रेलवे स्टेशनों के पीने के पानी पर CAG की रिपोर्ट, 8 स्टेशनों के वॉटर कूलर में मिला E. coli

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के गैर-उपनगरीय स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और स्वच्छता को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आई हैं। CAG ने 512 गैर-उपनगरीय स्टेशनों का निरीक्षण किया, जिनमें से 458 स्टेशन यानी 89 प्रतिशत से अधिक पर एक या अधिक न्यूनतम आवश्यक यात्री सुविधाओं की कमी पाई गई।

8 स्टेशनों के वॉटर कूलर में मिला E. coli

रिपोर्ट का सबसे गंभीर पहलू रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध पीने के पानी की गुणवत्ता से जुड़ा है। जांच के दौरान 8 स्टेशनों के वॉटर कूलर से लिए गए पानी के नमूनों में E. coli पाया गया।

दक्षिण रेलवे के कोयंबटूर और पालक्काड जंक्शन, दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद, मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला तथा पूर्वी रेलवे के मधुपुर स्टेशन के वॉटर कूलर के नमूने E. coli के लिए पॉजिटिव पाए गए।

इसके अलावा, 2022-23 में 8 जोन के 49 स्टेशनों और 2023-24 में 9 जोन के 56 स्टेशनों से प्लेटफॉर्म के नलों के पानी के नमूनों की जांच में Total Coliforms bacteria, जिसमें E. coli भी शामिल है, की मौजूदगी सामने आई।

458 स्टेशनों पर जरूरी सुविधाओं की कमी

CAG के ऑडिट में पाया गया कि 512 स्टेशनों में से 458 पर एक या अधिक Minimum Essential Amenities उपलब्ध नहीं थीं। इनमें पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्लेटफॉर्म शेल्टर, पंखे, वॉटर कूलर और आवश्यक संकेतक जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

यह ऑडिट 2019-20 से 2023-24 की अवधि से संबंधित है और भारतीय रेलवे के गैर-उपनगरीय स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं एवं स्वच्छता की स्थिति की जांच करता है। भारतीय रेलवे में करीब 5,900 गैर-उपनगरीय स्टेशन हैं और 2023-24 में इनसे जुड़ी सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्रियों ने यात्रा की।

CAG ने की व्यापक जांच की सिफारिश

CAG ने रेलवे को पानी की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पीने के पानी की व्यापक जांच सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में Uniform Drinking Water Quality Protocol के तहत सभी आवश्यक मानकों की जांच और अनुपालन पर भी जोर दिया गया है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच में कमियां थीं। CAG के अनुसार, यात्रियों को सुरक्षित पेयजल और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए रेलवे को निगरानी और सुधारात्मक कार्रवाई को मजबूत करने की जरूरत है।