
लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। मृतकों में अधिकांश युवा छात्र बताए जा रहे हैं, जो अपने बेहतर भविष्य के लिए यहां प्रशिक्षण लेने आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्रों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। धुएं से पूरा भवन भर गया और अंदर मौजूद छात्र जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ छात्रों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाकर बचने की कोशिश की, जबकि कई लोग धुएं और आग के बीच फंस गए।
राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया। फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने घंटों तक बचाव कार्य किया। कई घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50 हजार की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की सूचना मिलते ही अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ लौट आए। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पूरी घटना की रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि कई छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बचाव अभियान देर शाम तक जारी रहा।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस हादसे ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

