दिल्ली प्रदर्शन के लिए 40 हजार  जवान तैनात, 35 अस्थायी हिरासत केंद्र तैयार

*जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन और कैमरों से निगरानी; राजधानी की सीमाओं पर भी चौकसी*

*नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलता*
10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में 35 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की स्थिति से निपटने के लिए अस्थायी हिरासत केंद्र भी तैयार किए गए हैं। पुलिस की रणनीति का उद्देश्य जंतर-मंतर तक प्रदर्शनकारियों की भीड़ पहुंचने से रोकना और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

राजधानी में 35 हजार से अधिक जवान तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को संवेदनशील इलाकों, प्रमुख सड़कों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और दिल्ली की सीमाओं पर तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले और जंतर-मंतर के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है और वाहनों की जांच की जा रही है।

अस्थायी हिरासत केंद्रों की व्यवस्था

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी केंद्र तैयार किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के  पुलिस जिलों में करीब 35 अस्थायी हिरासत केंद्रों की पहचान की गई है। इनमें खेल परिसर और पुलिस से जुड़े भवन भी शामिल हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय थानों पर दबाव कम करना और नियमित पुलिस कामकाज को प्रभावित होने से बचाना है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिसकर्मियों के शरीर पर लगे कैमरों से कार्रवाई की रिकॉर्डिंग की जा रही है। जरूरत के अनुसार ड्रोन और चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने जवानों को संयम बरतने और किसी भी उकसावे की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की आवाजाही सुचारु रखने की चुनौती है।