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जीएसपी से बाहर करने के लिए अमेरिका का भारत को नोटिस

पुलवामा और अन्य घटनाओं को नजरअंदाज करते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान को कर मुक्त व्यापार का दर्जा देने वाले सिस्टम जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (जीएसपी) में जारी रखते हुए भारत को इससे बाहर करने का नोटिस जारी कर दिया है। कुछ दिन पहले ही अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे लेकर अमेरिकी कांग्रेस को अपने फैसले से अवगत कराते हुए पत्र लिखा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने भारत को जीएसपी से बाहर करने के लिए ६० दिन का नोटिस जारी कर दिया है। गौरतलब है कि अमेरिका की ऑफिस ऑफ द यूनाईटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव की जीएसपी की सूची में करीब १०३ देश हैं। अभी तक इसमें भारत और पाकिस्तान दोनों शामिल थे लेकिन अमेरिका ने अब पाकिस्तान को सूची में बरकरार रखते हुए भारत को बाहर करने का नोटिस थमा दिया है।
याद रहे कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि अमेरिका से जाने वाले हार्ले डेविडसन की बाइक पर इंडिया दोगुना आयात शुल्क वसूलता है। ऐसे में भारत को भी जीएसपी के तहत छूट क्यों दी जाए। इसके बाद अमेरिका ने ट्रेड वार शुरू करते हुए भारत को नोटिस भेज दिया।
यह जीएसपी खत्म होने से भारत में हस्तशिल्प, हैंडलूम, फेब्रिकेशन, ऑटो टूल्स जैसे छोटे और मध्यम उद्योगों को झटका लगेगा। इसका सीधा फायदा पाकिस्तान को होगा। पाकिस्तान भी हस्तशिल्प, हैंडलूम, फेब्रिकेशन, ऑटो टूल्स आदि का निर्यात अमेरिका को करता है। लिहाजा, पाकिस्तान के सामान शुल्क मुक्त होने से सस्ते होंगे और इसी वजह से उनका निर्यात और बढ़ जाएगा। लेकिन भारत के उद्योग छूट के अभाव में सामानों की कीमत कम नहीं कर पाएंगे। इससे बड़ी संख्या में मझौले आकार वाले उद्योगों में काम करने वाले कामगारों का रोजगार भी जा सकता है।

जम्मू ब्लास्ट के एक और घायल की मौत

जम्मू के भीड़ भरे बस अड्डे पर गुरूवार को हुए ग्रिनेड ब्लास्ट में घायल हुए एक और व्यक्ति की शुक्रवार मौत हो गयी। इस तरह ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या २ हो गयी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवाए को जिस व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ा उसकी पहचान अनंतनाग जिले के मट्टन निवासी मोहम्मद रियाज के रूप में हुई है। सरकारी मेडिकल कॉलेज में आज तड़के उसे घावों की ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया। याद रहे घटना के कुछ घंटे के भीतर ही नगरोटा पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने बताया था कि आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने उसे हमले का जिम्मा दिया था। आईजी एमके सिन्हा ने बताया था कि कुलगाम के खानपोरा-दस्सें गांव के निवासी यासिर जावेद को हिजबुल मुजाहिदीन के जिला कमांडर (कुलगाम) फारूक अहमद भट्ट उर्फ ”उमर” ने हमले का जिम्मा दिया था।
एक व्यक्ति की कल ही मौत हो गयी थी। वह उत्तराखंड का रहने वाला था।

बीकानेर में मिग-२१ हादसा

मिग-२१ शुक्रवार को हादसे का शिकार हो गया। हादसा राजस्थान के बीकानेर में हुआ हालाँकि इसका पायलट सुरक्षित है। वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिये कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है।
हादसा बीकानेर से करीब १२ किलोमीटर दूर शोभासर की ढाणी के पास हुआ। विमान ने नल एयरबेस से उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिग से पहले ही हादसे का शिकार हो गया।  सेना प्रवक्ता सोंबित घोष के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त लड़ाकू विमान मिग-२१ बीकानेर के वायुसेना के नाल हवाई अड्डे से नियमित उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान का पायलट सुरक्षित कूद गया। ”हादसे के कारणों की जांच के लिये कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की जा रही है”।
बीकानेर के पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा के मुताबिक वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-21 बीकानेर से लगभग 12 किलोमीटर दूर शोभासर की ढाणी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पुलिस दल घटनास्थल के लिये रवाना हो गया है। इस दुर्घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हादसे की खबर मिलते ही  पुलिस दल घटनास्थल के लिये रवाना कर दिया गया।
कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर में भी वायुसेना का मिग-२१ बाइसन हादसे का शिकार  हो गया था। क्रैश होने से पहले मिग ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-१६ को मार गिराया था। इस विमान को विंग कमांडर अभिनंदन उड़ा रहे थे जो बाद में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पहुंच गए थे जिन्हें बाद में पाकिस्तान ने बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय दवाब के चलते ४८ घंटे में ही रिहा कर दिया था।
इससे पहले हिमाचल के कांगड़ा में भी पिछले साल जुलाई में मिग-२१ लड़ाकू विमान हादसे का शिकार हो गया था। इसके बाद सितंबर २०१८ में राजस्थान के ही जोधपुर के पास इंडियन एयरफोर्स का मिग -२७  हादसे का शिकार हुआ था।

मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की नींव रखी

पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की नींव रखी। नींव रखने पर मोड ने कहा – ”आज भोले बाबा को मुक्ति मिलेगी”।
मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर आये हैं। दौरे की शुरूआत उन्होंने काशी से की, यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मोदी ने जिस विश्वनाथ कॉरिडोर का शिलान्यास किया उसकी खास बात ये है कि इसमें ”ऊं नमरू शिवाय” लिखी पांच शिलाओं का इस्तेमाल होगा।
इस मौके पर मोदी ने कहा कि जब मैं प्रधानमंत्री नहीं था, तब भी यहां आता था और मुझे लगता था की यहां कुछ करना चाहिए। ”लेकिन भोले बाबा ने तय किया होगा कि बेटे बातें बहुत करते हो यहां आओ और कुछ करके दिखाओ और आज भोले बाबा के आशीर्वाद से वो सपना पूरा हो रहा है।”
पीएम ने कहा कि सदियों से ये स्थान दुश्मनों के निशाने पर रहा, कितनी बार ध्वस्त हुआ, अपने अस्तित्व के बिना जिया। ”लेकिन यहां की आस्था ने इसे पुनर्जीवित किया और ये क्रम सदियों से चल रहा है”।

सपा ने यूपी के लिए ६ उम्मीदवार घोषित किये

लोकसभा चुनाव २०१९ के लिए कांग्रेस के ११ उम्मीदवार घोषित करने  के बाद दबाव  के एक सहयोगी सपा ने भी शुक्रवार को छह उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी।
समाजवादी पार्टी ने जिन नामों की घोषणा की है उनमें समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का नाम भी शामिल है।
समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह यादव को इस बार मैनपुरी संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। पार्टी की संसदीय समिति के अध्यक्ष रामगोपाल यादव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए पहले छह उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर दिए हैं।
उनके मुताबिक आजमगढ़ से सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव इस बार मैनपुर से चुनाव लड़ेंगे। सांसद धर्मेंद्र यादव  बदायूं से , सांसद अक्षय यादव फिरोजाबाद से चुनावी मैदान में होंगे।
इसके मुताबिक समाजवादी पार्टी ने इटावा से कमलेश कठेरिया तो रॉबर्ट्सगंज से भाई लाल कोल और बहराइच से शब्बीर बाल्मीकि को मैदान में उतारा है।  प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव पहले ही ये ऐलान कर चुके हैं कि वो इस बार फिरोजाबाद से अक्षय यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले गुरुवार को  कांग्रेस ने यूपी में ११ प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी जिसके बाद सपा-बसपा दोनों ही दवाब महसूस कर रहे हैं।

यूपी, गुजरात के लिए कांग्रेस ने १५ उम्मीद्वार घोषित किये

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरूवार देर शाम १५ उम्मीदवारों की घोषणा की जिनमें ११ यूपी के लिए हैं। कांग्रेस के इस पहल के बाद सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के बीच बेचैनी है। हालाँकि,  सपा ने भी अपने उम्मीदवार कुछ सीटों के लिए घोषित करने की तैयारी कर ली है।
इसके अलावा कांग्रेस ने गुजरात के लिए भी चार  उम्मीदवारों राजू परमार (अहमदाबाद वेस्ट), प्रशांत पटेल (वड़ोदरा) भारत सिंह एम सोलंकी (आणंद) और रणजीत मोहनसिंह राठवा ((छोटा उदयपुर -एसटी) शामिल हैं।
कांग्रेस ने यूपी के लिए जिन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं, उनमें रायबरेली और अमेठी शामिल हैं। हालांकि, इन दो सीटों को छोड़ दें तो अन्य को लेकर सपा-बसपा परेशानी महसूस कर सकते हैं। इन ११ में पांच लोकसभा सीटें वो हैं, जो गठबंधन के बाद बीएसपी के खाते में हैं जबकि चार सीटें ऐसी सपा को लड़ने के मिली हैं। घोषित उम्मीदवारों में कांग्रेस  के तमाम बड़े नेता हैं।
अब कांग्रेस यदि सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होती भी है तो नुकसान बसपा को ज्यादा झेलना पडेगा। एसपी के लिए बदायूं की सीट बहुत अहम है क्योंकि वहां  अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव सांसद हैं। कहा जा रहा है कि एसपी-बीएसपी के बीच २०१४ के चुनाव नतीजों की बजाए २००९ के लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर टिकट का बंटवारा हुआ है। अब कांग्रेस ने भी लगभग इसी आधार पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है।
कांग्रेस की तरफ से घोषित ११ में कुल आठ सीटें ऐसी हैं, जिनपर २००९ में कांग्रेस  उम्मीदवार जीते थे। साल २००९ और २०१४ में कांग्रेस उम्मीदवार सहारनपुर में चुनाव नहीं जीत सके थे। इसके बावजूद इमरान मसूद सहारनपुर सीट से एसपी-बीएसपी को मुश्किल में डाल सकते हैं।
ग्यारह सीटों पर कांग्रेस ने जिस हिसाब से अपने बड़े नेताओं को उतारा है, उससे तो यही लग रहा है कि वह गठबंधन के लिए ज्यादा चिंतित नहीं और अपने बूते  जाने को भी तैयार है। राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी ”फ्रंट फुट” पर चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस ने जिन ११ उम्मीदवारों का ऐलान  किया है उनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, निर्मल खत्री और जितिन प्रसाद जैसे दिग्गज नेता शामिल है। लिहाजा पार्टी ने इन प्रदेश में अपने मजबूत इरादे साफ कर दिए हैं कि वह इस बार अन्य क्षेत्रीय दलों की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। कांग्रेस ने फैजाबाद, कुशीनगर, उन्नाव, अकबरपुर, बदायूं की सीटों पर उम्मीदवारों के नाम ऐलान करके साफ कर दिया है कि वह न सिर्फ भाजपा बल्कि सपा के साथ भी लोहा लेने के लिए तैयार है।

समर खेलों के लिए भारतीय दल अबू धाबी में

समर विश्व दिव्यांग खेलों के लिए 282 सदस्यीय भारतीय दल आज अबू धाबी पहुंच गया। इस दल में चंडीगढ़ के छह खिलाड़ी हैं। इन छह खिलाडिय़ों के अलावा इनमें चंडीगढ़ के तीन प्रशिक्षक भी शामिल हैं। इन खिलाडिय़ों में हार्दिक पाहवा (बास्केटबाल), हार्दिक अग्रवाल (रोलर स्केटिंग), जतिन कश्यप(एथलेटिक्स),रु पिंदर सिंह(जूडो), मणि सिंह (साइक्लिंग) और नैंसी आनंद (एथलेटिक्स) शामिल है। इनके साथ राकेश कुमार (जुडो), प्रदीप डोगरा (एथलेटिक्स) और शीतल नेगी कोच के रूप में गए है।
अबू धाबी में ये मुकाबले 14 से 21 तक आयोजित किए जाएगे।

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किये तीन मध्यस्थ

अयोध्या भूमि विवाद पर शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में तीन  सदस्यों की मध्यस्थता समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत जज इब्राहिम खलीफुल्लाह करेंगे और आर्ट आफ लिविंग के श्रीश्री रविशंकर और श्रीराम पंचू इसके सदस्य होंगे।
जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि इस मामले का हल मध्यस्थता के जरिए हो। सर्वोच्च अदालत के फैसले के मुताबिक एक हफ्ते में मध्यस्थता कार्य शुरू होगा और  चार हफ्ते के भीतर यह तीन सदस्यीय समिति स्टेटस रिपोर्ट देगी। इसके अगले चार  हफ्ते (यानि कुल प्रक्रिया के ८ हफ्ते) में मध्यस्थ समीति को फाइनल रिपोर्ट अदालत  के सामने पेश करनी होगी। इस तरह आठ हफ्तों में मध्यस्थता के जरिए मसले का  हल निकाला जाएगा।
कोर्ट ने पने फैसले में जो निर्देश दिए हैं उनमें यह भी है कि मध्यस्थता की प्रक्रिया को गुप्ता रखा जाएगा और मध्यस्थता पर कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं होगी।  इसके अलावा कोर्ट ने कहा है कि फैजाबाद में बंद कमरे में मध्यस्थता होगी और उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए सभी इंतजाम करेगी।
मंदिर पक्ष और मस्जिद पक्ष से मिले सुझावों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थों के नाम तय कर दिए हैं, जिन्हें दो महीने (आठ हफ्ते) के अंदर सभी पक्षों से बात करनी होगी।
उनके एक मध्यस्थ होने के सर्वोच्च अदालत के निर्देश के बाद धर्मगुरू श्रीश्री रविशंकर ने ट्वीट करके कहा – ”सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना, इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है।”
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि बातचीत से हल हो जाए तो बेहतर है।  हम मामले में फैसला चाहते हैं। उधर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने श्रीश्री रविशंकर के नाम पर आपत्ति जताई है। हालांकि, उन्होंने बाकी दोनों के नामों पर कोई बयान देने से परहेज किया है। ओवैसी ने कहा कि अब चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है, तो अब श्रीश्री रविशंकर को निष्पक्ष रहना होगा। उम्मीद है कि मध्यस्थ अपनी जिम्मेदारी समझेंगें।
आयोध्या आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा – ”हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन अयोध्या में केवल राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। पुरातत्व सर्वेक्षण ने पर्याप्त प्रमाण मिले हैं कि यह स्थान भगवान राम का है। यह उनका जन्म स्थान है। हम मांग करते हैं कि मध्यस्थता के लिए अदालत की गठित समिति को हिंदू समुदाय की भावनाओं पर विचार करना चाहिए साथ ही मुसलमानों को भी हमारी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।”
फैसले के बाद यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हम सर्वोच्च अदालत के आदेश पर सवाल नहीं उठाएंगे। ”अतीत में भी मध्यस्थता के जरिए हल निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। कोई भी भगवान राम भक्त या संत, राम मंदिर के निर्माण में देरी नहीं चाहता है।”
मोदी सरकार में मंत्री उमा भारती ने कहा – ”विवादित जगह पर केवल राम मंदिर ही बन सकता है, कुछ और नहीं बनाया जा सकता। यह अच्छा है कि सभी पक्षों को चर्चा करनी चाहिए और फैसला करना चाहिए, फिर राम मंदिर का निर्माण शुरू होना चाहिए। फैजाबाद और अन्य क्षेत्रों में कई मस्जिद हैं, विवादित स्थल पर केवल मंदिर का निर्माण किया जाएगा।”
भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा – कोर्ट ने मध्यस्थता कमेटी गठित की है। यह कुछ मापदंडों के तहत काम करता है। बाबरी मस्जिद बनने से पहले वहां राम मंदिर था। अगर राम वहां पैदा हुए थे तो मुझे वहां प्रार्थना करने का मौलिक अधिकार है। विवादित जमीन पर मंदिर बनना है। क्या इसके बगल में मस्जिद बनाई जा सकती है, मेरा जवाब है नहीं।”

जम्मू ब्लास्ट का आतंकी गिरफ्तार

जम्मू  पुलिस ने स्थानीय बस अड्डे पर गुरूवार सुबह ग्रिनेड ब्लास्ट करने वाले  आतंकी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान हो गयी है और यह बात सामने आई है कि  वह आज सुबह ही हमला करने के इरादे से कुलगाम के हिज़्बुल (एचएम) कमांडर के निर्देश पर आया था।
इस आतंकी की पहचान यासिर जावीद बट्ट के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस ग्रिनेड  व्यक्ति की मौत हो गयी है जबकि ३२ अन्य घायल हैं। मरने वाले की पहचान मोहम्मद शारिक के रूप में हुई है जो हरिद्वार के कल्याणपुर का रहने वाला था।
इस आतंकी को नगरोटा में गिरफ्तार किया गया जब वो ब्लास्ट करने के बाद जामु से फरार होकर कश्मीर की तरफ जा रहा था। सीसीटीवी में पुलिस ने जो फुटेज देखी थी उसके आधार पर इस आतंकी के वस्त्रों (जींस और कोटी) और लाल रंग के रुकसक वाली जानकारी तमाम नाकों पर भेज दी गयी थी।
नगरोटा में एसडीपीओ ने तुरंत जानकारी के आधार पर इसकी पहचान कर ली और उसे पकड़कर सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ में बट्ट ने खुलासा कि उसे कुलगाम के हिज़्बुल मुजाहिद्दीन (एचएम) के कमांडर फ़ारूक़ अहमद बट्ट ने ग्रिनेड ब्लास्ट करने का जिम्मा सौंपा था और उसीने उसे  ग्रिनेड भी उपलब्ध कराया था।
उसने यह भी खुलासा किया है कि वह आज सुबह की जम्मू पहुंचा था और आते ही उसने ब्लास्ट कर दिया और इसके बाद वहां से निकल गया। हालांकि चौकन्नी जम्मू पुलिस ने उसे धर-दवोचा। सीसीटीवी में उसकी तस्वीरों की पहचान होने के बाद तुरंत इसकी जानकारी सभी चेक पोस्ट्स पर फ्लैश कर दिए गए।
नगरोटा के एसडीपीओ ने जैसे ही बट्ट को देखा तुरंत उसे पहचान लिया। उसके पास उस समय भी लाल रंग का रुकसक बैग था जो हमले के समय उसके कंधे (पीठ) पर था। इस आतंकी से और पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसमें ३२ लोग घायल हुए हैं जिनमें ११ कश्मीर के, १० जम्मू के और ९ अन्य राज्यों के हैं। हालाँकि घायल दो की पहचान नहीं हो पाई है। ब्लास्ट म,ें मरने वाले की पहचान मोहम्मद शारिक पुत्र इंतज़ार के रूप में हुई है। यह ब्लास्ट सुबह ११.५० बजे हुआ था।

जम्मू ग्रिनेड ब्लास्ट: एक की मौत, २८ घायल

जम्मू के बस अड्डे पर ग्रिनेड ब्लास्ट होने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी है और २८ अन्य घायल हैं। इनमें एक की हालत गंभीर बताई गयी है। पुलिस के मुताबिक आतंकी ने जेब से निकालकर ग्रिनेड एक बस के भीतर फेंक दिया जिससे विस्फोट हो गया।
इस विस्फोट में एक युवक की मौत हो गयी है जिसकी पहचान मोहम्मद शारिक के रूप में की गयी गयी है। उसकी उम्र महज १७ साल थी। इस ब्लास्ट में २८ लोग घायल हुए हैं जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। विस्फोट में शारिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
पुलिस ने इस ब्लास्ट के  मामले में १० लोग हिरासत में लिए हैं जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। अभी उस वयक्ति की पहचान नहीं हो सकी है जिसने यह ग्रिनेड फेंका। सुरक्षा बालों ने इलाके को घेरा हुआ है और आने-जाने वालों के कड़ी जाँच की जा रही है।
अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस ब्लास्ट की जिम्मेवारी नहीं ली है।  हालांकि पुलिस ने पक्का संदेह जताया है कि यह एक आतंकी घटना है। ”तहलका” की जानकारी के मुताबिक यह ब्लास्ट जम्मू के बस अड्डे पर सुबह करीब ११.३५ बजे हुआ जब बस  अड्डे पर काफी संख्या में बसें खड़ी थीं।
बस अड्डे पर ब्लास्ट वाली जगह के सामने की दूकान के एक सीसीटीवी कैमरा के फुटेज से पता चलता है कि ब्लास्ट होते ही वहां भगदड़ मच गयी और लोग जान बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अभी तक आतंकी (या ग्रिनेड फेंकने वाला) सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखा है।
घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर पुलिस तैनात कर दी गयी है और सुरक्षा बल शहर में वाहनों की सघन जांच कर रहे हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा और इनमें से एक की हालत अभी खतरे में बनी हुई बताई गयी है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरु कर दी है। मौके पर ग्रिनेड का लीवर पुलिस के हाथ लगा है।