पूर्व सांसद सावित्री फुले ने कांग्रेस छोड़ी, अब अपनी पार्टी बनाएंगी

भाजपा से कुछ महीने पहले कांग्रेस में शामिल हुईं दलित नेता और पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले यह कहकर गुरूवार को पार्टी से बाहर हो गयी हैं कि कांग्रेस उनकी ईवीएम के खिलाफ अभियान चलाने की मांग ”नहीं मान रही”। फुले का यह बहाना दिलचस्प है क्योंकि कांग्रेस इस साल में हे दो बार राष्ट्रपति से मिलकर लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव में ईवीएम को लेकर सवाल उठा चुकी है।
फुले ने गुरूवार को कहा कि वे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिली थीं और ईवीएम के खिलाफ अभियान चलाने की मंजूरी माँगी थी ”लेकिन उन्होंने यह कहकर इनकार कर दिया कि ईवीएम हमारी सरकार के समय शुरू की गयी थी हम इसका विरोध नहीं करते”।
याद रहे फुले २०१४ में भाजपा टिकट पर बहराइच से सांसद चुनी गई थीं। पिछले साल के आखिर में वे भाजपा छोड़ कांग्रेस में आ गईं थीं। कांग्रेस ने उन्हें बहराइच से टिकट दिया लेकिन वे हार गईं। अब गुरूवार को कांग्रेस से इस्‍तीफा देते हुए फुले ने कहा कि कांग्रेस में उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही थी।
फुले ने कहा कि वे अब अपनी ही पार्टी बनाएंगी। वे २०१२ में भाजपा टिकट पर बलहा विधानसभा सीट से भी चुनाव जीत चुकी हैं। उन्हें भाजपा में एक दलित महिला चेहरा माना जाता था लेकिन भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए इ कांग्रेस में शामिल हुई थीं।