रथिंद्र बोस बने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष, निर्विरोध निर्वाचन से भाजपा ने दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

उत्तर बंगाल से पहली बार किसी विधायक को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने अपना कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है।

रथिंद्र बोस बने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए स्पीकर : Photo Source | Prabhat Khabar
रथिंद्र बोस बने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए स्पीकर : Photo Source | Prabhat Khabar

15 मई 2026, नई दिल्ली/कोलकाता : रथिंद्र बोस  शुक्रवार को 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इसके साथ ही वह स्वतंत्रता के बाद उत्तर बंगाल से इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचने वाले पहले विधायक बन गए हैं।

मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी  ने सदन में उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद प्रोटेम स्पीकर तपस रॉय  ने ध्वनि मत से उनके निर्वाचन की घोषणा की। भाजपा के सभी 207 विधायकों ने बोस के समर्थन में मतदान किया। भाजपा ने एक दिन पहले ही कूच बिहार दक्षिण सीट से विधायक रथिंद्र बोस को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया था। वहीं विपक्षी पार्टी तृणमूस कांग्रेस  ने इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया।

हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 294 सदस्यीय सदन में 207 सीटों का प्रचंड बहुमत मिला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर बंगाल के नेता को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। पिछले एक दशक में उत्तर बंगाल भाजपा का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ बनकर उभरा है।