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सिर्फ हमारी सरकार किसानों की हमदर्द : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में किसान सम्मान निधि की शुरुआत करते हुए कहा कि किसानों की असली हमदर्द उनकी सरकार है और कांग्रेस और दूसरे दल किसानों के लिए सिर्फ मगरमच्छी आंसूं बहा रहे हैं। मोदी ने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने किसानों के लिए जो वादे किये उन्हें पूरा नहीं किया।
पीएम ने इस मौके पर प्रधानमंत्री किसान योजना की शुरुआत करते हुए पहली किश्त के २००० रूपये भी प्रति किसान के खाते में डाले। उन्होंने कहा कि २०१२ करोड़ रूपये सीधे किसानों के खाते में डाल दिए गए हैं जिससे १.७ किसानों को लाभ मिलेगा।  उनके मुताबिक इस योजना के तहत इस साल करीब ७५,००० करोड़ किसानों को मिलेंगे।
इस मौके पर कमोवेश हर मुद्दे पर मोदी ने कांग्रेस के कड़ी आलोचना की। पीएम ने कहा – ”किसानों के लिए पहले की सरकारों ने बातें बहुत की लेकिन उन्होंने किसानों को छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए भी तरसाने का काम किया है। किसानों का भला करने की उनकी नियत नहीं थी। इसीलिए सरकार बनने के बाद से ही हमने किसानों की छोटी छोटी दिक्कतों पर ध्यान देने के साथ ही उनकी चुनौतियों के निवारण पर काम किया है।”
मोदी ने जनसभा में कहा कि किसान पूरी तरह से सशक्त और सक्षम बने इस लक्ष्य के साथ हम निकले हैं। ”हमारी सरकार बहुत इमानदारी से कोशिश कर रही है। देश के किसानों को हर साधन और संसाधन देने की कोशिश की जाए। साल २०२२ तक उनकी आय दोगुनी करने का काम चल रहा है। किसानों को सीधी मदद देने के लिए किसान सम्मान निधि की शुरुआत की गई है।”
उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से देशभर से जुड़े किसानों का अभिवादन करता हूं। आपको खुशी होगी कि गोरखनाथ की धरती से हो रहे इस कार्यक्रम से देश के दो लाख से अधिक गावों के किसान जुडे हुए हैं। ”गोरखनाथ की धरती पर अनेक बार आने का सौभाग्य मिला है। आज का दिन देश के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। लालबहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नाार दिया था। इतने सालों के बाद किसानो के घर और जेब तक उतारने का काम किया गया है।”
मोदी ने कहा कि आाजदी के बाद किसानों से जुड़ी यह सबसे बड़ी योजना उप्र की पवित्र धरती से आरम्भ हो रही है। गोरखपुर के लोगों को तो दोहरी बधाई देता हूं क्योंकि वह किसान सम्मान निधि की शुरुआत के गवाह बन रहे हैं। ”आज ही गोरखपुर और पूर्वांचल के विकास से जुड़ी लगभग दस हजार करोड़ रुपए की परियाजनों का लोकार्पाण और शिलान्यास भी किया गया है।”
इस सभा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के मंत्री भी उपस्थित थे।

मोदी है तो सब मुमकिन है : मोदी

नोटबंदी, जीएसटी जैसे चर्चित प्रयोग ही पीएम मोदी ने नहीं किये हैं। शनिवार को राजस्थान के टोंक में प्रधानमंत्री नए नारे के साथ रैली में दिखे। नारा था – ”मोदी है तो मुमकिन है”। सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इनकी सफलता का जब दावा किया तो साथ ही हर-बार कहा – ऐसा इसलिए हो सका क्योंकि मोदी है तो मुमकिन है।”
इस मौके पर पीएम ने उनकी सभा में मौजूद लोगों के हाथ खड़े करवाकर उनसे वादा लिया कि वे अपने यहाँ कश्मीर के छात्रों (लोगों) की हिफाजत करेंगे। मोदी ने कहा – ”देश के हर नागरिक का फ़र्ज़ है कि वे कश्मीर के अपने यहाँ रह रहे लोगों/छात्रों की हिफाजत करें।”  पीएम ने पुलवामा अटैक के बाद कश्मीरी स्टूडेंट्स पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश में ऐसा नहीं होना चाहिए।
उन्होंने पुलवामा के बाद अपने लिए एक्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमनें सेना को खुली छूट दे दी है। इन दिनों सोशल मीडिया पर वीर रस की बाढ़ आई है। हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है। मानवता के दुश्मनों के खिलाफ है। हमारी लड़ाई कश्मीरियों के खिलाफ नहीं है।
मोदी ने कहा – ”पिछले दिनों कहां क्या हुआ, घटना छोटी थी कि बड़ी। कश्मीरी बच्चों के साथ हिंदुस्तान के किसी कोने में क्या हुए, क्या नहीं हुआ। मुद्दा ये नहीं है। इस देश में ऐसा होना नहीं चाहिए।”
पीएम ने कहा – ”आज देश आत्मविश्वास से भरा है। ये इसलिए संभव है क्योंकि किसानों को सीधी सहायता मिली, आरक्षण मिला, दुश्मन में करारे जवाब का खौफ पैदा है। ऐसे अनेक कारण हैं, जिसकी वजह से देश को लगता है कि मोदी है तो मुमकिन है।”
मोदी ने कहा कि आज जवानों के नाम पर आंसू बहाने वाले लोगों को ये शब्द शोभा नहीं देता। ये हमारी सरकार है, जिसने वन रैंक वन पेंशन लागू किया। मोदी है तो मुमकिन है। पाकिस्तान के पीएम पर मोदी ने कहा – “देखता हूं इमरान अपनी बात पर खरे उतरते हैं या नहीं। मैंने इमरान खान से कहा था कि हिंदुस्तान, पाकिस्तान बहुत लड़ लिए। कुछ हासिल नहीं हुआ। प्रधानमंत्री बनें तो मैंने उनसे कहा था आप खेल की दुनिया से आए हो, आओ गरीबी और अशिक्षा से लड़ें। उन्होंने कहा था कि मैं पठान का बच्चा हूं। अब देखते हैं कि वे कितने खरे उतरते हैं।”
पीएम ने कहा – “आतंकवाद को जड़ से उखाड़ना है तो हम गलती न करें, आतंकवादी, आतंकवादी हैं। कश्मीरी आतंकवाद से मुसीबत झेल रहा है। पुरानी सरकारों की वजह से ऐसा है।” पीएम ने कश्मीर के पंच-सरपंचों से ”मैंने कहा कि आप घाटी में आतंकवादी स्कूल जला रहे हैं। इसे बंद कराईए। सभी ने मुझसे कहा कि मोदी जी, हम जान की बाजी लगा देंगे, लेकिन स्कूल जलाने नहीं देंगे।”
मोदी ने कहा कि हमनें सेना को खुली छूट दे दी है। ”इन दिनों सोशल मीडिया पर वीर रस की बाढ़ आई है। हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है। मानवता के दुश्मनों के खिलाफ है। हमारी लड़ाई कश्मीरियों के खिलाफ नहीं है। कश्मीर के लोगों के लिए है।”

यूपी के भदोही में विस्फोट, १० की मौत

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के चौरी थाना इलाके के रोटहं गांव में विस्फोट से १० लोगों की मौत हो गयी है। जानकारी के मुताबिक धमाका एक पटाखा कारोबारी के यहाँ हुआ है। विस्फोट के बाद तीन मकान ध्वस्त हो गए और कमसे कम दस लोगों की मौत हो गई है जबकि कुछ के मलवे में दबे होने की आशंका है।

वहां कई बार विस्फोट हुए हैं।  अभी साफ़ नहीं है कि क्या यह विस्फोट पटाखों के कारण ही हुए हैं या फॉर कोइ और कारण है। पुलिस के मुताबिक रोटहं गांव निवासी इरफान मंसूरी का पटाखों का कारोबार है। उसने अपने घर में ही पटाखों की दुकान खोल रखी थी। शनिवार सुबह करीब ११ बजे घर में तेज ब्लास्ट हुआ जिससे आस-पास के मकान भी इस विस्फोट की जद में आ गए।

मकान ढहने से लोग उसमें डाब गए। मलबे से कुछ लोगों के शव निकाले गए हैं। अभी तक दस लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है जबकि कुछ लोग अभी भी मलवे में दबे बताये गए हैं।

मृतकों की भी शिनाख्त नहीं हो पाई है। साथ ही, यह भी पता नहीं है कि हादसे के वक्त घरों में कितने लोग थे। एनडीआरएफ को भी बुलाया गया है। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में इरफान और कई बुनकरों की मौत हो गई है। एक वृद्धा और एक के घायल  है। विस्फोट में पड़ोसी मुदस्सिर का मकान भी ध्वस्त हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि शवों और मकान में मौजूद सामान के चिथड़े ४०० मीटर दूर जाकर गिरे।

आसपास के कई मकानों के शीशे चिटक गए और सड़क के दूसरी ओर स्थित १० फुट ऊंची चहारदीवारी भरभराकर गिर गई। मौके पर पुलिस और प्रशासन मौजूद है और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। अधिकारीयों के मुताबिक राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि कलियर मंसूरी के घर में विस्फोट हुआ। फोरेंसिक और एनडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी हैं। आईजी पीयूष श्रीवास्तव ने दस लोगों की मौत की पुष्टि की है। बचाव और राहत ऑपरेशन जारी है।

पैरामिलिटरी को भी देंगे शहीद दर्जा : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को तिरुपति माथा टेकने गए थे और शनिवार को दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में छात्रों के बीच थे। इस मौके पर राहुल ने एक छात्र के सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर ड्यूटी पर जान देने वाले अर्धसैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाएगा।

”शिक्षा: दशा और दिशा” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने दिल्ली के कई कॉलेजों के छात्रों से बातचीत की। जींस-टीशर्ट और हाफ जैकेट में राहुल युवा लुक में दिखे और उन्होंने छात्रों के हर सवाल का जवाब संजीदगी से दिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्र गान और पुलवामा के शहीदों के श्रद्धांजली देकर की गई।

पीएचडी की एक छात्रा ने राहुल से पूछा कि देश के लिए जान देने वाले अर्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता, जिसपर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा – ”पैरामिलिटरी फोर्सिस को शहीद का दर्जा नहीं मिलता है। हमारी सरकार आएगी तो ड्यूटी पर जान देने वाले पैरामिलिटरी  जवानों को शहीद का दर्जा मिलेगा।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने निजी जीवन में हिंसा का सामना करने की बात साझा  कि जब वे शामली में शहीद जवान के परिवार से मिलने गए तो उन्हें लगा उनके पिता की हत्या भी बम घमाके से हुई थी। ”इसलिए मुझे पता था कि वो कैसा महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा मेरी दादी को ३२ गोलियां मारी गईं। लेकिन आज हमसे पूछेंगे तो मैं यही कहूंगा कि हिंसा को प्यार से ही मिटाया जा सकता है। महात्मा गांधी, अशोक के जीवन से हमें यही संदेश मिलता है।”

राहुल ने कहा – ”प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी संसद में मेरे परिवार के लिए भला-बुरा कह रहे थें, लेकिन मैं जाकर उनके गले मिला। जब मेरी दादी की मौत हुई तो मेरे पिता बंगाल में थे। मुझे काफी गुस्सा था जब मेरी दादी की हत्या हुई। उनकी हत्या करने वाले उनके सुरक्षागार्ड थे। लेकिन जब मेरे पिता आए और उन्होंने मुझे गले लगाया तो मेरा गुस्सा चला गया।”

देश और दुनिया में दक्षिणपंथ के उभार के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा – ”भारत, अमेरिका और यूरोप की समस्या को देखें तो मुख्य समस्या यह है कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही। रोजगार न मिलने के चलते युवाओं में रोष है और दक्षिणपंथी इसका फायदा उठा रहे हैं। लेकिन सरकार यह स्वीकार नहीं कर रही कि देश में रोजगार संकट है। इसका हल हो सकता है, लेकिन इससे पहले मानना होगा कि कहीं न कहीं समस्या है।”

राजनीतिक दलों के आरटीआई के दायरे में लाने के सवाल पर राहुल ने कहा – ”पारदर्शिता होनी चाहिए। राजनीतिक दल जनता का संगठन है। न्यायपालिका, प्रेस, नौकरशाही यह संस्था है। अगर राजनीतिक दलों पर आरटीआई होनी चाहिए तो प्रेस और न्यायपालिका में भी होनी चाहिए। अगर हम आरटीआई के दायरे में आते हैं तो मैं चाहूंगा कि यह १५-२० उद्योगपतियों पर भी लगे। आज आरटीआई कानून को कमजोर करने का काम किया जा रहा है।”

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग एक के बाद एक विश्वविद्यालयों में बैठाए जा रहे हैं। ”उन्हें सिर्फ अपनी विचारधारा से मतलब है, छात्रों से कोई लेना देना नहीं। वो चाहते हैं कि हिंदुस्तान का शिक्षा तंत्र उनका गुलाम बन जाए। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता, हमारा जवाब होगा कि इन संस्थाओं को स्वतंत्रता मिले, छात्रों को तय करने का मौका दिया जाए।”

राहुल ने सेंट स्टीफन्स कॉलेज के अपने दौर की बात साझा करते हुए कहा कि उन्हें याद है कि स्टीफन्स में पेड़ के नीचे उनकी रैगिंग हुई थी। ”इसके अलावा इतिहास के प्रोफेसर का लेक्चर भी याद है। लेकिन जब मैं अमेरिका पढ़ने के लिए गया तब मुझे कल्चरल शॉक लगा जब मैने देखा कि वहां पर छात्र कितना आक्रामक होकर सवाल पूछते हैं। क्या प्रधानमंत्री कभी आपके पास आकर इस तरह से बात करते हैं? लेकिन मैं आता हूं कि आप मुझसे कठिन सवाल पूछ सकते हैं। पीएम को आपकी बात सुननी चाहिए न कि अपनी बात बतानी चाहिए।”

गांधी ने भ्रष्टाचार पर कहा कि सबसे बड़ा भ्रष्टाचार जमीन के मामले में होता है।  ”हम भूमि अधिग्रहण बिल लाए जिसमें यह था कि बिना किसान से पूछे जमीन नहीं ली जाएगी और अगर ली गई तो उन्हें चार गुना दाम देना पड़ेगा। लेकिन मोदी सरकार ने आते ही इसे कमजोर करने की कोशिश की।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा – ”कुछ लोग मुझे पसंद करेंगे, कुछ नापसंद करेंगे। लेकिन आप जिसका भी समर्थन कर रहे हैं, उसमें हिम्मत होनी चाहिए कि वो आपके सामने खड़ा होकर आपकी बात सुन सके। आपको गले लगा सके। अगर उसमें हिम्मत नहीं है तो आपको सवाल पूछना चाहिए कि उसमें इतनी हिम्मत क्यों नहीं है।”

बेंगलुरु एयरो शो की पार्किंग में भीषण आग

बेंगलुरू में एयरो इंडिया २०१९ के शो स्थल के पास एक पार्किंग क्षेत्र  आग लग गयी है। खबर है कि इस घटना में ६० से ज्यादा वाहन जलकर नष्ट हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक यह आग किसी व्यक्ति के जलती सिगरेट वहां पड़े सूखे घास के ढेर पर फेंक दिए जाने से लगी है जिसके बाद पूरा इलाका काले  गुब्बार से भर गया है। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।

टीवी रिपोर्ट्स में दिख रहा है कि एयरो इंडिया शो की पार्किंग में भीषण आग लग गई है जिसमें कई गाड़ियों को नुकसान हुआ है। दमकल की टीमें मौके पर पहुंची हैं और आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं।

इस एयरो शो में दुनिया भर के पायलट अपने कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। शो शुरू होने के एक दिन पहले वहां बड़ा हादसा भी हो गया था जब सूर्यकिरण के दो जहाज आपस में टकरा गए थे और इस हादसे में एक पायलट साहिल गांधी की जान चली गयी थी।

शनिवार को सूर्यकिरण के पायलटों ने इस हादसे को भुलाते हुए दुबारा उड़ान भरी। हालांकि उनके दस्ते में ९ की जगह ७ जहाज़ थे। इस मौके पर विंग कमांडर साहिल गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि पेश की गयी।

इस बीच बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधी ने शनिवार को तेजस में उड़ान भरी। एयरो शो में इस साल उड़ान भरने वाली सिंधु पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने तेजस में उड़ान भरते समय दर्शकों का अभिवादन किया। वे उस समय बहुत प्रसन्न दिखा रही थीं।

असम में जहरीली शराब से ४१ की मौत

असम में जहरीली शराब पीने से अब तक ४१ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में शराब पीने से बीमार हुए लोगों  अस्पतालों में चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बताई गयी है।

राज्य के गोलाघाट जिले के सलमोरा चाय बागान में गुरूवार को यह घटना हुई थी जिसके बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आबकारी विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। एक टीम को घटनास्थल भेजा गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इस घटना और लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा – ”असम के गोलाघाट क्षेत्र में हुई घटना से दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। मुझे आशा है कि जिन लोगों का इलाज चल रहा है वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे।”

उधर घटना को लेकर गोलाघाट जिले के संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य रथिन बोरदलोई ने बताया है कि बीमार लोगों को जब अस्पताल लाया गया था तब उन्हें उल्टी और सीने में दर्द की शिकायत थी। ”तत्काल सभी का इलाज शुरू किया गया, लेकिन अधिकांश लोगों को बचाया नहीं जा सका। गोलाघाट सिविल अस्पताल और जोरहाट मेडिकल कॉलेज में बीमार ४५ अन्य लोगों का इलाज चल रहा है जिनमें २० की हालत नाजुक है।”

सरकार ने एडीशनल कमिश्नर संजीब मेदी के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया है और उसे तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा बलों की १०० कंपनियां कश्मीर रवाना

सुप्रीम कोर्ट में धारा ३५ए पर इसी महीने २६ से शुरू होने वाली सुनवाई को देखते हुए एहतियातन कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की १०० अतिरिक्त कंपनियां भेजी जा रही हैं। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार इन कंपनियों की तत्काल रवानगी का आदेश दिया है। उधर अलगाववादी नेता यासीन मलिक को भी एहतियातन  हिरासत में ले लिया गया है।

पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच सुरक्षा बलों की १०० कंपनियां कश्मीर भेजे जाने से चर्चाओं को भी बल मिला है भले इसे एहतियातन उठाया गया कदम बताया गया है। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय के आदेश में इस बात का जिक्र नहीं है कि इतनी अधिक फोर्स की तैनाती क्यों की जा रही है, लेकिन कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद ३५ए पर २६ से २८ फरवरी के बीच सुनवाई है और उसपर कोइ भी फैसला आ सकता है लिहाजा सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।

गृह मंत्रालय की ओर से राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को फैक्स संदेश भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त पैरा मिलिट्री फोर्स को तैनात किए जाना है। इसके लिए १०० कंपनियां, जिनमें सीआरपीएफ की ४५, बीएसएफ ३५, एसएसबी १० और आईटीबीपी की १० कंपनियां शामिल हैं, मुहैया कराई जाएं।

सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशन) को इन सुरक्षाबलों की तत्काल रवानगी की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके लिए सभी सुरक्षाबलों के आईजी से समन्वय बनाकर तत्काल रवानगी कराने को कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जम्मू के पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक कर रवानगी के फैसले को अमली जामा पहनाया गया। इन कंपनियों को घाटी के विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

इस बीच जेके एलएफ प्रमुख यासीन मलिक को शुक्रवार को देर रात मायसूमा स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कोठीबाग थाने ले गई। इसके बाद देर रात सेंट्रल जेल भेज दिया गया। सम्भावना है कि मलिक को राज्य से बाहर भेजा जा सकता है। इसका कारण भी सुप्रीम कोर्ट पर अनुच्छेद ३५ए पर सुनवाई बताई जा रही है। बुधवार को उनकी सुरक्षा राज्य सरकार ने वापस ले ली थी।

सख्त कदम उठाने की सोच रहा भारत : ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के बीच वर्तमान स्थिति को ”बेहद तनावपूर्ण” बताते हुए कहा है कि भारत पुलवामा हमले के बाद ”बहुत सख्त कार्रवाई” की सोच रहा है। साथ ही ट्रम्प ने पुलवामा आतंकी हमले, जिसमें भारत के ४० से ज्यादा सुरक्षा बल जवान शहीद हो गए, को दुर्भाग्यपूर्ण  बताया है। उन्होंने पाकिस्तान को १.३ अरब डॉलर की मदद भी रोक दी है।

ओवल ऑफिस में ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा – ”इस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत-बहुत खराब हालात हैं। एक बेहद खतरनाक स्थिति। हम यह तनाव की स्थिति जल्द खत्म होते देखना चाहते हैं। बहुत सारे लोगों को मार दिया गया है। हम चाहते हैं कि यह फौरन बंद हो। हम इस प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।”

ट्रंप ने दोनों देशों के बीच वर्तमान हालात को बहुत ही खराब और खतरनाक बताया और कहा कि उनकी सरकार दोनों देशों के संपर्क में है और उन्हें उम्मीद है कि कश्मीर घाटी में अशांति की स्थिति जल्द ही खत्म होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने इस हमले में करीब ५० जवानों को खोया है और वह बहुत सख्त कदम उठाने की सोच रहा है।

गौरतलब है कि इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने ली थी। दोनों देशों की सरकारों से बातचीत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा – ”भारत बहुत सख्त कदम उठाने की सोच रहा है। भारत ने करीब-करीब ५० लोगों को इस हमले में खो दिया है। मैं भी इसे समझ सकता हूं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा – ”हम इस पर चर्चा कर रहे हैं। बहुत से लोग बात कर रहे हैं। यह बहुत ही नाजुक स्थिति की ओर जाता दिख रहा है। जो भी हुआ है उसकी वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत सी समस्याएं खड़ी हो गई हैं।”

इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सुधारा है और पाकिस्तान के नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक की तैयारी की जा रही है। ”हम पाकिस्तान के साथ कुछ बैठकें आयोजित करने की तैयारी में हैं। दूसरे राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में पाकिस्तान को अमेरिका से काफी लाभ मिला है।”

कश्मीर में २ जैश आतंकी ढेर

कश्मीर के बारामूला जिले में गुरुवार से चल रही मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने २ आतंकियों को मार गिराया है। आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच जारी मुठभेड़ अब खत्म हो गई है।

बारामूला के सोपोर इलाके में हुई इस मुठभेड़ में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों के पास से सेना ने एके-४७ राइफल समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। डीआईजी साउथ कश्मीर अतुल गोयल के अनुसार, इस मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे।

गुरुवार को भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स को सोपोर के वारपोरा इलाके में कुछ आतंकियों के छिपे होने के इनपुट मिले थे। इस सूचना पर राष्ट्रीय राइफल्स की टीम ने शाम करीब ७ बजे इलाके में एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया। इस बीच यहां एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी।

जानकारी के मुताबिक आतंकियों की गोलीबारी के बाद जवानों ने भी काउंटर फायरिंग शुरू करते हुए एक मकान को चारो ओर से घेर लिया। इसके बाद इलाके में तत्काल सीआरपीएफ और एसओजी की टीमों को भेजकर घेराबंदी की गई। वहीं आतंकी मुठभेड़ के बीच इंटरनेट सेवाओं को भी स्थगित कर दिया गया।

मुठभेड़ के बाद शुक्रवार दोपहर तक दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग होती रही। इसके बाद शाम करीब 5 बजे सुरक्षाबलों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए दो दहशतगर्दों को मौके पर ही मार गिराया। इस कार्रवाई के बाद सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां आतंकियों के इस्तेमाल किए गए हथियारों के साथ अन्य सामान भी बरामद हुए।

जैश मुख्यालय पर पंजाब सरकार का नियंत्रण

पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया है। अभी यह साफ़ नहीं है कि ऐसा पुलवामा के बाद बन रहे अंतर्राष्ट्रीय दवाब के कारण किया गया है या फिर आँखों में धुल झोंकने के लिए मसूद अज़हर को सुरक्षा देने की कोशिश की गयी है। वैसे पुलवामा सरकार ने दावा किया है कि इसका फैसला गुरूवार को नैशनल सेक्युरिटी कौंसिल (एनएससी) की बैठक में ही कर लिया गया था।

तहलका की जानकारी के मुताबिक मुताबिक पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने शुक्रवार शाम जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय (हेडक्वार्टर) को अपने कब्जे में लिया। जैश का यह मुख्यालय बहावलपुर में एनएच ५ पर सरकी चौक के पास स्थित है। उसके पास एक मस्जिद भी है जहाँ जैश का मुखिया मसूद अजहर रहता है।

बहावलपुर में ही पाकिस्तान सेना की ३१ कोर का हेड क्वार्टर भी है और माना जाता है कि पाकिस्तान के परमाणु अड्डे भी यहीं कहीं हैं। पंजाब सरकार ने कहा है कि उसकी  जैश के हेड क्वार्टर को अपने कंट्रोल में ले लिए ले लिया है। जैश के इस मुख्यालय में ही स्कूल और मदरसे भी हैं। वहां जो मस्जिद है उसका नाम जामिया सुहान अल्लाह है।

पंजाब सरकार ने वैसे दावा किया है कि भले जैश के हेडक्वार्टर पर आज नियंत्रण किया गया है इसका फैसला गुरूवार को ही नैशनल सेक्युरिटी कौंसिल (एनएससी)  कर लिया गया था जिसकी अध्यक्षता पीएम इमरान खान ने की थी। गौरतलब है कि इमरान खान ने पुलवामा हमले के बाद कहा था कि भारत हमले में पाकिस्तान के हाथ के सबूत दे तो उनकी सरकार निश्चित तौर पर कार्रवाई करेगी।