
अयोध्या: राम मंदिर दान विवाद को लेकर अयोध्या में नाराजगी बढ़ती जा रही है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने रविवार को एक आम सभा में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम दिया। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे अयोध्या शहर को जाम कर दिया जाएगा।
बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि बार एसोसिएशन का कोई भी सदस्य इस मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। नियम का उल्लंघन करने वाले वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
बैठक के दौरान कई वकीलों ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए। वकीलों का कहना है कि अयोध्या की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती।
गौरतलब है कि राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ियों के मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस बीच, ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों ने विवाद को और तेज कर दिया है। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा है कि चंपत राय पर इस्तीफा देने के लिए कोई दबाव नहीं था।
राम मंदिर दान विवाद को लेकर अयोध्या में बढ़ता असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी और सामाजिक हलचल और तेज होने की संभावना है।


