Kumari Selja का BJP पर हमला: ‘समाधान दें सरकार, न कि त्याग का उपदेश’

कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने की बजाय सरकार उनसे बार-बार समझौता और खर्च कम करने की अपील कर रही है।

कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा | Image: ANI/File
कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा | Image: ANI/File

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते खर्चों से परेशान है, लेकिन सरकार समस्याओं का समाधान निकालने की बजाय लोगों से “त्याग” करने की अपील कर रही है।

चंडीगढ़ में जारी बयान में सैलजा ने कहा कि कभी लोगों से पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने को कहा जाता है, तो कभी घरेलू खर्चों में कटौती करने की सलाह दी जाती है। उनका कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि आम आदमी को रोजमर्रा की जरूरतों में भी समझौता करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की ये अपीलें दिखाती हैं कि वह आर्थिक चुनौतियों से सही तरीके से निपटने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी लोगों को राहत देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और स्थिर आर्थिक माहौल बनाना है, न कि आम जनता पर बोझ डालना।

सैलजा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन का सोच-समझकर इस्तेमाल करने, सोने की खरीद टालने और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की है। केंद्र सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, इसलिए एहतियात जरूरी है।

कुमारी सैलजा ने सिर्फ महंगाई और आर्थिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उनके मुताबिक जब परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से नहीं कराई जातीं, तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को उठाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती हैं। सैलजा ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाया जाए ताकि छात्रों का भरोसा कायम रह सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी आम लोगों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता को राहत और भरोसा देने की जरूरत है, न कि केवल समझौता करने की सलाह देने की।