नई दिल्ली: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर आरोप लगाया है कि उनका जाति जनगणना को आगे बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि इसे टालने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि एक साल पहले सरकार ने घोषणा की थी कि अगली जनगणना में जातिगत आंकड़े शामिल किए जाएंगे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि सरकार का रुख शुरू से ही साफ नहीं रहा है और बार-बार अपने फैसले बदलती नजर आई है।
कांग्रेस नेता ने यह भी याद दिलाया कि पहले सरकार की तरफ से संसद और सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि जाति आधारित जनगणना नहीं कराई जाएगी। लेकिन बाद में अचानक इसका ऐलान कर दिया गया, जिसे उन्होंने “यू-टर्न” करार दिया। उनका कहना है कि इतने अहम मुद्दे पर स्पष्ट नीति और तैयारी का अभाव दिख रहा है।
रमेश ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने जाति जनगणना की मांग को “अर्बन नक्सल सोच” बताया था। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी के लिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge द्वारा लिखे गए पत्रों का भी जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि सरकार ने इन सुझावों पर कोई जवाब नहीं दिया। साथ ही विपक्षी दलों, राज्य सरकारों या विशेषज्ञों से भी इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई है।
कांग्रेस का दावा है कि संसद के हालिया घटनाक्रम से भी यह साफ हो गया है कि सरकार फिलहाल जाति जनगणना को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और ठोस रोडमैप सामने रखे।
कुल मिलाकर, जाति जनगणना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और भी गर्माने की संभावना है।




