तहलका ब्यूरो।
नई दिल्ली। World Cricket के मानचित्र पर अपनी पहचान को नए सिरे से स्थापित करने के लिए क्रिकेट कनाडा ने एक बड़ा और रणनीतिक दांव खेला है। अनुभवी कोच मोंटी देसाई को राष्ट्रीय पुरुष टीम का मुख्य कोच नियुक्त करना महज एक पद की घोषणा नहीं, बल्कि कनाडा क्रिकेट की महत्वाकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। टी20 विश्व कप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, टीम अब ‘सिर्फ भागीदारी’ से आगे बढ़कर ‘जीतने’ की मानसिकता की ओर बढ़ना चाहती है। मोंटी देसाई का चयन इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देसाई का कोचिंग करियर दो दशकों से अधिक का है, जो आईपीएल की दिग्गज फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स से लेकर नेपाल और अफगानिस्तान जैसे एसोसिएट देशों तक फैला हुआ है। विशेष रूप से नेपाल क्रिकेट के साथ उनका कार्यकाल ऐतिहासिक रहा, जहाँ उन्होंने टीम की कार्यशैली में अनुशासन और पेशेवर रवैया भरकर उसे एक लड़ाकू इकाई में बदल दिया था। क्रिकेट कनाडा के अध्यक्ष अरविंदर खोसा के अनुसार, देसाई की नियुक्ति का मूल उद्देश्य टीम में एक ‘जीवंत भावना’ और ‘स्पष्ट दीर्घकालिक योजना’ का समावेश करना है।
कनाडा की टीम वर्तमान में एक ऐसे मोड़ पर है जहाँ उसे तकनीकी सुधार के साथ-साथ मानसिक मजबूती की भी आवश्यकता है। देसाई का अनुभव न केवल खिलाड़ियों के कौशल को तराशने में मदद करेगा, बल्कि आईसीसी की आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने में भी सहायक होगा। एसोसिएट क्रिकेट की चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बीच परिणाम देने की देसाई की क्षमता उन्हें इस पद के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या देसाई का ‘मैजिक टच’ कनाडा को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर पर एक स्थायी चुनौती के रूप में स्थापित कर पाता है।




