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‘हमने गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी नहीं लगाई, उसे नियंत्रित किया है’

हाल ही में गुजरात स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में बिना मंजूरी गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है. मंदिर प्रबंधन की ओर से जारी किए गए नोटिस के मुताबिक ‘श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग हिंदुओं के लिए तीर्थ स्थान है. इस पवित्र तीर्थ स्थल पर गैर हिंदुओं को प्रवेश के लिए (मंदिर के) महाप्रबंधक कार्यालय से इजाजत लेनी होगी.’ गैर हिंदुओं को लेकर बनाए गए इस नियम के सामने आने के बाद से ही विवाद छिड़ गया है. नियम बनाने के पीछे की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस पूरे विवाद पर सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के उप महाप्रबंधक विजय सिंह चावड़ा से
बृजेश सिंह की बातचीत

बृजेश सिंह June 17, 2015, Issue 12 Volume 7

BGमंदिर में गैर हिंदुओं के बिना मंजूरी प्रवेश पर पाबंदी क्यों लगाई गई है?

देखिए, तकरीबन एक माह पहले मंदिर में आए कुछ गैर हिंदुओं की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हो गई थी. उस घटना के बाद एक ऐसे नियम की जरूरत महसूस की गई जिससे भविष्य में आगे कोई बड़ा झगड़ा-फसाद न हो. इस कारण से ये नियम बनाया गया है. लोग इस नियम का पालन कर रहे हैं. ये तो सामान्य-सी बात है. पता नहीं मीडिया इस पर इतना हंगामा क्यों मचा रहा है.

लेकिन सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प तो किसी की भी हो सकती है. नियम गैर हिंदुओं को लेकर ही क्यों बनाया गया?

कोई बड़ी घटना घटित हो इसके पहले हमें इसे नियंत्रित करना जरूरी था. हर व्यवस्था का अपना एक नियम होता है. मान लीजिए कहीं धोती पहनकर प्रवेश करने का नियम है और कोई कुछ और पहनकर चला जाए तो दिक्कत होगी ही. झगड़ा हो जाएगा. सबका अलग-अलग नियम होता है. जहां पवित्रता है, यानी मंदिर है वहां सब देखकर करना पड़ता है.

क्या इस नियम के पीछे कहीं ये सोच तो नहीं है कि मंदिर में अगर कोई हिंदू आएगा तो वो कोई समस्या खड़ी नहीं करेगा, जबकि गैर हिंदू कर सकता है?

हां, बिलकुल ऐसा है. ये भी हो सकता है कि कोई दूसरे धर्म का आता है और उससे गलती से कुछ हो जाता है तो भी लोग यही मानेंगे कि इसने जानबूझकर किया होगा.

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 7 Issue 12, Dated June 17, 2015)

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