टीपू सुल्तान विवाद

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TIPU-SULTAN-facebookggggक्या है मामला?

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने इस साल पहली बार टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का फैसला किया, जिसका भाजपा व विहिप समेत अन्य संगठनों ने विरोध किया. इनका कहना है कि टीपू एक असहिष्णु और क्रूर शासक थे जिन्होंने हिंदुओं पर घोर अत्याचार किए. उन पर मंदिरों व गिरजाघरों को तोड़ने का भी आरोप है. हालांकि इतिहास में टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले एक शक्तिशाली राजा के तौर पर जाना जाता है. 10 नवंबर को कोडागू जिले के मदीकेरी कस्बे में जयंती मनाने का विरोध कर रहे विहिप कार्यकर्ता उग्र हो गए जिसकी वजह से पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इस दौरान एक कार्यकर्ता की मौत हो गई. इस घटना के बाद हुई हिंसा में राज्य में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.

गिरीश कर्नाड को क्यों मिली धमकी?

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित नाटककार और अभिनेता गिरीश कर्नाड ने टीपू सुल्तान की जयंती मनाने के फैसले का स्वागत किया. उनका मानना है, ‘टीपू असहिष्णु नहीं था ये गलतफहमी अंग्रेजों के लिखे इतिहास के कारण हुई है जिसने उनकी छवि एक कट्टर शासक के तौर पर पेश की. टीपू सुल्तान अगर हिंदू होते तो उन्हें मराठा शासक छत्रपति शिवाजी के समान दर्जा मिलता.’ इसके बाद से गिरीश को टि्वटर पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. हालांकि गिरीश इन्हें मजाक की तरह ले रहे हैं.

क्यों हो रहा है रजनीकांत का विरोध?

टीपू सुल्तान पर फिल्म बनाने को लेकर भी बवाल मचा हुआ है. कुछ दिन पहले कन्नड़ फिल्म निर्माता अशोक खेनी ने इस फिल्म के बारे में रजनीकांत से बात की थी. अशोक का कहना है, ‘एक समारोह के दौरान फिल्म के बारे में रजनीकांत से बात की गई थी मगर उन्होंने फिल्म के लिए हामी नहीं भरी. हां, इस प्रोजेक्ट में उनकी रुचि जरूर है.’ लेकिन भाजपा और तमिलनाडु के हिंदू संगठनों ने रजनीकांत को चेताया है कि वे टीपू सुल्तान पर बनने वाली फिल्म में काम न करें. इसी कड़ी में हिंदू मुन्नानी नेता रामगोपालन ने यह कहते हुए रजनीकांत का विरोध किया कि टीपू सुल्तान ने अपने शासन के दौरान तमिलों पर बहुत जुल्म किए थे और उनको एक तमिल नागरिक होने के नाते यह फिल्म नहीं करनी चाहिए.

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