CJP का तिरंगा मार्च: सेंट्रल पार्क में कड़ी सुरक्षा, CCTV कैमरों से निगरानी; कनॉट प्लेस में पुलिस का पहरा

नई दिल्ली | तहलका न्यूज़ | स्नेहलता
दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP के तिरंगा मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सेंट्रल पार्क के आसपास पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई गई। प्रशासन की तैयारी का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटना है।

सेंट्रल पार्क पर नजर, लगाए गए अतिरिक्त CCTV कैमरे

सेंट्रल पार्क और राजीव चौक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इलाके में 10 से अधिक अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर घटनाओं की जांच में मदद लेने की व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा के मद्देनजर कनॉट प्लेस के प्रमुख प्रवेश मार्गों और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने की तैयारी की गई।

6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की खबर

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में 6,000 से अधिक दिल्ली पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की करीब 220 कंपनियों की तैनाती की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, इन आंकड़ों को पूरे सुरक्षा इंतजाम का विवरण मानने से पहले आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और पार्टी से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च का आह्वान किया था।

दूसरी ओर, पुलिस ने सेंट्रल पार्क में बड़े जमावड़े की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी। ऐसे में आयोजकों के कार्यक्रम और प्रशासन की पाबंदियों के बीच स्थिति महत्वपूर्ण हो गई।

तहलका न्यूज़ की नजर इस बात पर है कि तिरंगा मार्च को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच क्या स्थिति बनती है और सुरक्षा व्यवस्था का आम लोगों की आवाजाही पर कितना असर पड़ता है।