हम कब बनेंगे उद्योगपति?

महाराष्ट्र के नवयुवकों को उद्योग शुरू करने की दिशा में प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किया गया।मुख्यमंत्री रोजगार सृजन स्कीम (सीएमईजीपी) की धज्जियां उड़ती नजर आ रही है। मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में 2019 से लागू इस योजना के लिए बैंकों ने युवाओं के अधिकांश प्रस्तावों को रद्द कर दिया है, दिलचस्प बात यह है कि एक साल पहले आवेदन करने वाले कुछ लोगों को पता ही नहीं है कि उनके आवेदन खारिज कर दिए गए हैं।

राज्य में मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) 2019 से शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य पांच वर्षों में एक लाख से अधिक सूक्ष्म और लघु उद्योगों की स्थापना करना और उसके माध्यम से लगभग दस लाख रोजगार के अवसर प्रदान करना था।