इराक में अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश, हादसा या हमला? अब तक क्या-क्या सामने आया जानिए…

अमेरिकी सेना ने जांच शुरू कर दी है और हादसे की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह थी।

इराक में अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश
इराक में अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश

नई दिल्ली: इराक में अमेरिकी सेना का एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह हादसा पश्चिमी इराक के एयरस्पेस में हुआ, जहां अमेरिकी वायुसेना का केसी-135 रीफ्यूलिंग टैंकर विमान क्रैश हो गया। इस घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि विमान में कितने लोग सवार थे और इस हादसे में किसी की मौत या घायल होने की खबर है या नहीं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस घटना में दो विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा सुरक्षित तरीके से उतर गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह विमान हवा में लड़ाकू विमानों को ईंधन भरने का काम करता है। ऐसे टैंकर विमान युद्ध के दौरान बेहद अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनके जरिए फाइटर जेट लंबी दूरी तक उड़ान भर सकते हैं।

हादसे को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं। इराक में सक्रिय ‘इस्लामिक रेज़िस्टेंस’ नाम के एक संगठन ने दावा किया है कि उसने इस अमेरिकी विमान को निशाना बनाया। इस संगठन को ईरान समर्थित माना जाता है। वहीं अमेरिकी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि विमान दुश्मन के हमले या अपने ही बलों की गोलीबारी की वजह से नहीं गिरा।

फिलहाल दुर्घटना की असली वजह साफ नहीं है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हवा में रीफ्यूलिंग के दौरान दोनों विमानों के बेहद करीब उड़ने की वजह से तकनीकी गड़बड़ी या टक्कर जैसी स्थिति भी बन सकती है। इस प्रक्रिया में टैंकर विमान से एक पाइप के जरिए दूसरे विमान में ईंधन भरा जाता है और उस दौरान दोनों विमान कुछ ही फीट की दूरी पर उड़ते हैं।

घटना ऐसे समय पर हुई है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे टकराव की वजह से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा हालात संवेदनशील बने हुए हैं। इसी कारण इस दुर्घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।