भारत-चीन के बीच सेतु बने टैगोर | Tehelka Hindi

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भारत-चीन के बीच सेतु बने टैगोर

तहलका ब्यूरो 2016-05-31 , Issue 10 Volume 8
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चीन ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की संपूर्ण रचनावली का 33 खंडों में अनुवाद प्रकाशित किया है. इन 33 खंडों में कुल 1.6 करोड़ शब्द हैं. टैगोर की 155वीं जयंती से पहले जारी हुए इस अनुवाद को पांच साल से ज्यादा का वक्त लगाकर चीन के इंटरनेशनल रेडियो, वहां की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ, कम्युनिस्ट पार्टी के नेशनल पार्टी स्कूल और यहां तक कि चीनी फौज से जुड़े 18 अनुवादकों ने संपन्न किया है. अनुवादकों ने इस काम में भारत सरकार या किसी भी भारतीय संस्था का कोई सहयोग नहीं लिया. अलबत्ता बांग्लादेश के बौद्धिकों ने इस परियोजना में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और चीनी अनुवादकों को जहां भी भाषा की कोई समस्या हुई, वहां अपनी क्षमता भर उनकी सहायता की. अनुवादकों का कहना है कि उन्हें उन शब्दों का भाव समझने में सबसे ज्यादा मुश्किल आई जो संस्कृत के ज्यादा करीब हैं, क्योंकि बांग्लादेशी विद्वान इस काम में उनकी कुछ खास मदद नहीं कर पाते थे.

(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 8 Issue 10, Dated 31 May 2016)

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