन पहले २४१३ करोड़ रूपये की भिविन्न परियोजनाओं का या तो उदघाटन किया या उनका नींव पत्थर रखा।
पहले बात छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में उनकी चुनाव सभा की। देश में नोटबंदी से हुए नुक्सान की चर्चा के बीच मोदी ने कहा कि ”नोटबंदी के ही कारण फर्जी कंपनियां पकड़ी गईं और उसके कारण आपका (बिना नाम लिए इशारा राहुल-सोनिया की तरफ) कारोबार पकड़ा गया और आपको जमानत पर निकलना पड़ा”। मोदी ने साथ ही कांग्रेस पर परिवार की राजनीति का आरोप भी दोहराया।  कहा – ”एक परिवार से शुरू होकर यह पार्टी (कांग्रेस) उसी परिवार पर आकर पूरी हो जाती है”। मोदी ने कहा कि हमारी राजनीति गरीब की झोपड़ी से शुरू होती है, गरीब की जिंदगी को बदलकर रहे बिना चैन से सोना नहीं इस इरादे से आगे चलती है।
बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान पर इस चुनावी जनसभा में मोदी ने कहा कि छत्‍तीसगढ़ ने बार-बार  भाजपा को आशीर्वाद दिया है। ”छत्‍तीसगढ़ में कार्यकर्ताओं को उत्‍साह कभी कम नहीं हुआ है। पिस्‍तौल दिखाने वालों को लोकतंत्र जवाब देकर रहेगा”।
इसके बाद शाम को मोदी उत्तर प्रदेश में अपने हलके बाराणसी पहुंचे। मोदी ने इस दौरे में अपने संसदीय क्षेत्र में २४१३ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। एक जनसभा को भी संबोधित किया। कहा, “इस बार मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे दीपावली के दिन बाबा केदारनाथ के दर्शन करने का अवसर मिला। अब बाबा विश्वनाथ की नगरी में, आपसे आशीर्वाद लेने का मौका मिला है। उत्तराखंड में, मैं माता भगीरथी की पूजा करके धन्य हुआ, तो आज यहां, अब से कुछ देर पहले मां गंगा के दर्शन भी किए”।
पीएम ने कहा कि काशी के लिए, पूर्वांचल के लिए, पूर्वी भारत के लिए और पूरे भारतवर्ष के लिए, आज का ये दिन बहुत ऐतिहासिक है। ”जब हमने हल्दिया घाट पर जल मार्ग से व्यापार करने का प्रस्ताव रखा था तब मेरा मजाक बनाया गया था, लेकिन आज जब कंटेनर कोलकाता से यहां आया है तो सबका मुंह बंद हो गया है”। कहा कि ८०० करोड़ रुपये की बाबतपुर एयरपोर्ट को शहर से जोड़ने वाली सड़क ना सिर्फ चौड़ी हो गई है, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करने लगी है।

छत्तीसगढ़ में ७ नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच  कोबरा बटालियन के साथ मुठभेड़ में ५ नक्सली मारे गए। इस मुठभेड़ के दौरान पांच सुरक्षा कर्मी भी घायल हो गए हैं। एक अन्य मुठभेड़ में सोमवार शाम सुकमा में २ नक्सली मारे गए हैं।
जानकारी के मुताबिक नक्सलियों से यह मुठभेड़ बीजापुर के पामेड़ इलाके में हुई। इस मुठभेड़ में कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसॉल्यूट एक्शन) बटालियन के जवानों ने ५ नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया जबकि बटालियन के भी ५ जवान घायल हो गए। एक अन्य घटना सुकमा में शाम को हुई है जिसमें दो नक्सली ढेर कर दिए गए हैं।
सोमवार को ही सुरक्षा दलों ने बीजापुर के बैरामगढ़ में द्वारपाड़ा पोलिंग बूथ की तरफ जाने वाली सड़क पर आईडी की पहचान की और इसे डिफ्यूज कर दिया। दंतेवाड़ा जिले में भी नक्सलियों ने एक बारूदी सुरंग में विस्फोट किया। यह विस्फोट मतदान दल को निशाना बना कर किया गया लेकिन चुनाव कर्मी पहले ही वहां से निकल चुके थे। विस्फोट में कोई नुक्सान नहीं हुआ।
उधर एक अन्य घटना में पामेड़ क्षेत्र में नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया।

छत्तीसगढ़ में भारी मतदान, ७०.५० प्रतिशत वोट पड़े

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए ७०.५० प्रतिशत के करीब वोट पड़े हैं। मतदान कुल मिलकर शांतिपूर्ण रहा। सबसे ज्यादा वोट खुज्जी में ७३ प्रतिशत के करीब पड़े। २०१३ के चुनाव में ६७ प्रतिशत वोट पड़े थे।
चुनाव आयोग ने मतदान के बाद प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नक्सलियों की धमकियों के बावजूद लोग, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, मतदान के लिए मतदान केंद्र तक पहुंचीं। एक मतदान केंद्र पर करीं १०३ साल की महिला अपने बेटे की पीठ पर मतदान करने आईं।
डोंगागांव में करीब ७१.३ प्रतिशत मतदान हुआ जबकि मुख्यमंत्री रमन सिंह के राजनांदगांव में करीब ७०.५ प्रतिशत वोट पड़े। आज १८ सीटों पर मतदान हुआ। कुल मिलकर मतदान शांतिपूर्ण रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक शाम ४.३० बजे तक ५६.५८ प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया था। इसमें कोंडागांव में ६१.४७ फीसदी, केशकल में ६३.५१ फीसदी मतदान, कांकेर में ६२ फीसदी, बस्तर में ५८ फीसदी, दंतेवाड़ा में ४९ फीसदी, खैरागढ़ में ६०.५ फीसदी मतदान दर्ज किया गया। डोंगरगढ़ में ६४  फीसदी और खुज्जी में ६५.५ फीसदी का मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया।
पहले चरण में मतदान तीन बजे और पांच बजे तक चला। भाजपा लगातार तीन बार चुनाव जीत चुकी है जबकि कांग्रेस अपनी वापसी की कोशिश कर रही है। दूसरे चरण में १९ नवम्बर को वोट पड़ेंगे।

शरद यादव से मिले कुशवाहा

अपने दो विधायकों के नीतीश कुमार के पाले में जाने की चर्चा के बीच राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव से मुलाकात की। सम्भावना जताई जा रही है कि वे एनडीए से नाराज हैं और उससे अलग हो सकते हैं।
कुशवाहा मुख्यमंत्री नीतीश से बहुत खफा हैं और लगातार उनपर हमला कर रहे हैं। अब यादव से उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा हो गयी है की उनका अगला कदम क्या हो सकता है। कुछ रोज पहले कुशवाहा ने पहले वह इसी तरह से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की थी।
पिछले कल से ही उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायकों सुधांशु शेखर और ललन पासवान के नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। गौरतलब है कि शेखर ने रविवार को जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के साथ मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस सबके पीछे सहमति है। साल २०१५ के विधानसभा चुनाव में कुशवाहा की पार्टी ने दो ही सीटें जीती थीं।
कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। ”वह उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वो इसमें सफल नहीं होंगे। वो एनडीए का हिस्सा हैं और हम भी, उन्हें इस तरह की चीजें नहीं करनी चाहिए”। एक ट्वीट में कुशवाहा ने कहा – ”वैसे से तो नीतीश कुमारजी, आपको तोड़-जोड़ में महारत हासिल है। बसपा, लोजपा, आरजेडी, कांग्रेस और अब आरएलएसपी। लेकिन बिहार और देश की जनता सब देख रही है। हम गरीबों, शोषितों, वंचितों, दलितों, पिछड़ो और गरीब सवर्णों के हक के लिए लड़ते रहेंगे। आप चाहे जितना प्रहार करें”।

राफेल खरीद नियमों के मुताबिक : केंद्र सरकार

मोदी सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राफेल लड़ाकू विमानों की कीमतों के बारे में तलब की गई जानकारी सीलबंद लिफाफे में सबमिट कर दी। साथ ही केंद्र सरकार ने राफेल विमान खरीद के फैसले की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के दस्तावेज भी याचिककर्ताओं को सौंप दिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने याचिकाकर्ताओं को सौंपे अपने दस्तावेजों में कहा है कि राफेल की खरीद में तमाम प्रकियाओं का पालन किया गया है। इसमें कहा गया है कि यह सौद्दा उन्हीं प्रक्रियाओं के तहत किया गया जो यूपीए के समय थीं। सरकार ने कहा है कि राफेल विमान का सौद्दा २३ सितम्बर, २०१८ को किया गया।
केंद्र सरकार ने याचिकाकर्ता को दिए दस्तावेज में कहा है कि खरीद में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और कैबिनेट कमेटी की भी मंजूरी ली गयी। सरकार के मुताबिक इस प्रक्रिया के लिए फ्रांस की सरकार से करीब एक साल तक बात चली। सरकार ने दस्तावेजों में यह भी कहा कि सीसीएस (कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी) से अनुमति लेने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस दस्तावेज का शीर्षक ”३६ राफेल विमानों की खरीद में फैसले लेने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी” है।
सरकार ने यह भी कहा है कि ऑफसेट पार्टनर चुनने में सरकार का कोई रोल नहीं रहा। नियमों के मुताबिक विदेशी निर्माता किसी भी भारतीय कम्पनी को बतौर ऑफसेट पार्टनर चुनने के लिए स्वतंत्र है। कहा कि जब भारतीय वार्ताकारों ने ४ अगस्त, २०१६ को ३६ राफेल जेट से जुड़ी रिपोर्ट पेश की, तो इसका वित्त और कानून मंत्रालय ने भी आंकलन किया और सीसीएस ने २४ अगस्त, २०१६ को इसे मंजूरी दी। इसके बाद भारत-फ्रांस के बीच समझौता २३ सितंबर, २०१६ को हुआ।
गौतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने ३१ अक्टूबर को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह याचिकाकर्ता को भी यह दस्तावेज उपलब्ध कराये। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि राफेल विमान खरीद की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी जाए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई अब १४ नवंबर को करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ऐडवोकेट प्रशांत भूषण, पूर्व मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही थी। याचिकाकर्ताओं ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी।

अयोध्या मामले की जल्दी सुनवाई नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में जल्दी सुनवाई की अर्जी सोमवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है।

मामले की जल्दी सुनवाई की अर्जी अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने डाली थी। महासभा के अधिवक्ता बरूण कुमार के मामले पर शीघ्र सुनवाई करने के अनुरोध को खारिज करते हुए पीठ ने कहा – ”हमने आदेश पहले ही दे दिया है। अपील पर जनवरी में सुनवाई होगी। अनुमति ठुकराई जाती है।”

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने इससे पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को जनवरी के पहले सप्ताह में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध किया था। पीठ मामले पर सुनवाई की तारीख के बारे में फैसला करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार और रामलला की ओर से उपस्थित क्रमश: सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने लंबे समय से मामले के लंबित रहने का हवाला देते हुए अपीलों को शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।

इससे पहले २:१ के बहुमत से तीन न्यायाधीशों की पीठ ने १९९४ के एक फैसले में शीर्ष अदालत द्वारा की गई उस टिप्पणी पर पुनर्विचार करने से इंकार कर दिया था जिसमें कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है। यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने तब कहा था कि दीवानीवाद पर साक्ष्यों के आधार पर फैसला किया जाएगा। पीठ ने यह भी कहा था कि इस मामले में पिछले फैसले की कोई प्रासंगिकता नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कुल १४ अपील दायर हैं।  हाईकोर्ट ने चार दीवानी मुकदमों पर अपने फैसले में २.७७ एकड़ जमीन को तीनों पक्षों, सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था।

सीबीआई मामले पर अगली सुनवाई १६ को

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई मामले की सुनवाई की। इससे पहले केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा के खिलाफ अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में न्यायालय में दाखिल की। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस पर कहा कि रजिस्ट्री रविवार को भी खुली थी लेकिन रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में रजिस्ट्रार को कोई सूचना नहीं दी गई।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया और मामले की अगली सुनवाई १६ नवंबर को तय की है। सोमवार की सुनवाई के दौरान सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव ने भी एजेंसी प्रमुख के तौर पर २३ अक्टूबर के बाद से अब तक किए गए अपने फैसलों के बारे में रिपोर्ट दाखिल की।
सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एके पटनायक ने सीवीसी जांच की निगरानी की, जो १० नवंबर को पूरी हुई। उन्होंने बाद में विलम्ब के लिए कोर्ट से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यद्यपि वह परिस्थितियों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे रहे  लेकिन रिपोर्ट सौंपने में उनकी तरफ से विलंब हुआ।
गौरतलब है कि २६ अक्टूबर को सीवीसी को सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल निदेशक राकेश अस्थाना को २३ अक्टूबर को आधी रात को छुट्टी पर भेज दिया गया था। अस्थाना ने आलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसके बाद सीवीसी ने मामले की जांच शुरु की। सीवीसी जांच पर नजर बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस एके पटनायक को नियुक्त किया था। चर्चा है कि सीवीसी को आलोक वर्मा के खिलाफ कोइ सबूत नहीं मिला है।