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आप के दिल्ली के लिए ६ उम्मीदवार घोषित

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आप से समझौता करने के खिलाफ रुख के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सात में से छह सीटों के लिए शनिवार अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए।
आप ने शनिवार को जिन उम्मीदवारों की घोषणा की है उनमें पूर्वी दिल्ली से आतिशी, उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय, दक्षिणी दिल्ली से राघव चड्ढा, चांदनी चौक से पंकज गुप्ता, नई दिल्ली से बृजेश गोयल और उत्तर पश्चिम दिल्ली से गुग्गन सिंह शामिल हैं।
कुछ समय पहले तक यह चर्चा रही थी कि कांग्रेस और आप के बीच चुनाव गठबंधन हो सकता है लेकिन माना जाता कि कांग्रेस की दिल्ली की अध्यक्ष शीला दीक्षित इसके पक्ष में नहीं हैं। उनका तर्क है कि राजधानी में मजबूत आधार रखने वाली पार्टी ऐसा करके दोयम दर्जे की पार्टी बन जाएगी जिससे भविष्य में इसका नुक्सान होगा।
माना जाता है कि दिल्ली कांग्रेस में ऐसे बहुत से नेता हैं जो शीला दीक्षित की सोच से इत्तेफाक रखते हैं।
अब शनिवार को कांग्रेस के रुख के बाद आप नेता और पार्टी संयोजक  गोपाल राय ने उपरोक्त सभी नामों का ऐलान किया। चांदनी चौक लोकसभा सीट से पार्टी ने पंकज गुप्ता को मैदान में उतारा है जबकि पूर्वी दिल्ली से आतिशी, पश्चिम से गुग्गन सिंह, उत्तर से दिलीप पाण्डेय, दक्षिण से राघव चड्डा और नई दिल्ली से पार्टी ने बृजेश गोयल को टिकट दिया है। एक सीट पर पार्टी ने अभी किसी के नाम का ऐलान नहीं किया है।
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री भले महागठबंधन की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं, आज की आप की घोषणा के बाद पार्टी के कांग्रेस के साथ समझौते को लेकर सवालिया निशाँ लग गया है। कुछ रोज पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी यही कहा था कि आप से समझौते को लेकर दिल्ली की यूनिट को फैसला करना है।
अभी तक शीला के रुख से तो यही दिखता है कि वे ”आप” के साथ किसी भी तरह के समझौते के सख्त खिलाफ हैं। यदि अब आलाकमान कोइ हस्तक्षेप नहीं करती है तो शीला दीक्षित के फैसले पर ही मुहर लगने की अधिक सम्भावना है। वैसे माना यही जाता है कि जिस तरह यूपी जैसे बड़े राज्य में कांग्रेस अपने दम पर तैयारी कर रही है तो दिल्ली में अपने बूते चुनाव में जाने में क्या गलती है।

पाक के एफ १६ के इस्तेमाल की जांच कर रहा अमेरिका

भारत की वायुसेना के अधिकारियों की तरफ से एक प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तान के भारतीय सीमा में घुस आने और इस दौरान उसकी तरफ से एफ १६ फाइटर इस्तेमाल करने के सुबूत दिखाने के बाद उसे यह विमान देने वाले अमेरिका ने पाकिस्तान से इस बाबत जवाबतलबी की है। पाकिस्तान से अमेरिका  कि उसने बिना उसकी इजाजत के कैसे एफ १६ का इस्तेमाल एक सैन्य कार्रवाई में किया जबकि यह समझौते की खिलाफबरजी है।
उस रोज पाकिस्तान के इस लड़ाकू विमान एफ-१६ को भारतीय वायुसेना ने मार गिराया था। अमेरिका ने अब सख्ती दिखाते हुए पाकिस्तान से सवाल किया है कि कैसे उसने उसकी अनुमति के बगैर एफ-१६ का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई में किया। सुना है अमेरिका ने इस मसले पर जांच शुरू की है। अमेरिका ने ही अस्सी के दशक में पाकिस्तान को एफ-१६ लड़ाकू विमान दिए थे।
अमेरिका पर यह देख रहा है कि क्या पाक ने इन विमानों का इस्तेमाल हाल की  अपनी कार्रवाई में किया था? अमेरिका यह भी जांच कर रहा है कि कहीं पाकिस्तान ने उसके दिए लड़ाकू विमान के अलावा मिसाइलों का इस्तेमाल तो नहीं किया?
अमेरिका का कहना है कि उसने यह लड़ाकू विमान पाकिस्तान को अपने बचाव के लिए दिए थे न कि सैन्य कार्रवाई के लिए। अमेरिक के नियमों के मुताबिक पाकिस्तान एफ-१६ लड़ाकू विमान का इस्तेमाल आत्मरक्षा के लिए ही कर सकता है,   किसी सैन्य कार्रवाई में नहीं।
गौरतलब है कि भारत की वायुसेना के पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमले के अगले ही दिन पाकिस्तानी वायुसेना ने २७ फरवरी को भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन कर भारतीय सीमा के १० किलोमीटर भीतर घुसते हुए एफ-१६ लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया था। हालांकि भारतीय वायुसेना ने इस हमले को नाकाम करते हुए एक पाकिस्तान विमान को मार गिराया था जो बाद में भारतीय अधिकारियों की जांच में एफ-१६ लड़ाकू विमान निकला था।
वैसे पाकिस्तान इस बात से इंकार कर रहा है कि उसने इस कार्रवाई में एफ-१६  लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया है। इसके बावजूद अमेरिकी अधिकारी भारतीय सेना के अधिकारियों की ओर से पेश किए गए सबूतों की जांच कर रहे हैं। जांच में इन विमानों के इस्तेमाल होने और शर्तों के उल्लंघन का मामला साबित हुआ तो अमेरिका पाक के साथ भविष्य के रक्षा सौद्दे रद्द कर सकता है।

जमात के ७० खाते सील

जम्मू कश्मीर में कुछ रोज पहला प्रतिबंधित किये गए अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी के ७० खातों को केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर शनिवार को सील कर दिया गया है। जमात के कुछ दफ्तरों पर छापेमारी हुई है जिसके बाद करीब ५२ करोड़  रूपये की भारतीय करंसी जब्त कर ली गयी है। उधर पूर्व सीएम और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने सरकार के जमात पर प्रतिबन्ध की आलोचना करते हुए कहा है कि जमात एक विचार है और ऐसी कार्रवाइयों से मसले का हल नहीं निकलेगा।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसी गुरुवार एक अधिसूचना जारी कर जमात-ए-इस्लामी पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। अधिसूचना में कहा गया था कि जमात-ए-इस्लामी आंतरिक सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल रही है। उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर घाटी में जमात के ४०० मदरसे, ३५० मस्जिदें और करीब १००० पाठशालाएं हैं।
शुक्रवार को जमात के कई ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी जिसमें कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। जमात और उसके नेताओं के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि इसके तहत २२५ से ज्‍यादा सदस्‍यों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। जमात के खिलाफ कार्रवाई में जुटे अधिकारियों का कहना है कि इसके पास ४,५००  करोड़ रुपये की संपत्ति होने का अनुमान है। हालांकि यह वैध है या अवैध, इस बारे में जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
इस बीच पूर्व सीएम और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने सरकार के जमात पर प्रतिबन्ध की आलोचना करते हुए कहा है कि जमात एक विचार है और ऐसी कार्रवाइयों से मसले का हल नहीं निकलेगा।

जम्मू बस हादसे में ६ की मौत

जम्‍मू संभाग के उधमपुर में शनिवार मध्यरात्रि एक बस हादसे में छह लोगों की मौत हो गयी। हादसे में ३५ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिन्हें इलाज  अस्पताल में भर्ती किया गया है।
जानकारी के मुताबिक पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक ने इलाज के  हुए जान दे दी। हादसे में ३८ लोगो घायल हुए हैं। जम्‍मू  के सुरिनसर से श्रीनगर जाने वाली एक बस उधमपुर के पास मजलता में गहरी खाई में गिर गई। पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है।
घायल हुए लोगों की संख्‍या ३५ से ज्यादा है और उनका इलाज नजदीकी अस्पताल में किया जा रहा है। इससे पहले दिसंबर महीने में जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मंडी तहसील में बस गहरी खाई में गिर गई थी। इसमें १३ लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। आज के हादसे में सभी ६ शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

पुंछ : पाक गोलीबारी में ३ नागरिकों की मौत

भारतीय पायलट को भारत को लौटाने के बावजूद सीमा पर गोलीबारी जारी है और नई घटना में इस फायरिंग में तीन नागरिकों की मौत हो गयी है। इनमें दो बच्चे और एक महिला शामिल है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान के  सैनिकों की गोलाबारी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए हैं। उधर नौशेरा में रिहाइशी इलाके में मोर्टार दागे जाने से कई घरों को नुकसान भी पहुंचा है। नौशेरा के रिहाइशी इलाके में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार दागे गए हैं।
पुंछ जिले के सलोत्री इलाके में सीमापार से की गई भारी गोलाबारी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। इलाके के कई घरों में गोले आकर गिरे हैं जिससे कई घरों को नुकसान भी पहुंचा है। गोलाबारी में रूबाना कौसर (२४), उनका बेटा फजान (५) और ९ महीने की बेटी शबनम की जान चली गयी। रूबाना का पति मोहम्मद यूनिस इस गोलाबारी में घायल हो गया।
इससे पहले, पुंछ जिले के मनकोट इलाके में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में नसीम अख्तर नाम की महिला घायल हो गई थी। सलोत्री और मनकोट के अलावा पुंछ जिले के कृष्णाघाटी और बालाकोट इलाकों में भी गोलाबारी हुई।
यह लगातार आठवां दिन है जब पाकिस्तानी की ओर से राजौरी और पुंछ जिलों में एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया। पुंछ और राजौरी जिलों में एलओसी के पास छह सेक्टरों में आम नागरिकों के इलाकों और वहां की चौकियों को निशाना बनाकर की गई पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक जवान भी घायल हो गया था। भारतीय सेना ने इस सीजफायर उल्लंघन का जमकर जवाब दिया।
पाकिस्तान की तरफ से मोर्टार दागे जाने से कई घरों की दीवारों को नुकसान पहुंचा है। पाक ने चार सेक्टरों में सीजफायर का उल्लंघन किया और उसके सैनिकों ने पोस्ट और रिहाइशी इलाकों में करीब एक घंटे तक मोर्टार दागे। पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार के गोले और भारी गन से आम नागरिकों के इलाकों को निशाना बनाया जिसका भारतीय सुरक्षा बलों ने जोरदार जवाब दिया।

हंदवाड़ा में ५ जवान शहीद

पाकिस्तान की तरफ से भारतीय विंग कमांडर अभिनन्दन को लौटाने के बावजूद जम्मू कश्मीर सीमा पर तनाव बना हुआ है और पाकिस्तान की तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है और आतंकियों के तरफ से सुरक्षा बालों पर हमले जारी हैं। कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में ५ जवान शहीद हो गए हैं वहीं २ आतंकी भी मारे गए हैं।
हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों की आतंकियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के अफसर समेत पांच जवान शहीद हुए हैं। इससे पहले शुक्रवार को मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को भी ढेर कर दिया था। बाबागुंड इलाके में सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया और इसी दौरान आतंकियों ने उनपर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें नौ जवान जख्मी हो गए। बाद में इनमें पांच शहीद हो गए हैं।
शहीद होने वालों में सीआरपीएफ और सेना के दो-दो जवान और एक पुलिसकर्मी शामिल है। दो सीआरपीएफ के जवान इंस्‍पेक्‍टर पिंटू और कैप्‍टन विनोद शहीद हो गए। जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के सीनियर कांस्‍टेबल नसीर अहमद कोहली और गुलाम मुस्‍तफा भी शहीद हो गए। फिलहाल, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हंदवाड़ा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ ही इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षाबलों को यहां आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी जिसके बाद सुरक्षाबलों ने कुपवाड़ा जिले के बाबागुंड इलाके में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। दोनों आतंकियों के शव और उनके हथियार बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल, उनकी पहचान का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को शोपियां जिले के मीमेंदर इलाके में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी मार गिराए थे। इसके अलावा उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलियां चलाईं, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया।

आपका अभिनन्दन, वीर सैनिक

अभिनन्दन देश लौट आये। अपूर्व शौर्य की अनुपम वीरगाथा लिखकर। ऐसी गाथा, जो देश के तमाम पुरुस्कारों, वीरता गीतों से ऊपर है। अभिनन्दन हिन्दोस्तान की वीरता के इतिहास का बहुत बड़ा नाम हो गए हैं तो इसलिए कि उन्होंने वीरता का वो चेहरा आज की पीढ़ी को दिखाया जिसे वे अभी तक काल्पनिक फिल्म कथाओं में ही देखती रही थी। आजका सूर्य जब अस्त हुआ है तो शौर्य के आसमां पर एक नए सूर्य का उदय हुआ है। एक ऐसे सूर्य का जो कभी अस्त नहीं होता।
पाकिस्तान के एक हिस्से में जब वे अपने जहाज से उतरे थे तो उन्होंने आसमान की उन ऊंचाइयों को छू लिया था जहाँ पहुँचने को हर वीर तरसता है। कूटनीति की जबरदस्त चालों और सीमा पर जंग के ताने-बाने के बीच अभिनन्दन ही असली हीरो के रूप में उभरे हैं। यही असली हीरो हैं जो राजनीति के लिए नहीं, सत्ता के लिए नहीं, प्रचार के लिए नहीं, देश के लिए वीरता के पर्याय बन जाते हैं।
अभिनन्दन के परिवार ने इन तीन दिनों में जो झेला, उसे किसी ने नहीं देखा। लेकिन अभिनन्दन जिस परिवार में पले-बढ़े वहां तो नाश्ते से लेकट डिनर की मेज तक शौर्य  की ही चर्चा होती है। इसी चर्चा ने अभिनन्दन के भीतर देशभक्ति और शौर्य की वो घुट्टी भेजी जो सिर्फ देश के लिए ”सुप्रीम सैक्रिफाइस” की बात सोचती है।
आज वाघा बार्डर पर मीलों दूर से उनका स्वागत करने हार-ढोल लेकर लोग पहुंचे तो सिर्फ इसलिए कि उनकी वीरता ने उनके दिल में अभिनन्दन के लिए एक ख़ास जगह बना दी। जिन्होंने उन्हें सिर्फ तस्वीरों में देखा वे भी उनके दीवाने हो गए तो इसलिए की दुश्मन देश की धरती और दुश्मन देश के सैनिकों के सामने भी इस जांबाज ने उस अपूर्व हिम्मत का प्रदर्शन किया, जो विरले ही दिखती है।
सोशल मीडिया ने भले जो दिखाया, अभिनन्दन की असली कहानी उनकी वीरता में छिपी है। उनके चेहरे से रिस्ता खून,  नौजवानों के दिल में आग भर रहा था। देश की हर मां आँखों में आंसू भर कर कल्पना कर रहीं थीं कि काश उन्हें भी ऐसा बहादुर बेटा पैदा हो जिसपर देश नाज कर सके।
दुश्मन देश और सैनिकों के बीच वे जिस वीरता और बेफिक्री में चाय पीते एक वीडियो में दिख रहे थे, वे जाहिर करते हैं कि इस नौजवान को अपनी जान की कोइ फ़िक्र नहीं थी। उसके दिल में देश का तिरंगा लहराते रखने की आग धधक रही थी।
अभिनन्दन ने मिग में बैठकर पाकिस्तान के जिस एफ-१६ को मार गिराया वो उसके अपने जहाज के मुकाबले ज्यादा सुविधाओं और शक्ति वाला जहाज था, लेकिन पाकिस्तान का एफ-६ को चला रहा फाइटर अगर अभिनन्दन के निशाने से खुद को नहीं बचा पाया तो इसलिए कि उसके पास अभिनन्दन जैसा शौर्य नहीं था। शौर्य शायद सुविधा नहीं, हौसले का गुलाम होता है।
जिस पंजाब की सीमा से आप अपने देश में तीन दिन बाद दुबारा कदम रख रहे हो, उस पंजाब में आपके स्वागत के लिए भांगड़े इस बात के गवाह हैं कि आप ख़ास हो। आपके स्वागत के लिए बहुत प्यार से बनी गईं सुन्दर फूलों की लड़ियाँ और हार इस बात की गवाह हैं कि आप इस जीत के सबसे बड़े हीरो हो।
अब आप अपने देश की धरती में पहुँच चुके हो, लेकिन आपने वीरता की जो गाथा लिखी है उसे भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी याद किया जाएगा। वाघा बार्डर पर भले आपके स्वागत के लिए उमड़ी देशभक्तों की भीड़ को तकनीकी कारणों (इंटरनैशनल रेड क्रास के नियमों के कारण) से आपके दर्शन से बंचित होना पड़ा हो, आप आज देश के हर नागरिक के दिल में धड़क रहे हो। हर धड़कन कह रही है – आपका शुक्रिया भारत के अमूल्य रत्न अभिनन्दन। आपका स्वागत है। हम आपके आभारी हैं। हमेशा रहेंगे।

पीएफ को लेकर सर्वोच्च अदालत का बड़ा फैसला

प्रॉविडेंट फण्ड (पीएफ) के कैलकुलेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पीएफ सदस्यों के लिए  बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक स्पेशल अलाउंस भी बेसिक सेलरी का हिस्सा है और इसके आधार पर (इन सबको जोड़कर ही) पीएफ कटना चाहिए। कोर्ट के मुताबिक कंपनियां सैलरी से ”स्पेशल अलाउंस” को अलग नहीं कर सकतीं।
अभी तक कंपनियां पीएफ काटते समय बेसिक सैलरी में स्पेशल अलाउंस को नहीं जोड़ती थीं। इसे लेकर पीएफ ट्रिब्यूनल सहित दुसरी जगह कर्मचारियों के केस चल  रहे थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय से फैसला आने के बाद कर्मचारियों के हिस्से बड़ी खुशी आई है। अब कंनियों को प्रोविडेंट फंड डिडक्शन के कैलकुलेशन में यह अलाउंस भी जोड़ने होंगे।
इस फैसले का हालाँकि उन कर्मचारियों पर असर नहीं होगा, जिनकी बेसिक सैलरी और स्पेशल अलाउंस हर महीने १५,००० रुपये से ज्यादा हैं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच से पूछा गया था कि क्या संस्थान कर्मचारी को जो स्पेशल अलाउंस देते हैं, वे डिडक्शन के कम्प्यूटेशन के लिए ”बेसिक सैलरी” के दायरे में आएंगे कि नहीं।
इस पर फैसला देते हुए जस्टिस सिन्हा ने कहा – तथ्यों के आधार पर वेज स्ट्रक्चर और सैलरी के अन्य हिस्सों को देखा गया है। एक्ट के तहत अथाॉरिटी और अपीलीय अथॉरिटी दोनों ने इसकी परख की है। ये दोनों ही इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अलाउंस बेसिक सैलरी का हिस्सा हैं। इसे छद्म तरीके से अलांउस की तरह दिखाया जाता है ताकि कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट में डिडक्शन और कॉन्ट्रिब्यूशन से बचा जा सके। तथ्यों के निष्कर्ष के साथ हस्तक्षेप का मामला नहीं बनता है।

ओआईसी बैठक में सुषमा ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा

जिस मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (ओआईसी) का पाकिस्तान फाउंडर सदस्य था, वही उसमें नहीं आया लेकिन भारत की प्रतिनिधि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस संगठन की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाकर साफ़ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। पाकिस्तान को एक तरह से झटका देते हुए भारत को इस बैठक में बतौर ”गेस्ट ऑफ ऑनर” न्योता मिला था।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को अबू धाबी में ओआईसी की बैठक में जोर देकर कहा कि दुनिया आज आतंकवाद की समस्या से त्रस्त है और आतंकी संगठनों की टेरर फंडिंग पर रोक लगनी चाहिए। बगैर नाम लिए सुषमा ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भी जिक्र किया, जिससे भारत लंबे वक्त से जूझ रहा है।  ऋग्वेद का उद्धरण देते हुए सुषमा ने कहा –  ”भगवान एक हैं और सभी धर्मों का मतलब है शांति।”
स्वराज ने कहा कि भारत आतंकवाद से जूझ रहा है। ”आतंकवाद का दंश बढ़ रहा है, दायरा बढ़ रहा है। आज आतंकवाद और अतिवाद एक नए स्तर पर है। आतंकवाद  को संरक्षण और पनाह देने पर रोक लगनी चाहिए। आतंकी संगठनों की फंडिंग रुकनी चाहिए।”
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मजहब के खिलाफ टकराव नहीं है। ”जिस तरह इस्लाम का मतलब शांति है, अल्लाह के ९९  नामों में से किसी भी नाम का अर्थ हिंसा नहीं है, उसी तरह हर धर्म शांति के लिए है।”
सुषमा ने कहा कि भारत के लिए बहुलता को अपनाना हमेशा से आसान रहा है क्योंकि यह संस्कृति के सबसे पुराने धार्मिक ग्रंथ ऋग्वेद में भी है और मैं वहां से उद्धरण ले रही हूं – ”एकम सत विप्र बहुधा वधंती अर्थात भगवान एक हैं लेकिन विद्वान लोग अलग-अलग तरह से उनका वर्णन करते हैं।” उन्होंने कहा कि यही वजह है कि भारत के बहुत कम मुस्लिम जहरीले प्रॉपगेंडा से प्रभावित हुए।
इस बैठक में सबसे बड़ी अनुपस्थिति पाकिस्तान की रही। उसने कोशिश की थी कि भारत को इस बैठक में न बुलाया जाए। जानकार इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहे हैं।

भारतीय पायलट कल रिहा कर देंगे : इमरान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरूवार शाम घोषणा की है कि भारत के जिस पायलट को बुधवार को पाकिस्तान ने पकड़ा था, उसे शुक्रवार को रिहा कर दिया जाएगा। अभी यह साफ़ नहीं है कि पायलट को सीधे भारत को सौंपा जाएगा या इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसायटी को पहले सौंपा जाएगा। 
 
इमरान खान भारतीय पायलट को छोड़ने की घोषणा पाकिस्तान की संसद में गुरूवार शाम की है। गौरतलब है कि विंग कमांडर अभिनन्दन को बुधवार को पाकिस्तानी अधिकारियों  ने उस वक्त हिरासत में ले लिया था जब जब भारत के मिग के गिरने के समय उन्होंने पैराशूट से कूद गए थे। हालांकि वे पाकिस्तान अधिकृत पीओके के हिसे में गिरे थे। उनकी इस गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियों भी देखने को मिले थे जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान से साफ़ कहा था कि हमारे पायलट को तुरंत भारत को लौटाया जाए। 
 
अब पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने घोषणा की है कि उन्हें शुक्रवार को रिहा कर दिया जाएगा। संसद में इमरान खान ने कहा – हिन्दुस्तान के एक पायलट को कल हमने पकड़ लिया था। पीस जेस्चर के नाते हम उन्हें कल रिहा कर रहे हैं।” जब  इमरान ने यह घोषणा अपनी संसद में  की तो टीवी ग्रैब में दिखा और सुना कि  सांसदों ने तालियां बजाकर उनके ऐलान का स्वागत किया।  
 
इमरान खान ने पाक संसद के साझा सत्र में कहा – भारतीय पायलट अभिनंदन को शुक्रवार को छोड़ दिया जाएगा। हम आगे कोई लड़ाई नहीं चाहते हैं और इसके लिए मैंने कल पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात करने की कोशिश की है। लेकिन हम जो ये कोशिश कर रहे हैं, उसे कमजोरी न समझा जाए।”
 
पाक पीएम इमरान ने कहा – ”हम भारत के साथ शांति की पहल करने के लिए पायलट को रिहा करेंगे।” भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अगर पाकिस्तान डील चाहता है, तो कुछ नहीं होगा, हमें अपने पायलट की वापसी चाहिए, डील नहीं। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान की हिरासत में मौजूद भारतीय पायलट से मुलाकात के लिए कॉन्स्यूलर एक्सेस नहीं मांगी थी और अपने पायलट को तुरंत रिहा करने को कहा था।