‘मुख्तार अब्बास नकवी बिना जमीन और बिना जमीर वाले नेता हैं’ | Tehelka Hindi

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‘मुख्तार अब्बास नकवी बिना जमीन और बिना जमीर वाले नेता हैं’

भाजपा में शामिल होने और आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोप लगने के बाद तुरंत ही बाहर होने वाले राज्यसभा सांसद साबिर अली, बता रहे हैं कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ
अतुल चौरसिया 2014-04-15 , Issue 7 Volume 6
फोटोः विकास कुमार

फोटोः विकास कुमार

भाजपा में आपका जाना और आना बहुत जल्द हो गया. अब आगे क्या करेंगे?
मैं पूरी तरह से स्तब्ध हूं. इतनी बड़ी एक राष्ट्रीय पार्टी थी. मैंने सोचा था कि पार्टी के साथ लगकर सालों-साल से दोनों समुदायों के बीच जो लाइन खिंची हुई है उसे खत्म करूंगा. लेकिन अभी मैंने भविष्य के बारे में कुछ नहीं सोचा है.

मुख्तार अब्बास नकवी ने आपके ऊपर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. इस पर आप क्या कहेंगे?
इतने सालों से भाजपा में रहकर भी ये एक आदमी को भाजपा के साथ जोड़ नहीं सके. ये बिना जमीन और बिना जमीर के नेता हैं. इन्हें इस बात का डर सता रहा था कि अगर कोई जमीनी नेता पार्टी में आ जाएगा तो इनकी दुकान बंद हो जाएगी. पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं ने मुझे भरोसा दिया था. जो आरोप लगा रहे हैं उनकी दिक्कत ये है कि सालों तक ये मुसलमानों को भाजपा से जोड़ नहीं सके.

अब आपकी पत्नी भी नकवी के आवास के सामने धरने पर बैठ गई हैं. आपकी मांग क्या है?
सीधी सी बात है, अब तो मैं पार्टी में हूं नहीं. मैंने तो उसी दिन चुनौती दी थी कि या तो अपने आरोप सिद्ध करें या फिर 72 घंटों के भीतर माफी मांगें. पर ये साब मुंह छिपाकर बिल में घुस गए हैं. कहां हैं. अगर आप किसी के ऊपर आरोप लगा रहे हैं तो आपके पास उसे साबित करने के लिए सबूत भी होंगे. मैंने तो कहा कि आप बहस-मुबाहिसा कर लीजिए, आमने-सामने बैठकर मुझसे बात कर लीजिए. पर आप तो मुंह छुपाकर बैठे हैं. दम है तो रूबरू होकर बात करिए. आप देखिए कि मैं राज्यसभा का सदस्य हूं और इस देश की एजेंसियां कितनी नकारा है कि जिस देशद्रोही की खबर नकवी साब को है उसके बारे में एजेंसियों को कोई खबर ही नहीं है. महज 10 दिन पहले वे (मुख्तार अब्बास नकवी) मुझसे एयरपोर्ट पर मिले थे. मेरी खुलकर बातचीत हुई थी. मैंने अपनी मंशा उनके सामने रखी थी. तब उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी. इन 10 दिनों के दरम्यान भी उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई. ऐन जिस दिन मैंने पार्टी ज्वाइन की उसी दिन उनके पेट में दर्द हुआ. वे डरे हुए हैं.

पर आपके ऊपर आरोप लगते रहे हैं, मसलन भटकल के साथ ताल्लुकात की खबरें भी आपको पार्टी से निकाले जाने की एक महत्वपूर्ण वजह बताई गई.
दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है भटकल से मेरा. है कोई सबूत किसी के पास तो उसे मेरे सामने रखिए. मैं सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लूंगा. पर ये हवा-हवाई आरोप लगाकर आप किसी के राजनीतिक जीवन पर कीचड़ नहीं उछाल सकते. जाने कहां की पैदावार है भटकल. मुझे तो पता भी नहीं ऐसे किसी शख्स के बारे में. मैंने तो इस पार्टी में कभी काम किया नहीं है. मुझे नहीं पता कि यह पार्टी कैसे काम करती है.

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 6 Issue 7, Dated 15 April 2014)

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