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आतंकियों ने 10 लोगों को अगवा किया

जे एंड के में अशांति फैलाने के मकसद से आतंकी संगठनों ने अब पुलिसवालों को अपने निशाने पर रखा है। शुक्रवार सुबह तक आतंकियों ने इसी मकसद से 10 लोगों को अगवा किया है जो कि सभी पुलिसवालों के परिजन या रिश्तेदार हैं।

मकसद इसका यही है कि सुरक्षा बलों का मनोबल गिराया जा सके। इसके बाद से सुरक्षा बलों ने बडे पैमाने पर सर्च अभियान छेड़ दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि आंतकी संगठनों ने यह सब उस स्थिति में किया जब एनआईए ने वांछित आतंकी सैयद सलाउद्वीन के दूसरे बेटे को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी आतंकी फंडिंग के मामले में की गई ।

आतंकियों द्वारा अगवा किए गए जुबैर अहमद भट्ट पुलिस कर्मी मोहम्मद मकबूल भट्ट के बेटे हैं। इसी तरह फैजान अहमद भी पुलिस कर्मी बशीर अहमद के बेटे हैं,सुमैर अहमद के पिता अब्दुल सलाम भी पुलिस में हैं।

अगवा किए गए आरिफ के भाई नाजिर अहमद पुलिस में एसएचओ हैं। गोहर अहमद के भाई एजाज डीएसपी हैं। उसी तरह अन्य अगवा किए गए भी पुलिस वालों के परिजन या रिश्तेदार हैं। यह सभी शोपियां,कुलगाम,अनंतनाग व अवंतिपोरा से अगवा किए गए हैं।

लालू ने सीबीआई कोर्ट में किया सरेंडर

चारा घोटाले से जुड़े मामले में सजा काट रहे राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार को रांची की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया।

अदालत ने थोड़ी राहत देते हुए खराब स्वास्थ्य के आधार पर उन्हें अस्पताल में इलाज कराने की इजाजत दे दी है।

रिपोर्ट्स की मुताबिक़ लालू को कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जाएगा. उसके ठीक बाद उन्हें रांची स्थित रिम्स अस्पताल भेजा जाएगा. जहां वे डॉक्टर की निगरानी में रहेंगे. जेल में लालू यादव का मेडिकल चेकअप होगा.

सरेंडर करने से पहले लालू यादव ने कहा कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। जो भी कोर्ट का आदेश होगा वह उसका पालन करेंगे।

उन्होंने कहा कि उनकी कोई इच्छा नहीं है. हालांकि, लालू ने कहा कि रिम्स अस्पताल में सुविधाओं की कमी है, वहां पर इन्फेक्शन फैला हुआ है।

लालू यादव पिछले कई दिनों से जमानत पर थे। रांची हाईकोर्ट के सरेंडर करने के आदेश से पहले वे मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती थे।

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 25 अगस्त को लालू यादव पटना पहुंचे थे।

शोपियां में ४ पुलिस जवान शहीद

जम्मू कश्मीर में एक बड़े आतंकी हमले में बुधवार को आतंकवादियों ने ४ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी।  वे उनके हथियार भी छीन कर ले गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर के शोपियां जिले के  तहत अरहामा गांव में आतंकियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में 4 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। आतंकी सुरक्षा बलों के हथियार छीनकर मौके से फरार हो गए। सुरक्षा बालों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और आतंकियों की धार-पकड़ की पूरी कोशिश जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों ने एक एस्कॉर्ट पार्टी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमले में चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सभी जवानों ने दम तोड़ दिया। एस्कॉर्ट पार्टी इस इलाके में एक पुलिस वाहन के रिपेयरिंग के लिए गई थी।
इस बीच एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने अनंतनाग में हिज्बुल के दो शीर्ष आतंकियों को मार गिराया था। मारे गए आतंकियों की पहचान शीर्ष हिज्बुल कमांडर अल्ताफ अहमद डार उर्फ अल्ताफ कचरू और उसके सहयोगी उमर राशिद के रूप में हुई। अल्ताफ अहमद डार उर्फ कचरू बुरहान वानी का करीबी भी था। हिज्बुल मुजाहिद्दीन का ये आतंकी कुलगाम में डिस्ट्रिक्ट कमांडर के रूप में कई वर्षों से सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा था। कचरू घाटी में बरहान की जगह लेना चाहता था लेकिन उससे पहले ही सुरक्षा बालों ने उसे मार गिराया।

टीटी सेमीफाइनल में हारे कमल-मनिका

एशियाई खेलों में बुधवार का दिन भारत के लिए मिला जुला रहा। स्टार महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा और उनके पुरुष जोड़ीदार अचंत शरथ कमल को खेलों के 11वें दिन सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा जिससे वे कांस्य पदक ही जीत पाए। अब तक भारत के कुल पदकों की संख्या 51 है जिनमें ९ स्वर्ण, 19 रजत और २३ कांस्य पदक हैं और वह पदक तालिका में 9वें स्थान पर है।
मिश्रित युगल टेबल टेनिस के सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के चुकिन वांग और सुन यिंगशा की जोड़ी ने 4-1 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। चीन की जोड़ी ने पांच सेटों तक चले मुकाबले में 11-9, 11-5, 11-13, 11-4, 11-8 से जीत हासिल कर फाइनल में स्थान पक्का किया।
भारत को आज पहला पदक, कांस्‍य के रूप में में टेबल-टेनिस में ही मिला।  भारत की उम्‍मीदें मुख्‍य रूप से मुक्केबाजों और एथलीटों पर टिकी हुई हैं। बॉक्सिंग में भारत के अमित फोंगल पुरुषों के 49 किलो वर्ग और विकास कृष्‍ण 75 किलो वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। अमित ने उत्तर कोरिया के बॉक्‍सर को हराया जबकि विकास कृष्‍ण ने बॉक्सिंग के 75 किग्रा वर्ग के क्‍वार्टर फाइनल में अपने चीन प्रतिद्वंद्वी को शिकस्‍त दी।
उधर स्‍क्‍वॉश के महिला वर्ग के टीम इवेंट में भारत ने सेमीफाइनल में पहुंचकर एक पदक पक्‍का कर लिया है। महिला टीम ने चीन को 3-0 से पराजित किया।

मंजीत की स्वर्णिम दौड़, रजत भी भारत के हिस्से

बहुत लम्बे आरसे के बाद यह पहला मौका था जब पोडियम पर दो भारतीय खिलाड़ी एक साथ खड़े थे। मंजीत स्वर्ण पदक और जिनसन जॉनसन रजत पदक के लिए। उधर पीवी सिंधु बैडमिंटन के फाइनल में हार गयी जिससे उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। भारत के एशियन खेलों में अब तक ९ स्वर्ण हो गए हैं। पुरुष हॉकी के पूल ‘ए’ के आखिरी मैच में भारत ने श्रीलंका को 20-0 से बुरी तरह हराया। मैच में कभी भी श्रीलंका भारत के लिए चुनौती पेश नहीं कर पाया। भारत एशियाई खेलों के 10वें दिन 9 स्वर्ण, 18 रजत और 22 कांस्य पदकों के साथ 9वें स्थान पर काबिज है।

एशियाई खेलों में भारत को नौवां गोल्ड मेडल मिला पुरुष वर्ग के 800 मीटर ट्रैक में। मंजीत सिंह ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनके साथ भारत के ही जिनसन दूसरे स्थान पर रहे और सिल्वर मेडल भी देश के लिए जीता। शुरुआत में मंजीत पीछे थे लेकिन अंत में उन्होंने पूरा जोर लगाते हुए सभी अन्य धावकों को पीछे छोड़ दिया। मंजीत ने 1.46.15 का समय लेते हुए अन्य प्रतिभागियों को कोई मौका नहीं दिया।

शुरुआत में पीछे चल रहे मंजीत चौथे स्थान पर थे। अंतिम 50 सेकण्ड में उन्होंने अपना पूरा दमखम लगाते हुए गोल्ड जीतकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। जिनसन जॉनसन भी शुरू में तीसरे नम्बर पर थे लेकिन अंतिम समय में उन्होंने अपना अभियान दूसरे स्थान पर समाप्त किया।

बैडमिंटन फाइनल में पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता। वे फाइनल में ताइ चु यिंग से हार गई। सिंधु को भले ही हार मिली लेकिन वो एशियाड में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।

भारत ने महिला कंपाउंड आर्चरी में भी सिल्वर मेडल जीता है। वे फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन साउथ कोरिया से हार गए। भारतीय टीम आखिर पलों मे लड़खड़ा गई और 231-228 से हार गई। भारत को आखिरी शॉट में 10s की जरूरत थी लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो पाए। पुरुष आर्चरी टीम को भी फाइनल में हार मिली और वो गोल्ड से चूक गई।

उधर पुरुष आर्चरी टीम को भी सिल्वर मेडल मिला। इसके पहले हिमा दास और दुती चंद दोनों ने महिला 200 मीटर के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। दुती ने अपनी हीट में टॉप करके क्वालीफाई किया वहीं हिमा ने लकी लूज़र के तौर पर क्वालीफाई किया।

पुरुष टेबल टेनिस टीम ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। भारत ने पहली बार एशियन गेम्स में मेडल जीता। वहीं कुराश में पिंकी बलहारा ने सिल्वर मेडल जीता और मलाप्रभा को ब्रॉन्ज मेडल हासिल हुआ। अनस, पूवाम्मा, हिमा दास और राजीव अरोकिया ने मिक्स्ड रिले रेस में सिल्वर मेडल जीता जबकि ४ गुना ४०० मीटर रिले रेस में भी भारत ने रजत ही जीता।

संपत्ति बचाने के लिये विजय माल्या लौट सकता है भारत

यहाँ पर अपनी संपत्ति बचाने के लिये  करीब 9,000 करोड़ रुपए के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी विजय माल्या लौट सकता है भारत।

जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो इस संबंध में पिछले दो महीनों से वो ऐसे संकेत दे रहा है।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि भारत में विजय माल्या की व्यापक संपत्ति है जो जांच एजेंसियों द्वारा अटैच्ड है।

इन संपत्तियों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के लिए वह एक नए रास्ते की कोशिश में हैं, लेकिन अभी तक विजय माल्या ने भारत सरकार के प्रत्यर्पण के प्रयासों का विरोध किया है।

हाल ही में विजय मल्या ने लंदन कोर्ट में ये दलील दी थी कि आर्थर रोड जेल में रोशनी नहीं आती और वहां कई बार मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है।

दरअसल लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान लंदन की अदालत ने भारत से उस जेल का एक वीडियो भी देने को कहा था, जहां प्रत्यर्पण के बाद माल्या को रखने की योजना है.

इस संबंध में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नये कानून के तहत एक बार अपराधियों की संपत्ति जब्त हो जाएगी, तो उसे दोबारा छुड़ाया नहीं जा सकेगा।

इसलिए भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या भारत लौटने को लेकर इतना उत्सुक है. विजय माल्या को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित करने को लेकर सुनवाई कर रही मुंबई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को मामले में अगली सुनवाई की तारीख तीन सितंबर को तय की है.

श्रीनगर होटल मामले में मेजर गोगोई पर होगी कार्रवाई

श्रीनगर में एक होटल के बाहर लड़की के साथ हिरासत में लिए गए मेजर लितुल गोगोई के खिलाफ अब अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने गोगोई को ड्यूटी के वक्त ऑपरेशनल एरिया से दूर होने का दोषी पाया है।

इसके अलावा मेजर गोगोई को निर्देशों के खिलाफ जाकर स्थानीय नागरिक से मेल-मिलाप बढ़ाने का भी दोषी पाया गया है।

बता दें कि इसी साल 23 मई को भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई श्रीनगर के होटल ग्रैंड ममता में बडगाम की लड़की के साथ हिरासत में लिए गए थे।

मामला सामने आने के बाद सेना ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया था।

याद रहे कि जब मेजर गोगोई  इस 18 साल की स्थानीय युवती को श्रीनगर के ममता होटल में ले जाना चाहते थे। जिसको लेकर उनकी होटल कर्मचारियों के साथ कहासुनी हुई थी।

इसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इस मामले में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि अगर मेजर गोगोई ने गलती की है तो उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जाएगी जो मिसाल होगी।

ये वही मेजर गोगोई हैं जो दो साल पहले उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्होंन उपद्रवियों से बचाव के लिए एक युवक को जीप पर बांधकर ढाल बना लिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उपद्रवी चुनावी ड्यूटी पर जा रहे अफसरों को निशाना बना रहे थे। मेजर गोगोई को इस मामले में क्लीनचिट मिल गई थी।

बता दें कि 53 राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात मेजर गोगोई को आतंकवाद रोधी अभियानों में अच्छे प्रदर्शन के लिए पिछले साल सेना प्रमुख के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था।

जेवेलियन थ्रो में नीरज ने दिलाया भारत को स्वर्ण

भारत ने एशियाई खेलों में सोमवार को एक और स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदकों की संख्या आठ कर ली। भारत के नीरज चोपड़ा ने जेवेलियन थ्रो में यह स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाला। एशियन गेम्स का ९वें दिन भारत के नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक स्पर्धा में राष्ट्रीय रेकार्ड (88.60 मीटर) के साथ एशियन गेम्स 2018 में स्वर्ण पदक जीता।  भारत ने ८ स्वर्ण, १३ रजत और २० कांस्य सहित कुल ४१ पदक जीते हैं।

उधर नीना वराकिल ने 6.51 मीटर की छलांग लगाकर महिला लम्बी कूद स्पर्धा का रजत पदक अपने नाम किया। वहीं धरुण अय्यासामी ने 400 मीटर बाधा दौड़ में 48.96 सेकेंड के साथ भारत को सिल्वर मेडल दिलाया। सुधा सिंह ने 3000 मीटर स्टेलपचेज में भारत के लिए 9:40.03 सेकेंड के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया।

इससे पहले भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु सोमवार को अपनी प्रतिद्वंदी को हराकर १८वें एशियाई खेलों की महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में पहुँच गयी। सिंधु ने एक कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को तीन सेटों में मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।  उधर दूसरी भारतीय स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल हालाँकि अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गयी। साइना को इस हार के बाद कांस्य पैदल से संतोष करना पड़ा है।

सिंधु का फाइनल में अब चीनी ताइपे की ताइ जु यिंग से मुकाबला होगा।

सिंधु ने एक घंटे और पांच मिनट चले मुकाबले में विश्व की दो नंबर की खिलाड़ी यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह पक्की की। यह पहला मौका है जब १९६२ में जब  बैडमिंटन एशियन गेम्स से जुड़ा, भारत का कोइ खिलाड़ी फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले भारत के खिलाड़ी कांस्य पदक से आगे नहीं बढ़े थे। सिंधु की जीत के बाद यह पहला मौका होगा जब एशियन गेम्स के इतिहास में भारत को स्वर्ण या रजत पदक हासिल होगा।  यानी पीवी सिंधु भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक और नया अध्याय लिख चुकी हैं।

जहाँ तक मुकाबले की बात है पहले ही गेम से ही दोनों के बीच बराबरी की टक्कर देखने को मिली।

अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी के खेल से परिचित सिंधु ने इसका फायदा उठाते हुए उनके खिलाफ स्कोर 8-8 से बराबर किया और इसके बाद 13-9 से बढ़त ले ली। सिंधु, जिसकी विश्व रैंकिंग तीन है, ने यामागुची पर इस बढ़त को बनाए रखा और अंत में पहला गेम 22 मिनट के भीतर 21-17 से अपने नाम कर लिया।

इसके बाद दूसरे गेम में भी दोनों में बराबरी का संघर्ष दिखा। हालांकि, अपने कद का फायदा उठाते हुए सिंधु बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही थी। यामागुची अपनी फुर्ति से सिंधु को उनके हर हमले का जवाब दे रही थी। सिंधु ने यामागुची की गलतियों का फायदा उठाया और उनके खिलाफ 10-6 की बढ़त हासिल कर ली। यहां जापान की खिलाड़ी ने वापसी की और सिंधु पर दबाव बनाते हुए 12-10 की बढ़त हासिल कर ली और 22 मिनट में सिंधु को 21-15 से हराकर दूसरे गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली। तीसरा गेम एकतरफा रहा जब सिंधु ने इसे २१-१० से जीत लिया।

इससे पहले भारत की साइना नेहवाल को सेमीफाइनल में विश्व नंबर-1 चीनी ताइपे की ताई जू यिंग से शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि, 18वें एशियाई खेल में साइना ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। भारतीय शटलर जीबीके स्टेडियम में शीर्ष वरीय ताई जू यिं के हाथों सीधे सेटों में 17-21, 14-21 से पराजित हुईं।

साइना नेहवाल की चुनौती सेमीफाइनल मुकाबले में 36 मिनटों में समाप्त हुई। भारतीय शटलर ने पहले गेम में काफी अच्छा खेल दिखाया और ताई को कड़ी टक्कर भी दी। मगर वह अहम मौकों पर अंक गंवा बैठीं और पहले गेम में 17-21 से पीछे रह गईं। इसके बाद दूसरे गेम के हाफ टाइम तक मैच रोमांचक हुआ, जहां भारतीय शटलर 10-11 से पिछड़ रहीं थी। यहां से ताई ने साइना को सिर्फ तीन अंक हासिल करने दिए और मुकाबला 21-17 से अपने नाम किया।

सिंधु फाइनल में, साइना सेमीफाइनल में हारी

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु सोमवार को अपनी प्रतिद्वंदी को हराकर १८वें एशियाई खेलों की महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में पहुँच गयी हैं। सिंधु ने एक कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को तीन सेटों में मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।  उधर दूसरी भारतीय स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल हालाँकि अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गयी। साइना को इस हार के बाद कांस्य पैदल से संतोष करना पड़ा है।

सिंधु का फाइनल में अब चीनी ताइपे की ताइ जु यिंग से मुकाबला होगा। भारत ने अब तक ७ स्वर्ण, दस रजत और १९ कांस्य पदकों सहित कुल ३६ पैदल जीते हैं।

सिंधु ने एक घंटे और पांच मिनट चले मुकाबले में विश्व की दो नंबर की खिलाड़ी यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह पक्की की। यह पहला मौका है जब १९६२ में जब  बैडमिंटन एशियन गेम्स से जुड़ा, भारत का कोइ खिलाड़ी फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले भारत के खिलाड़ी कांस्य पदक से आगे नहीं बढ़े थे। सिंधु की जीत के बाद यह पहला मौका होगा जब एशियन गेम्स के इतिहास में भारत को स्वर्ण या रजत पदक हासिल होगा।  यानी पीवी सिंधु भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक और नया अध्याय लिख चुकी हैं।

जहाँ तक मुकाबले की बात है पहले ही गेम से ही दोनों के बीच बराबरी की टक्कर देखने को मिली।

अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी के खेल से परिचित सिंधु ने इसका फायदा उठाते हुए उनके खिलाफ स्कोर 8-8 से बराबर किया और इसके बाद 13-9 से बढ़त ले ली। सिंधु, जिसकी विश्व रैंकिंग तीन है, ने यामागुची पर इस बढ़त को बनाए रखा और अंत में पहला गेम 22 मिनट के भीतर 21-17 से अपने नाम कर लिया।

इसके बाद दूसरे गेम में भी दोनों में बराबरी का संघर्ष दिखा। हालांकि, अपने कद का फायदा उठाते हुए सिंधु बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही थी। यामागुची अपनी फुर्ति से सिंधु को उनके हर हमले का जवाब दे रही थी। सिंधु ने यामागुची की गलतियों का फायदा उठाया और उनके खिलाफ 10-6 की बढ़त हासिल कर ली। यहां जापान की खिलाड़ी ने वापसी की और सिंधु पर दबाव बनाते हुए 12-10 की बढ़त हासिल कर ली और 22 मिनट में सिंधु को 21-15 से हराकर दूसरे गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली। तीसरा गेम एकतरफा रहा जब सिंधु ने इसे २१-१० से जीत लिया।

इससे पहले भारत की साइना नेहवाल को सेमीफाइनल में विश्व नंबर-1 चीनी ताइपे की ताई जू यिंग से शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि, 18वें एशियाई खेल में साइना ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। भारतीय शटलर जीबीके स्टेडियम में शीर्ष वरीय ताई जू यिं के हाथों सीधे सेटों में 17-21, 14-21 से पराजित हुईं।

साइना नेहवाल की चुनौती सेमीफाइनल मुकाबले में 36 मिनटों में समाप्त हुई। भारतीय शटलर ने पहले गेम में काफी अच्छा खेल दिखाया और ताई को कड़ी टक्कर भी दी। मगर वह अहम मौकों पर अंक गंवा बैठीं और पहले गेम में 17-21 से पीछे रह गईं। इसके बाद दूसरे गेम के हाफ टाइम तक मैच रोमांचक हुआ, जहां भारतीय शटलर 10-11 से पिछड़ रहीं थी। यहां से ताई ने साइना को सिर्फ तीन अंक हासिल करने दिए और मुकाबला 21-17 से अपने नाम किया।

ऑनलाइन एफआईआर पर हो रहा है विचार

गृह मंत्रालय ने विधि आयोग से पूछा है कि क्या लोगों को अपने घर से ऑनलाइन प्राथमिकी या ई-एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति दी जा सकती है।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के अनुसार उच्चतम न्यायालय के नवंबर 2013 के आदेश के अनुसार सीआरपीसी की धारा 154 के तहत अगर किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है और ऐसी स्थिति में प्रारंभिक जांच की अनुमति नहीं है तो प्राथमिकी दर्ज किया जाना अनिवार्य है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ विधि आयोग को मुद्दे पर विचार करने के दौरान कई सुझाव मिले हैं। इन सुझावों में कहा गया है कि अगर दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन करके लोगों को ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुमति दी जाती है तो इसका यह परिणाम हो सकता है कि कुछ लोग दूसरों की छवि धूमिल करने के लिये इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

विधि आयोग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने अनुसार , ‘‘हां, लोग प्राथमिकी दर्ज कराने के लिये थाने जाना मुश्किल पाते हैं। लोगों के लिये घर से प्राथमिकी दर्ज कराना काफी आसान हो जाएगा। हालांकि, ज्यादातर लोगों को पुलिस के समक्ष झूठ बोलने में कठिनाई होती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिसकर्मी शिकायतकर्ता के आचरण को समझते हैं। हालांकि, कोई भी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल दूसरे की छवि को नुकसान पहुंचाने में कर सकता है। यही अब तक हमें समझ में आया है। हालांकि, हमने अवधारणा को अभी समझना शुरू किया है। इसलिये यह कोई अंतिम बात नहीं है।’’

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार साल 2016 में कुल 48,31,515 संज्ञेय अपराध हुए।

इसमें से 29,75,711 अपराध भारतीय दंड संहिता के तहत तथा 18 लाख 55 हजार 804 विशेष एवं स्थानीय कानूनों के तहत अपराध हुए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 2015 की तुलना में इसमें 2.6 फीसदी की वृद्धि हुई। उस वर्ष कुल 47,10,676 संज्ञेय अपराध के मामले हुए।