नई दिल्ली: Idukki जिले में स्थित ऐतिहासिक Mangala Devi Temple में चित्रा पूर्णिमा के अवसर पर इस बार भी आस्था का बड़ा नजारा देखने को मिला। हजारों श्रद्धालु सुबह-सुबह ही मंदिर पहुंच गए और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की। खास बात यह है कि यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन—चित्रा पूर्णिमा के दिन—ही भक्तों के लिए खोला जाता है, इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
बताया जाता है कि यह मंदिर 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है और Periyar Tiger Reserve के अंदर स्थित है। हर साल इस खास मौके पर केरल और तमिलनाडु, दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। इस बार भी दोनों राज्यों के प्रशासन ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने के लिए खास इंतजाम किए।
मंदिर के कपाट सुबह करीब साढ़े पांच बजे खोले गए, जिसके बाद पूजा और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। यहां एक खास बात यह भी रही कि मंदिर में केरल और तमिलनाडु, दोनों परंपराओं के अनुसार पूजा की गई। मंगला देवी के गर्भगृह में केरल की परंपरा से अनुष्ठान हुए, जबकि पास के दूसरे हिस्से में तमिलनाडु की रीति-रिवाजों का पालन किया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने पानी, भोजन, शौचालय और दिशा बताने वाले बोर्ड जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं की थीं। इसके अलावा सुरक्षा के लिए मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, आपदा राहत दल और अग्निशमन कर्मियों को भी तैनात किया गया था, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मंदिर का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम पहले से ही किए गए थे।
कुल मिलाकर, चित्रा पूर्णिमा के इस खास मौके पर मंगला देवी मंदिर में आस्था, परंपरा और व्यवस्था का बेहतरीन मेल देखने को मिला, जहां हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।




