
तहलका ब्यूरो।
नयी दिल्ली। नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की गंभीर घटनाओं ने देश के लाखों अभ्यर्थियों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश की नई पीढ़ी यानी ‘जेन जेड’ से व्यवस्था को चुनौती देने की अपील की है।
केजरीवाल का मानना है कि यदि हमारे पड़ोसी राष्ट्रों, बांग्लादेश और नेपाल के युवा अपनी राजनीतिक दिशा बदल सकते हैं और सत्ता की चूलें हिला सकते हैं, तो भारतीय युवाओं में भी यह क्षमता है कि वे इस भ्रष्टाचार के खिलाफ जवाबदेही तय करवा सकें।
केजरीवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बार-बार होने वाले पेपर लीक पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने तर्क दिया कि सिस्टम की इन खामियों ने न केवल छात्रों की मेहनत पर पानी फेरा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी गहरी चोट पहुंचाई है। सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अतीत की जांचों का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
उन्होंने सीधे तौर पर आशंका जताई कि नीट मामले में भी सीबीआई की जांच केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी, क्योंकि इससे पहले हुए प्रश्नपत्र लीक मामलों में भी जांच एजेंसियां किसी निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचने या दोषियों को कठोर दंड दिलाने में विफल रही हैं।
वर्ष 2014 के बाद से हुई पेपर लीक की श्रृंखला का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी घटनाएं प्रमुखता से देखी गई हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में पली-बढ़ी यह डिजिटल पीढ़ी, जिसे ‘जेन जेड’ कहा जाता है, अब चुप नहीं बैठ सकती। केजरीवाल के अनुसार, अब समय आ गया है कि यह युवा वर्ग सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर सरकार पर पारदर्शिता और न्याय के लिए दबाव बनाए।



