दिव्यांग पेंशन योजना में बड़ा बदलाव, अब जन्म से 79 साल तक के दिव्यांगों को मिलेगी पेंशन, 80 साल से ऊपर वालों को ₹625 प्रतिमाह

आतिफ नूर खान, तहलका
नई
दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के नियमों में बदलाव करते हुए पेंशन की राशि बढ़ाने और पात्रता का दायरा विस्तृत करने का फैसला किया है। अब 80 प्रतिशत के बजाय 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्ति भी योजना के दायरे में आ सकेंगे। साथ ही, पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को जन्म से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

केंद्र सरकार ने बुधवार, 14 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय के तहत योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने और इसकी विभिन्न उप-योजनाओं के नाम बदलने को भी मंजूरी दी गई है।

दिव्यांग पेंशन योजना का बदलेगा नाम

सरकार ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना के नाम भी बदले जाएंगे। हालांकि, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।

कितनी बढ़ाई गई दिव्यांग पेंशन?

केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि में वृद्धि की है। नई दरों के अनुसार, 80 वर्ष से कम आयु के पात्र लाभार्थियों को अब 300 रुपये के बजाय 375 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 500 रुपये के स्थान पर 625 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

नई दरों के अनुसार पेंशन में होने वाली वृद्धि इस प्रकार है:

0 से 79 वर्ष की आयु: 300 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिमाह।

80 वर्ष और उससे अधिक आयु: 500 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये प्रतिमाह।

इस प्रकार, दोनों आयु वर्गों के लिए मासिक सहायता राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

दिव्यांगता की पात्रता सीमा 80 से घटाकर 40 प्रतिशत

पेंशन योजना में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव दिव्यांगता की पात्रता से संबंधित है। पहले इस योजना के तहत पात्रता के लिए दिव्यांगता का निर्धारित स्तर 80 प्रतिशत था। अब इसे घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।

इस बदलाव से ऐसे अधिक दिव्यांगजनों को योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा, जो पहले निर्धारित पात्रता सीमा पूरी नहीं कर पाने के कारण इसके दायरे से बाहर रह जाते थे।

इसके अलावा, सरकार ने पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को जन्म से लागू करने का फैसला किया है। इसका अर्थ है कि पात्रता की अन्य शर्तें पूरी करने वाले जन्म से दिव्यांग बच्चे भी इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने के पात्र हो सकेंगे।

सरकार के अनुसार, दिव्यांगता पेंशन के नए पात्रता मानदंड, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से संबंधित दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाएंगे।

देशभर में 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके अंतर्गत वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

सरकार का कहना है कि इस कार्यक्रम को जारी रखने और दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव से सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार होगा। नई पात्रता शर्तें लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश अगले तीन महीनों में जारी किए जाएंगे।