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एलओसी के आर-पार फिर व्यापार

पुलवामा में आत्मघाती आतंकी हमले में ४० भारतीय जवानों की शहादत के बाद बंद कर दिया वयापार आदान-प्रदान दुबारा शुरू हो गया है। पुलवामा के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारत और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के बीच एलओसी पर व्यापार गुरुवार को पुंछ और उरी के बीच शुरू  हो गया। इस बीच खबर है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंडस वाटर ट्रीटी के तहत पाकिस्तान जाने वाला पानी रोकने की चेतावनी दी है।

तहलका की जानकारी के मुताबिक करीब १३५ भारतीय ट्रक, जो विभिन्न वस्तुओं से भरे थे, पीओके की तरफ रवाना हुए हैं। उधर बार्डर के उस तरफ से तरफ से सामान से भरे करीब ७० ट्रक एलओसी से भारत की तरफ आये हैं। एलओसी पर तीन दिन में ही व्यापार बहाल हो जाने के फैसले को बहुत आश्चर्यजनक माना जाएगा क्योंकि केंद्र में  मोदी सरकार और खुद पीएम मोदी पाकिस्तान को लेकर सख्त रुख अपने भाषणों में अपनाये हुए हैं।

उधर पूछ और जम्मू के लोगों को भी सरकार के पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के छह दिन के भीतर पुंछ से व्यापार फिर शुरू से बहुत हैरानी हुई है। गौरतलब है कि आत्मघाती आतंकी हमले के एक दिन बाद ही मोदी सरकार ने इस व्यापार को निलंबित कर दिया गया था लेकिन गुरुवार को ही फिर शुरू कर दिया। पुंछ में  चक्कां-दा-बाग से पीओके को टमाटर, अनानास, अनार, जड़ी बूटी, लहसुन, अंगूर और अन्य सामान ले जाने वाले ३५ ट्रक लोड किए गए। उधर सूखे खजूर, बादाम, आलू और पिस्ता ले जाने वाले उन्नीस ट्रक पीओके से भारत की तरफ आए।

दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण तनाव के कारण व्यापार मंगलवार को छुट्टी के कारण स्थगित रहा और बुधवार को नहीं हुआ। हालांकि, गुरुवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने समय-समय पर कश्मीर के उड़ी में पुंछ और सलामाबाद से क्रॉस-एलओसी व्यापार बंद करने का सुझाव दिया था क्योंकि पीओके से आने वाले ट्रकों में विस्फोटक और ड्रग्स की तस्करी की कई घटनाएं प्रकाश में आई थीं। एनआईए ने कुछ समय पहले व्यापार को निलंबित करने की सिफारिश की थी। हालाँकि, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एलओसी से व्यापार का समर्थन किया था।

उधर उत्तरी कश्मीर में भी सलामाबाद के जरिये व्यापार १९ फरवरी को शुरू कर  दिया गया था। आतंकी हमले के चार दिन बाद एलओसी के दोनों ओर से ३५ ट्रक इधर से उधर गए।

बसपा-सपा सीटें तय, मुलायम की फटकार

उत्तर प्रदेश  के लिए बसपा और सपा ने गुरूवार को अपने गठबंधन पर अंतिम मुहर लगा दी और कौन किस सीट पर लड़ेगा इसकी घोषणा कर दी गयी। हालांकि सपा को इस गठबंधन में राजनीतिक घाटा हुआ है और उसे बसपा से एक सीट कम मिली है। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे के बसपा से समझौते को नकारते हुए इसे ”पार्टी को ख़त्म करने जैसा” बताया है।

सीटों के इस बटबारे से दिखता है कि ज्यादा शहरी सीटें सपा और ग्रामीण सीटें बसपा के हिस्से आई हैं। बसपा ३८ और सपा ३७ सीटों पर लड़ेंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा एक भी सीट नहीं जीत  पाई थी जबकि सपा की ५ सीटें थीं। इसके अलावा सपा अच्छे बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता में थी फिर भी बसपा को ज्यादा सीटें मिलने से सपा के भीतर थोड़ी बैचेनी भी दिख रही है।

गठबंधन की इस घोषणा के बीच समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सपा-बसपा के गठबंधन पर बहुत नाराज दिख रहे हैं। मुलायम ने गुरूवार को कहा – ”आखिर कैसे अखिलेश यादव बसपा के साथ ऐसे गठबंधन के लिए राजी हो गए जिसमें सपा के हिस्से में आधी सीटें आई हैं। पार्टी के लोग ही पार्टी को खत्म करने में जुटे हैं।”

नाराज समाजवादी नेता ने कहा – ”महिलाओं को पार्टी में तरजीह नहीं मिल रही। हमने इतनी बड़ी पार्टी बनाई, लेकिन पार्टी को अब कमजोर किया जा रहा है। सूबे की ८० लोकसभा सीटों में से सिर्फ २५-२६ सीटें ही जीत सकते हैं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने अखिलेश से कहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दो जिससे को तैयारी कर सकें। ”भाजपा तैयारियों के मामले में हमसे आगे निकल गई है। हमने १४ महीने पहले उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर दिया था और बड़ी जीत मिली थी। लेकिन अखिलेश अभी तक टिकट ही नहीं तय कर पाए।”

उधर आज की घोषणा में दोनों पार्टियों ने बागपत, मथुरा और मुजफ्फरनगर सीटों छोड़ दी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ये तीनों सीटें आरएलडी के खाते में गई हैं। सूबे की ८० लोकसभा सीटों में अनुसूचित जाति के सुरक्षित १७ सीटों में से ७ पर सपा चुनाव लड़ेगी तो १० पर बसपा अपनी किस्मत आजमाएगी।

अर्द्धसैनक बलों को अब हवाई सुविधा

केंद्र सरकार ने पुलवामा हमले से सीख लेते हुए गुरुवार को अर्ध सैनिक बलों को जम्मू-श्रीनगर के बीच हवाई सफर की मंजूरी दे दी।

कुछ रोज पहले पुलवामा में आतंकी हमले में ४० सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद इस बात पर सवाल उठे थे कि हमले के खतरे की पूर्व सूचना के बावजूद इन जवानों के क्यों हवाई जहाज से श्रीनगर भेजा गया। कांग्रेस ने भी सुबह सरकार के इस बात के लिए कड़ी निंदा की थी कि सीआरपीएफ और बीएसएफ के जम्मू और श्रीनगर के बीच हवाई यात्रा को सरकार ने स्वीकार नहीं किया था।

सरकार के फैसले के बाद अब अर्ध सैनिक बलों के जवान श्रीनगर आने और जाने के लिए हवाई सफर कर सकेंगे। गृह मंत्रालय के इस बाबत आदेश के मुताबिक दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए हवाई सफर कर सकेंगे। केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों के सभी जवानों पर यह आदेश लागू होगा।

इस आदेश के मुताबिक अब से जो भी जवान अपनी ड्यूटी से लौट रहा हो, उसका ट्रांसफर हुआ हो या फिर घर से लौट रहा हो, उन सभी जवानों को जम्मू बेस कैंप या नई दिल्ली से श्रीनगर हवाई रास्ते से ही भेजा जाएगा। अगर कोई जवान श्रीनगर से लौट रहा है तो भी उसे हवाई सुविधा मिलेगी। इस आदेश से अर्ध सैनिक बलों के ७,८०,००० के करीब जवानों को सुविधा मिलेगी।

इनमें कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई से लेकर अन्य वे सभी कर्मी शामिल हैं, जिन्हें अब तक हवाई यात्रा करने का अधिकार नहीं था। गृह मंत्रालय ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

तीन तलाक अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार के लाए गए दूसरे अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति से अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद एक बार में तीन तलाक बोलकर वैवाहिक रिश्ता तोड़ लेना गैरकानूनी बन गया है।

राज्य सभा में भाजपा का बहुमत  न होने से इसे राज्य सभा में सरकार पास नहीं करवा पाई थी। कांग्रेस ने भी कुछ रोज पहले अपने एक कार्यक्रम में कहा था कि लोक सभा चुनाव में सत्ता में आने पर वह तीन तलाक के इस क़ानून को ख़त्म कर देगी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तीन तलाक अध्यादेश साल भर से कम अवधि में तीसरी बार लागू हो गया है।

पहला अध्यादेश पिछले साल सितंबर में जारी किया गया था, जो २२ जनवरी को समाप्त हो रहा है। कुछ दिन पहले केंद्रीय कैबिनेट ने तीन तलाक से जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दी थी, जिसके तहत इस परंपरा को मुसलमान पुरूषों के लिए दंडनीय बनाया गया है। प्रस्तावित कानून के तहत, एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) गैरकानूनी होगा और ऐसा करने पर पति को तीन साल की सजा होगा।

गौरतलब है कि तीन तलाक अध्यादेश साल भर से कम अवधि में तीसरी बार लागू हो गया है। राष्ट्रपति से अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद एक बार में तीन तलाक बोलकर वैवाहिक रिश्ता तोड़ लेना अवैध बन गया है। इस अपराध के लिए पति को तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में पीएम आवास पर हुई इस बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। जिसे राष्ट्रपति ने मंजूर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी तीन तलाक को लेकर एक फैसला सुनाया था जिसके बाद सरकार क़ानून लेकर आई थी।

बांग्लादेश अग्निकांड में ६९ की मौत

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अग्निकांड में ६९ लोगों की मौत हो गयी है।  बुधवार देर रात यह केमिकल और प्‍लास्टिक वेयरहाउस में लग गई जिसमें कई लोग झुलस गए हैं। मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती। है

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अभी भी आग में कई लोग इमारतों के अंदर फंसे हैं।

जिस बिल्डिंग में आग लगी है वह भीड़भाड़ वाले चौक बाजार इलाके में है। दमकल अधिकारियों को आशंका है कि आग गैस सिलेंडर के फटने से लगी। इमारत के कुछ फ्लोर केमिकल गोदाम के रूप में इस्तेमाल किये जाते हैं।
आग की घटना का शिकार भवन में ज्वलनशील पदार्थ भी रखे होने की आशंका जताई गयी है। बांग्लादेश के फायर अधिकारियों के मुताबिक बुधवार देर रात करीब पोन ग्यारह बजे आग लगी और लगातार फैलती गई। गुरुवार सुबह तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया है। अधिकारीयों के मुताबिक ६९ शव बरामद किए हैं। उन्‍होंने कहा कि शवों की संख्या बढ़ सकती है। शवों की खोज के साथ राहत और बचाव कार्य जारी है।

आगजनी की घटना में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है क्योंकि उनमें कैमिकल और प्लास्टिक रखा था। इस हादसे में घायल होने वाले लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

हमले के बाद शूटिंग में व्यस्त थे मोदी : कांग्रेस

पुलवामा हमले के बाद अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश के चलते राजनीतिक बयानबाजी से लगातार दूर रही कांग्रेस ने गुरूवार को सैनिकों की शहादत को लेकर पीएम मोदी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने बड़ा सवाल उठाया है कि जम्मू से श्रीनगर जाने वाले जवानों को प्लेन से ले जाने के निवेदन को दरकिनार करके उन्हें बस से भेजकर क्यों उनकी ज़िंदगी खतरे में डाल दी गयी।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में इसके अलावा मोदी की आज की सियोल यात्रा पर गंभीर ऐतराज जताते हुए कहा है कि जब देश जवानों की शहादत से गम में डूबा है तब पीएम मोदी विदेश के सैर-सपाटे पर निकले हुए हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलवामा हमले के चार घंटे बाद भी पीएम पार्टी प्रचार की एक शूटिंग में हिस्सा लेते रहे।

सुरजेवाला ने पीएम मोदी से पांच सवाल भी किए। उन्होंने कहा – ”पीएम अपनी, एनएसए और गृह मंत्री की विफलता क्यों स्वीकार नहीं करते? इतना आरडीएक्स  देश मे आया कहां से आया? जैश के हमले से ४८ घंटे पहले के वीडियो को नज़रअंदाज कैसे कर दिया? मोदी सरकार और गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ को हवाई मार्ग से जाने के निवेदन को खारिज क्यों किया? मोदी सरकार के ५६ महीनों में ४८८ जवान शहीद हो गए? नोटबंदी से आतंकी हमले बंद क्यों नही हुए?”

उन्होंने पुलवामा हमले के बाद की पीएम की मिनट-दर-मिनट गतिविधि वाली एक मीडिया रिपोर्ट, जिसमें पीएम की तस्वीर भी है, का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि अपनी राजनीतिक रैलियों के कैंसल होने के डर से पीएम मोदी ने देश में इतने सैनिकों की शहादत पर भी एक दिन का राष्ट्रीय शोक तक घोषित नहीं किया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि ३.१० बजे दस मिनट पर ही पुलवामा हमले की खबर आ गई थी। ”पांच बजकर १५ मिनट पर कांग्रेस ने भी रिएक्शन दे दिया था लेकिन मोदीजी क्या कर रहे थे। मोदीजी की दिनचर्या बता रहा हूं। वह  दिन भर पार्क का भ्रमण करने के बाद नौका विहार और शूटिंग करवा रहे थे। छह बजकर ४५ मिनट तक फिल्म की शूटिंग करते हैं, नौका विहार करते हैं। पीएम राम नगर के गेस्ट हाउस में भी कुछ देर रुके और फिर चले गए। शाम छह बजकर ३० मिनट पर धनगढ़ी गेट पहुंचे और अधिकारियों से दस मिनट तक वार्ता की। फिर उनका काफिला  निकला। वहां स्थानीय लोगों ने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद नारे लगाए। पीएम ने भी सभी का अभिवादन किया।”

सुरजेवाला ने कहा – ”देश हमारे शहीदों के शरीर के टुकड़े चुन रहा था, लेकिन पीएम नारे लगवा रहे थे। वह राम नगर के फीडर गेस्ट हाउस रुके और चाय-नाश्ता किया।   पूरे देश के चूल्हे बंद थे, तब गुरुवार को सात बजे वह चाय-नाश्ते का आनंद ले रहे थे।  यह है इस देश के पीएम की असली वास्तविकता। इससे ज्यादा शर्मनाक व्यवहार किसी पीएम का नहीं हो सकता।”

प्रेस कांफ्रेंस में सुरजेवाला ने कहा कि यह मैं नहीं आपके पत्रकार साथी कह रहे हैं,   जिन्होंने मोदी के दौरे का कार्यक्रम कवर किया है। कांग्रेस नेता ने दावे के समर्थन में अखबारों की कटिंग और कथित तस्वीरें दिखाईं। सुरजेवाला ने जवानों की शहादत पर राष्ट्रीय शोक की घोषणा न होने पर भी मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा – ”प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की ताकि सरकारी खर्च पर होने वालीं राजनीतिक सभाएं रुक न जाएं। जब शहीदों के शव एयरपोर्ट पर थे, तब झांसी के कार्यक्रम से प्रधानमंत्री मोदी एक घंटा देरी से आए। फिर पहले अपने घर गए सीधे एयरपोर्ट नहीं। पीएम मोदी के मंत्री शहीदों के शव के साथ सेल्फी ले रहे हैं। मोदीजी अब दक्षिण कोरिया पहुंच गए हैं सैर सपाटे के लिए।”

सेना के ६ जवान किन्नौर के ग्लेशियर में दबे

हिमाचल के सर्द रेगिस्तान के नाम से जाने जाने वाले किन्नौर में बुधवार को सेना  के ६ जवान ग्लेशियर में दब गए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक इनमें से एक की मृत्यु होने की खबर है। अन्य पांच लापता बताये जा रहे हैं। इनके बचने की संभावना कम ही है।

”तहलका” को मिली जानकारी के मुताबिक घटना हिमाचल के किन्नौर में तिब्बत बॉर्डर पर शिपकिला के पास की है जहाँ सेना के छह जवान ग्लेशियर की चपेट में आ गए। इसमें एक जवान की मौत हो गयी है। पांच जवान लापता बताये गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक लापता जवानों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लांच कर दिया गया  है। यह सभी हिमखंड में दब गए हैं। घटना सुबह ११ बजे की है। 

किनौर के डीसी गोपाल चंद ने बताया कि अभी घटना की पूरी कन्फर्मेशन नहीं है कि जवानों के मामले में अभी क्या स्थिति है। अभी संपर्क भी नहीं हो पाया है। लेकिन सेना के कमांडर से जो बात हुई उसके आधार पर आज सुबह जेएंडके राइफल्स के १६  जवान नमज्ञा से शिपकिला के समीप पेयजल लाइन को रिपेयर करने गए थे।

डीसी के मुताबिक यह जवान पहाड़ी पर पेयजल पाइप लाइन को दुरुस्त कर रहे थे। इसी बीच पहाड़ी से ग्लेशियर गिरने के कारण छह जवान इसकी चपेट में आ गए। यह जवान ७ जेके राइफल्स के हैं। हालांकि एक जवान को घायल अवस्था में तुरंत रेस्क्यू किया गया, लेकिन पुह अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो गई है। जिला प्रशासन ने पुलिस और आइटीबीपी की २७बीं बटालियन के जवानों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया है।

गोपाल चंद के मुताबिक उन्होंने सूचना मिलते ही एडीएम को घटनास्थल के लिए रवाना किया है। जवानों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है हालाँकि  मुश्किल कि उनकी स्थिति है।

शिमला में जनसत्ता के पत्रकार ओम प्रकाश ठाकुर ने ”तहलका” को फोन पर बताया कि आधिकारिक तौर पर एक ही जवान की मौत की पुष्टि हुई है। सेना और प्रशासन ने अन्य को लापता घोषित किया है। मृतक जवान की पहचान बिलासुपर के रमेश कुमार (४१) के रूप में की है।

सभी सुबह ११ बजे हिमखंड के नीचे दब गए। अब तक इन्हें निकाला नहीं जा सका है जिससे उनके बचने की संभावना कम है। ओम प्रकाश के मुताबिक यह सभी जवान हिमखंड के नीचे दब गए हैं। सेना के जवानों के अलावा आइटीबीपी के पांच जवान हिमखंड की चपेट में आ गए थे लेकिन उनके साथियों ने तुरंत बचाव और राहत कार्य चलाते हुए बचा लिया । लेकिन सेना के जवानों को नहीं बचाया जा सका है।

योगी को गिरफ्तार करने वाला आईपीएस निलंबित

उत्तर प्रदेश की  योगी सरकार ने उन आईपीएस अधिकारी जसवीर सिंह को निलंबित कर दिया है जिन्होंने कभी महराजगंज में एसपी रहते हुए उस समय सांसद योगी आदित्यनाथ को गिरफ्तार किया था। जसवीर सिंह के निलंबन की बजह एक वेब  पोर्टल को दिया इंटरव्यू माना गया है जिसमें उन्होंने अपनी सर्विस से जुड़ी बातें साझा की थीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यूज पोर्टल पर यह इंटरव्यू प्रसारित होने पर सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और अंतता उनका निलंबन कर दिया गया। इस समय वह अवर  पुलिस महानिदेशक रूल्स एंड मैनुअल पद पर तैनात हैं। जानकारी के मुताबिक उनके निलम्वन आदेश १४ फरवरी को जारी किये गए।

गौरतलब है कि आईपीएस जसवीर सिंह के पिता सेना में रहे हैं और खुद उनकी अपनी गिनती साफ-सुथरी छवि के पुलिस अफसरों में होती है। वैसे पिछली सरकारों में भी उनकी खटपट चलती रही है। उनके निलंबन आदेश में बजह विवादास्पद बयान देने और अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब रहना बताई गयी है।

आरोप है कि इंटरव्यू में जसवीर सिंह ने ऐसे बयान दिए, जो सरकारी अधिकारियों-कर्मियों के लिए बनाए गए आचरण नियमावली की शर्तों का उल्लंघन माने गए हैं। यह इंटरव्यू ३० जनवरी को आया था। महराजगंज का एसपी रहते वर्तमान मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के एक मामले में रासुका लगाने की कार्रवाई उन्होंने शुरू की थी। प्रतापगढ़ में एसपी रहते हुए विधायक राजा भैया के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी सुर्खियों में रहे थे। जसबीर होशियारपुर (पंजाब) के निवासी हैं।

शहीद के घर राहुल-प्रियंका गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार को पुलवामा में शहीद हुए अमित कोरी के परिजनों से मिलने शामली पहुंचे। उनके आने की खबर को प्रचारित नहीं किया गया था। दोनों आदर्श मंडी थाना इलाके में रघुनाथ मंदिर पर शहीद अमित के सम्मान में जारी श्रद्धांजलि सभा में शरीक हुए।

उनके साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर और महासचिव प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। करीब १५ मिनट पीड़ित परिवार के साथ रहने के बाद वे दूसरे शहीद प्रदीप कुमार के परिवार से मिलने भी गए।  राहुल, प्रियंका और अन्य  नेताओं ने शहीद अमित के परिवार को हिम्मत बंधाई और कहा कि दुख की इस घड़ी में वे उनके साथ हैं। राहुल कुछ देर बोले भी और कहा वे शहीद परिवार के साथ हैं।

इससे पहले शहीदों के घर जाते हुए रास्ते में राहुल गांधी और उनका काफिला कैराना में रुका जहां शिव शक्ति ढाबे पर उन्होंने चाय पी। इस दौरान प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेने के लिए लोग आतुर नजर आए।

प्रियंका को वहां मौजूद एक महिला और बच्चे से लगातार बात करते हुए देखा गया। दोनों ने जनता को निराश नहीं किया और उनके साथ सेल्फी ली। उन्होंने लोगों से बात कर समस्याएं भी जानीं।

ढाबे पर राहुल और बाकी नेताओं का वीडियो राहुल गांधी के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है। साढ़े पांच मिनट के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रियंका गांधी ने किस तरह वहां बैठी महिलाओं के साथ संवाद किया।

 पर राहुल ने शोक सभा को सम्बोधित किया।  राहुल ने कहा – ”मेरी बहन ने कहा कि एक प्रकार से हमारे पिता (पूर्व पीएम राजीव गांधी) के साथ भी यही हुआ था। हम आपकी पीड़ा समझते हैं। हम यहां केवल आपके साथ पांच मिनट बैठने आये हैं और यह बताने आये हैं कि हम आपका दु:ख बांटना चाहते हैं।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा – ”मैं सीआरपीएफ के शहीदों के परिवार वालों को कहना चाहता हूं कि दुनिया की कोई भी ताकत इस देश को पीछे नहीं ढकेल सकती। यह जांबाजों का देश है और उन्होंने मिसाल कायम की है। हम अपने हृदय की गहराइयों से और देश की ओर से आपका, आपके बेटे और पूरे परिवार का धन्यवाद करते हैं।” राहुल गांधी ने कहा की यह देश हर किसी के लिए है और यह देश प्रेम और भाईचारे का देश है। ”यही भारत का संदेश है।”

भाजपा नेता जूतों में पहुंचे चिता स्थल पर

भाजपा सांसद साक्षी महाराज के एक शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान हंसने और राजनैतिक रोड शो की तरह हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन करने की घटना के बाद अब मोदी सरकार में मंत्री  सतपाल सिंह के ठहाके मारने की घटना सामने आई है। इसके अलावा योगी सरकार में प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह समेत कई भाजपा नेता शव दाह स्थल पर जूते पहनकर शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंच गए जिससे वहां मौजूद लोग बहुत गुस्सा हो गए और जबरदस्त विरोध के बाद भाजपा नेताओं को जूते उतारने पड़े।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए मेरठ के जवान अजय कुमार का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया था। अंतिम विदाई के वक्त कई नेता भी मौजूद रहे। हालांकि इस दौरान भाजपा के कई नेताओं को लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह समेत कई भाजपा नेता शव दाह स्थल पर जूते पहनकर शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंच गए जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

शहीद अजय की पार्थिव देह को उनके गांव लाया गया तो भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।  राजकीय सम्मान के साथ उनको नम आँखों से विदाई दी गई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह, यूपी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, मेरठ भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और बीजेपी के व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनीत शारदा सहित कई नेता मौजूद रहे। विनीत शारदा इस दौरान शव दाह स्थल पर किसी बात को लेकर हंसते-मुस्काराते नजर आए। मामला बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने वहां लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी।

आतंकी हमले में जहाँ ४० वीर सैनिको की शहादत पर देश में शोक की लहर दौड़ गयी वहीँ इस घटना के बावजूद कई भाजपा नेताओं के चेहरों पर कोई शिकन दिखाई नहीं दी। वे पुलवामा हमले के दिन से लेकर शहीदों की अंतिम यात्रा के दिन तक आम दिनों की तरह राजनैतिक कार्यक्रम करते रहे। लोग अब यह आरोप भी लगा रहे हैं कि भाजपा शहीदों की शहादत को लोक सभा चुनाव के लिए भुनाने की कोशिश कर रही है। हालाँकि उसके नेताओं का आचरण असभ्य जैसा है।

गौरतलब है इससे पहले अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले भाजपा सांसद साक्षी महाराज का एक आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलवामा हमले के शहीद अजीत कुमार आजाद की अंतिम यात्रा के दौरान सासंद साक्षी महाराज हंसते हुए दिख रहे हैं। उनकी तस्वीर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीटर एकाउंट पर डाली है।

शहीद की अंतिम यात्रा के वाहन पर सबसे आगे खड़े भाजपा सांसद साक्षी के हाव भाव कुछ ऐसे दिखे जैसे वे शहीद जवान की अंतिम यात्रा में नहीं बल्कि अपनी पार्टी के लिए रोड शो कर रहे हैं। सांसद साक्षी महाराज शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए ले जारही गाडी पर खड़े होकर अंतिम यात्रा देखने के लिए उमड़ी भीड़ को हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे थे या कभी हथजोड़ रहे थे।