
नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को पार कर प्रदर्शन करने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं ने प्रवेश द्वार और बैरिकेड पार किए। इसके बाद पुलिस ने पार्टी के प्रमुख नेताओं सहित प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
सीजेपी के नेताओं अशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को हिरासत में लिया गया। पार्टी का कहना है कि करीब 20 कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुँचकर प्रदर्शन स्थल को फिर से हासिल करना चाहते थे। कार्यकर्ताओं ने भारतीय ध्वज लहराया और नारे लगाए।
यह घटनाक्रम दिल्ली पुलिस द्वारा 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की घोषणा के एक दिन बाद हुआ। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को वैकल्पिक स्थल के रूप में चिह्नित किया है।
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रही है।
जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं के पहुँचने और हिरासत में लिए जाने की घटना ने राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार तथा निर्धारित प्रदर्शन स्थलों को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है।




