
15 मई 2026, नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित BRICS देशों की बैठक के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर तीखी असहमति सामने आई। सूत्रों के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह पश्चिम एशिया से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे और खाड़ी क्षेत्र में प्रभाव को लेकर मतभेद रहे। बैठक में ईरान ने कुछ क्षेत्रीय मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया, जबकि UAE ने उसका विरोध किया। कई दौर की बातचीत के बावजूद साझा मसौदे पर सहमति नहीं बन सकी।
भारत ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि BRICS जैसे मंच का उद्देश्य आर्थिक सहयोग, वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करना और बहुपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाना है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सदस्य देशों के बीच मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए और संगठन की एकजुटता बनी रहनी चाहिए।
कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि भारत ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की, ताकि साझा बयान जारी हो सके, लेकिन अंतिम समय तक सहमति नहीं बन पाई। हालांकि बैठक में व्यापार, डिजिटल सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, BRICS के विस्तार के बाद संगठन के भीतर क्षेत्रीय और रणनीतिक मतभेद अधिक खुलकर सामने आने लगे हैं। ईरान और UAE दोनों के शामिल होने से पश्चिम एशिया की राजनीति का असर अब BRICS मंच पर भी दिखाई देने लगा है।



