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जयपुर जेल में पाक कैदी की हत्या

जयपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को एक पाकिस्तानी कैदी की हत्या कर दिए जाने की खबर है। हत्या जेल में बंद कुछ कैदियों के बीच टीवी देखने को लेकर झगड़े के बाद हुई। जान गंवाने वाले कैदी की पहचान शाकिर के रूप में की गयी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक झगड़े के दौरान दूसरे कैदियों ने शाकिर ऊल उर्फ मोहम्मद हनीफ की इतनी पिटाई कर दी कि उसकी मौत ही हो गयी। एक सूचना के मुताबिक अन्य कैदियों ने शाकिर के सिर पर पत्थर की चोटें मारीं जो उसके लिए जानलेवा साबित हुईं। पुलिस के मुताबिक यह कैदी पाकिस्तान के सियालकोट का था और २००१ से जेल में बंद था। उसे २०१७ में आजीवन कारावास की सजा दी गई थी।

शाकिर की मौत की सूचना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। शाकिर को सिमी के लिए जासूसी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जयपुर की सेंट्रल जेल में विभिन्न मामलों में पाकिस्तान के पांच कैदी बंद हैं। पुलिस के अनुसार कैदी का साथी कैदियों से झगड़ा हुआ जिन्होंने पत्थर से उसका सिर बुरी तरह कुचल दिया। जेल के भीतर पत्थर कैसे आया यह अभी साफ़ नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक टीवी देखने को लेकर शुरू हुए झगड़े के बाद तीन कैदियों ने उसे जमकर पीटा और पत्थर से उसका सिर बुरी तरह कुचल दिया। घटना की जानकारी मिलते ही राज्य के आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम भी मौक़े पर गई है। राज्य के महानिरीक्षक जेल रुपिंदर सिंह ने  घटना की पुष्टि की है।

सऊदी अरब-भारत में पांच समझौते

भारत और सऊदी अरब के बीच बुधवार को पांच समझौते हुए। यह समझौते

सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद की दो दिन की भारत यात्रा के दौरान हुए हैं। भारत यात्रा पर पहुंचे युवराज की आगवानी   प्रोटोकॉल के हटकर पीएम नरेन्द्र मोदी ने हवाई अड्डे पर जाकर की और उनके गले भी मिले। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही प्रिंस सलमान पाकिस्तान के दौरे पर गए थे जहाँ उन्होंने पाक की प्रशंसा के साथ-साथ उसे २० अरब डॉलर की मदद का भी  ऐलान किया था।

सऊदी अरब के युवराज का राष्ट्रपति भवन में परम्परागत ढंग से स्वागत किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद का मसला एक प्रमुख मुद्दा रहा। साझा प्रेस कांफ्रेंस में आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात दोनों देशों के प्रमुखों ने कही।  भारत और सऊदी अरब के साझा बयान में बताया गया है कि दोनों देशों में पांच समझौते किये गए।

पीएम मोदी ने कहा भारत में उनके पहले दौरे पर युवराज और उनके प्रतिनिधि मंडल का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। मोदी ने कहा – ”हमारे सदियों पुराने रिश्ते रहे हैं। हमारे रिश्तें हमेशा अच्छे रहे हैं। साल २०१६ में मेरी यात्रा के दौरान ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए गए थे। यह हमारे विस्तृत पड़ोस में है, एक करीबी दोस्त है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।”

पीएम ने कहा कि आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। ”हमने अपने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है। हम अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने सहयोग को मज़बूत करने पर सहमत हुए हैं और इंटरनेशनल सोलर अलायंस में सऊदी अरब का स्वागत करते हैं।”

उधर  सऊदी युवराज ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ खुफिया जानकारी बांटने समेत हर कदम पर सहयोग करेंगे।

गौरतलब है कि दक्षिण एशिया के दौरे पर निकले प्रिंस को पहले इस्लामाबाद से सीधे नई दिल्ली आना था लेकिन पुलवामा हमले के मद्देनजर भारत ने उनके सीधे आने को लेकर आपत्ति जताई जताई थी जिसके चलते वे इस्लामाबाद से सोमवार को सऊदी अरब लौट गए थे।

इस बीच लेकिन जिस गर्मजोशी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में उनका स्‍वागत किया, उस पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा – ”प्रधानमंत्री के रवैये से देश, शहीदों और हर सैनिक के लिए उनकी सोच सामने आती है।” पार्टी के वरिष्‍ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसे राष्‍ट्रीय हितों से ऊपर मोदी जी की हगडिप्‍लोमैसी करार दिया। उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा – ”उन लोगों का प्रोटोकॉल तोड़ जोरदार स्‍वागत किया गया, जिन्‍होंने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्‍तान के तथाकथित प्रयासों की सराहना की और उसे २० अरब डॉलर देने का वादा किया।

कांग्रेस नेता प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इसे लेकर सवाल उठाए। उन्‍होंने बीते साल भारत दौरे पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का भी जिक्र किया और कहा कि खालिस्‍तान मुद्दे को उनके समर्थन के कारण पीएम मोदी ने जब उनके दौरे को बहुत तवज्‍जो नहीं दी तो सभी ने उनका साथ दिया। उन्‍होंने सवालिया लहजे में लिखा कि पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्‍तान की प्रशंसा करने वाले और उसके लिए २० अरब डॉलर का ऐलान करने वाले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के लिए पीएम ने जिस तरह प्रोटोकॉल तोड़ दिया, क्‍या वह ठीक है?

तमिलनाडु में ५ सीटों पर लड़ेगी भाजपा

महाराष्ट्र के बाद भाजपा ने लोक सभा चुनाव के लिए तमिलनाडु में भी गठबंधन कर लिया है। वहां सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक और पीएमके के साथ मिलकर भाजपा चुनाव लड़ेगी। राज्य की कुल ३९ (पुडुचेरी को मिलाकर ४०) लोक सभा सीटों में भाजपा पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी तमिलनाडु जाना था लेकिन उनके आने से पहले ही अन्नाद्रमुक ने पीएमके के साथ समझौता कर लिया और उसे सात सीटें दे दीं। इसके बाद भाजपा ने शाह की जगह पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक मंत्री विजय गोयल को समझौते के लिए भेजा। चूँकि तमिलनाडु में भाजपा का कोइ ख़ास  जनाधार नहीं है उसने पांच सीटों पर ही संतुष्टि का फैसला किया।

समझौते के तहत ४० (३९ तमिलनाडु जमा एक पुद्दुचेरी) में से पट्टाली मक्कल कत्ची (पीएमके) सात सीटों पर लड़ने के साथ-साथ एक राज्यसभा सीट पाने में भी सफल रही। तमिलनाडु और पुडुचेरी को मिलाकर लोकसभा की कुल ४० सीटों में से पीएमके और भाजपा के हिस्से १२ सीटें छोड़ी गयी थीं जबकि अन्य सीटें एआईएडीएमके और डीएमडीके के लिए राखी गयी थीं।

गठबंधन में एआईएडीएमके की तरफ से लड़ी जाने वाली सीटों का वैसे अभी ऐलान नहीं किया गया है और यह उसे डीएमडीके के साथ बातचीत के बाद तय होगा। संभावना यही है कि डीएमडीके को ३-४ सीटें मिल सकती हैं। भाजपा विधानसभा की २१ सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव में एआईडीएमके का समर्थन करेगी।

अन्नाद्रमुक के संयोजक और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और केंद्रीय मंत्री और  भाजपा के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने इस गठबंधन की घोषणा की। गोयल तमिलनाडु के लिए भाजपा के प्रभारी भी हैं। केंद्र शासित क्षेत्र पुडुचेरी की सीट पीएमके के हिस्से में गई है। गोयल ने भरोसा जताया कि गठबंधन पुडुचेरी समेत सभी ४० सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

उधर पनीरसेल्वम ने कहा – ”यह निर्णय किया गया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में लोकसभा चुनाव गठबंधन के तहत लड़ा जायेगा और गठबंधन विजयी होगा। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भाजपा को चुनावी समझौते के तहत पांच सीटें दी गई हैं।”

चुनाव बाद सीएम हमारा होगा : उद्धव ठाकरे

चार साल तक भाजपा और पीएम मोदी को कोसने और फिर तीन दिन पहले उससे लोक सभा चुनाव के लिए २३-२५ सीटों पर समझौता करने वाली शिव सेना ने अब कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री शिव सेना का ही होगा। वैसे अब चर्चा यह भी होने लगी है कि क्या भाजपा ने भविष्य के विधानसभा चुनाव के बाद के लिए सीएम की कुर्सी शिव सेना के लिए छोड़ दी है।

समझोत्ते के बाद पहली बार सेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने कहा – ”हमारा जो सपना था कि राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री हो, वो पूरा होकर रहेगा।” वैसे भाजपा ने इसपर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सेना सुप्रीमो का यह ब्यान आखर सकता है हालाँकि माना जाता है कि भाजपा नेतृत्व का पूरा फोकस लोक सभा चुनाव पर है लिहाजा शायद ही वहां से कोइ प्रतिक्रिया हो।

गौरतलब है कि सोमवार को ही लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दोनों पार्टियों ने सीटों के बंटबारे का समझौता किया था। राज्य की ४८ लोकसभा सीटों में शिवसेना २३ और भाजपा २५ पर लड़ेगी। साथ यह भी घोषणा की गई थी कि दोनों पार्टियां विधानसभा चुनाव में बराबर-बराबर सीटों पर लड़ेगी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने भाजपा से गठबंधन के फैसले पर कहा – ”देश में जो राजनीतिक माहौल है उसमें सभी पार्टियां किसी न किसी के साथ होकर चुनाव के मैदान में उतर रही हैं। ऐसे में अलग रहकर राजनीति करना सही नहीं होगा।”

उन्होंने कहा – ”हमारी ताक़त कुछ कम नहीं। हम अकेले भी जाते तो जीत हमारी ही होती। लेकिन एक शब्द का मैंने कल इस्तेमाल किया था वो है कि अगर अविचारी लोग एक हो सकते हैं तो समविचारी लोग क्यों नहीं एक हो सकते।” समझौते  सीएम  फडणवीस ने कहा था कि पिछले विधानसभा चुनावों में कुछ कारणों की वजह से हम एक नहीं हो पाए लेकिन पिछले पांच साल से हम केंद्र की सरकार एक होकर चला रहे हैं। ”हमने अगले सारे चुनाव एक होकर लड़ने का निर्णय किया है। हम एक दूसरे को साथ लेकर, एक दूसरे के साथ विचार विमर्श कर आगे बढ़ेंगे।”

दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके

पिछले कुछ समय से भूकंप के झटके महसूस किये जा रहे हैं। ऐसा ही झटका बुधवार को भी दिल्ली-एनसीआर में सुबह महसूस किए गए।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले और तजाकिस्तान में ४.० तीव्रता वाले भूकंप के बाद दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तम नगर के इलाके में लोग डरकर घरों से बाहर निकल आये। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक तजाकिस्तान में सुबह करीब ७.०५ बजे ४.६ तीव्रता वाला भूकंप आया। इसके बाद दिल्ली से करीब ८५ किलोमीटर दूर यूपी के शामली जिले के कांधला में भी भूकंप आया। कांधला में भूकंप का केंद्र दस किलोमीटर नीचे था। भूकंप के झटके महसूस करने के बाद लोगों ने टि्वटर पर ट्वीट करने शुरू कर दिए जो कुछ ही मिनट में टि्वटर पर ट्रेंड करने लगे।

गौरतलब है कि पिछले शनिवार की रात भी काठमांडू में भूकंप के मामूली झटके महसूस किए गये जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर ४.० मापी गई थी। काठमांडू से पहले १३ फरवरी को महाराष्ट्र और हिमाचल के कांगड़ा में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। चम्बा में भी ऐसे ही झटके कुछ दिन पहले महसूस किये गए थे। महाराष्ट्र के पालघर जिले के कुछ इलाकों में ३.१ तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गए थे। आज सुबह करीब ७.४३ पर जब दिल्ली में भूकंप के झटके लगे तो लोगों ने इन्हें साफ़ तौर पर महसूस किया।

हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष नामवर सिंह नहीं रहे

हिन्दी आलोचना के शिखर पुरुष नामवर सिंह का मंगलवार मध्य रात्रि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)  में निधन हो गया। वह ९२ वर्ष के थे और पिछले एक माह से अस्वस्थ चल रहे थे।

साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजे जा चुके नामवर सिंह ने हिंदी साहित्य में आलोचना को एक नया आयाम दिया। ‘छायावाद, ‘इतिहास और आलोचना, ‘कहानी नयी कहानी, ‘कविता के नये प्रतिमान, ‘दूसरी परम्परा की खोज और ‘वाद विवाद संवाद उनकी प्रमुख रचनाएं हैं। उन्होंने हिंदी की दो पत्रिकाओं ‘जनयुग’ और ‘आलोचना’ का संपादन भी किया।
उनके निधन पर जाने माने संपादक-पत्रकार-लेखक ओम थानवी ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा – ”हिंदी में फिर सन्नाटे की ख़बर। नायाब आलोचक, साहित्य में दूसरी परम्परा के अन्वेषी, डॉ नामवर सिंह नहीं रहे। हिंदी साहित्य जगत अंधकार में डूब गया है। उल्लेखनीय विचारक और हिंदी साहित्य के एक अगुआ शख्सियत का निधन। उन्होंने अच्छा जीवन जिया, बड़ा जीवन पाया।”

नामवर सिंह के परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री है। उनकी पत्नी का निधन कई साल पहले हो गया था। प्रसिद्ध लेखक-साहित्यकारों अशोक वाजपेयी, निर्मला जैन, विश्वनाथ त्रिपाठी, काशी नाथ सिंह, ज्ञानरंजन, मैनेजर पांडे, मुरली मनोहर प्रसाद सिंह, असगर वज़ाहत,  नित्यानंद तिवारी और मंगलेश डबराल ने सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और हिन्दी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

नामवर सिंह का जन्म २८ जुलाई, १९२६ को वाराणसी के एक गांव जीयनपुर (वर्तमान में ज़िला चंदौली) में हुआ था। उन्होंने बीएचयू से हिंदी साहित्य में एमए और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने बीएचयू, सागर एवं जोधपुर विश्वविद्यालय और जेएनयू में पढ़ाया। साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजे जा चुके नामवर सिंह ने हिंदी साहित्य में आलोचना को एक नया आयाम दिया।

अनिल अंबानी अवमानना के दोषी

रिलायंस ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी को बुधवार सर्वोच्च न्यायालय ने अवमानना का दोषी करार दिया है। एरिक्सन इंडिया को ५५० करोड़ रुपये की बकाया राशि चुकाने के मामले में उन्हें दोषी माना गया है। और अब खतरा यह है कि अंबानी यदि यह राशि चार हफ्ते में अदा नहीं करते हैं तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। सर्वोच्च अदालत ने तीनों पर आदेश की अवहेलना के लिए एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट से ऐसे ही आदेश उनके अलावा उनकी कम्पनी के दो निदेशकों के लिए भी आया है। याद रहे कि रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ बकाया भुगतान नहीं करने पर टेलिकॉम उपकरण निर्माता एरिक्सन ने उच्चतम न्यायालय में तीन अवमानना याचिकाएं दायर की थीं।

अब सर्वोच्च अदालत ने अनिल अंबानी और रिलायंस ग्रुप के दो निदेशकों को चार हफ्ते के भीतर एरिक्सन को ४५३ करोड़ रुपये भुगतान करने को कहा है और साथ ही यह भी कहा है कि यदि तय समय में यह राशि अदा  नहीं की गयी तो अनिल अम्बानी सहित दोनों निदेशकों को तीन-तीन महीने जेल की सजा भुगतनी होगी।

सर्वोच्च अदालत ने तीनों पर आदेश की अवहेलना के लिए एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगा दिया। अगर एक महीने में जुर्माने की रकम नहीं जमा करवाई गई तो उन्हें एक महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी।

मामले में जिन दो डायरेक्टरों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई हुई है, उनमें एक रिलायंस टेलिकॉम के चेयरमैन सतीश सेठ और दूसरीं रिलायंस इन्फ्राटेल चेयरमैन छाया विरानी हैं।

याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और विनीत सरन की पीठ ने १३ फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जब एरिक्सन इंडिया ने आरोप लगाया था कि रिलायंस ग्रुप के पास राफेल विमान सौदे में निवेश के लिये रकम है, लेकिन वे उसके ५५० करोड़ के बकाये का भुगतान करने में असमर्थ हैं। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी ने इस आरोप से इनकार किया था।

पुलवामा हमले में हमारा हाथ नहीं : इमरान

पुलवामा हमले के बाद पहली बार पाकिस्तान में चुनी सरकार के मुखिया पीएम इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि पुलवामा घटना में पाकिस्तान का कोइ हाथ नहीं। ”मेरा हिन्दुस्तान की सरकार को ऑफर है कि इस हमले में शामिल लोगों को लेकर वे मिलकर तहकीकात को तैयार हैं।”

इमरान खान ने कहा कि हम सऊदी अरबिया के क्राउन प्रिंस के दौरे को लेकर व्यस्त थे। ”कोइ बेबकूफ ही होगा जो इस अहम् मौके पर इस तरह (पुलवामा हमला) करके इस दौरे को सेबोटेज करना चाहेगा। भारत ने बिना सबूत के हमारे ऊपर पुलवामा का आरोप लगाया है। वहां (भारत) में चुनाव हैं और वहां कुछ लोग समझते हैं कि पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए और इससे बूस्ट मिलेगी। लेकिन ऐसी स्थिति में हम रेटेलिएट करने को मजबूर होंगे। जंग शुरू करना आसान है लेकिन यह कहाँ  जाएगी यह अल्लाह ही जानता है।”

इमरान ने कहा कि कौन सा क़ानून है जो आपको (भारत) वकील और जज बनने की इजाजत देता है। हमारा इस हमले से कोइ लेना देना नहीं है। ”मेरा ऑफर है कि भारत हमें सबूत दे यदि हमला करने वाले हमारी धरती के लोग हुए हम उन्हें सजा देंगे। न तो हम अपनी धरती के दहशतगर्दी के लिए इस्तेमाल के हक़ में है और न ही यह बर्दाश्त कर सकते हैं कोइ हमारा इसके लिए इस्तेमाल करे।”

पाक पीएम ने कहा कि अब यहाँ एक नया पाकिस्तान है। हम समझते हैं कि इस तरह की चीजों (भारत में दहशतगर्दी) में कोइ फायदा है। मिलिटरी से मसला हल नहीं होगा। अफगानिस्तान में भी इससे कोइ फायदा नहीं हुआ है। भारत को यह समझना चाहिए। बातचीत के लिए तैयार है।”

हालांकि इमरान ने कश्मीर का राग भी अलापा और कहा कि ”भारत को यह समझना चाहिए कि क्यों कश्मीरी बच्चे यह सब कर रहे हैं। क्यों वे अपनी जानें झोंक रहे हैं। वहां मिलिटरी उनपर जुल्म करती है। यब सब उसका नतीजा है और भारत हम पर आरोप लगाता है।”

जैश आईएसआई का बच्चा : सेना

सेना ने मंगलवार को सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का भी हाथ था। सेना ने कहा कि घाटी में जैश-ए-मोहम्मद का पूरा नेतृत्व ख़त्म कर दिया गया है। सेना ने हालाँकि कि इस हमले में और कौन शामिल थे और क्या प्लान थे, यह हम शेयर नहीं कर सकते।

चिनार कॉर्प्स के जनरल आफिसर कमांडिंग (जीओसी) ले. जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान सेना की आईएसआई और सेना का बच्चा है और पुलवामा के हमले में पाकिस्तान का भी हाथ था। उन्होंने कहा – ”पुलवामा आतंकी हमले के १००  भीतर सुरक्षा बलों ने इस साजिश के पीछे के आतंकियों के नरक में पहुंचा दिया।

आतंकी या तो हथियार छोड़ दें या फिर ढेर होने के लिए तैयार रहें। पुलवामा हमले में पाकिस्तान की सेना का भी हाथ है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई का बच्चा है। आने वाले समय में घाटी से आतंकियों के सफाये का ऑपरेशन जारी रहेगा और उन्हें चुन-चुनकर मारा जाएगा।”

ढिल्लन ने कहा – ”घाटी में कितने गाजी आए और कितने चले गए। जो आतंकी कश्मीर में आएगा जिंदा नहीं बचेगा।”

जनरल ने जैश के चीफ कमांडर गाजी रशीद के लिए कहा कि कितने गाजी आए कितने चले गए, हम उन्हें ऐसे ही हैंडल करेंगे। कोई भी आए। उन्होंने कहा – ”हमारा फोकस क्लियर है जो भी घाटी में घुसपैठ करेगा, वह जिंदा नहीं लौटेगा। कश्मीर घाटी में पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ जारी है, लेकिन घुसपैठ में काफी हद तक कमी आई है।”

जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने आज साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कश्मीरी युवाओं को आंतक से दूर रहने की नसीहत भी दी। सेना ने आतंकियों की माताओं से अपील की कि वह अपने बच्चे को सरेंडर करने को कहें।

लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने भटके कश्मीरी युवाओं की माताओं से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को जो आतंकी संगठन से जुड़े हैं उन्हें सरेंडर करने के लिए मनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि नहीं तो सेना उनका खात्मा करने को मजबूर होगी।

ले. जनरल  ने कहा कि कल के सेना ऑपरेशन में पूरी तरह से किसी स्थानीय को कोई चोट न पहुंचे इसका ख्याल रखा गया। ढिल्लन ने कहा – ”मुठभेड़ में जैश के ३  कमांडर ढेर हुए हैं। इस हमले में और कौन शामिल थे और क्या प्लान थे, यह हम शेयर नहीं कर सकते। जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आर्मी का ही बच्चा है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना का १०० फीसदी इनवॉल्वमेंट हैं। इसमें हमें और आपको कोई शक नहीं है।”

ढिल्लन ने कहा – ”मैं जम्मू-कश्मीर के अभिवावकों खासकर माताओं से अपील करता हूं कि अपने बच्चों को समझाएं और गलत रास्ते पर चले गए लड़कों को सरेंडर करने के लिए बोलें। उन्हें समझाएं और मुख्यधारा में वापस आने के लिए कहें।”

उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो बंदूक उठाएगा वह मारा जाएगा। उन्होंने कहा – ”हम सरेंडर करनेवालों के लिए कई तरह के अच्छे कार्यक्रम चला रहे हैं, लेकिन आतंकी वारदातों में शामिल रहनेवालों के लिए कोई रहमदिली नहीं दिखाई जाएगी।”

ढिल्लन ने पुलवामा हमले और मुठभेड़ में शहीद हुए सभी जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया – ”एनकाउंटर में दो पाकिस्तानियों के साथ एक स्थानीय आतंकी की  मौत हुई है। कल के ऑपरेशन में फ्रंट पर लीड करनेवाले हमारे

ब्रिगेडियर हरदीप छुट्टी पर थे, लेकिन जब उन्हें पुलवामा मुठभेड़ के बारे में पता चला कि वह छुट्टी छोड़कर आधी रात को देशसेवा के लिए ड्यूटी पर तैनात हुए। मैं स्थानीय नागरिकों से अपील करता हूं कि वह ऑपरेशन के दौरान हमारा सहयोग करें।”

सीरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन ने कहा – ”शहीद हुए जवानों के परिवार से कहना चाहूंगा कि आप अपने को अकेले न समझें। आपके लिए हर वक्त हम खड़े हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में पढ़ने वाले कश्मीरी बच्चों के लिए भी हम हेल्प कर रहे हैं।”

प्रेस कांफ्रेंस में कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पाणि ने कहा – ”पिछले साल जैश के ५६ आतंकी मारे गए और इस साल भी अब तक मारे गए ३१ आतंकियों में १२ जैश के थे। कश्मीर में युवाओं के आतंक से जुड़ने की घटनाओं में कमी आई है।”

बेंगलुरु में वायुसेना का एयरक्राफ्ट क्रैश

बेंगलुरु में वायुसेना का एक एयरक्राफ्ट मंगलवार को हादसे का शिकार हो गया।  यह हादसा उस समय हुआ जब २० से शुरू होने वाले ऐरो शो की रिहर्शल करते हुए दो एयरक्राफ्ट आमने-सामने आ गए जिससे सेफ एग्जिट करते हुए वायुसेना का सूर्यकिरण जेट एयरक्राफ्ट ज़मीन पर जा जा गिरा। उसमें आग लग गयी हालाँकि दोनों पायलट सुरक्षित बताये गए हैं।

सूर्यकिरण सेफ एग्जिट के वाबजूद कैसे हादसे का शिकार हुआ अभी साफ़ नहीं है। अच्छा यह भी रहा कि हादसा उन लोगों से दूर हुआ जो यह रिहर्शल देखने वहां मौजूद थे। हालाँकि उनकी संख्या बहुत कम थी। एयरक्राफ्ट भी आबादी से थोड़ा दूर गिरा नहीं तो ज्यादा नुक्सान को सकता था।

अभी तक की जानकारी के मुताबिक इस ऐरो शो  कल से होनी है जबकि अभी इसकी रिहर्शल चल रही है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक हादसे में सूर्यकिरण लगभग जलकर नष्ट हो गया है। हादसे की जगह धुएं के ऊंचे गुब्बार दिख  रहे हैं।

हादसे में बड़ा नुक्सान होने से बच गया है। सूर्यकिरण ऐरो शो में पसंदीदा एयरक्राफ्ट रहा है और अभी तक करीब ४०० शो में हिस्सा ले चूका है।

सूर्यकिरण की टीम एरोवारिक की सबसे बेहतर टीमों में गिनी जाती है और उनकी ट्रेनिंग भी बहुत सघन होती है। उन्हें दूसरे पायलट के मुकाबले कहीं ज्यादा चतुर और बेहतर पायलट माना जाता है।