प्याज के दाम फिर बढ़े, 43.53 रुपये किलो पहुंचा औसत भाव; सरकार ने शुरू की कांदा एक्सप्रेस

बढ़ती प्याज की कीमतों के बीच नासिक से प्याज लेकर जाती कांदा एक्सप्रेस
प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक जारी करने और नासिक से प्रमुख शहरों तक प्याज पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की है।

स्नेहल चौरसिया |

प्याज के दाम एक महीने में 24% तक बढ़े, बड़े शहरों में कीमत 60 रुपये किलो के करीब

प्याज के दाम ने फिर निकाले आंसू, एक महीने में 24% तक बढ़ी कीमत; सरकार ने चलाई ‘कांदा एक्सप्रेस’, देश में एक बार फिर प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। पिछले एक हफ्ते में ही प्याज के औसत खुदरा दाम करीब 17 फीसदी बढ़ गए हैं। 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत कीमत 43.53 रुपये किलो पहुंच गई, जबकि एक महीने पहले यही भाव करीब 35 रुपये किलो था।
दिल्ली-एनसीआर में प्याज 50 से 55 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। मुंबई में 52 से 58, कोलकाता में 55 से 60 और चेन्नई में 48 से 54 रुपये किलो तक दाम पहुंच गए हैं। यानी सब्जी खरीदने निकले लोगों की जेब पर प्याज का बोझ साफ दिखाई दे रहा है।

बारिश, कमजोर सप्लाई और खरीफ फसल में देरी से बढ़ी प्याज की कीमत

आखिर प्याज इतना महंगा क्यों हो गया? इसके पीछे कई वजहें हैं। महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल और स्टोर किए गए प्याज को नुकसान हुआ। इसके अलावा मानसून में देरी के कारण खरीफ प्याज की बुवाई भी पिछड़ गई। पुराना रबी स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और नई फसल की आवक धीमी रहने से बाजार में सप्लाई कम हो गई। त्योहारों से पहले मांग बढ़ने से कीमतें भी ऊपर चली गईं हैं।

नासिक से बड़े शहरों तक प्याज पहुंचाएगी ‘कांदा एक्सप्रेस’

सरकार अब कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ का सहारा ले रही है। नासिक से प्याज लेकर विशेष ट्रेनें दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों तक पहुंचेंगी। सरकार बफर स्टॉक का प्याज भी बाजार में उतार रही है, ताकि सप्लाई बढ़े और दाम नीचे आएं।
सरकारी एजेंसियों ने बफर स्टॉक के लिए करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है। अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बढ़ी हुई सप्लाई से आम लोगों को कुछ राहत मिलेगी।