नंदीग्राम में चुनावी संग्राम: TMC-बजेपी आमने-सामने, पुलिस पर भी उठे सवाल

पश्चिम बंगाल के Nandigram में वोटिंग के दौरान सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे चुनावी टकराव और तेज हो गया है।

TMC-बजेपी आमने-सामने... | Photo Credit: Jansatta
TMC-बजेपी आमने-सामने... | Photo Credit: Jansatta

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में Nandigram एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। यहां मतदान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) और Bharatiya Janata Party (बीजेपी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।

टीएमसी की ओर से राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि इलाके में तैनात पुलिसकर्मी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे और वे बीजेपी के पक्ष में झुकाव दिखा रहे हैं। पार्टी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई और कुछ अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने की मांग की है।

वहीं दूसरी तरफ, बीजेपी नेता और विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari ने टीएमसी पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े लोग मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ इलाकों में मतदाताओं पर दबाव बनाया जा रहा है, खासकर उन जगहों पर जहां वोटिंग का असर ज्यादा हो सकता है।

इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग की भूमिका भी अहम हो गई है। चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ ही कई संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

गौरतलब है कि Nandigram वही सीट है जहां 2021 के चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था और यह सीट राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई थी। इस बार भी यहां की लड़ाई बेहद अहम मानी जा रही है।

मतदान के दौरान आम लोगों की भागीदारी भी अच्छी देखी जा रही है, लेकिन राजनीतिक आरोपों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। फिलहाल प्रशासन और चुनाव आयोग की नजर पूरी स्थिति पर बनी हुई है।

अब देखना यह होगा कि इन आरोपों के बीच मतदान कितना निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो पाता है और आखिरकार जनता किसे अपना समर्थन देती है।