नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलता
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, 20 जुलाई के पुराने प्रदर्शन के वीडियो को 10 अक्टूबर का बताकर साझा किया जा रहा था। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही तस्वीरों और वीडियो की वास्तविकता जांचना जरूरी है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो पर भरोसा करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसकी तारीख और प्रामाणिकता की पुष्टि करें। पुराने वीडियो को मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर साझा करने से लोगों के बीच भ्रम फैल सकता है और मौके की वास्तविक स्थिति को लेकर गलत धारणा बन सकती है।
वायरल वीडियो की तारीख जांचना क्यों जरूरी?
प्रदर्शन या किसी बड़ी घटना के दौरान सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से प्रसारित होते हैं। कई बार पुराने दृश्य भी नई घटना के नाम पर साझा किए जाने लगते हैं। ऐसे में केवल वीडियो देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि वह उसी दिन का है।
किसी वीडियो की सच्चाई जानने के लिए उसके मूल स्रोत, प्रकाशित होने की तारीख और संबंधित आधिकारिक जानकारी की जांच करना जरूरी है। बिना पुष्टि के किसी सामग्री को साझा करने से भ्रामक सूचना आगे फैल सकती है।
दिल्ली पुलिस की अपील का उद्देश्य लोगों को ऐसी सामग्री के प्रति सतर्क करना है, जो मौजूदा घटनाक्रम की गलत तस्वीर पेश कर सकती है।




