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अटल मृत्यु से हारे वाजपेयी

ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।, मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।, मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?, तू दबे पाँव, चोरी-छिपे से न आ, सामने वार कर फिर मुझे आज़मा।, मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र, शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर।, बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं, दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।, प्यार इतना परायों से मुझको मिला, न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला।, हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये, आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए, आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है, नाव भँवरों की बाँहों में मेहमान है, पार पाने का क़ायम मगर हौसला, देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई, मौत से ठन गई।
यह अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता है। वीर रस के कवि की मौत के सामने हार न मानने की कविता। लेकिन आज वे मौत से हार गए –  एक वीर की तरह। वे उसके सामने डटे रहे। लेकिन मौत अटल है और वाजपेयी भी उससे हार गए। ९३ साल की ज़िंदगी के बाद। यह देश की राजनीति के एक सबसे बड़े दिग्गज और अजातशत्रु की मौत का मातम मनाने की घड़ी है।
वाजपेयी भाजपा के अब तक – आडवाणी से लेकर मोदी तक – के सबसे बड़ा सर्वमान्य और सेकुलर चेहरा थे। गुजरात में २००२ के दंगों के वक्त अटल ही ऐसे नेता थे जो अपने ही मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) को राजधर्म का निर्वहन करने का सबक देकर आये थे। यहाँ तक कि 1992 में आडवाणी की रथ यात्रा के भी वे विरोध मे थे। और प्रधानमंत्री रहते जब उनकी सरकार पर ”भारतीय पेट्रोल पंप पार्टी” होने का आरोप लगा तो उन्होंने अपने मंत्री से इस्तीफा लिया। जवाहर लाल नेहरू ने उनका भाषण सुनकर कहा था कि यह शख्स एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनेगा। और वाजपयी बने।
वे लाहौर दोस्ती की बस लेकर गए तो श्रीनगर जाकर पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाने की बात की। पोखरण (दो) परमाणु विस्फोट के बाद अटल ने कहा था – देश की ज़रुरत सबसे बड़ी है और उसकी ताकत दुनिया में दिखनी भी चाहिए। वाजपेयी प्रकृति प्रेमी थे और हिमाचल के मनाली (प्रीणी) में उनका घर है जहाँ वे अक्सर जाया करते थे। माना जाता है कि वाजपेयी ने अपनी कुछ कवितायेँ प्रीणी के अपने घर में ही लिखीं।
यही अटल आज चले गए। वे विनम्र राजनीति के शिखर पुरुष थे। विपक्ष के लिए भी वे सम्मानित नेता थे। आज के नेताओं की तरह उन्होंने कभी किसी विपक्षी नेता  का नाम लेकर निंदा नहीं की। देश के तमाम बड़े नेताओं ने उनके अवसान पर अफ़सोस जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लाल कृष्ण आडवाणी, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, फ़ारूक़ अब्दुल्ला, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मायावती, ममता बनर्जी, शरद पवार सब ने।
वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ। उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था। पिता कृष्णा बिहारी वाजपेयी अपने गाँव के कवि और  अध्यापक थे। वाजपेयी ने ग्वालियर के बारा गोरखी के गोरखी ग्राम स्कूल से शिक्षा ग्रहण की थी। बाद में वे शिक्षा प्राप्त करने ग्वालियर विक्टोरिया कॉलेज (अभी लक्ष्मी बाई कॉलेज) गये और हिंदी, इंग्लिश और संस्कृत में डिस्टिंक्शन से पास हुए। उन्होंने कानपुर के दयानंद एंग्लो-वैदिक कॉलेज से राजनीतिक शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन की। इसके लिये उन्हें फर्स्ट क्लास डिग्री से भी सम्मानित किया गया था।
ग्वालियर के आर्य कुमार सभा से उन्होंने राजनैतिक काम करना शुरू किये, वे उस समय आर्य समाज की युवा शक्ति माने जाते थे और 1944 में वे उसके महासचिव बने। १९३९ में एक स्वयंसेवक की तरह वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हो गये। वहां बाबासाहेब आप्टे से प्रभावित होकर उन्होंने 1940-44 के दर्मियान आरएसएस प्रशिक्षण कैंप में प्रशिक्षण लिया और 1947 में आरएसएस के फुल टाइम कार्यकर्ता बन गये।
विभाजन के बीज फैलने की वजह से उन्होंने लॉ की पढ़ाई बीच में छोड़ प्रचारक बन गए। उन्हें उत्तर प्रदेश भेजा गया और जल्द ही वे दीनदयाल उपाध्याय के साथ राष्ट्रधर्म (हिंदी मासिक ), पाञ्चजन्य (हिंदी साप्ताहिक) और दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे अखबारों के लिये पत्रकारिता करने लगे। वाजपेयी ने शादी नहीं की। वाजपेयी ने नमिता को दत्तक पुत्री बनाया है। प्रकृति प्रेमी वाजपयी हिमाचल प्रदेश के मनाली जाते थे जहाँ उनका एक घर भी है।
वाजपेयी भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्य भी है, वाजपेयी ने भारतीय जन संघ का संचालन भी किया है। मोरारजी देसाई की केविनेट में वे विदेश मंत्री रहे। साल १९८० में जब भारतीय जनता पार्टी बनी तो वे उसके पहले अध्यक्ष बनाये गए। अटल बिहारी वाजपेयी भारत के १०वें प्रधानमंत्री रहे। वे पहले 1996 में 13 दिन तक और फिर 1998 से 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री बने रहे। वे किसी गैर कांग्रेसी सरकार को चलने वाले पहले पीएम भी बने। लोकसभा चुनाव में वाजपेयी ने नौ बार जीत हासिल की। उन्होंने स्वास्थय  समस्या के चलते राजनीति से सन्यास ले लिया।
वाजपेयी को २५ दिसम्बर, 2014 को राष्ट्रपति कार्यालय में भारत का सर्वोच्च पुरस्कार “भारत रत्न” की घोषणा हुई जबकि  उन्हें सम्मान देने राष्ट्रपति खुद 27 मार्च, 2015 को उनके घर आये थे। उनका जन्मदिन 25 दिसम्बर ”गुड गवर्नेंस डे” के रूप में मनाया जाता है।
कविता वाजपेयी की पहचान थी। कविताओ के बारे में वे कहते थे – ”मेरी कवितायेँ युद्ध की घोषणा करने जैसी है जिसमें हारने का कोई डर न हो। मेरी कविताओं में सैनिक को हार का डर नहीं बल्कि जीत की चाह होती है। मेरी कविताओं में डर की आवाज नहीं बल्कि जीत की गूंज होगी। वाजपेयी को १९९२ में पद्म विभूषण, १९९३ में डी.लिट (डॉक्टरेट इन लिटरेचर), कानपुर यूनिवर्सिटी, १९९४ में  लोकमान्य तिलक पुरस्कार, १९९४ में बेस्ट संसद व्यक्ति का पुरस्कार, १९९४ में भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड, २०१५ में भारत रत्न और इसी साल  लिबरेशन वॉर अवार्ड (बांग्लादेश मुक्तिजुद्धो संमनोना) मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने वाजपेयी के निधन पर सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। वाजपेयी का शुक्रवार शाम ५ बजे के करीब विजय घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके लिए वहां १.५ एकड़ ज़मीन उनके स्मारक के लिए चयनित की गयी है। उनका शव एम्स से उनके निवास ६ कृष्णा मेनन मार्ग के लिए ले जाया जा रहा है। कल सुबह ९ बजे से उनकी पार्थिव देह भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखी जाएगी। कई प्रदेश सरकारों ने शुक्रवार को अपने यहाँ छुट्टी का ऐलान किया है। दिल्ली सहित कुछ और प्रदेशों में कल स्कूल भी बंद रहेंगे।

वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक : एम्स का ब्यान

रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत काफी बिगड़ गई है। सुबह ११.०५ बजे एम्स की तरफ से जारी ब्यान में कहा गया है कि वाजपेयी अभी भी लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर हैं। ”उनकी हालत बहुत नाजुक है और कल रात जैसी ही बनी हुई है”।
इस समय मोदी सरकार के लगभग सभी मंत्री एम्स में हैं जबकि लाल कृष्ण आडवाणी भी वही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी थोड़ी देर में वहां आने वाले हैं। एम्स के नजदीक सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। कुछ रास्तों पर से वाहनों और रेडियों को हटा दिया गया है।
मोदी सरकार के तमाम बड़े नेता सुबह से अस्पताल में वाजपेयी को देखने एम्स पहुँच रहे हैं।
वाजपेयी करीब ढाई महीने से दिल्ली के ”एम्स” में भर्ती हैं। वाजपेयी को  ”लाइफ स्पोर्ट सिस्टम” पर रखा गया है जिससे संकेत मिलता है कि उनकी हालत बहुत नाजुक है। भाजपा के एक बड़े नेता के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री की हालत ”बहुत गंभीर” है।
वाजपेयी की गंभीर हालत की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी हालत जानने बुधवार शाम एम्स पहुंचे।
गौरतलब है कि वाजपेयी को 11 जून को किडनी, छाती और यूरिन में इन्फेक्शन की शिकायत पर एम्स में भर्ती करवाया गया था। वाजपेयी को 2009 में भी एक स्ट्रोक पड़ चुका है। बता दें कि ये चौथी बार है कि पीएम मोदी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे हैं।
वैसे एम्स की तरफ से अभी वाजपेयी की सेहत को लेकर कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। इससे पहले 11 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी वाजपेयी का हालचाल लेने ‘एम्स’ पहुंचे थे। करीब ९३ साल के वाजपेयी की सेहत को लेकर देश भर में उनके प्रशंषकों की तरफ से प्रार्थना की जा रही है।

पूर्व पीएम वाजपेयी ”लाइफ स्पोर्ट सिस्टम” पर

रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत काफी बिगड़ गई है। रात सवा दस बाके एम्स की तरफ से जारी ब्यान में कहा गया है कि वाजपेयी लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर हैं। ”उनकी हालत पिछले २४ घंटे में बिगड़ी है”। पीएम के बाद इस समय कई और केंद्रीय मंत्री और नेता वाजपेयी से मिलने एम्स पहुँच रहे हैं।
वाजपेयी करीब ढाई महीने से दिल्ली के ”एम्स” में भर्ती हैं। वाजपेयी को लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर रखा गया है जिससे संकेत मिलता है कि उनकी हालत बहुत नाजुक है। भाजपा के एक बड़े नेता के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री की हालत ”बहुत गंभीर” है।
वाजपेयी की गंभीर हालत की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी हालत जानने बुधवार शाम एम्स पहुंचे। पता चला है कि मोदी वहां काफी देर तक रहे। पीएम ने डाक्टरों से वाजपेयी की हालत की जानकारी ली। पीएम से पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी एम्स में अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत  का हाल जानने वहां पहुंची थीं।
गौरतलब है कि वाजपेयी को 11 जून को किडनी, छाती और यूरिन में इन्फेक्शन की शिकायत पर एम्स में भर्ती करवाया गया था। वाजपेयी को 2009 में भी एक स्ट्रोक पड़ चुका है। बता दें कि ये चौथी बार है कि पीएम मोदी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे हैं।
इससे पहले 11 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी वाजपेयी का हालचाल लेने ‘एम्स’ पहुंचे थे। करीब ९३ साल के वाजपेयी की सेहत को लेकर देश भर में उनके प्रशंषकों की तरफ से प्रार्थना की जा रही है।

शिवपुरी में १२ लोग झरने में बहे

मध्य प्रदेश के शिवपुरी इलाके में बुधवार को एक बड़े हादसे में पिकनिक के लिए तीन दर्जन से ज्यादा  लोगों में से १२ लोग बह गए हैं जिनका अभी कुछ पता नहीं चला है। उनके अलावा बाकी लोग अभी भी झरने के तेज बहाव के बीच एक चट्टान पर फंसे हुए हैं हालाँकि इनमें से 5 लोगों को बचा लिए जाने की खबर है। बचाव अभियान चलाया गया है हालांकि अँधेरे के चलते इसमें दिक्कत आ रही है। फंसे लोग ग्वालियर के बताये जा रहे हैं।
महाराजगढ़ से हेलीकॉप्‍टर  की व्‍यवस्‍था की गई है जो झरने में रोशनी फेंक कर लोगों का हौसला बढ़ाया जा रहा है। अँधेरे के कारण रेस्‍क्‍यू में बाधा आ रही है। एमपी के सीएम शिव राज चौहान ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को फोन कर मदद के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि और हेलीकॉप्टर आने से बचाव में मदद मिलेगी। शिव राज ने भरोसा दिलाया है कि उन्हें बचा लिया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना शिवपुरी और ग्‍वालियर की सीमा पर स्थित सुल्‍तानगढ़ पोल की है जो एक पिकनिक स्पॉट है। पिकनिक मनाने गए इन लोगों में से करीब १२ उस समय पाने के तेज बहाव में बह गए जब अचानक झरने में बाढ़ सी गयी। पता चला है कि झरने में पानी बढ़ने से यह लोग बह गए और कुछ ही दूर आगे करीब १०० फुट की ऊंचाई से नीचे गिर गए। अभी तक इन लोगों का कुछ पता नहीं चला है। जलप्रपात करीब सौ फीट गहरा है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना शाम सबा चार बजे की है। स्वतंतर्ता दिवस की छुट्टी होने के कारण वहां पर बड़ी संख्‍या में लोग पिकनिक मनाने और प्राकृतिक झरने में नहाने गए थे। शाम करीब सबा चार बजे झरने में पानी का प्रवाह तेज हो गया। इस बीच वहां करीब 20 लोग नहा रहे थे। नौ बजे यह रिपोर्ट लिखे जाने तक बाकी फंसे लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। हालांकि अँधेरा होने के चलते मुश्किल पेश आ रही है। करीब तीन दर्जन लोग अभी फंसे हैं।
पहले उन्हें रस्सी से बचाने की कोशिश की गयी लेकिन इसमें ज्यादा मदद नहीं मिली है। अंधेरा होने के कारण हेलीकॉप्‍टर से एयर लिफ्ट करने में समस्‍या आ रही है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर भी वहां मौजूद हैं। फिलहाल बारिश रुकी है।
सुल्तानगढ़ झरने पर एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है। कुछ लोग खतरा भांपते हुए तेजी से तैर कर किनारे पर पहुँच गए और जान बचा ली। मोहना के सरपंच ने घटना की सूचना मिलते ही तत्‍काल अपने स्‍तर पर कुछ गोताखोरों को बुलाया। एक चट्टान पर २७-२८ जबकि दूसरी पर एक व्यक्ति फंसा है। तमाम सरकारी अमला इस समय मौके पर जुटा हुआ है।

चार साल में बदल गया देश, लाल किले से बोले पीएम

”अपने मन में एक लक्ष्य लिए, मंजिल अपनी प्रत्यक्ष लिए, हम तोड़ रहे हैं जंजीरे, हम बदल रहे हैं तस्वीरें, यह नवयुग है यह नवभारत है, खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, बदल रहे हैं तस्वीर, हम निकल पड़े हैं अपना तन-मन अर्पण करके, जिद है एक सूर्य उगना है, अंबर से आगे जाना है, एक भारत नया बनाना है।”
भारत के 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा लहराया, २०१९ के चुनाव से पहले आखिरी बार। अपने भाषण में सब कुछ शामिल किया। पिछले करीब पांच साल के अपने शासन में देश की सूरत बदल देने का दावा। और यह भी कि उससे पहले देश के नाते भारत दुनिया के सामने मुरझाया सा स्वरुप लिए था और दुनिया भारत की तरफ देखते हुए निराशा का भाव रखती थी। कुल मिलकर २०१९ के लोक सभा चुनाव को नजर रख पीएम मोदी ने देश की जनता के बहाने अपने मतदाता के मन में सकारात्मकता भरने का भरपूर प्रयास किया। उन्होंने एक तरह से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के साढ़े चार साल बाद उछाले गए नारे – इण्डिया शाइनिंग – जैसा ही भाव देने की कोशिश की कि उनके शासन काल के इस साढ़े चार साल में देश बहुत ”शाइन” करने लगा है।  
देश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और दुष्कर्म पर मोदी ने दुःख जताया लेकिन उदाहरण दिया सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान में बहुत कम समय में फांसी देने से, जहाँ जल्दी ही चुनाव होने हैं। मोदी के एक घंटे से ज्यादा के भाषण का सार यही कि सब कुछ अच्छा २०१४ के बाद ही हुआ हालांकि उन्होंने अपने भाषण में इस बार २०१३ के वर्ष से आंकड़े बताये। विपक्ष के महंगाई, राफेल विमान खरीद में घोटाले के आरोप और देश में बढ़ रहे मअब लिंचिंग के मामलों पर कुछ नहीं कहा। इसे चुनावी भाषण कहा जा सकता है। हो सकता है विपक्ष अब कहे कि जो दावे मोदी ने अपने भाषण में किये उनकी सच्चाई तो किसी सोशल ऑडिट से ही सामने आ सकती है। 
अपने भाषण की शुरुआत में मोदी ने कहा कि आज का सूर्योदय एक नई चेतना लेकर आया है। देश की बेटियों की उपलब्धिया गिनाते हुए उन्होंने कहा कि आज हम पर्व हम तब मना रहे हैं, जब हमारी उत्‍तरांचल, मणिपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश की बेटियों ने सात समंदर पार करके हमारे बीच लौट आईं है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि आज का पर्व हमारे लिए कई तरह की खुशिया लाया है। आज पूरा भारत इस बात पर गर्व कर रहा है कि हिन्दुस्तान ने विश्‍व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था होने का गौरव हासिल कर लिया है। 
मोदी ने कहा कि देश के 10 करोड़ परिवारों को यानी करीब 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा की योजना देने वाले हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का आज 15 अगस्त से परीक्षण शुरू हो रहा है। 25 सितंबर को दीन दयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।
अपने ८२ मिनट के भाषण में यूपीए के मुकाबले अपने सरकार के कामकाज की गति की तुलना की। पीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि 2022 तक भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजेगा। उन्होंने बेटियों को बड़ा तोहफा देते हुए महिलाओं के लिए सेना में स्थायी कमीशन की घोषणा की। 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये सालाना बीमा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ को 25 सितंबर से लागू करने का ऐलान किया।
पीएम ने बाबा साहेब अम्‍बेडकर को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद अम्‍बेडकर जी के नेतृत्‍व में भारत ने एक समावेशी संविधान का निर्माण किया गया था। यह संविधान कहता है कि  भारत के तिरंगे से हमें प्रेरणा मिलती है। इसके साथ ही यह संविधान हमारे लिए कुछ जिम्‍मेदारियां लेकर भी आया है। आज हम सभी का कर्त्तव्य है कि हम समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर समान गति से मिलकर आगे बढ़ें।
जम्मू-कश्मीर को लेकर पीएम ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने हमें रास्ता दिखाया था। हम उन्हीं की तरह ”इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत” को आगे बढ़ाना चाहते हैं। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का विकास करना है। हम कश्मीरियों को गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं। कश्मीर के पंच आकर हमसे अपील करते थे कि पंचायत चुनाव हो। जल्द ही वहां पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव होंगे।
कहा कि आजादी का यह पर्व हम तब मना रहे हैं जब हमारी बेटियां, उतराखंड, हिमाचल, मणिपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश की बेटियों ने सात समंदर पार किया और सातों समंदर को तिरंगे रंग से रंगकर लौट आईं। अभी-अभी लोकसभा और राज्यसभा के सत्र पूरे हुए हैं। यह सत्र बहुत अच्छे ढंग से चला और संसद का यह सत्र पूरी तरह सामाजिक न्याय को समर्पित था। सोशित, वंचितों और महिलाओं की हकों की रक्षा के लिए संवेदनशीलता के साथ समाजिक न्याय को मजबूत किया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर पिछड़ों-अति पिछड़ों के हकों की रक्षा का प्रयास किया। 
मोदी ने कहा कि भारत विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। ऐसे सकारात्मक माहौल में हम आजादी का पर्व मना रहे हैं। देश को आजादी दिलाने के लिए बापू के नेतृत्व में लाखों लोगों ने जवानी जेलों में गुजार दी। बहुत से लोगों ने आजादी के लिए फांसी के फंदे को चूम लिया। मैं उन वीरों को सलाम करता हूं। इस तिरंगे की आन-बान-शान के लिए सैनिक दिन रात देश की सेवा में लगे रहते हैं। मैं अर्धसैनिक बलों और पुलिसबल को लाल किले की प्राचीर से शत-शत नमन करता हूं। 
मोदी ने कहा कि इन दिनों देश के कोने-कोने से अच्छी बर्षा के साथ बाढ़ की खबरें आ रही हैं। अतिवर्षा की वजह से जिन्हें मुसीबतें झेलनी पड़ीं उनके लिए देश खड़ा है। जिन्होंने अपनों को खोया है उनके दुख में मैं सहभागी हूं। कहा मैंने पहले भी टीम इंडिया का सपना आपके सामने रखा है। जब जन-जन देश को आगे बढ़ाने के लिए जुटते हैं तो क्या कुछ नहीं हो सकता। मैं नम्रता के साथ कहना चाहूंगा कि 2014 में सवा सौ करोड़ देशवासियों ने सिर्फ सरकार नहीं बनाया, देश को आगे बढ़ाने के लिए जुटे रहे। 
पीएम ने कहा कि एलपीजी गैस कनेक्शन 2013 की रफ्तार से चले होते तो उस काम को पूरा करने में 100 साल भी ज्यादा लगता। ऑपटिकल फाइबर बिछाने में उस गति से पहुंचाने में सदियां लग जातीं। देश की अपेक्षाएं बहुत हैं। आज देश में बदलाव आया है। देश वही है, धरती वही है। हवा, आसमान वही हैं। अधिकारी वही हैं फाइलें वहीं हैं, लेकिन 4 साल में देश बदलाव महसूस कर रहा है। देश दोगुने हाइवे बना रहा है चार गुना मकान बना रहा है। देश रेकॉर्ड अन्न के साथ रेकॉर्ड मोबाइल बना रहा है। रेकॉर्ड ट्रैक्टर से रेकॉर्ड हवाई जहाज खरीदारी हो रही है। देश में नए आईआईटी, नए आईआईएम, नए एम्स बना रहा है। टायर-2 टायर थ्री सिटी में स्टार्टअप्स की बाढ़ है। सेना सर्जिकल स्ट्राइक से दुश्मन के दांत खट्टे करती है। देश नई उमंग से आगे बढ़ रहा है। किसान संगठन एमएसपी वृद्धि की मांग कर रहे थे। सालों से डेढ़ गुना एमएसपी की बात हो रही थी, लेकिन हमने हिम्मत के साथ फैसला लिया। जीएसटी पर कौन सहमत नहीं था। सबस चाहते थे, लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। आज हमारे व्यापारी के सहयोग से देश ने जीएसटी लागू कर दिया है। व्यापारियों को जीएसटी के साथ शुरू में कठिनाई आने के बावजूद आगे बढ़ाया। आज इन्सॉलवेंसी और बैंकरप्सी का कानून बना है। किसने ऐसा करने से रोका था। बेनामी संपत्ति के खिलाफ कानून क्यों नहीं बन पाया था। सैनिक वन रैंक-वन पेंशन की मांग कर रहे थे। हमने इसे पूरा किया।
मोदी ने कहा कि भारत के लिए पॉलिसी पैरालिसिस की बात कही जाती थी। वो भी एक वक्त था जब भारत को फ्रेगाइल-5 में गिना जाता था और आज दुनिया कह रही है भारत मल्टी ट्रिल्यन डॉलर निवेश का गंतव्य बन गया है। आज भारत की बात को दुनिया में सुना जा रहा है। दुनिया के मंचों पर हमने अपनी आवाज को बुलंद की है। आज हमें अनगिनत संस्थाओं में स्थान मिला है। आज भारत ग्लोबल वार्मिंग की बात करने वालों के लिए उम्मीद बना है। विश्व में भी भारत की ओर देखने का नजरिया मिला है। भारत में जब नॉर्थ ईस्ट की खबरें आती थीं तो लगता था कि ऐसी खबरें ना आएं तो अच्छा। लेकिन आज नॉर्थ ईस्ट से अच्छी खबरें आ रही हैं। कई फसलों का रेकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। उज्जवला योजना के तहत हमने घर-घर रसोई गैस पहुंचा रहे हैं। पिछले 2 साल में भारत में पांच करोड़ गरीब करीबी रेखा से बाहर आए। हमने गरीबों के लिए कई योजनाएं बनाई है। करीब 90 हजार करोड़ रुपया जो गलत लोगों के हाथों में गलत तरीके से जा रहे थे आज वह बचे हैं। जो इमानदार टैक्सदाता है। उन पैसों से ये योजनाएं चलती हैं। इसका पुण्य ईमानदार टैक्सदाताओं को जाता है। जब आप खाना खा रहे हैं तो तीन गरीब परिवार भी खाना खा रहा है और इसका पुण्य टैक्सदाता को मिलता है। प्रत्यक्ष टैक्सदाताओं की संख्या 2013 तक 4 करोड़ थी और आज पौने 7 करोड़ है, यह ईमानदारी का उदाहरण है।
मोदी ने कहा कि देश को दीमक की तरह भ्रष्टाचार ने बर्बाद किया। दिल्ली के गलियारों में आप पावर ब्रोकर नजर नहीं आते। कुछ लोग देश बेडरूम में बैठकर कहते थे सरकार की नीतियां बदल दूंगा, उनकी दुकानें बंद हो गईं। करीब 3 लाख फर्जी कंपनियां बंद कर दी गईं। एक समय पर्यावरण की मंजूरी भ्रष्टाचार का पहाड़ था, हमने सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। आज सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जज हैं, यह गर्व का विषय है। आजादी के बाद यह पहली कैबिनेट है जब महिलाओं को इतना सम्मान मिला है। मोदी ने कहा कि भारतीय सेना में सॉर्ट सर्विस कमीशन से नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरुष अधिकारियों की तरह स्थायी कमीशन की घोषणा करता हूं।
मोदी ने कहा कि बलात्कार की घटनाएं पीड़ा पहुंचाती हैं। पीड़िता से ज्यादा हमें पीड़ा होनी चाहिए। इस बुराई से देश को मुक्त करना होगा। पिछले दिनों मध्य प्रदेश में 5 दिन में बलात्कारियों के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। राजस्थान में भी ऐसा हुआ। इसकी चर्चा जितनी होगी इन राक्षसों को भय होगा। मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को मैं लाल किले से कहना चाहता हूं कि 3 तलाक ने उन्हें पीड़ा दी है। हमने इस संसद सत्र में तीन तलाक के खिलाफ बिल पेश किया था, लेकिन कुछ लोग अभी भी इसे पारित नहीं होने देना चाहते। मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं आपको न्याय दिलाकर रहूंगा। आए दिन नॉर्थ ईस्ट से बम-बंदूक की खबरें आती थीं। आज हमारे सुरक्षाबलों, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से कुछ वर्षों बाद त्रिपुरा और मेघायल अफस्पा मुक्त हो गया है। नक्सलवाद 126 जिलों से कम होकर 90 जिलों तक सिमट गया है। हमारा मंत्र है- सबका साथ सबका विकास।
मोदी ने कहा कि लोग मेरे लिए भी भांति-भांति की बातें करते हैं। लेकिन जो कुछ भी कहा जाता हो मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार करता हूं मैं बेसब्र हूं। मैं बेसब्र हूं देश को आगे ले जाने के लिए। मैं बेचैन हूं देश को कुपोषण को मुक्त करने के लिए। मैं व्याकुल हूं कि देश के सभी व्यक्ति को बीमा कवर मिले। मैं बेसब्र हूं कि देश के लोगों का जीवनस्तर में सुधार हो। मैं आतुर हूं कि क्योंकि मैं चाहता हूं कि देश अपनी क्षमता और संसाधनों का पूरा लाभ उठाए। रुकना और झुकना हमारे स्वभाव में नहीं। यह देश ना रुकेगा ना झुकेगा और ना थकेगा। हम सिर्फ भविष्य देखकर अटकना नहीं चाहते हैं।

आशुतोष का ‘आप’ से इस्तीफा, लेकिन केजरीवाल की ‘न’

राज्य सभा के चुनाव में अपनी नजरअंदाजी के बाद से ही कुछ ख़फ़ा से चल रहे पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने आखिर स्वतंत्रता दिवस पर आम आदमी पार्टी (आप) से आज़ादी पा ली। कहते हैं वे राज्य सभा में जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने दो बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जिससे आशुतोष ही नहीं कुछ और नेता भी नाराज हुए थे। अब उन्होने आप को टाटा कह दिया है।
हालांकि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने आशुतोष के इस्तीफे वाले ट्वीट के बाद अपने ट्वीट में लिखा – ”हम आपका इस्तीफा कैसे स्वीकार कर सकते हैं। न, इस जन्म में तो नहीं”। फिलहाल आशुतोष की इसपर प्रतिक्रया का इन्तजार है। देखना है कि उनके इस्तीफे को केजरीवाल की तरफ से नकार दिए जाने के बाद आशुतोष क्या फैसला करते हैं।
इससे पहले आप से अपनी विदाई पर आशुतोष ने ट्वीटर पर लिखा –  ”हर सफर का एक अंत होता है। मेरा आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ाव अच्छा और क्रांतिकारी था, इसका भी अंत हो गया है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने की अपील की है। यह शुद्ध रूप से बेहद व्यक्तिगत फैसला है। पार्टी और सहयोग देने वालों को धन्यवाद।” इस तरह आप को झटका लगा है। सम्भावना यही है कि वे पत्रकारिता में लौट आएंगे।
साल २०१४ के चुनाव के दौरान मोदी लहर में वह चांदनी चौक से तीन लाख से अधिक वोट पाकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री  हर्षवर्धन से एक लाख वोटों से हार गए थे। फिर भी वह कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से सवा लाख वोटों से आगे रहे। पार्टी नेतृत्व के साथ आशुतोष के मतभेद पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान उभरे, जब केजरीवाल ने सुशील गुप्ता जैसे उद्योगपति को टिकट दिया था। हालांकि पहले आशुतोष और संजय सिंह को राज्यसभा में भेजे जाना तय माना जा रहा था।
आशुतोष आप ही नहीं, राजनीति से भी संन्यास ले रहे हैं। आशुतोष के पत्रकारिता में दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। आम चुनाव से महज आठ महीने पहले आशुतोष जैसे कद्दावर नेता का पार्टी से जाना आप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर आशुतोष ‘आप’ से विदा

राज्य सभा के चुनाव में अपनी नजरअंदाजी के बाद से ही कुछ ख़फ़ा से चल रहे पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने आखिर स्वतंत्रता दिवस पर आम आदमी पार्टी (आप) से आज़ादी पा ली। कहते हैं वे राज्य सभा में जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने दो बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जिससे आशुतोष ही नहीं कुछ और नेता भी नाराज हुए थे। अब उन्होने आप को टाटा कह दिया है।
आप से अपनी विदाई पर आशुतोष ने ट्वीटर पर लिखा –  ”हर सफर का एक अंत होता है। मेरा आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ाव अच्छा और क्रांतिकारी था, इसका भी अंत हो गया है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने की अपील की है। यह शुद्ध रूप से बेहद व्यक्तिगत फैसला है। पार्टी और सहयोग देने वालों को धन्यवाद।” इस तरह आप को झटका लगा है। सम्भावना यही है कि वे पत्रकारिता में लौट आएंगे।
साल २०१४ के चुनाव के दौरान मोदी लहर में वह चांदनी चौक से तीन लाख से अधिक वोट पाकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री  हर्षवर्धन से एक लाख वोटों से हार गए थे। फिर भी वह कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से सवा लाख वोटों से आगे रहे। पार्टी नेतृत्व के साथ आशुतोष के मतभेद पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान उभरे, जब केजरीवाल ने सुशील गुप्ता जैसे उद्योगपति को टिकट दिया था। हालांकि पहले आशुतोष और संजय सिंह को राज्यसभा में भेजे जाना तय माना जा रहा था।
आशुतोष आप ही नहीं, राजनीति से भी संन्यास ले रहे हैं। आशुतोष के पत्रकारिता में दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। आम चुनाव से महज आठ महीने पहले आशुतोष जैसे कद्दावर नेता का पार्टी से जाना आप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

राइफलमैन औरंगज़ेब, मेजर आदित्य को मिलेगा शौर्य चक्र

अप्रतिम शौर्य दिखने वाले जम्मू कश्मीर के भारतीय सेना में राइफलमैन औरंगज़ेब जिन्हें आतंकवादियों ने अगवा कर यातनाएं देने के बाद शहीद कर दिया था, को भारत सरकार ने शौर्य चक्र देने का फैसला किया है। देश के लिए शौर्य दिखाने के लिए ही सरकार ने मेजर आदित्य कुमार को भी शौर्य चक्र का फैसला किया है।

गौरतलब है कि मेजर आदित्य ने इसी साल 27 जनवरी को जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में पत्थरबाजों को रोकने के लिए गोलियां चलाने का आदेश दिया था जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसकी जांच कराने के आदेश दिए थे।

जहाँ तक राइफलमैन औरंगज़ेब की बात है उन्हें जून १४ को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। औरंगजेब की आतंकवादियों ने पुलवामा से उस समय अगवा कर लिया था जब वह ईद की छुट्टी मनाने के लिए अपने घर जा रहा था। उसका अपहरण कर आतकवादी उसे अज्ञात स्थान पर ले गए थे।  बाद में उसका गोलियों से छलनी शव मिला था।

वे 44 राष्ट्रीय राइफल के साथ शोपियां के शादीमर्ग में तैनात थे। राजौरी जिले के मेंढर निवासी औरंगजेब ईद मनाने के लिए सुबह 9 बजे घर के लिए निकले थे। आतंकवादियों ने एक वीडियो भी जारी किया था जिससे जाहिर होता है की बहादुर औरंगज़ेब को टार्चर किया गया था। हालांकि वीडियो में बातचीत से साफ़ जाहिर होता था कि आतंकवादियों की गोलियों के सामने भी वह निडरता से उनके जवाब दे रहा था। अब भारत सरकार इस वीर सैनिक को मरणोपरांत शौर्य चक्र से नवाजेगी।  वे मेजर शुक्ला के साथ तैनात थे। मेजर शुक्ला ने मई में आतंकी समीर टाइगर को मुठभेड़ में मार गिराया था।
सरकार ने मेजर आदित्य कुमार को भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शौर्य चक्र से सम्मानित करने का फैसला किया है। मेजर आदित्य कुमार गढ़वाल राइफल्स के मेजर आदित्य जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। उन्होंने आतंकियों के खात्मे के लिए कई सफल ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। 27 जनवरी को सेना का काफिला सर्च ऑपरेशन से लौट रहा था। इसी दौरान शोपियां में प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। आदित्य ने पत्थरबाजों को रोकने के लिए गोलियां चलाने का आदेश दिया था जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। सरकार ने सेना में उनकी सेवा को देखते हुए उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया है।
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को  स्‍वतंत्रता दिवस से पहले वीरता पुरस्कारों का ऐलान किया। इस साल कुल 942 पुलिस मेडल दिए जाएंगे। केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीआरपीएफ) के पांच जवानों को भी शौर्य चक्र मिलेगा। कश्मीर में शहीद सीआरपीएफ के दो जवानों- कॉन्स्टेबल शरीफुद्दीन और हेड कॉन्स्टेबल मो. तफैल को वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार (पीपीएमजी) मिलेगा। सीआरपीएफ के 89 जवानों को पुलिस पदक (पीएमजी) देने का ऐलान किया गया। वीरता के लिए 177 पुलिस पदक (पीएमजी) दिए जाएंगे। इनमें 37 मेडल के साथ जम्मू-कश्मीर सबसे आगे है।

भाजपा को झटका, एक साथ चुनाव पर आयोग की न

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा है कि देश में लोक सभा चुनाव के साथ ११ राज्यों में विधानसभा चुनाव कराना संभव नहीं है क्योंकि आयोग के पास उतनी वीवीपैट नहीं हैं। आयोग के इस रुख से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है जो लगातार एक साथ चुनाव की वकालत कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक रोज पहले ही विधि आयोग को एक साथ चुनाव की वकालत वाला पत्र लिख चुके हैं।

आयोग प्रमुख रावत ने एक निजी टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में कहा कि यदि एक साथ चुनाव करवाने हों तो इसके लिए एक-दो महीने के भीतर ज्यादा वीवीपैट के लिए ऑर्डर करना होगा। रावत ने कहा – ”हमारे पास २०१९ में एक साथ लोक सभा और ११ राज्यों में चुनाव करवाने लायक वीवीपैट मशीनें नहीं हैं। यदि ऐसा करना है तो इसके लिए ज्यादा वीवीपैट मशीनों की ज़रुरत रहेगी और इसके लिए भी एक-दो महीने के भीतर आर्डर करना होगा”।

गौरतलब है कि कांग्रेस भाजपा के एक साथ चुनाव की इन कोशिशों का विरोध कर रही है। उसका आरोप है कि देश में लगातार अपनी बढ़ती अलोकप्रियता के चलते भाजपा इस तरह की कोशिश कर रही है। विधि आयोग के सामने गोवा फारवर्ड पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, द्रमुक, तेलुगुदेशम, माकपा, भाकपा, फारवर्ड ब्लॉक और जनता दल (एस) ने भी एक साथ चुनाव कराने का विरोध किया है।

याद रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को ही विधि आयोग को अपने सुझावों के साथ लिखे पत्र में कहा था कि एक साथ चुनाव कराने से देश में चुनाव पर होने वाले बेतहाशा खर्च पर लगाम कसने का रास्ता साफ़ होगा और इससे संघीय ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को विधि आयोग में जाकर देश में एक साथ चुनाव कराए जाने को लेकर अपना पक्ष रखा था। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे, महासचिव भूपेंद्र यादव और सांसद अनिल बलूनी शामिल थे। पार्टी का प्रस्तुतीकरण देने के साथ इन नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का पत्र भी विधि आयोग को सौंपा था।

शाह ने अपने पत्र में कहा है कि 1952 से 1967 तक देश में एक साथ चुनाव होते रहे थे। 1970 के बाद चुनाव का चक्र बिगड़ा। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने 1983 व विधि आयोग ने 1999 में और संसदीय समिति ने 2015 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने संबोधनों में इस विचार को रख चुके हैं। शाह ने कहा है कि इससे चुनाव पर सरकारी खर्च में कमी आएगी और आचार सहिंता से विकास कार्य रुक जाने से प्रगति में होने वाली बाधा को भी दूर किया जा सकेगा। शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते समय में महाराष्ट्र में संसदीय विधानसभा, स्थानीय निकाय के लगातार चुनाव होने से राज्य में 365 दिनों में से 307 दिन आचार सहिंता लागू रही। शिरोमणि अकाली दल, अन्नाद्रमुक, सपा और टीआरएस हालाँकि एक साथ चुनाव कराने के हक़ में हैं।

हिमाचल में तबाही, दो दिन में १९ लोगों की मौत

पिछले ४८ घंटे से हो रही बारिश पहाड़ी सूबे हिमाचल में बड़ी तबाही लेकर आई है। दो दिन में १९ लोगों की जान चली गयी है और प्रदेश के 6 नेशनल हाईवे चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-पालमपुर यह रिपोर्ट लिखे जाने तक बंद थे। प्रदेश में अब तक ७८० करोड़ रूपये के नुक्सान का आकलन किया गया है। दस जिलों में मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन स्कूल बंद रखने के आदेश सरकार ने दिए हैं। टोल फ्री नम्बर 1077 स्थापित किया गया है ताकि वर्षा के कारण हुए नुकसान पूर्वनुमान की सूचना उपलब्ध करवाई जा सके। शिमला में रास्ता बंद होने से मंगलवार को दूध, सब्ज़ी और अखबार नहीं पहुंचे।
प्रदेश में भू-स्खलन के कारण 923 सड़कें अवरूद्ध हैं, जिनमें 6 राष्ट्रीय उच्च मार्ग भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में भारी वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ  अधिकारियों की बैठक तालाब की और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राज्य उच्च मार्गों और राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर भू-स्खलन से निपटने के लिए अधिकारियों को तत्काल श्रमशक्ति और मशीनरी तैनात करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। प्रदेश सरकार ने बचाव, बहाली और पुनर्वास कार्यों के लिए 96.50 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। प्रदेश में भारी बारिश के कारण ७८० करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार ने पुनःस्थापन कार्य के लिए अभी तक 229 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

राज्य मुख्यालय पर प्राप्त सूचना के अनुसार अब तक विभिन्न जिलों से १९ व्यक्तियों की मृत्यु की खबर है जिनमें सबसे ज्यादा जानी नुक्सान सोलन जिले में हुआ है जहाँ ८ लोगों की जान गयी है।  बिलासपुर और ऊना जिले में एक-एक, हमीरपुर में दो, मण्डी में चार और कुल्लू और लाहुल में ३ लोगों की मौत हो गयी है। प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन के माध्यम से अंतरिम राहत प्रदान की गई है।

बारिश के चलते प्रदेश के 10 जिलों में मंगलवार को भी स्कूल बंद रखने के आदेश प्रशाशन ने जारी किये हैं। शिमला, किन्नौर, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, चंबा, बिलासपुर, हमीरपुर के सभी सरकारी और  निजी स्कूलों में 14 अगस्त की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कांगड़ा और मंडी में सभी स्कूलों के साथ काॅलेज भी बंद रहेंगे। सोलन में भी कॉलेज बंद रहेंगे। कांगड़ा में आईटीआई भी बंद रहेंगी।

इस बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़कों के अवरूद्ध होने के कारण सेब की ढुलाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आना सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सेब उत्पादक क्षेत्रों में अवरूद्ध सड़कों को तत्काल बहाल करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने उपायुक्तों को खराब मौसम के पूर्वानुमान के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए शिक्षण संस्थानों को 14 अगस्त को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्तों को सैलानियों और स्थानीय लोगों को नदियों के किनारे नहीं जाने देने के लिए कदम उठाने और ट्रैकिंग गतिविधियों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए हैं । उन्होंने कहा कि सड़कों, जल और विद्युत आपूर्ति की बहाली के लिए पर्याप्त श्रमशक्ति और मशीनरी तैनात की गई है और उपायुक्तों और सम्बन्धित विभागों को धनराशि जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में आवश्यक खाद्य सामग्री की कोई भी कमी नहीं है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और लोक निर्माण मनीषा नंदा ने कहा कि प्रदेश में भू-स्खलन के कारण 923 सड़कें अवरूद्ध हैं, जिनमें 6 राष्ट्रीय उच्च मार्ग भी शामिल हैं। विभाग इन सड़कों को शीघ्रातिशीघ्र खोलने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव और राहत कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है और अगर आवश्यक हो तो उपायुक्त सड़कों को बहाल करने और  अन्य कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर भी मशीनरी किराये पर ले सकते हैं।

उपायुक्त कुल्लू ने बताया कि मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग भू-स्खलन के कारण अवरूद्ध है और इस मार्ग को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। कांगड़ा जिले में 85 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है, जिनमें से अधिकतर सड़कों को सोमवार सायं तक आरम्भ कर दिया जाएगा। पठानकोट- मण्डी सड़क मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है और लम्बागांव में फंसे लोगों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

उपायुक्त सोलन ने बताया कि जिले में 8 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है और जिले में 102 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 62 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। कुमारहट्टी-नाहन सड़क को भी छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
बिलासपुर जिले के स्वारघाट राष्ट्रीय उच्च मार्ग और बिलासपुर-शिमला सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि जिले के अंदरूनी सड़कों को खोलने का कार्य प्रगति पर है। किन्नौर जिले के मालिंग नाला और स्कीबा और सांगला घाटी की सड़क को  बहाल कर दिया गया है। वहां कुछ पर्यटक  फंसे हुए हैं। लाहौल-स्पीति जिला की समदो-काजा-ग्राम्फू सड़क भू-स्खलन के कारण अवरूद्ध है। राष्ट्रीय उच्चमार्ग-21 पर हनोगी के निकट मुख्य सड़क पर पानी भरने के कारण यातायात अवरूद्ध है।