अटल मृत्यु से हारे वाजपेयी
वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक : एम्स का ब्यान
इस समय मोदी सरकार के लगभग सभी मंत्री एम्स में हैं जबकि लाल कृष्ण आडवाणी भी वही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी थोड़ी देर में वहां आने वाले हैं। एम्स के नजदीक सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। कुछ रास्तों पर से वाहनों और रेडियों को हटा दिया गया है।पूर्व पीएम वाजपेयी ”लाइफ स्पोर्ट सिस्टम” पर
शिवपुरी में १२ लोग झरने में बहे
चार साल में बदल गया देश, लाल किले से बोले पीएम
आशुतोष का ‘आप’ से इस्तीफा, लेकिन केजरीवाल की ‘न’
स्वतंत्रता दिवस पर आशुतोष ‘आप’ से विदा
राइफलमैन औरंगज़ेब, मेजर आदित्य को मिलेगा शौर्य चक्र
अप्रतिम शौर्य दिखने वाले जम्मू कश्मीर के भारतीय सेना में राइफलमैन औरंगज़ेब जिन्हें आतंकवादियों ने अगवा कर यातनाएं देने के बाद शहीद कर दिया था, को भारत सरकार ने शौर्य चक्र देने का फैसला किया है। देश के लिए शौर्य दिखाने के लिए ही सरकार ने मेजर आदित्य कुमार को भी शौर्य चक्र का फैसला किया है।
गौरतलब है कि मेजर आदित्य ने इसी साल 27 जनवरी को जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में पत्थरबाजों को रोकने के लिए गोलियां चलाने का आदेश दिया था जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसकी जांच कराने के आदेश दिए थे।
जहाँ तक राइफलमैन औरंगज़ेब की बात है उन्हें जून १४ को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। औरंगजेब की आतंकवादियों ने पुलवामा से उस समय अगवा कर लिया था जब वह ईद की छुट्टी मनाने के लिए अपने घर जा रहा था। उसका अपहरण कर आतकवादी उसे अज्ञात स्थान पर ले गए थे। बाद में उसका गोलियों से छलनी शव मिला था।
भाजपा को झटका, एक साथ चुनाव पर आयोग की न
मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा है कि देश में लोक सभा चुनाव के साथ ११ राज्यों में विधानसभा चुनाव कराना संभव नहीं है क्योंकि आयोग के पास उतनी वीवीपैट नहीं हैं। आयोग के इस रुख से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है जो लगातार एक साथ चुनाव की वकालत कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक रोज पहले ही विधि आयोग को एक साथ चुनाव की वकालत वाला पत्र लिख चुके हैं।
आयोग प्रमुख रावत ने एक निजी टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में कहा कि यदि एक साथ चुनाव करवाने हों तो इसके लिए एक-दो महीने के भीतर ज्यादा वीवीपैट के लिए ऑर्डर करना होगा। रावत ने कहा – ”हमारे पास २०१९ में एक साथ लोक सभा और ११ राज्यों में चुनाव करवाने लायक वीवीपैट मशीनें नहीं हैं। यदि ऐसा करना है तो इसके लिए ज्यादा वीवीपैट मशीनों की ज़रुरत रहेगी और इसके लिए भी एक-दो महीने के भीतर आर्डर करना होगा”।
गौरतलब है कि कांग्रेस भाजपा के एक साथ चुनाव की इन कोशिशों का विरोध कर रही है। उसका आरोप है कि देश में लगातार अपनी बढ़ती अलोकप्रियता के चलते भाजपा इस तरह की कोशिश कर रही है। विधि आयोग के सामने गोवा फारवर्ड पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, द्रमुक, तेलुगुदेशम, माकपा, भाकपा, फारवर्ड ब्लॉक और जनता दल (एस) ने भी एक साथ चुनाव कराने का विरोध किया है।
याद रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को ही विधि आयोग को अपने सुझावों के साथ लिखे पत्र में कहा था कि एक साथ चुनाव कराने से देश में चुनाव पर होने वाले बेतहाशा खर्च पर लगाम कसने का रास्ता साफ़ होगा और इससे संघीय ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को विधि आयोग में जाकर देश में एक साथ चुनाव कराए जाने को लेकर अपना पक्ष रखा था। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे, महासचिव भूपेंद्र यादव और सांसद अनिल बलूनी शामिल थे। पार्टी का प्रस्तुतीकरण देने के साथ इन नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का पत्र भी विधि आयोग को सौंपा था।
शाह ने अपने पत्र में कहा है कि 1952 से 1967 तक देश में एक साथ चुनाव होते रहे थे। 1970 के बाद चुनाव का चक्र बिगड़ा। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने 1983 व विधि आयोग ने 1999 में और संसदीय समिति ने 2015 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने संबोधनों में इस विचार को रख चुके हैं। शाह ने कहा है कि इससे चुनाव पर सरकारी खर्च में कमी आएगी और आचार सहिंता से विकास कार्य रुक जाने से प्रगति में होने वाली बाधा को भी दूर किया जा सकेगा। शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते समय में महाराष्ट्र में संसदीय विधानसभा, स्थानीय निकाय के लगातार चुनाव होने से राज्य में 365 दिनों में से 307 दिन आचार सहिंता लागू रही। शिरोमणि अकाली दल, अन्नाद्रमुक, सपा और टीआरएस हालाँकि एक साथ चुनाव कराने के हक़ में हैं।
हिमाचल में तबाही, दो दिन में १९ लोगों की मौत
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में भारी वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक तालाब की और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राज्य उच्च मार्गों और राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर भू-स्खलन से निपटने के लिए अधिकारियों को तत्काल श्रमशक्ति और मशीनरी तैनात करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। प्रदेश सरकार ने बचाव, बहाली और पुनर्वास कार्यों के लिए 96.50 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। प्रदेश में भारी बारिश के कारण ७८० करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार ने पुनःस्थापन कार्य के लिए अभी तक 229 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
राज्य मुख्यालय पर प्राप्त सूचना के अनुसार अब तक विभिन्न जिलों से १९ व्यक्तियों की मृत्यु की खबर है जिनमें सबसे ज्यादा जानी नुक्सान सोलन जिले में हुआ है जहाँ ८ लोगों की जान गयी है। बिलासपुर और ऊना जिले में एक-एक, हमीरपुर में दो, मण्डी में चार और कुल्लू और लाहुल में ३ लोगों की मौत हो गयी है। प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन के माध्यम से अंतरिम राहत प्रदान की गई है।
बारिश के चलते प्रदेश के 10 जिलों में मंगलवार को भी स्कूल बंद रखने के आदेश प्रशाशन ने जारी किये हैं। शिमला, किन्नौर, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, चंबा, बिलासपुर, हमीरपुर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 14 अगस्त की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कांगड़ा और मंडी में सभी स्कूलों के साथ काॅलेज भी बंद रहेंगे। सोलन में भी कॉलेज बंद रहेंगे। कांगड़ा में आईटीआई भी बंद रहेंगी।
उपायुक्त कुल्लू ने बताया कि मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग भू-स्खलन के कारण अवरूद्ध है और इस मार्ग को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। कांगड़ा जिले में 85 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है, जिनमें से अधिकतर सड़कों को सोमवार सायं तक आरम्भ कर दिया जाएगा। पठानकोट- मण्डी सड़क मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है और लम्बागांव में फंसे लोगों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।













