ईरान शांति समझौते का ऐलान, होर्मुज़ स्ट्रेट फिर खुलेगा

“यह एक AI-जनित सांकेतिक चित्र है।”

मध्य पूर्व में महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक शांति समझौते की घोषणा की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस समझौते की पुष्टि की है। समझौते के तहत दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा खोलने और आगे की वार्ता के लिए 60 दिनों का समय देने पर सहमत हुए हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि लंबी बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बनी है। उन्होंने दावा किया कि समझौते के तहत दोनों पक्ष सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकेंगे और क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। पाकिस्तान और क़तर ने इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते को बड़ी कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्ष एक प्रारंभिक समझौते पर सहमत हुए हैं, हालांकि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत अभी जारी रहेगी।

इस समझौते का सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखने को मिला। होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली।

हालांकि अभी कई बड़े सवाल बाकी हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत, जमे हुए ईरानी फंड और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अंतिम समझौता नहीं हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार आगामी 60 दिनों में इन विषयों पर विस्तृत बातचीत होगी और इसी दौरान अंतिम समझौते का मसौदा तैयार किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो इससे न केवल मध्य पूर्व में तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी स्थिरता मिल सकती है। फिलहाल दुनिया की नजरें शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित औपचारिक हस्ताक्षर समारोह पर टिकी हैं।