रोहित वेमुला Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

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मोदी जी के पीएम बनने के बाद संघ के लोगों को चर्बी चढ़ गई है : जिग्नेश मेवाणी

हमारे समाज में गाय को आधार बनाकर छुआछूत की परंपरा पुरानी है. पर अब इसके बहाने दलितों को पीटा जा रहा है. देखिए, और कोई पशु माता नहीं है तो गाय ही माता क्यों है? यह सबसे अहम सवाल है. गाय को पवित्र बनाकर लंबे अरसे से एक राजनीति चल  

पटना आर्ट कॉलेज में अराजकता

टाॅपर की फैक्ट्री सरीखा काॅलेज चलाने वाले बच्चा राय जेल में हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व प्रमुख लालकेश्वर प्रसाद भी जेल में हैं. उनकी पत्नी पूर्व विधायक उषा सिन्हा भी जेल में हैं. इन सबके साथ अटपटे तरीके से बिहार में इंटर की टाॅपर रही रूबी राय भी  

राजनीति का नया कलाम, ‘जय भीम – लाल सलाम’

जेएनयू में कथित देशविरोधी नारे को लेकर बवाल हुआ तो छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी से पहले उनके भाषण में ‘जय भीम, लाल सलाम’ का नारा शामिल था. उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘जब हम महिलाओं के हक की बात करते हैं तो ये (संघ-भाजपा के लोग) कहते हैं  

‘लोगों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, बहस इस पर होनी चाहिए राष्ट्रवाद पर नहीं’

किसी से आप पूछेंगे कि वह किसको मानता है राष्ट्रवाद तो वह नहीं बता पाएगा. कुछ धुंधली-सी अवधारणा है लोगों के दिमाग में कि मुल्क हमेशा खतरे में रहता है, सैनिक उसकी रक्षा करते हैं, वे मारे जाते हैं, और इधर बुद्धिजीवी हैं जो तरह-तरह से सवाल उठाते रहते हैं,  

‘नायक नहीं आंदोलन महत्वपूर्ण है’

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के बाहर और भीतर पिछले दिनों जो कुछ हुआ वह एक राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना और चैनलों से लेकर अखबारों और सोशल मीडिया के साथ-साथ इंटरनेट पर उपलब्ध ई-पत्रिकाओं में भी उसकी भरपूर धमक रही. अंतरिम जमानत पर रिहाई के बाद जेएनयू के छात्रों  

मौन मोदी !

26 मई, 2014 को जब भारत के राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई तब देश एक ऐसे नेता की उम्मीद कर रहा था जो उनके साथ संवाद करे क्योंकि उनके पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह पर अपने कार्यकाल के दौरान मौन रहने का आरोप लगता रहा था. नरेंद्र  

हममें से देशद्रोही कौन नहीं है?

राष्ट्रवाद या यूं कहें कि ऑफिशियल राष्ट्रवाद इन दिनों सुर्खियों में है. एक तरफ ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाते हुए और दूसरे ही सुर में मां-बहनों के नाम अपशब्दों की बौछार करते हुए लंपटों के गिरोह हर स्वतंत्रमना व्यक्ति को लातों-मुक्कों से, या जैसा कि बीते दिनों इलाहाबाद  

देशद्रोही जेएनयू बनाम राष्ट्रवादी सरकार

जेएनयू में देशविरोधी नारा लगाने का मसला उसी तरह गड्ड-मड्ड हो गया है जैसे आजकल की देशभक्ति. एक टीवी चैनल और फिर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखाया गया था कि नौ फरवरी को जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाए जा रहे हैं. उसी आधार पर कुछ छात्रों को  

‘मेरा भाई रोहित दलितों के लिए लड़ा और उनके हक के लिए अपनी जान दी’

क्या रोहित ने हैदराबाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से मिली प्रताड़ना के बारे में कभी आप लोगों को बताया था? रोहित का स्वभाव दूसरों को दोष देने का नहीं था. दोष देने की जगह रोहित गलत के खिलाफ लड़ते थे. इस तरह की लड़ाई लड़ने के लिए रोहित काफी समझदार  

‘मैं लेखक बनना चाहता था, लेकिन सिर्फ यह खत लिख सका’

गुड मॉर्निंग जब आप यह खत पढ़ रहे होंगे, तब मैं आपके पास नहीं होऊंगा. मुझसे नाराज मत होइएगा. मैं जानता हूं, आप में से कई लोग मुझे दिल से चाहते हैं, प्यार करते हैं और मेरा ख्याल रखते रहे हैं. मुझे किसी से शिकायत नहीं है. मुझे हमेशा खुद