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कर्नाटक हिजाब मामले की सुनवाई में जजों की अलग-अलग राय, सीजेआई को भेजा मामला

कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने का मामला इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ के दोनों जजों की राय में भिन्नता के बाद इसे सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश को भेज दिया गया है। आज सुनवाई के दौरान एक जज ने फैसले को पलटा दिया।

कर्नाटक हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई करने वाले दो जजों में मतभेद उभरने के बाद फिलहाल हिजाब पर पाबंदी जारी रहेगी। मामले की सुनवाई कर रही खंडपीठ के एक जज जस्टिस सुधांशु धूलिया ने हाई कोर्ट का फैसला पलटने के पक्ष में फैसला लिखा वहीं जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखने के पक्ष में फैसला सुनाया। अब बड़ी बेंच के गठन के लिए यह मामला सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश को भेजा जाएगा।

याद रहे 22 सितंबर को जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने 10 दिन चली सुनवाई के बाद इस मामले पर पर फैसला सुरक्षित रखा था। खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली कुल 23 याचिकाओं पर सुनवाई की थी। याचिका में कर्नाटक सरकार पर सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि हिजाब बैन का फैसला मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए किया गया है।

याचिका के जरिए मुस्लिम छात्राओं ने कोर्ट में दलील दी कि हिजाब पहनने से किसी के मौलिक अधिकार का हनन नहीं होता। यह भी कहा गया है कि अगर स्कूलों में पगड़ी, कड़ा और बिंदी पर बैन नहीं तो हिजाब पर क्यों? हिजाब धार्मिक आजादी के अधिकार के दायरे में है।

पीएम मोदी ने ऊना में देश की चौथी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

विधानसभा चुनाव से ऐन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश की चौथी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन को हिमाचल के ऊना रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन हिमाचल प्रदेश के अंब अंदौरा स्टेशन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी।

यह ट्रेन बुधवार को छोड़ हफ्ते में 6 दिन चलेगी। यह ट्रेन अंबाला, चंडीगढ़, आनंदपुर साहिब और ऊना में रुकेगी। महज 52 सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने वाली यह ट्रेन राज्य में पर्यटन की दृष्टि से भी काफी लाभकारी रहेगी।

हमीरपुर-ऊना के सांसद अनुराग ठाकुर को इस ट्रेन के शुरू होने का श्रेय दिया जा सकता है जो हलके का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। दिलचस्प यह है कि उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सीएम रहते इस मसले को लगातार केंद्र के समक्ष उठाया था।

इससे पहले प्रधानमंत्री का ऊना के पेखूबेला हेलीपैड पहुंचने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अन्य ने स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रधानमंत्री राज्य के दो जिलों में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करने और आधारशिला रखने के बाद ऊना और चंबा में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।

जम्मू में ‘नए मतदाताओं’ के पंजीकरण पर पीडीपी ने आयोग, भाजपा पर बोला हमला

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को चुनाव आयोग के जम्मू में ‘नए मतदाताओं’ के पंजीकरण संबंधी आदेश की आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सूबे को धार्मिक और क्षेत्रीय स्तर पर बांटने की कोशिश कर रही है और इन प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए। उधर फ़ारूक़ अब्दुल्ला की नैशनल कांफ्रेंस ने भी इसी मसले पर आयोग और भाजपा को आड़े हाथ लिया है।

पीडीपी प्रमुख ने एक ट्वीट में कहा कि आयोग का जम्मू में नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़ा आदेश निंदनीय है और लोगों को क्षेत्र के आधार पर बबांटने की भाजपा की कोशिश का हिस्सा है।

महबूबा ने कहा – ‘जम्मू-कश्मीर को धार्मिक और क्षेत्रीय स्तर पर बांटने के बीजेपी की कोशिशों को नाकाम किया जाना चाहिए। चाहे वह कश्मीरी हो या डोगरा, हमारी पहचान और अधिकारों की रक्षा तभी संभव होगी जब हम एकसाथ आकर कोशिश करेंगे।’

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने आदेश में नए मतदाताओं के पंजीकरण को मंजूरी देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि जम्मू में भारत सरकार औपनिवेशिक सोच के तहत मूल निवासियों को विस्थापित कर नए लोगों को बसाने के लिए कार्रवाई कर रही है।

इस बीच फ़ारूक़ अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी इस फैसले की निंदा की है। पार्टी ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा चुनाव से डरी हुई है और उसे पता है कि उसकी बड़ी हार होगी।

पार्टी के ट्वीटर हैंडल पर कहा गया है – ‘सरकार जम्मू-कश्मीर में 25 लाख गैर-स्थानीय लोगों को मतदाता बनाने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रही है। हम इस कदम का विरोध करना जारी रखेंगे। भाजपा चुनाव से डरी हुई है और उसे पता है कि उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के लोगों को चुनाव में इस साजिश का जवाब देना चाहिए।’

महबूबा मुफ्ती का ट्वीट – @MehboobaMufti ECI’s latest order for registration of new voters makes it clear that GOIs colonial settler project has been initiated in Jammu. They will bear the first blow to Dogra culture, identity, employment & business.

नोटबंदी की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, क्या अलग कानून की है जरूरत ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से साल 2016 में घोषित नोटबंदी की संवैधानिक वैधता को लेकर दायरा याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान सवाल किया कि नोटबंदी के लिए सुप्रीम कोर्ट को भविष्य के लिए कानून तय नहीं करना चाहिए? कोर्ट ने यह भी कहा कि क्या आरबीआई एक्ट के तहत नोटबंदी की जा सकती है?

जस्टिस एस अब्दुल नजीर, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस ए एस बोपन्ना, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पीठ की अगुवाई कर रहे जस्टिस नज़ीर ने आज सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या अब इस मामले में कुछ बचा है? जस्टिस गवई ने कहा कि अगर कुछ नहीं बचा तो आगे क्यों बढ़ना चाहिए?

इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील प्रणव भूषण ने कहा कि कुछ मुद्दे हैं। इनमें बाद की सभी अधिसूचनाओं की वैधता, असुविधा से संबंधित मामले और क्या नोटबंदी ने समानता के अधिकार और बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन किया है? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा – ‘मुझे लगता है कि कुछ अकादमिक मुद्दों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है। क्या अकादमिक मुद्दों पर फैसला करने के लिए पांच जजों को बैठना चाहिए।’

याद रहे पिछली सुनवाई में नोटबंदी के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि था कि इस मामले में अब क्या बचा है? क्या इस मामले का परीक्षण करने की जरूरत है? क्या ये मामला निष्प्रभावी तो नहीं हो गया? क्या ये मामला अब अकादमिक तो नहीं रह गया?

याद रहे नोटबंदी की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 28 सितंबर को पांच जजों की बेंच ने मामले में सुनवाई की थी। तब बेंच ने यह कहकर कार्यवाही को टाल दिया था कि कोर्ट के पास और भी कई महत्वपूर्ण और अधिकारों से जुड़े मामले हैं। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा था कि कोर्ट पहले इस बात की जांच करेगी कि की क्‍या नोटबंदी को चुनौती एकेडमिक बन गई है?

बता दें साल 2016 में याचिकाकर्ता विवेक शर्मा ने याचिका दाखिल कर सरकार के नोटबंदी के फैसले को चुनौती दी थी। इसके बाद 58 और याचिकाएं दाखिल हुईं।   इस मामले में 16 दिसंबर, 2016 को ही ये केस संविधान पीठ को सौंपा गया था, लेकिन तब बेंच का गठन नहीं हो पाया था।

भारतीय नेवी का मिग 29K गोवा में दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की स्थिति स्थिर

भारतीय नेवी का मिग-29K प्लेन गोवा में क्रैश हो गया है। पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और पायलट की स्थिति स्थिर बताई जा रही हैं।

यह हादसा विमान में तकनीकी खराबी के कारण हुआ हैं। घटना की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी (बीओआई) को आदेश दिया गया हैं।

नेवी स्पोक्सपर्सन ने ट्वीट कर कहा कि, गोवा के समुद्र के ऊपर एक नियमित उड़ान पर एक मिग 29K ने बेस पर लौटते समय तकनीकी खराबी के कारण प्लेन क्रैश हो गया। पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया हैं। पायलट की हालत स्थिर बताई जा रही हैं। बीओआई को घटना के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं।

आपको बता दें, इससे पहले 26 नवंबर 2020 को गोवा के तट के मिग 29K ट्रेनर विमान दर्घटनाग्रस्त हुआ था। उसकी जानकारी में बताया गया था कि विमान का टर्बो चार्जर, ईधन टैंक इंजन विंग इंजन समेत कुछ मलबा मिला है।

गुजरात में भाजपा आज से ‘गौरव यात्रा’ करेगी आरंभ, यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे जेपी नड्डा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार अभियान और आमजन तक पहुंच बनाने के लिए बुधवार से राज्य में पांच अलग-अलग मार्गों से ‘गुजरात गौरव यात्रा’ शुरू करेगी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा बुधवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को अलग-अलग स्थानों से इन यात्राओं को हरी झंडी दिखाएंगे। ये यात्रा कुल 5 यात्राएं होंगी जो कि गुजरात के अलग-अलग मंदिरों से शुरू की जाएगी और मंदिरों पर ही खत्म होंगी।

चूंकि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा को भारी नुकसान हुआ था तो इसके चलते इस बार यात्रा का मुख्य फोकस गुजरात के आदिवासी इलाकों पर रहेगा। जे पी नड्डा बुधवार को द्वारका से यात्रा को हरी झंडी देंगे इसके साथ ही मेहसाणा जिले के बहुचराजी से एक अन्य मार्ग पर भी यात्रा को आरंभ किया जाएगा जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल भी मौजूद रहेंगे।

वहीं दूसरी तरफ अमित शाह बृहस्पतिवार को तीन मार्गों से यात्रा को हरी झंडी देंगे। अहमदाबाद जिले में सवैया नाथ मंदिर से यात्रा को शुरू किया जाएगा जबकि दो अन्य वर्गों के लिए नवसारी जिले के वांसदा तालुका में उनाई माता मंदिर से यात्रा आरंभ की जाएगी।

भाजपा ने बताया कि नड्डा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और पूर्व मंत्री जवाहर चावड़ा, प्रहलाद सिंह पटेल, पीयूष गोयल, मनसुख मांडविया, पुरुषोत्तम रूपाला और अनुराग सिंह ठाकुर सहित कई केंद्रीय मंत्री विभिन्न इसमें अलग-अलग चरणों में अलग-अलग स्थानों से गौरव यात्रा में शामिल होंगे।

बता दें, इससे पहले भाजपा ने एलईडी ट्रक लॉन्च किए जो चुनाव प्रचार के लिए 182 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे और इसमें गुजरात सरकार के विकास और सरकार की विभिन्न योजनाओं को दिखाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य गुजरात सरकार द्वारा किए गए कार्यों को जन जन तक पहुंचाना हैं।

आपको बता दें, सर्वप्रथम ‘गौरव यात्रा’ वर्ष 2002 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले और सांप्रदायिक दंगों के बाद निकाली गई थी। इसके बाद दूसरी गौरव यात्रा वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी।

बदला मौसम का मिज़ाज; दिल्ली में धुंध, लाइट जलाकर लोगों ने चलाए वाहन

राजधानी दिल्ली में बुधवार की सुबह इस मायने में अलग थी कि लोग जब उठे तो उन्होंने पाया कि शहर धुंध से भरा है। लगातार बारिश के बाद आज दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में धुंध से दिन का आगाज हुआ, हालांकि, 10 बजे के बाद धूप खिलने भी शुरू हो गयी थी।

हाल की बारिश के बाद दिल्ली में तापमान में काफी गिराबट आई है, हालांकि, थोड़ी बहुत नमी बनी हुई है। कई दिन तक बारिश के बाद देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर सहित आसपास के इलाकों में आज सुबह धुंध ने दस्तक दे दी।

राष्ट्रीय राजमार्ग-9 से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में धुंध देखनी को मिली। धुंध का सर वाहनों की गति पर पड़ा क्योंकि विजिबिलिटी काफी कम थी। इससे वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई जगह तो धुंध इतनी गहरी थी कि वाहन चालक लाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर हो गए।

याद रहे पिछले पांच दिन में दिल्ली-एनीआर में लगातार बारिश हुई है। पिछले कल कई जगह मौसम साफ़ तो हुआ लेकिन रात में ठण्ड होने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

पुतिन ने यूक्रेन पर कब्जे की संभावनाओं को समझने में चूक की, जो बाइडेन का कहना  

यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर कब्जे की अपनी संभावनाओं को गलत आंका। साथ ही उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उनका पुतिन से मिलने का कोई इरादा है।

बाइडेन ने यह बातें सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में कही हैं। बाइडेन ने कहा कि वे यह मानते हैं कि उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन सामान्यतः तर्कशील और बुद्धिमान दिखते हैं। हालांकि, उन्होंने यूक्रेन पर कब्जा करने की अपनी संभावनाओं को सही तरीके से नहीं आंका। मेरे ख्याल से उनकी गणना सही नहीं थी। शायद उन्हें लगता था कि उनका राजधानी कीव में जबरदस्त स्वागत किया जाएगा लेकिन उनका यह अनुमान पूरी तरह गलत था।

जब उनसे जी-20 की बैठक में रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात या बातचीत सवाल पूछा गया तो बाइडेन ने कहा – ‘देखिए, मेरा उनसे मिलने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन उदाहरण के लिए, अगर वह जी 20 में मेरे पास आए और कहा कि मैं ब्रिटनी ग्रिनर (हिरासत में बास्केटबॉल स्टार) की रिहाई के बारे में बात करना चाहता हूं, तो मैं उससे मिलूंगा। मेरा मतलब है, यह निर्भर करेगा।’

बता दें यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद यह पहला अवसर होगा जब दोनों दिग्गज नेता एक मंच पर उपस्थित होंगे। इस युद्ध के बाद अमेरिका और रूस के बीच तनातनी चरम पर है। अमेरिका यूक्रेन का साथ देते हुए युद्ध ख़त्म करने को कह रहा है जबकि रूस अमेरिका को स्लाग दी है कि उसे उसके मामलों में नहीं बोलना चाहिए।

केजरीवाल के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को आंबेडकर की प्रतिज्ञाएं दोहरा विवादों में दिल्ली पुलिस ने भेजा नोटिस

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी कर पहाड़गंज थाने में दोपहर 2 बजे पूछताछ के लिए बुलाया हैं। उन्हें हिंदू देवी-देवताओं की पूजा के खिलाफ शपथ लेने के मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया हैं।

विजयादशमी के दिन दिल्ली के करोल बाग में आयोजित एक बौद्ध महासभा कार्यक्रम में राजेंद्र पाल गौतम पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप हैं। और इनकी मौजूदगी में हजारों लोगों को राम-कृष्ण को भगवान न मानने और कभी पूजा न करने की शपथ लेने का वीडियो भी सामने आया था।

बता दें इस सब के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजेंद्र पाल गौतम से हिंदू समाज से माफी मांगने की मांग की थी। और इस पर सफाई देते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि, ‘भारत का संविधान हमें आजादी देता है। हम किस धर्म को माने, किसको न मानें। इससे किसी को आपत्ति क्यों हैं।‘

उन्होंने आगे कहा कि, मुकदमा दर्ज कराना है कराएं, वो कर क्या सकते हैं। झूठे केस बना सकते हैं। जेल में डाल सकते हैं। उसके लिए तो हम तैयार हैं भाजपा की जमीन खिसक रही है आम आदमी पार्टी से भाजपा डरती है, क्योंकि आप ने आम आदमी के लिए काम किया हैं।“

आपको बता दें, हाल ही में धर्मांतरण कार्यक्रम का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें करीब 10 हजार लोगों ने हिंदू धर्म को त्याग कर बौद्ध धर्म अपनाया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के कैबिनेट के जाति-जनजाति विभाग के पूर्व मंत्री और आप नेता राजेंद्र पाल गौतम मौजूद थें। इस कार्यक्रम में आंबेडकर के 22 संकल्प दोहराए गए थे।

इस कार्यक्रम के बाद अरविंद केजरीवाल को हिंदू-विरोधी कहा जाना शुरू हो गया और गुजरात में पोस्टर भी लगाए गए जिनपर लिखा था कि, ‘हिंदू-विरोधी केजरीवाल, वापस जाओ!’ , हालांकि इस सबके बाद 9 अक्टूबर को खबर आई कि राजेंद्र पाल गौतम ने इस्तीफा दे दिया है और कहा कि, आंबेडकर की प्रतिज्ञाओं पर भाजपा गंदी राजनीति कर रही हैं। और बौद्ध धर्म परिवर्तन कार्यक्रम से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कोई नेता नहीं हैं और वो नहीं चाहते कि उनकी वजह से केजरीवाल और आप पार्टी पर कोई आंच आए।

राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि, ये प्रतिज्ञाएं खुद भाजपा सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने छपवाई हैं। और यह प्रतिज्ञाएं हर साल देश के कोने-कोने में हजारों स्थानों पर करोड़ों लोग दोहराते हैं। गौतम ने आगे कहा कि, पार्टी की तरफ से उन पर कोई दबाव नहीं है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस पूर्व मंत्री से आगे भी पूछताछ करेगी।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ होंगे देश के 50 वें मुख्य न्यायाधीश, सीजेआई ललित ने की सिफारिश

देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस उदय उमेश ललित ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया हैं।  सीजेआई यू यू ललित का कार्यकाल 8 नवंबर को समाप्त हो रहा हैं। और 9 नवंबर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। और 10 नवंबर 2024 को रिटायर होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वारंट जारी करने के बाद जस्टिस चंद्रचूड़ 9 नवंबर को 50 वें मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ लेंगे और जस्टिस चंद्रचूड़ का सीजेआई के रूप में कार्यकाल 2 साल का होगा।

गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित ने आज ही सुबह सुप्रीम कोर्ट जजों की बैठक में अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नाम की सिफारिश की हैं। और उनकी सिफारिश को एक पत्र के रूप में कानून मंत्रालय को भेजा जा रहा हैं।

आपको बता दें, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 13 मई 2016 को सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त किए गए थे। इससे पहले वे 31 अक्टूबर 2013 से इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे। उससे पहले वे 29 मार्च 2000 को बॉम्बे हाईकोर्ट के जज बनाए गए थे। और 1998 में उन्हें भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। वर्ष 1998 में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा डीवाई चंद्रचूड़ को वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने हॉवर्ड लॉ स्कूल, यूएसए से एलएलएम की डिग्री और न्यायिक विज्ञान (एसजेडी) में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की हैं। सेंट स्टीफंस कॉलेज, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ बीए किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की हैं।