तहलका ब्यूरो
नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच का दायरा हरियाणा तक पहुंच गया है। मुंबई पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के बरौदा से अंकित को गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसियां उसके कथित संपर्कों, पैसों के लेनदेन और अनिल पंडित के साथ संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की घटना से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और क्या इस मामले में कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
अंकित को गिरफ्तार किए जाने के बाद उसे अदालत में पेश कर मुंबई ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस ने मुंबई पुलिस की सहायता की। अब उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना में उसकी कथित भूमिका क्या थी और वह किन लोगों के संपर्क में था। हालांकि, गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति के अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। उसकी भूमिका जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
समीर की गिरफ्तारी के बाद अंकित तक पहुंची पुलिस
इस मामले में हरियाणा से गिरफ्तारी का यह पहला घटनाक्रम नहीं है। इससे पहले सोनीपत से समीर नाम के एक युवक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उस पर कथित तौर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों का संपर्क अनिल पंडित से कराने का आरोप है। अब अंकित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों के बीच क्या संबंध थे और क्या वे किसी साझा योजना का हिस्सा थे।
जांच का एक अहम पहलू आरोपियों के बीच कथित आर्थिक लेनदेन भी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित और अनिल पंडित के बीच पैसों का कोई लेनदेन हुआ था या नहीं। यदि ऐसा हुआ है, तो उसकी प्रकृति और फायरिंग की घटना से उसके संभावित संबंध की जांच की जाएगी।
हथियारों की आपूर्ति और मददगारों की भूमिका पर नजर
जांच में हथियारों की कथित आपूर्ति का पहलू भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले से जुड़े घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। इनमें हरियाणा के दो युवक और उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं शामिल बताई गई हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार कहां से आए, आरोपियों तक कैसे पहुंचे और घटना को अंजाम देने में किन लोगों ने कथित तौर पर मदद की। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि फायरिंग के बाद आरोपियों को किसी तरह की सहायता मिली थी या नहीं।
हरियाणा में कथित संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
गोहाना क्षेत्र से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस स्थानीय संपर्कों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों के सामने यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि गिरफ्तार लोगों में से किसका घटना से प्रत्यक्ष संबंध था, किसने कथित तौर पर संपर्क स्थापित कराया और क्या किसी ने आर्थिक या अन्य सहायता उपलब्ध कराई।
फिलहाल, मुंबई पुलिस की जांच का मुख्य जोर आरोपियों के बीच संपर्कों की कड़ियां जोड़ने, पैसों के लेनदेन की जांच करने और फायरिंग की घटना के पीछे संभावित साजिश का पता लगाने पर है। पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। सभी आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।




