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मोदी सरकार की ‘निंदा’ पर अमोल पालेकर को बोलने से रोक दिया

एक और घटना ने देश में अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक कार्यक्रम का है जहाँ पीएम मोदी के एक विभाग की  आलोचना करने पर मशहूर अभिनेता अमोल पालेकर को बोलने से रोक दिया गया।

इस कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है। पालेकर एनजीएमए के मुंबई और बंगलूरू केंद्रों की एडवाइजरी समिति को कथित तौर पर खत्म करने के लिए संस्कृति मंत्रालय की आलोचना कर रहे थे। वीडियो में दिख रहा है कि मंच पर मौजूद एनजीएमए की एक सदस्य ने इसका विरोध किया और कहा कि उन्हें कार्यक्रम के बारे में बात करनी चाहिए। इस पर पालेकर ने कहा कि वह उसी बारे में बात करने जा रहे हैं। क्या आप सेंसरशिप लगा रहे हैं।

अभिनेता पालेकर को नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (एनजीएमए) के इस कार्यक्रम की प्रदर्शनी के दौरान सिर्फ इस लीजिए बोलने से रोक दिया गया, क्योंकि वे मोदी सरकार के संस्कृति मंत्रालय की आलोचना कर रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें मंत्रालय की आलोचना करने से कई बार टोका। वे जब नहीं रुके तो उनका विरोध किया गया। ऐसे में नाराज अमोल पालेकर अपना भाषण बीच में ही रोक कर बैठ गए।

जब पालेकर संस्कृति मंत्रालय की कमियों पर बोल रहे थे तो स्टेज के पास मौजूद एक महिला ने उनका विरोध किया और कहा कि यह कार्यक्रम प्रभाकर बारवे के बारे में है और आप उन्हीं पर बात करें। लेकिन, पालेकर ने रुकने से मना कर दिया जिसके बाद उन्हें बोलने से रोक दिया गया। मजबूरन अपनी बात बीच में ही छोड़ कर पालेकर को बैठना पड़ा। हा है कि पालेकर एनजीएमए के मुंबई और बंगलूरू केंद्रों की एडवाइजरी समिति को कथित तौर पर खत्म करने के लिए संस्कृति मंत्रालय की आलोचना कर रहे हैं। मंच पर मौजूद एनजीएमए की एक सदस्य ने इसका विरोध किया और कहा कि उन्हें कार्यक्रम के बारे में बात करनी चाहिए। इस पर पालेकर ने कहा कि वह उसी बारे में बात करने जा रहे हैं। क्या आप सेंसरशिप लगा रहे हैं।

अभिनेता पालेकर को नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (एनजीएमए) के इस कार्यक्रम की प्रदर्शनी के दौरान सिर्फ इस लीजिए बोलने से रोक दिया गया, क्योंकि वे मोदी सरकार के संस्कृति मंत्रालय की आलोचना कर रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें मंत्रालय की आलोचना करने से कई बार टोका। वे जब नहीं रुके तो उनका विरोध किया गया। ऐसे में नाराज अमोल पालेकर अपना भाषण बीच में ही रोक कर बैठ गए।

जब पालेकर संस्कृति मंत्रालय की कमियों पर बोल रहे थे तो स्टेज के पास मौजूद एक महिला ने उनका विरोध किया और कहा कि यह कार्यक्रम प्रभाकर बारवे के बारे में है और आप उन्हीं पर बात करें। लेकिन, पालेकर ने रुकने से मना कर दिया जिसके बाद उन्हें बोलने से रोक दिया गया। मजबूरन अपनी बात बीच में ही छोड़ कर पालेकर को बैठना पड़ा।

जहरीली शराब से मरने वाले १०० से पार

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा १०० के पार हो गया है और आशंका जताई जा रही है कि यह और ज्यादा हो सकता है। इस मामले में अब तक १७० से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब ३०० मामले दर्ज किया जा चुके हैं। कई अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है।

यूपी के सहारनपुर में में सबसे ज्यादा ६५, कुशीनगर में नौ और उत्तराखंड के हरिद्वार और रुड़की में ३२ लोगों की मौत हो चुकी है। जहरीली शराब से दोनों राज्यों में इतनी बड़ी संख्या में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। विपक्षी कांग्रेस और सपा ने इसे योगी सरकार की बड़ी नाकामी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी से इस्तीफे की मांग की है।

इतने बड़े पैमाने पर मौतों के बाद कई परिवार बर्बाद हो गए हैं। इसके बाद भले योगी सरकार ने अवैध शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाना शुरू किया है लेकिन लोग पूछ रहे हैं कि सरकार अभी तक क्या कर रही थी। यूपी के सहारनपुर, रायबरेली, जालौन, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, मऊ, ललितपुर, आगरा, सीतापुर, बिजनौर, वाराणसी, कौशांबी, झांसी और एटा आदि जिलों में अभियान चलाकर अब तक नौ हजार लीटर कच्ची शराब जब्त की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि सरकार यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी तरह का षड्यंत्र है। उधर उत्तराखंड के पूर्व  मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे भाजपा सरकारों की नाकामी बताया है। इस बीच सहारनपुर से आबकारी अधिकारियों ने ४०५ लीटर अवैध शराब जब्त की है। अब तक जानकारी में सामने आया है कि शराब को ज्यादा नशीली बनाने के लिए रैट पॉइजन (चूहेमार दवा) मिलाई जाती थी।

मेरठ के अस्पताल में भी सहारनपुर के कुछ लोगों को भर्ती किया गया है। इस घटना की एफआईआर तीन अलग-अलग थानों में दर्ज हुई है। अब तक ३०  लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, इनमें से कुछ आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लागने की तैयारी भी चल रही है।

टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रभावित इलाकों के लोगों का कहना है कि वे पिछले लम्बे समय से अवैध शराब को लेकर शिकायतें कर रहे थे लेकिन कोइ कार्रवाई नहीं हुई।

बंगाल में टीएमसी विधायक की हत्या

पश्चिम बंगाल में चुनाव के नजदीक हिंसा का दौर शुरू हो गया है। वहां सत्तारूढ़ टीएमसी के विधायक सत्यजीत बिस्वास की हत्या कर दी गयी है। वे नदिया जिले में कृष्णागंज हलके से तृणमूल कांग्रेस के विधायक थे। इस घटना को लेकर जो एफआईआर दर की गयी हैं उसमें भाजपा के नेता मुकुल रॉय का भी नाम है जो पहले टीएमसी के नेता थे।

फिलहाल पुलिस टीएमसी विधायक सत्यजीत बिस्वास की हत्या के मामले की जांच कर रही है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं हंसखाली पुलिस स्टेशन  के इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बिस्वास की शनिवार रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या की। जब यह घटना हुई, बिस्वास पत्नी और सात महीने के पुत्र  के साथ क्षेत्र में सरस्वती पूजा के कार्यक्रम में थे। हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं।

यह पहली ऐसी घटना जब किसी विधायक की हत्या हुई है। घटना के बाद दर्ज एफआईआर में भाजपा नेता मुकुल रॉय का भी नाम है। इस घटना के बाद राजनीति शुरू हो गयी है। टीएमसी ने इसे भाजपा का गन्दा खेल बताया है जबकि भाजपा का कहना है कि यह टीएमसी के भीतर की लड़ाई का नतीजा है।

इस बीच राज्य के जेल मंत्री उज्जवल बिस्वास ने टीएमसी विधायक की हत्या के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।  नादिया की कृष्णागंज से विधायक सत्यजीत बिस्वास प्रभावशाली मटुआ समुदाय से ताल्लुक रखते थे। मटुआ समुदाय पचास के दशक में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए थे। राज्य में इस समुदाय की आबादी करीब ३० लाख है। उत्तर और दक्षिण २४ परगना की पांच लोकसभा सीटों पर समुदाय का काफी असर है।

यह माना जाता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस समुदाय के लोगों को लुभाने की कोशिश कर रही थी। पीएम मोदी ने भी कुछ रोज पहले २४ परगना के ठाकुरनगर में मटुआ समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में दक्षिण २४ परगना जिले के जयनगर से तृणमूल कांग्रेस के विधायक बिस्वनाथ दास की कार पर कुछ नकाबपोश हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की घटना सामने आई थी। इस घटना में तीन लोगों की जान चली गयी थी। बंगाल सरकार ने इस हमले की जांच सीआईडी को सौंपी है।

पुलवामा में २ आतंकी ढेर

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लम में आतंकवादियों के साथ यह मुठभेड़ अभी जारी है क्योंकि सुरक्षा बालों को आशंका है कि वहां एक से दो आतंकी और छिपे हो सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक केल्लम गांव में दहशतगर्दों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सेना के जवानों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया जिसके बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बालों की जबाबी कार्रवाई से दो  आतंकी ढेर कर दिए गए।

घटना शनिवार देर रात की है जब सुरक्षा बालों को आतंकियों के छिपे होने के जानकारी मिली। सेना के जवानों ने पूरे गांव को चारों ओर से घेर लिया और खोजबीन शुरू की। तलाशी अभियान से बौखलाए आतंकियों ने सेना पर गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया।  अभी भी इलाके से गोलीबारी की आवाजें आ रही हैं।

इसी जिले में बुधवार को भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के मुताबिक लित्तर इलाके के चकूरा गांव में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और खोज अभियान शुरू किया। जैसे ही छिपे आतंकियों के चारों ओर घेरे को कड़ा किया गया तो उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाई, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

किसिंग सीन से सोशल मीडिया पर छाईं प्रिया प्रकाश

पिछले वेलेंटाइन डे पर अंखियों से गोली मारकर ( विंक) से पलक झपकते ही इंटरनेट सेंसेशन बन चुकी प्रिया प्रकाश फिर सुर्खियों में हैं। पिछली दफा अपनीअपकमिंग फिल्म ‘उरु अदार लव’ की एक वीडियो में विंक करने के चलते हार्ट थ्रोब बनी प्रिया अब किसिंग सीन की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं।

इस वायरल वीडियो में प्रिया अपने को-स्टार रोशन अब्दुल राउफ के साथ किसिंग सीन में हैं। प्रिया और रोशन के इस इंटेंस किस के अलावा दोनों के बीच रोमांस भी चर्चा में है।साउथ की यह दीवा अब ‘श्रीदेवी बंग्लो’ से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही है लेकिन इस फिल्म को श्रीदेवी के पति बोनी कपूर के  लीगल नोटिस भेजे जाने से पचड़े में फंस गयी है । बोनी कपूर का मानना है कि श्रीदेवी की बाथटब में डूबकर हुई मौत का मजाक है। बोनी कपूर से प्रोड्युसर इस बात की अनुमति भी नहीं ली गई।

वाड्रा से दिन में दूसरी बार ईडी की पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा शनिवार को दोपहर बाद एक ही दिन में दूसरी बार उपस्थित हुए। यह पूछताछ अभी जारी है।

वाड्रा से छह और सात फरवरी को भी ईडी अधिकारीयों ने लंबी पूछताछ की थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट धनशोधन के कथित मामले में इस समय ईडी की पूछताछ के घेरे में हैं। वाड्रा आज सुबह भी मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में अपने निजी वाहन से सुबह करीब १०.४५ बजे पहुंचे थे।

इससे पहले उनसे छह और सात फरवरी को पूछताछ की गई थी। वाड्रा से पहली बार करीब साढ़े पांच घंटे और दूसरी बार करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी। शनिवार को भी अब तक वाड्रा से करीब छह घंटे की पूछताछ हो चुकी है।

जानकारी के मुताबिक वाडर अपने साथ कुछ दस्तावेज भी लाये हैं। पिछली बार पूछताछ के दौरान वाड्रा को ईडी ने कुछ दस्तावेज दिखाए थे। वैसे इस मामले में भी तक यह दिलचस्प रहा है कि वाड्रा से पूछताछ की ”सारी जानकारी” मीडिया के सामने आ रही जो अम्मोनाना ईडी की पूछताछ में होता नहीं है। , वाड्रा के वकील कीटीएस तुलसी इस पर गंभीर विरोध जाता चुके हैं। यह भी संभावना हो सकती है कि कुछ चुनिंदा जानकारी ही ”लीक” की जा रही हो लिहाजा यह कितनी ठोस है, कहना मुश्किल है।

छत्तीसगढ़ नान घोटाले में डीजी, एसपी ससपेंड

छत्तीसगढ़ के चर्चित नान घोटाला और फोन टैपिंग मामले में राज्य की कांग्रेस सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस के दो बड़े अधिकारीयों को निलंबित कर दिया है।

यह निलंबन उन के विरुद्ध अपराधिक मामला दर्ज किए जाने के बाद किया गया है। नान घोटाले की जाँच के लिए बने विशेष जांच दल (एसआइटी) ने दोनों के खिलाफ गुरुवार को शाम मामला दर्ज किया था। ‘तहलका’ की जानकारी के मुताबिक इन अधिकारियों में डीजी मुकेश गुप्ता और एसपी रजनेश सिंह शामिल हैं।

रजनेश नारायणपुर के एसपी हैं जबकि मुकेश गुप्ता ईओडब्लू के डीजी थे और कांग्रेस सरकार ने आते ही उन्हें पुलिस मुख्यालय भेजा गया। हालांकि, उन्हें कोई विभाग नहीं दिया गया था। उधर धमतरी के एसपी रहे रजनेश सिंह को सरकार ने हाल ही में नारायणपुर ट्रांसफर किया था। निलंबन अवधि तक दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय में अपनी उपस्थिति देनी होगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को अचानक दिल्ली पहुंचे थे उस वक्त ही लगा था कि कुछ बड़ा होने वाला है। कहा गया है कि शुक्रवार शाम ही दोनों अधिकारियों के निलंबन आदेश जारी हो गया था।

दोनों के निलंबन आदेश में लिखा गया है कि उपरोक्त कृत्य अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम १९६८ के नियम-३ का उल्लंघन है, इसलिए इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाना प्रक्रियाधीन है। इसलिए, दोनों आईपीएस अफसरों का निलंबित किया जाता है। इसके बाद से ही पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।

शिलॉन्ग में पुलिस कमिश्नर राजीव से पूछताछ जारी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शिलॉन्ग पहुंचे कोलकाता के पुलिस कमिश्नर   राजीव कुमार से सारदा चिट फण्ड मामले में सीबीआई ने किसी अज्ञात स्थान पर पूछताछ की है।

पूछताछ के लिए सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने दस सदस्यीय टीम गठित की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शिलॉन्ग के सीबीआई कार्यालय और एक अज्ञात स्थान पर जांच दल राजीव कुमार से पूछताछ कर रहा है। सीबीआई अफसरों से उन्होंने कहा कि वह पूछताछ में सहयोग करेंगे। उधर सीबीआई के अफसर और राजीव कुमार शिलांग में सीबीआई के दफ्तर पहुंच गए थे।

गौरतलब है कि सीबीआई उनसे घोटाले से जुड़े सबूतों को कथित तौर पर नष्ट करने में उनकी भूमिका पर सवाल करेगी। इसी का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दिया है। सारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार पूछताछ के लिए शिलॉन्ग स्थित सीबीआई दफ्तर सुबह ही पहुंच गए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई को राजीव कुमार से पूछताछ की अनुमति मिली है। इससे पहले सीबीआई ने पिछले हफ्ते कोलकाता में उनके आवास पर उनसे पूछताछ करने कोशिश की थी, लेकिन इस मामले में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कूद जाने के बाद इसने राजनैतिक रंग ले लिया था। सीबीआई कुमार से सारदा चिटफंड घोटाले में सबूतों को नष्ट करने में उनकी भूमिका को लेकर सवाल-जवाब करेगी।

सीबीआई दफ्तर में राजीव कुमार के साथ तीन अन्य आईपीएएस अफसर शिलांग पहुंचे हैं। मंगलवार को राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई से उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया था, लेकिन कुमार से कहा था कि वह जांच में सीबीआई का सहयोग करे। सीबीआई ने राजीव कुमार के लिए 100 सवालों की सूची तैयार की है।

येदियुरप्पा पैसे देकर सरकार गिराने की साजिश रच रहे : कांग्रेस

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा पर पैसे देकर विधायक खरीदने और जीडीएस-कांग्रेस सरकार गिराने का आरोप लगातार लगता जा रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक ऑडियो जारी कर दावा किया है कि भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा उनकी सरकार गिराने के लिए विधायकों को प्रलोभन दे रहे हैं। कांग्रेस ने भी ऐसे ही आरोप लगाकर कहा है कि भाजपा और येदियुरप्पा की पैसे देकर सत्ता के भूख  मिटाने की इस कोशिश से पूरा देश स्तब्ध है।

कर्नाटक कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार को कर्नाटक की खबर सुनकर पूरा देश स्तब्ध था। ”कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने येदियुरप्पा की ऑडियो क्लिपिंग जारी की जिसमें जेडीएस के एक विधायक ने कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने के लिए मोदी जी और अमित शाह की गंदी राजनीति का खुलासा किया।”

उधर दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कर्नाटक के टेप में येदियुरप्पाजी २० विधायकों को १०-१० करोड़ रुपए की रिश्वत का ऑफर देते सुनाई दे रहे हैं। ”इसका मतलब २०० करोड़ की रिश्वत देने को तैयार हैं। चुनाव के खर्च के लिए १० करोड़ रुपए अतरिक्त देने के लिए कहते सुनाई दे रहे हैं। मोदीजी, ये ४०० करोड़ क्या काला धन नहीं? टेप में नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम लेकर ये भी कहा गया कि जो विधायक रिश्वत लेकर इस्तीफा देंगे उनके केस को निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों को अप्रोच किया जाएगा। क्या भाजपा के नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर अब सुप्रीम कोर्ट को अपना पिछलग्गू मानने लगे हैं?”

उधर बेंगलुरु में कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा – ”यह (ऑडियो क्लिप) बताता है कि बीएस येदियुरप्पा हर विधायक को १० करोड़ रुपए की पेशकश कर रहे हैं। साफ़ है कि १८ विधायक हैं। इसलिए यह लगभग २०० करोड़ रुपए आता है। वह १२ विधायकों को मंत्री पद की पेशकश कर रहे हैं, छह को विभिन्न बोर्डों में अध्यक्ष पद की पेशकश की गई।’

वेणुगोपाल ने कहा कि ऑडियो से साफ़ है कि वह इस्तीफा देने के बाद विधायकों को चुनाव खर्च भी दे रहे हैं। ”उन्होंने अपने विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराने के लिए स्पीकर को ५० करोड़ रुपए की पेशकश की। क्लिपिंग में अमित शाह और नरेंद्र मोदीजी के नामों का जिक्र येदियुरप्पा के माध्यम से यहां और वहां प्रबंधन के लिए किया गया है।”

जहरीली शराब से यूपी, उत्तराखंड में ७१ की मौत

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शराब दर्जनों परिवारों के लिए कहर बनकर टूटी है। अब तक दोनों राज्यों में इससे ७१ लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों अस्पतालों में पड़े ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अबसे ज्यादा लोगों की जान गयी है।

शनिवार को यह बात सामने आई है कि शराब में चूहे मारने वाली दबाई मिलाई हुई हो सकती है ताकि उसका नशा तेज हो सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहरीली शराब से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल ७१ लोगों की जान अब तक जा चुकी है। उत्तराखंड के रुड़की में शराब से १३  लोगों की मौत हुई  है जबकि यूपी के कुशीनगर में ११ और सहारनपुर में ४६  लोगों की मौत हुई है।

उत्तर प्रदेश में मृतकों के परिजनों के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने २-२ लाख रुपए आर्थिक मदद का ऐलान किया है। उधर कुशीनगर में दारोगा समेत पांच पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि लापरवाही के आरोप में रुड़की में आबकारी विभाग के १३ लोग निलंबित किए गए हैं।  शुरुआती जांच के बाद आधिकारियों ने बताया कि शराब का नशा  तेज करने के लिए उसमें चूहे मारने की दवा मिलाए जाने का शक है।

जिस शराब से लोगों की जान गयी है उसे जांच के लिए लखनऊ की लैब में भेज दिया गया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में शनिवार को अधिकारियों ने ६०० पेटी शराब जब्त की है। साथ ही शराब के तस्करों को गिरफ्तार किया और शराब के ट्रक जब्त किए गए।

उधर रुड़की के झबरेड़ा इलाके में १३ लोगों की जहरीली शराब से मौत हुई है।  मरने वाले लोग एक ही इलाके के हैं। इन लोगों ने गुरुवार की शाम शराब पी थी जिसके बाद उनकी तबियत खराब होनी शुरू हो गयी। लोगों को  फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया।