क्या राघव चड्ढा बनेंगे केंद्रीय मंत्री?

कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल और तरुण चुघ के नाम चर्चा में; फैसला पंजाब की राजनीति की दिशा बदल सकता है।

केंद्र सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चाओं के बीच सबसे प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। यदि भाजपा उन्हें मंत्री बनाती है, तो इसका असर सिर्फ केंद्र की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक तस्वीर भी बदल सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा राघव चड्ढा के अलावा लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक कुमार मित्तल और हाल ही में राज्यसभा के लिए नामित सांसद तरुण चुघ के नाम पर भी विचार कर रही है। हालांकि पार्टी या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार जल्द हो सकता है।

यदि राघव चड्ढा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, तो यह केवल एक मंत्री पद भरने का फैसला नहीं होगा, बल्कि पंजाब की राजनीति में बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जाएगा। कभी आम आदमी पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल रहे चड्ढा ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। AAP की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें पंजाब में पार्टी का सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता था।

हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों की खबरों के बीच उन्होंने AAP छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, उनके भाजपा में आने के बाद AAP के कई पूर्व नेताओं और सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा का रुख किया।

भाजपा के लिए राघव चड्ढा सिर्फ एक बड़ा चेहरा नहीं हैं। उन्हें AAP के संगठन, चुनावी रणनीति और वोट बैंक की गहरी समझ है। ऐसे में माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वे भगवंत मान सरकार के खिलाफ भाजपा के सबसे प्रभावी नेताओं में से एक बन सकते हैं।

इसके अलावा, उनकी शहरी छवि भाजपा को लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों में व्यापारिक वर्ग और मध्यम वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद कर सकती है।

यह चर्चा ऐसे समय में तेज हुई है जब केंद्र सरकार में पंजाब के प्रतिनिधित्व को लेकर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो चुका है। यदि वे निर्धारित छह महीने के भीतर दोबारा राज्यसभा नहीं पहुंचते हैं, तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। ऐसे में पंजाब से नए चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना बढ़ गई है।

कैबिनेट विस्तार की संभावित घोषणा से पहले राजनीतिक गलियारों की नजर भाजपा के अंतिम फैसले पर टिकी है। यदि राघव चड्ढा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, तो इसे पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा का बड़ा राजनीतिक दांव माना जाएगा। साथ ही यह आम आदमी पार्टी के लिए भी एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।