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फरवरी में ही घोषित होंगे कांग्रेस प्रत्याशी !

कांग्रेस आने वाले लोक सभा चुनाव के लिए  ज्यादातर प्रत्याशियों का चयन फरवरी में ही कर लेगी। इसका फैसला दिल्ली में आज हुई बैठक में किया गया जिसमें महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी पहली बार शामिल हुईं। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष राहुल गांधी ने की। यह भी तय हुआ है कि ”अपरिहार्य मामलों” को छोड़कर बाहर से आने वालों को इस चुनाव में पार्टी टिकट न दिए जाएँ।

”तहलका” की जानकारी के मुताबिक इस बैठक में प्रण किया गया कि मोदी सरकार को हर हालत में उखाड़ फेंका जाएगा। जानकारी के मुताबिक बैठक में पार्टी ने उन ”इनपुट्स” पर गहराई से चर्चा की गयी जिसमें कहा गया है कि मोदी सरकार के प्रति जनता के मन में पिछले कुछ महीनों में सवाल खड़े हुए हैं। इन इनपुट्स में बताया गया है कि किसान, बेरोजगार और कुछ अन्य वर्ग मोदी सरकार से ज्यादा नाराज हैं और वे उसे दुबारा वोट नहीं देना चाहते।

माना जाता है कि कांग्रेस ने निजी एजेंसी के सर्वे से मिले इनपुट्स में से कुछ पर आज की बैठक में चर्चा की। इसमें एक यह भी था पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि लोक सभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा फरवरी में ही कर दी जाए और फिर उनपर फोकस कर प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी जाये।

इन इनपुट्स में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर यह है कि प्रियंका गांधी के आने से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर है और वे महसूस करते हैं कि राहुल-प्रियंका की जोड़ी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा को बड़ा झटका दे सकती है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ता चाहते हैं कि प्रियंका यूपी में पूरा फोकस करें और देश के दूसरे राज्यों में भी प्रचार के लिए जाएँ। इसका बहुत लाभ हो सकता है।

कहा गया है कि तीन बड़े राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद देश में माहौल बदला है। इनपुट्स में कहा गया है कि राहुल के प्रति जनता में भरोसा बढ़ा है और वे उन्हें पीएम के रूप में गंभीरता से देखने लगे हैं। किसानों और बेरोजगारों को अगले चुनाव में कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बताया गया है साथ ही यह भी कहा गया है कि दलितों और पिछड़ों में भी मोदी सरकार के प्रति नाराजगी है। और प्रियंका के आने के बाद ब्राह्मण भी यूपी सहित अन्य राज्यों में कांग्रेस से जुड़ सकते हैं।

पार्टी के इनपुट्स के मुताबिक मुस्लिमों में यह सन्देश गया है कि देश भर में कांग्रेस उभार पर है और वे अपने वोट को बंटने न दें तो भाजपा को रोका जा सकता है।

आज की बैठक में तकरीबन सभी नेताओं ने सुझाव दिए जिनमें प्रियंका गांधी भी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि राज्यों में सहयोगी दलों के साथ समझौते समय पर कर लिए जाएँ और जहाँ कांग्रेस की अपनी बड़ी संभावनाएं हैं वहां पूरी ताकत अपने बूते झोंक दी जाये।  यूपी को लेकर कहा गया है कि वहां कांग्रेस का अपना बड़ा जनाधार अभी भी है और उसे पुनर्जीवित कर नतीजे पटल दिए जाने की क्षमता कांग्रेस में है।

वाड्रा से जुड़े सवाल लीक हो रहे : तुलसी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ की सारी बातें मीडिया में पहुँच जाने पर उनके वकील केटीएस तुलसी ने सवाल उठाये हैं।

धनशोधन मामले में तुलसी वाड्रा के वकील हैं।  उन्होंने कहा कि किसी भी जांच का पहला सिद्धांत गोपनीयता होता है। ”लेकिन ईडी ने यहां जानकारी लीक की है, क्योंकि उनके पास जांच के लिए कुछ नहीं है। वह लोगों को सिर्फ गलत नाम देने के लिए बुला रहे हैं।”

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील तुलसी ने कहा कि सवाल मीडिया में लीक हो रहे हैं। ”जांच के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। विदेश में वाड्रा की कोई प्रोपर्टी नहीं है। मैं मीडिया से कहता हूं कि आप सच के साथ रहें।”

उधर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्य मंत्री  तेजस्वी यादव ने रॉबर्ट वाड्रा की ईडी जांच और पूछताछ पर कहा है कि चुनावी मौसम में भाजपा मनगढ़ंत कहानी बनाकर वाड्रा की जांच कर रही है, ताकि कांग्रेस के नेताओं को परेशान किया जा सके।

इस बीच धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा से लंबी पूछताछ की। पूछताछ के लिए रॉबर्ट वाड्रा और कार्ति चिदंबरम सुबह ईडी कार्यालय पहुंच गए थे। कार्ति से आईएनएक्स मीडिया मामले में पूछताछ की जा रही है।

उनके ५५ साल, मेरे ५५ महीने : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को इस लोक सभा के सम्भवता अपने आखिरी भाषण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधा। साथ ही मोदी ने अपने ५५ महीने को कांग्रेस के ५५ साल से बेहतर बताया और कहा – उनके ५५ साल और मेरे ५५ महीने। मोदी ने ”चाचा-मामा” के अपने परिचित संवाद को दोहराते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधा। 

मोदी ने कहा कि विपक्ष (कांग्रेस) के उनके विरोध के पीछे सारी मुसीबत के मूल में सबसे बड़ा कारण यह है कि गरीबी से उठा हुआ इंसान, जिसने दिल्ली की गलियां नहीं देखीं, उसने इतनी बड़ी सल्तनत को चुनौती दे दी। वह ये पचा नहीं पा रहे हैं। वह नशा है, वह यह सब करवा रहा है। उनके ५५ साल और मेरे ५५ महीने। स्वच्छता का दायरा ५५ साल में २०१४ तक ४० फीसदी था। पिछले ५५ महीने के भीतर ९८ फीसदी क्रॉस कर रहा है। गैस कनेक्शन ५५  साल में १२ करोड़ थे और ५५ महीने में १३ करोड़ गैस कनेक्शन और उसमें भी छह करोड़ उज्ज्वला।’’

पीएम ने कहा की ५५ साल में ५० फीसदी लोगों के खाते थे, ५५ महीने में शत-प्रतिशत तक पहुंच गए। साल १९४७ से पहले किसी गांव में बिजली नहीं थी। लेकिन, अगर सचमुच में जिस गति से ५५ महीने से सरकार चली है। ”अगर उस समय में आप काम करना चाहते तो पहले दो दशकों में हर जगह बिजली पहुंच जाती। यह काम जो २० साल में होना चाहिए था, उसे मुझे आकर पूरा करना पड़ा है।’’

मोदी ने कहा कि आपने (विपक्ष) कहा कि मोदी संस्थाओं को खत्म कर रहा है, बर्बाद कर रहा है। ”हमारे यहां कहावत है। उल्टा चोर चौकीदार को डांटे। मुझे लगता है कि इस पर विचार करने की आवश्यकता है। आपातकाल देश में कांग्रेस ने थोपा, लेकिन कहते हैं मोदी बर्बाद कर रहा है। सेना को अपमानित किया। सेनाध्यक्ष को गुंडा कहा और कहते हैं कि मोदी इंस्टीट्यूट बर्बाद कर रहा है। तख्तापलट की कहानियां गढ़ी जाती हैं। सेना की इज्जत पर इतना बड़ा बट्टा लगाया। ये जो आपने पाप किया है, भारत की सेना के सीने पर घाव लग रहा है। आज तक किसी ने ऐसा पाप नहीं किया केवल राजनीति के लिए। यह बुरा किया।’’

पीएम ने कहा – ५५ साल के सत्ताभोग ने कुछ लोगों की आदत खराब कर दी है कि वे खुद को शहंशाह मानते हैं और दूसरों को निकृष्ट मानते हैं। हर किसी का अपमान करना उनके स्वभाव में है। मुख्य न्यायाधीश को विवाद में खींचना, न्यायतंत्र, रिजर्वबैंक, सेनाध्यक्ष, चुनाव आयोग, देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी, लोकतंत्र का अपमान करना सत्ताभोग के कारण आपके अंदर आई हुई विकृति है। गांधीजी पहले ही समझ गए थे कि बीमारियों की रिसीविंग कैपेसिटी कांग्रेस की है। उन्होंने इसीलिए कांग्रेस को बिखेरने की बात कही। कांग्रेस मुक्त भारत मेरा नहीं, गांधीजी का विचार है। गांधीजी की बात को मैं पूरा करके ही रहूंगा। आप बच नहीं सकते।”

मोदी ने महागठबंधन पर भी निशाना साधा। कहा – ‘‘२०१४ में ३० साल के बाद देश की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी। देश अनुभव करता है कि जब मिलावटी सरकार होती है तो क्या हाल होता है। अब तो महा-मिलावट आने वाली है। महा-मिलावट आप कलकत्ते में इकट्ठा करो, लेकिन केरल में आप एक-दूसरे का मुंह नहीं देख पाते। उत्तर प्रदेश में तो आपको बाहर कर दिया गया है। हमारी अच्छी और अकल्पनीय सरकार के चलते यह महा-मिलावट (महागठबंधन) हुई है। देश ने ३० साल देखा है। जो हेल्थ कॉन्शियस सोसायटी महा-मिलावट से दूर रहती है, हेल्दी डेमोक्रेसी वाले भी महा-मिलावट से दूर रहेंगे।’’

ईवीएम पर उठ रहे सवालों पर मोदी ने कहा कि ”आप (विपक्ष) अपनी विफलता का ठीकरा ईवीएम पर थोप देते हैं। कहा – ‘‘हमारा चुनाव आयोग विश्व के लिए गौरव का केंद्र बनता जा रहा है। छोटी-मोटी शिकायतों के बावजूद सभी राजनीतिक दल उसकी बातें मानकर चल रहे हैं। लेकिन आप अपनी विफलता का ठीकरा ईवीएम पर थोप देते हैं। इतने डरे हुए हैं। क्या हो गया है आप लोगों को? न्यायपालिका को कांग्रेस धमकाती है। कांग्रेस के लोग अदालत के फैसलों पर जिस तरह से बयानबाजी कर रहे हैं उससे साफ हो जाता है।’’

राफेल पर पीएम ने कहा – ”राफेल को लेकर झूठ भी कॉन्फिडेंस से कैसे बोलते हैं? एक-एक आरोप का जवाब निर्मलाजी ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हर पहलू को देखा है। कांग्रेस नहीं चाहती है कि देश की वायुसेना मजबूत हो। मैं गंभीर आरोप लगा रहा हूं कि राफेल का सौदा रद्द हो, ये किस कंपनी की भलाई के लिए आप कर रहे हो। आप देश की सेना के साथ यह व्यवहार करते हो। तीस साल तक सेना को निहत्था बनाकर रखा था। इतिहास गवाह है कांग्रेस और यूपीए की सरकार का सत्ताभोग का कालखंड रक्षा सौदों में दलाली के बिना काम कर नहीं रह सकता था। मैं सोच रहा था कि राफेल को लेकर ये झूठ भी इतने कॉन्फिडेंस से क्यों बोलते हैं। वे ये मानकर चले हैं कि सत्ता भोग के काल में बिना दलाली हुआ ही नहीं। कोई चाचा, कोई मामा आ जाता था। जब पारदर्शिता और ईमानदारी से देश की वायुसेना को मजबूत करने का काम हो रहा है तो कांग्रेस के लोग बौखला जाते हैं। सच सुनने की आदत नहीं है। चेहरे उतरे हुए हैं, कारण यही है कि राजदार को पकड़कर लाए हैं।” 

नागेश्वर राव सुप्रीम कोर्ट में तलब

मोदी सरकार के आलोक कुमार को आधी रात को सीबीआई निदेशक के पद से छुट्टी पर भेजने के बाद जिन नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया था, उन्हें मुज़फरनगर शेल्टर होम मामले की जांच कर रहे अधिकारी एके शर्मा का सर्वोच्च अदालत के निर्देश के विपरीत तबादला करने के लिए सर्वोच्च अदालत ने कोर्ट में तालाब किया है। इस मामले की १२ फरवरी को सुनवाई रखी गयी है।

सर्वोच्च अदालत ने गुरूवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान कुछ कड़ी टिप्णियां कीं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच ने कड़े शब्दों में कहा कि पहली नजर में यही लग रहा है कि नागेश्वर राव ने सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का ट्रांसफर कर कोर्ट की अवमानना की है। कोर्ट ने कहा- अब भगवान ही आपकी मदद करे।
नागेश्वर राव ने अंतरिम निदेशक रहते मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस मामले की जांच कर रहे एके शर्मा का पिछले दिनों तबादला कर दिया था।  हालांकि, कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस मामले से जुड़े अधिकारियों की यथास्थिति बनाए।

अब सुप्रीम कोर्ट ने राव और एक अन्य अधिकारी को नोटिस भेजकर १२  फरवरी को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि तबादला आदेश जारी करने से पहले राव को कोर्ट से सहमति लेनी चाहिए थी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने गुरूवार को कहा कि हम इसे बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ खिलवाड़ किया है। अब भगवान ही आपकी मदद करे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ कभी खिलावाड़ न किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश के उल्लंघन के लिए सीबीआई प्रॉसिक्यूशन डायरेक्टर इंचार्ज एस भासु राम को भी मौजूद रहने का निर्देश दिया।

पहली बैठक के लिए प्रियंका कांग्रेस दफ्तर पहुँची

प्रियंका गांधी कांग्रेस मुख्यालय पहुँच गयी हैं। महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी गुरूवार को कांग्रेस की बैठक में पहली बार आधिकारिक रूप से हिस्सा लेंगी। इस बैठक की अध्यक्षता राहुल गांधी करेंगे और इसमें चुनावों को लेकर पार्टी के महासचिवों और वरिष्ठ नेताओं में चर्चा होगी।

प्रियंका के राजनीति में आने के बाद देश भर में जबरदस्त चर्चा है। यह दिलचस्प ही है कि जहाँ प्रियंका अगले चुनाव के लिए रणनीतिक बैठकों में व्यस्त होने लगी हैं, उनके पति राबर्ट वाड्रा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लगातार अपने दफ्तर बुलाकर उनसे पूछताछ कर रहा है। उनपर धनशोधन का आरोप है और ईडी का दावा है कि लन्दन में भी राबर्ट की सम्पति है जिसे लेकर यह पूछताछ वो कर रहा है।

कांग्रेस मुख्यालय में प्रियंका गांधी उस गेट से भीतर आईं जहाँ से सभी अन्य नेता और कार्यकर्ता आते हैं। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अध्यक्ष के लिए बने विशेष गेट से भीतर आये। कांग्रेस कार्यालय का प्रोटोकॉल है कि गेट से सिर्फ अध्यक्ष ही भीतर आ सकते हैं।

जानकार एक ही समय में राबर्ट से ईडी की पूछताछ और प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने को संयोग न मानकर राजनीति मान रहे हैं। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि राबर्ट से ईडी की पूछताछ महज ”मोदी सरकार की बदले की भावना की कार्रवाई” है। पार्टी नेताओं ने लगातार राबर्ट का बचाव किया है और खुद राबर्ट जोर देकर कह चुके हैं कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।

आज की बैठक में पार्टी के आने वाले चुनाव को लेकर अहम चर्चा होने की सम्भावना है। प्रियंका को राहुल ने महासचिव बनाकर यूपी के पूर्वांचल का जिम्मा सौंपा है जिसे बहुत अहम् माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस का किसी समय यह इलाका गढ़  रहा है।

बैठक में ग़ुलाम नबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, अम्बिका सोनी, मोटी लाल बोरा, केएल पुनिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि नेता शामिल हैं।

बीजापुर में १० नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरूवार को सुरक्षा बालों को एक बड़ी कामयाबी मिली है।  वहां १० माओवादियों को उन्होंने मार गिराया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी के पास सुरक्षा बल के जवान और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान यह नक्सली मारे गए। पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सिलयों से हथियार भी बरामद हुए हैं। यह नक्सली डीआरजी और एसटीएफ के साझे अभियान में ढेर किये गए।

पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक जवानों और नक्सलियों के बीच काफी लंबी  गोलीबारी हुई। पुलिस पार्टी नक्सलियों के गढ़ में धावा बोलने में सफल रही। अभी तक की जानकारी के मुताबिक पुलिस पार्टी को घटना स्थल पर आतंकियों के शव और हथियार मिले हैं।

फिलहाल आपरेशन के बाद पुलिस पार्टी अभी बेस कैंप में नहीं लौटी है।  जवानों के लौटने के बाद स्थिति और साफ होगी। इंदावती इलाके में जवानों ने खोज का काम तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बल के सभी लोग सुरक्षित हैं। बरामद हथियारों के बारे में ज्यादा जानकारी अभी फिलहाल नहीं है।

जानकारी के मुताबिक भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना सुरक्षा बल को मिली थी जिसके बाद  चलाया गया। इस दौरान माड़ इलाके में जवानों पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने जबरदस्त जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों को मार गिराया। दस नक्सलियों को मार गिराने का दावा पुलिस ने किया है।

सत्ता में आये तो तीन तलाक क़ानून ख़त्म : कांग्रेस

एक बड़े ऐलान में कांग्रेस ने गुरूवार को कहा कि लोक सभा चुनाव के बाद सत्ता में आने पर वह तीन तलाक क़ानून को ख़तम कर देगी। इसका ऐलान कांग्रेस अल्पसंख्यक सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने किया। 
सुष्मिता ने कहा कि हम तीन तलाक के समर्थन में नहीं लेकिन इसे जिस तरीके से भाजपा लाई है उसमें मुस्लिम पुरुषों को जेल में भेजने की साजिश है। कहा – ”हमारी सरकार बनेगी तो हम तीन तलाक कानून खत्म कर देंगे। ये कानून मुस्लिम पुरुषों को जेल में भेजने की साजिश है।”

इस सम्मलेन ने अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमले किये। गांधी ने गुरूवार को दिल्ली में कांग्रेस अल्पसंख्यक सम्मलेन में किया। दिसंबर में ही लोक सभा में इससे जुड़ा बिल पास हुआ था, हालांकि राज्य सभा से इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है।

उन्होंने कहा – ”इस चुनाव में आरएसएस और मोदी हारने जा रहे हैं। वे हर संस्थान पर आक्रमण करते हैं। वे सोचते हैं देश नीचे है और हम ऊपर हैं।  तीन महीने में देश इन्हें समझाने जा रहा है कि देश ऊपर है और आप नीचे हैं।” राहुल ने कहा कि अब कांग्रेस फ्रंट फुट पर खेलने जा रही है। और जनता और हमारे कार्यकर्ता मोदी को सत्ता से बाहर कर देंगे। कहा आज मोदी खुल के बोल नहीं सकते। कांग्रेस ने उन्हें चुप करवाया है।

राहुल ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस देश को एक ”प्रॉडक्ट” मानते हैं। कहा कि मोदी के चेहरे पर घबराहट है। यह साफ़ देखी जा सकती है। कहा कि मनमोहन सरकार में मंत्री फैसले लेते थे अब सिर्फ एक व्यक्ति देश को चला रहा है। नोटबांडी से लेकर जीएसटी उस एक ही व्यक्ति के फैसले हैं जिन्होंने देश को बर्बाद कर दिया। 

जब यह बिल लोक सभा में पास हुआ था तब इसके पक्ष में २४५ और विरोध में ११ वोट पड़े थे। राज्यसभा में इसे अभी सरकार पास नहीं करवा पाई है। इस रैली में राहुल ने पीएम मोदी पर सीधे सीधे आरोप लगाए और वहां मौजूद लोगों से – चौकीदार चोर है – के नारे भी लगवाए।
चुनाव से पहले कांग्रेस के इस ऐलान को बहुत बड़ा ऐलान माना जा रहा है। राहुल ने कहा कि यह देश सबका है लेकिन मोदी सरकार ऐसा नहीं मानती।  और वो लोगों को आपस में बाँट कर रही है जिससे देश में बिखराव का माहौल है।

कांग्रेस के अलावा विपक्षी पार्टियों के विरोध के चलते लंबे अरसे से अटका तीन तलाक विधेयक लोकसभा से पास हो गया था लेकिन  भाजपा का बहुमत न होने से यह वहां अटका पड़ा है। भाजपा भी इस विधेयक को राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल करती रही है।

राहुल ने सम्मलेन में कहा कि आरएसएस देश के संबिधान को कल्हातम कर देना चाहती है और मोदी सरकार आरएसएस की कठपुतली है। आरएसएस चाहती है कि परदे के पीछे से मोहन भागवत जी चलाएं।

वाड्रा पूछताछ के बाद ईडी आफिस से निकले

ईडी से गुरूवार की पूछताछ के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के व्यवसायी पति राबर्ट वाड्रा ईडी आफिस से बाहर निकल आये हैं। उनसे आज करीब १२० मिनट पूछताछ चली है। उन्हें लांच ब्रेक के कारण ईडी ने फ्री किया है या उनसे पूछताछ पूरी हो गयी है यह अभी साफ़ नहीं है।

इस मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि राबर्ट वाड्रा के मामले में ईडी की तरफ से मीडिया को पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जा रहे है जो अक्सर नहीं होता। पूछताछ की जानकारी ईडी से मीडिया के लिए भी निकलना आमतौर पर आसान नहीं होता। हालांकि इस मामले में राबर्ट वाड्रा से जुडी जानकारी पूरी तरह सामने आ रही है।

राबर्ट के देश के बड़े राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के कारण इसपर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। उनकी पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कल साफ़ कहा था कि वे पूरी ताकत से अपने पति के साथ खड़ी हैं।

कांग्रेस पहले ही इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता चुकी है। वह सवाल कर रही है कि चुनाव से दो महीने पहले मोदी सरकार को इसकी याद आने से जाहिर है कि वह विरोधी दलों के नेताओं, उनके परिजनों और विपक्ष की सरकारों को उत्पीड़ित करने कर रही है। कांग्रेस के नेता यह भी सवाल उठा चुके हैं कि भाजपा के सरकारों में भ्रष्टाचार, भाजपा अध्यक्ष के बेटे के बैंक से जुड़े आरोपों, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह के बेटे का नाम पनामा पेपर्स में आने पर भी कोइ कार्रवाई नहीं हुई।

आज अभी तक राबर्ट वाड्रा से करीब १२० मिनट पूछताछ हुई है और वे कुछ देर पहले ही ईडी के दफ्तर से निकले हैं। रॉबर्ट को लेकर ईडी का दावा है कि उनका मामला कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से विदेशों में संपत्तियां रखने से संबंधित है।

बेरोजगारी के खिलाफ दिल्ली में छात्र मार्च

बेरोजगारी का मसला हमेशा मोदी सरकार के लिए परेशानी का सबब रहा है और विपक्ष खासकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मसले पर मोदी सरकार को लगातार घेरते रहे हैं। मोदी सरकार के लिए यह मुद्दा चुनावी साल में इसलिए भी राजनीतिक मुसीबत का मुद्दा है क्योंकि है उनकी ही सरकार के

नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) ने रोजगार के आंकड़े जारी करते हुए खुलासा किया है कि देश में इस समय बेरोजगारी पिछले ४५ साल के उच्चतम स्तर पर है। अब गुरूवार को राजधानी दिल्ली में देशभर से आए युवा प्रदर्शन कर रहे हैं जिसे ‘‘यंग इंडिया अधिकार मार्च” का  है।

जाहिर है लोकसभा चुनाव से ऐन पहले रोजगार का मुद्दा मोदी सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। अब सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाले इस मसले पर

गुरुवार को देश की कई यूनिवर्सिटियों के छात्र संगठन दिल्ली में ”यंग इंडिया अधिकार मार्च” शुरू कर चुके हैं जिसमें बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे हैं।

इन छात्रों का मार्च लाल किले से शुरू हुआ है और संसद मार्ग तक जाएगा।

गौरतलब है कि हाल ही में नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस ने रोजगार के आंकड़े जारी किए थे जिनके मुताबिक देश में बेरोजगारी ४५ साल के उच्चतम स्तर पर है। आंकड़ों के मुताबिक बेरोजगारी की दर ६.१ फीसदी है। आंकड़ों सामने के आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी पार्टियों ने केंद्र सरकार को घेरा था, हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आंकड़ों को गलत बताया था।

मार्च में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी, एफटीआईआई,    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के अलावा और भी छात्र शामिल हैं। इन सभी यूनिवर्सिटियां के छात्र पिछले एक महीने से देशभर में रोजगार, अच्छी शिक्षा के मुद्दे को उठा रही हैं।

गौरतलब है कि मार्च का मुख्य मकसद सस्ती अच्छी शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार, भेदभाव से मुक्ति और आजाद विचार को लागू करवाना है। इससे पहले भी इन संगठनों ने एसएससी, रेलवे भर्ती, पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। मार्च में हार्दिक पटेल, योगेंदर  यादव जैसे नेता शामिल हैं।

नोएडा के मेट्रो अस्पताल में आग लगी

नोएडा के सेक्टर १२ स्थित मेट्रो हार्ट अस्पताल में गुरूवार दोपहर १२.१५  पर  भीषण आग लग गयी है। आशंका है कि करीं दो से तीन दर्जन मरीज/लोग इसमें फंस गए हैं। आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की जा रही है। फायर टेंडर बुला लिए गए हैं।
भीतर फंसे लोगों में ज्यादातर मरीज हैं जो आईसीयू, इमरजेंसी या दूसरे  गंभीर हैं। भीतर धुंआ भर रहा है जिससे हालात गंभीर हो गए हैं। अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं और आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड वहां पहुँच गयी हैं। अस्पताल से शीशी तोड़े जा रहे हैं ताकि लोगों को बचाया जा सके। 
टीवी फुटेज में देखा गया है कि अस्पताल में फंसे लोगों में से कुछ ने खिड़की से कूद कर जान बचाने की कोशिश की। आरोप है कि अस्पताल में आग से बचने के सही इंतजाम नहीं जिससे इसपर काबू पाने में दिक्कत आ रही है।
करीब दो से तीन दर्जन लोगों के भीतर फंसे होने की आशंका है जिनमें ज्यादातर मरीज है। आशंका है कि बिजली के किसी उपकरण से आग लगी हो सकती है। भीतर धुंआ भरने को ज्यादा चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि इसे भीतर फंसे लोगों को ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
अस्पताल के भीतर फंसे लोगों के छेखने चिलाने की आवाजें आ रही हैं।
कुछ लोगों को बचाया भी गया है। लोग भी बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए हैं।