Jantar-Mantra 2.0 LIVE UPDATE: वकीलों की हिरासत से बढ़ा विवाद, SCBA ने CJI से मांगा हस्तक्षेप

An AI-generated representative image

जंतर-मंतर 2.0 प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में पुलिस कार्रवाई अब सुप्रीम कोर्ट परिसर तक पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों, खासकर महिला वकीलों, के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया और उन्हें हिरासत में लिया।

उधर, प्रदर्शन के समर्थन में देश के अलग-अलग हिस्सों में भी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और कार्यकर्ताओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर है। वहीं, सूत्रों के हवाले से केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को नई दिल्ली में केरल हाउस के पास हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन दोनों मामलों में संबंधित पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

केजरीवाल का हमला, भाजपा का पलटवार

आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर सीजेपी नेताओं की विमान के अंदर हुई हिरासत पर सवाल उठाते हुए इसे ‘पूर्ण तानाशाही’ बताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके जवाब में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सीजेपी और विपक्षी दलों पर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष चुनावी जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहा।

पुलिस हिरासत का आंकड़ा अब भी उलझा

दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस के हवाले से करीब 500 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 200 से अधिक और सुबह की रिपोर्टों में करीब 150 लोगों का उल्लेख था। इन आंकड़ों को जोड़ना सही नहीं होगा। अलग-अलग समय और स्थानों पर हुई कार्रवाइयों के कारण अंतर संभव है। पुलिस के एक समेकित और अद्यतन आंकड़े का इंतजार है।

मेट्रो, इंटरनेट और रेल सेवाओं पर भी असर

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी बना हुआ है। 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद रहने की सूचना है। जनपथ-कर्तव्य पथ क्षेत्र के आसपास मोबाइल इंटरनेट प्रतिबंध रात 10 बजे तक लागू रहने की जानकारी है। दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों के रद्द या पुनर्निर्धारित किए जाने की भी खबर है। इस बीच, 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध से बचने और सुरक्षा उपायों को आवश्यकता के अनुपात में रखने की टिप्पणी के बाद मेट्रो प्रतिबंधों को लेकर अवमानना याचिका दायर किए जाने की खबर है।