दीपक गोस्वामी, Author at Tehelka Hindi | Page 3 of 4 — Tehelka Hindi
दीपक गोस्वामी
दीपक गोस्वामी
Articles By दीपक गोस्वामी
क्या होगा अगर क्रिकेट में सट्टेबाजी पर लग जाए मुहर?

हर धर्म में कुरीतियां होती हैं. भारत का एक धर्म क्रिकेट भी है. इस धर्म में भी एक कुरीति है- सट्टेबाजी. भारत क्रिकेट में सट्टेबाजी का विश्व का सबसे बड़ा बाजार है. सट्टेबाजी के इस शास्त्र ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐसे जख्म दिए हैं जो कभी भरे नहीं जा  

प्रेम-पैसा-प्रसारण

‘ओवर की आखिरी गेंद… सचिन ने फाइन लेग की तरफ खेल दिया है … और इस एक रन के साथ ही सचिन का शतक पूरा..’ कमेंटटेर की आवाज के बीच अचानक से टीवी पर क्रिकेट प्रसारण रुक जाता है. फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन आने लगता है. दो मिनट बाद प्रसारण  

लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, बदल जाएगा क्रिकेट का चेहरा

‘जस्टिस लोढ़ा समिति की सिफारिशें देश में केवल क्रिकेट ही नहीं, अन्य खेलों के लिए भी नजीर पेश करने वाली हैं. जितनी गहराई में वे गए हैं, उतनी गहराई से भारतीय क्रिकेट का पोस्टमार्टम कभी नहीं हुआ’ ये शब्द पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी के हैं, जो क्रिकेट में  

शिक्षा सुधार पर तकरार

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के अरविंद केजरीवाल ने जब दोबारा सरकार बनाई तो उनके सामने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के साथ-साथ यहां के प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों पर नकेल कसना भी एक चुनौती थी. इन्हीं चुनौतियों से पार पाने के प्रयास में  

पिच फिक्सिंग

मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई पांच एकदिवसीय मैचों की सीरीज के अंतिम और निर्णायक मुकाबले के लिए तैयार था. इससे पहले खेले चार मुकाबलों में दो-दो जीत के साथ दोनों टीमें बराबरी पर थीं. इसलिए निर्णायक मुकाबले में कांटे की टक्कर होने की  

आत्महत्या की ‘तैयारी’

‘मम्मी-पापा…प्लीज मुझे माफ कर दीजिएगा… मैं नहीं कर सकी आप लोगों की डॉक्टर बनने की इच्छा पूरी… मैं कितना भी पढ़ लूं लेकिन मेरा चयन नहीं होगा…पिछला साल मेरा खराब हुआ पर इस साल मैं बहुत मेहनत कर रही थी… लेकिन फिर भी कोई अच्छे परिणाम नहीं मिल रहे, इसलिए  

मदर मिल्क बैंक : एक वरदान

विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार जहां शिशु मृत्यु दर का वैश्विक औसत प्रति एक हजार पर 32 है वहीं भारत का औसत 38 है. नवजात शिशु मृत्युदर (प्रति एक हजार पर 28) और जन्म के पहले पांच सालों में होने वाली मौतों (प्रति एक हजार पर 48) के मामले  

सवालों के घेरे में एनकाउंटर

बीते अगस्त की तीन तारीख को रात के लगभग 11 बजे मोहन कुशवाह को एक अंजान नंबर से फोन आता है. रीढ़ की हड्डी में चोट से जूझ रहे मोहन जब तक फोन उठाते तब तक वह कट चुका था. मोहन पिछले 24 घंटे से अपने छोटे बेटे धर्मेंद्र की  

अगर आप शरीर दान करने जा रहे हैं तो छुट्टी के दिन मरना मना है…

‘आंखें कचरे में फेंक दीं. इसमें कौन-सी चौंकाने वाली बात है? आप नेत्रदान की बात कर रहे हैं, जीआरएमसी में देहदान की भी कोई कद्र नहीं.’ ऐसा बोलते हुए अनिल शर्मा के चेहरे पर एक दर्दभरी मुस्कान उभर आती है. ग्वालियर के गोविंदपुरी इलाके के निवासी अनिल शर्मा के पिता  

नेत्रदान तो दूर, लोग रक्तदान से पहले भी लाख बार सोचेंगे…

2009 में जब नीरज अग्रवाल की दादी का निधन हुआ तब वे 85 वर्ष की थीं. नीरज ग्वालियर शहर में ही एक मेडिकल स्टोर के संचालक हैं, लिहाजा वह मरीजों का दर्द समझते हैं. जब उनकी दादी का निधन हुआ तो उन्होंने परिवार में सबकी मर्जी के खिलाफ जाकर उनकी